रुद्र Profile picture
वेदों का अध्ययन करने वाला सामान्य विद्यार्थी iOS Developer, Business in Dubai.

Aug 15, 2022, 20 tweets

समस्त “भारतवासियों” को “स्वतंत्रता दिवस” के “७५वें अमृतमहोत्सव की अनेकों अनेक शुभकामनाएँ…🙏🏻

“भारत माता की जय” 🇮🇳 “वन्दे मातरम्”

“जय हिन्द” 🇮🇳 “जय हिन्द की सेना”

राष्ट्र अपने नायकों को नमन करता है…🙏🏻

🇮🇳 “जय हिन्द” 🫡

किसी दो कौड़ी के ठरकी बुड्ढे और उसके जिगोलो शुगर डैडी ने नहीं दिलायी है यह स्वतंत्रता…

यह स्वतंत्रता रक्तसिंचित है…

🇮🇳 “जय हिन्द” 🙏🏻 “जय भारत” 🫡

यह वंदन की धरती है, अभिनंदन की धरती है…
यह अर्पण की भूमि है, यह तर्पण की भूमि है…
इसकी नदी-नदी हमारे लिए गंगा है, इसका कंकड़-कंकड़ हमारे लिए शंकर है…
हम जियेंगे तो इस भारत के लिए और मारेंगे तो इस भारत के लिए,

मरने के बाद भी गंगाजल में बहती हुई हमारी अस्थियों को कोई कान लगाकर सुनेगा तो एक ही आवाज़ आएगी…

🇮🇳 “भारत माता की जय” 🫡

भारत 🇮🇳 में इस तरह के शरणार्थियों का सदैव अभिनंदन रहेगा…🙏🏻

(भारत के 75वें आजादी का अमृत महोत्सव के अवसर पर ग्रैमी पुरस्कार विजेता रिकी केज और 4 देशों के 12 शरणार्थी गायकों ने राष्ट्रगान को श्रद्धांजलि दी।)

पंद्रह अगस्त का दिन कहता आज़ादी अभी अधूरी है।
सपने सच होने बाक़ी हैं, रावी की शपथ न पूरी है॥

जिनकी लाशों पर पग धर कर आज़ादी भारत में आई।
वे अबतक हैं खानाबदोश ग़म की काली बदली छाई॥

कलकत्ते के फुटपाथों पर जो आँधी-पानी सहते हैं।
उनसे पूछो, पंद्रह अगस्त के बारे में क्या कहते हैं॥

भूखों को गोली, नंगों को हथियार पिन्हाए जाते हैं।
सूखे कंठों से जेहादी नारे लगवाए जाते हैं॥

लाहौर, कराची, ढाका पर मातम की है काली छाया।
पख़्तूनों पर, गिलगित पर है ग़मगीन ग़ुलामी का साया॥

बस इसीलिए तो कहता हूँ आज़ादी अभी अधूरी है।
कैसे उल्लास मनाऊँ मैं? थोड़े दिन की मजबूरी है॥

दिन दूर नहीं खंडित भारत को पुनः अखण्ड बनायेंगे।
गिलगित से गारो पर्वत तक आज़ादी पर्व मनायेंगे॥

उस स्वर्ण दिवस के लिये आज से कमर कसें, बलिदान करें।
जो पाया उसमें खो न जाएँ, जो खोया उसका ध्यान करें॥

समस्त योद्धा जिन्होंने अपना जीवन राष्ट्र के प्रति समर्पित किया उन्हें मेरा नमन हैं…🙏🏻

नेवर फॉरगेट योर हीरोज़ गाइज़…🥸

Powerful People
Make Places
Powerful

🇮🇳 “वीर भोग्य वसुंधरा” 🫡

पीछे मेरे अंधेरा
आगे अंधी आँधी है
मैंने ऐसी आँधी में दिया जलाया है
दिल पत्थर हो जाएगा
या पत्थर का दिल धड़केगा
ऐसी एक चट्टान से मैंने सर टकराया है

धज्जी धज्जी रात पुरानी
छेड़ सुबह की नयी ये कहानी
जरा नज़र उठा के
उड़ा दिखा के
जमीं से फलक हटादे ओ वीरेया

तगड़े ओए तगड़े डट्टे सूरमा

आँचल… तेरा रहे माँ… रंग-बिरंगा…🫡
ऊँचा… आसमाँ से… हो तेरा तिरंगा…🇮🇳

राजपूत राजाओं को १७०० वर्षों तक आक्रांताओं से मात्रभूमि की रक्षा करने के लिए शत् शत् नमन…🙏🏻🫡🇮🇳

जब तक आक्रांताओं का समूल विनाश न हो जाए…

पांडव सा युद्ध कर… युद्ध कर भयंकर… 🇮🇳

देश के प्रति अपना सर्वस्व त्यागने वालों को याद करते हुए…

बस इतना याद रहे… एक साथी और भी था…

गांधी जी का प्रेम अमर था,
केवल चाँद-सितारे से…
उसका फल हम सबने पाया,
भारत के बटवारे से…
अगर “गोडसे” की गोली,
उतरी ना होती सीने में…
हर हिंदू पड़ता नमाज़,
फिर मक्का और मदीने में…

एक नहीं दो नहीं, करो बीसों समझौते,
पर स्वतंत्र भारत का मस्तक नहीं झुकेगा,
अगणित बलिदानो से अर्जित यह स्वतंत्रता,
अश्रु, शोक, शौर्य से सिंचित यह स्वतंत्रता,
त्याग, तेज, तप बल से रक्षित यह स्वतंत्रता
दुखी मनुजता के हित अर्पित यह स्वतंत्रता,

🇮🇳 “जय हिन्द” 🙏🏻 “जय भारत” 🫡

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