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Aug 30, 2020, 9 tweets

Thread: Act of GOD
भारत एक संस्कार प्रधान देश रहा है। खुद की तारीफ तो दूर की बात है, अगर कोई दूसरा भी हमारी तारीफ करे तो हम उसे सामने वाले का बड़प्पन कह के टाल जाते हैं। बच्चा किसी एग्जाम में टॉप करता है तो अपनी सफलता का श्रेय माता पिता गुरुजनों को देता है।

लेकिन जब से भारत नेता प्रधान देश बना है परिस्थिति ही पलट गयी है। नेतागिरी का पहला पाठ होता है खुद की जितनी तारीफ कर सको करो और गलतियों का ठीकरा दुसरे के सर फोड़ दो। सभी नेता और उनके चाटुकार यही करते आ रहे हैं। नेहरूजी के ही टाइम से।

उनके पास गलतियों का ठीकरा फोड़ने के लिए अंग्रेज थे। और तारीफ करने वालों को तो उन्होंने हिस्ट्री की किताबें लिखने के काम पे लगा रखा था। ये सरकार इस कला में कुछ ज्यादा ही माहिर है। इतनी ज्यादा कि पिछली सरकारों से कुछ ज्यादा ही आगे निकल गयी है।

बाकी सरकारें पिछली सरकारों को दोष देती थी। इनलोगों ने तो किसी को नहीं छोड़ा। केवल बीच में एक राजीव गाँधी आये थे जिन्होंने नौकरशाही के सर ठीकरा फोड़ा था। इस सरकार ने शुरुआत से शुरू किया। पहले नेहरू को पकड़ा, फिर इंदिरा को, फिर राजीव से होते हुए मनमोहन पे आये।

पाकिस्तान को भी नहीं बख्शा। लेकिन गलतियां इतनी ज्यादा हो गयी की ठीकरा फोड़ने के लिए सर ही कम पड़ने लगे। पहले तो राजीव गाँधी वाला नुस्खा अपनाया। मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गवर्नेंस के नाम पे नौकरशाही को लपेटा।

पर ब्यूरोक्रेट्स को ज्यादा तंग नहीं कर सकते क्यूंकि उनसे तो रोज ही काम पड़ता है। और वैसे भी ये लोग बाद में किताब लिख के सारा भांडा फोड़ देते हैं। RBI वालों पे try किया था तो उन्होंने किताबें लिख के छिछलेदार कर डाली। फिर नंबर आया बैंकरों का।

नोटबंदी की असफलता का कारण - बैंकर, किसानो की ख़राब हालत का कारण - बैंकर, असम के मजदूरों की गरीबी का कारण - बैंकर। कृष्णमूर्ति जी ने तो सीधे ही कह दिया कि पूरी की पूरी ख़राब अर्थव्यवस्था के लिए बैंक ही जिम्मेदार हैं। आर्थिक सलाहकार तो वे केवल घुइंया छीलने के लिए बने थे।

और जहां बात क्रेडिट लेने की आयी वहां तो खुद प्रधानमंत्री जी ने घर घर जाके लोगों के जनधन खाते खोले थे और निर्मला जी ने खुद लोगों के १२ और ३३० रूपये वाले फॉर्म भरे थे।

"गलतियां इतनी की हर गलती पे दम निकले, इतनी सारी गलतियां कि ठीकरा फोड़ने को सर भी कम निकले"।
फाइनली अब ये भी प्रभु की शरण में आ गए हैं। सब भगवान की गलती है।

#ActOfFraud

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