Theard: सेकंड सैटरडे की सुबह का सपना
मैंने कल रात एक अजीब सा सपना देखा। सपने में देखा कि डोरस्टेप बैंकिंग जोर शोर से लागू हो गया है। आर्डर आया है कि एक कस्टमर का AOF उसके ऑफिस से कलेक्ट करना है। एड्रेस देखा तो जान सूख गयी। लिखा था यमलोक। अब आदेश आया है तो मानना तो पड़ेगा।
छोटे मोटे कस्टमर का काम नहीं हो तो खुद वित्त मंत्री ट्वीट करते हैं। यमराज का काम नहीं हुआ तो पता नहीं क्या सजा मिले। सहमे हुए क़दमों से अकाउंट ओपनिंग का फॉर्म लेने यमलोक पहुंचे। वहां देखा तो अजीब नजारा था। "स्टेट बैंक ऑफ़ यमपुरी" की नयी बिल्डिंग तैयार खड़ी थी।
शायद ब्रांच अभी चालू नहीं हुई थी। मन में कई सवाल उमड़ रहे थे। उन्हीं सवालों को लेकर यमराज के ऑफिस पहुंचे। बैंक का आई-कार्ड दिखाया तो सीधे यमराज के पास भेज दिया गया। यमराज से मुखातिब हुए तो उन्होंने मुस्कराहट से स्वागत किया। तब जाकर कर थोड़ा नार्मल फील हुआ।
मन में सोचा कि यमराज से ज्यादा खूंखार तो मेरा AGM लगता है। खैर जो भी हो। अपना काम फॉर्म कलेक्ट करना था सो फॉर्म लिया नमस्ते किया और जाने के लिए दरवाजे की ओर बढ़ा। लेकिन मन की उत्सुकता ने बाजी मारी और पलट के पूछ ही लिया-
"सर, आपके यमलोक में तो पहले से ही एक बैंक है, फिर मृत्युलोक के बैंक में खाता क्यों खुलवा रहे हैं?" यमराज बोले "मृत्युलोक के कुछ प्राणी वहां के बैंकरों पे भीषण अत्याचार कर रहे हैं। कुछ जुगाड़ लगा के बैक ऑफिसेस में बैठते हैं और ब्रांच वालों पे तुगलकी आदेश झाड़ते हैं।
कुछ तो खुद 5 डे वर्किंग करते हैं और बैंकर को संडे को भी बैंक खोलने का आदेश सुना देते हैं। कुछ तो महामारी की समय में 5०० रूपये की खैरात बाँट कर बैंको में भीड़ लगवा देते हैं और खुद कैमरे के पीछे छुप जाते हैं। कुछ तो ट्विटर पे कस्टमर केयर खोल के बैठे हैं।
ऐसे पापों के लिए नरक में भी जगह नहीं है। ये बैंक मृत्युलोक के उन्हीं प्राणियों को सजा देने के लिए विशेष रूप से बनवाया है। जितना टार्चर वे वहाँ के बैंकरों को करते हैं, जितनी गालियाँ वे बैंकरों को देते हैं, सबका हिसाब यहां चुकता किया जाएगा। सबको काउंटर पे बिठाया जाएगा।"
ये कहते कहते यमराज का चेहरा तमतमा गया। मैंने भी निकलने में भलाई समझी। जैसे ही मैं ऑफिस के दरवाजे की तरफ बढ़ा, मेरा सर भड़ से दरवाजे से टकराया और मेरी नींद खुल गयी। घडी देखी तो सुबह के सात बज रहे थे। बैंक जाना था इसलिए मन मसोस के उठने लगा।
तभी याद आया की आज तो महीने का दूसरा शनिवार है। सुना था की महीने के दूसरे और चौथे शनिवार की सुबह देखे हुए सपने सच होते हैं। मन ही मन यमराज को धन्यवाद् देते हुए वापिस सो गया।
#5daybanking
Share this Scrolly Tale with your friends.
A Scrolly Tale is a new way to read Twitter threads with a more visually immersive experience.
Discover more beautiful Scrolly Tales like this.
