दीपक शर्मा(सनातन सर्व श्रेष्ठ) Profile picture
🇮🇳भारत महापुरुषो की तपोभूमि 🇮🇳ओर कार्मभूमि है सर्वे भवन्तु सुखिनःसर्वे सन्तु निरामयाः। सर्वेभद्राणि पश्यन्तु मा कश्चिद् दुःखभाग्भवेत्

6 Apr, 5 tweets

संस्कृत बोलने से दिमाग तेज होता है
संस्कृत विश्व की एकमात्र वैज्ञानिक भाषा है। स्वर-विज्ञान के सिद्धांतों का इसमें पूरा-पूरा उपयोग किया गया है। कंप्यूटर के लिए भी यह सर्वाधिक उपयुक्त भाषा मानी जाती है, हालांकि इस दिशा में कोई सार्थक प्रयास नहीं हुआ है।

संस्कृत के उच्चारण से मन और मस्तिष्क पर भी सकारात्मक प्रभाव होता है। स्पेन के 'बास्क भाषा एवं मस्तिष्क संस्थान' में शोध-रत स्नायु-विज्ञानी डॉ. हार्टजेल ने सिद्ध किया है कि संस्कृत के लगातार शुद्ध उच्चारण से मस्तिष्क की क्षमता बढ़ जाती है।

डॉ हार्टजेल प्रसिद्ध स्नायु वैज्ञानिक (न्यूरो साइंटिस्ट) हैं तथा उन्होंने वर्षों तक संस्कृत के प्रभाव का अध्ययन किया है।
2 जन. 2018 को प्रकाशित अपने शोध-पत्र में उन्होंने लिखा है - " मैंने पाया कि जितना अधिक मैंने संस्कृत का अध्ययन किया उतनी ही अधिक मेरी याददाश्त बढ़ गई।

" उनका उक्त शोध-पत्र प्रसिद्ध अमरीकी जर्नल साइंटिफिक अमरीकन में प्रकाशित हुआ है। डॉ. हार्टजेल ने प्रतिदिन शुक्ल--यजुर्वेद के मन्त्रो का समवेत स्वरों में पाठ किया।
परीक्षणों से पाया गया कि लगातार सस्वर पाठ से प्रत्येक प्रतिभागी के मस्तिष्क का वह हिस्सा बढ़ गया जो चीजों को

याद रखने का काम करता है।
दुर्भाग्य यह है कि संस्कृत को जन्म देने वाले भारत में ही सेकुलरवाद के दुष्प्रचार से इन वैज्ञानिक भाषा की उपेक्षा होती रही संस्कृत की दुरावस्था के लिए संस्कृत के विद्वान भी कम जिम्मेदार नहीं है।

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