अगर सरकार आसानी से कृषि कानून रद्द कर दे तो ये समंजस में पड़ जाएंगे आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए इसीलिए इनकी दूसरी मांग होगी कि सबसे पहले उग्रवादियों और वामपंथियों को रिहा किया जाए क्योंकि इस आंदोलन में वामपंथी भी शामिल है इसलिए वो अपने नेताओं को छुड़वाएंगे सोचिए अगर सरकार ने ये
मांग भी आसानी से पूरी कर दी तो क्या आंदोलन बंद होगा जवाब नहीं
इसलिए अब इनकी तीसरी मांग होगी कि CAA रद्द हो और उस समय जो दंगे हुए थे उन आरोपियों को रिहा किया जाए और अगर वो मांग भी पूरी हो जाए तो क्या आंदोलन बंद होगा जवाब नहीं
इसलिए अब इनकी चौथी मांग होगी कि धारा 370 वापस लाया
जाए और क्योंकि जो बिल संसद में पास हुआ था कृषि कानून वो वापस हुआ तो इसे वापस लेना पड़ेगा और CAAको भी
और फिर हो सकता है ये आन्दोलन तब तक चले जब तक पंजाब एक अलग खालिस्तान न बन जाए
और फिर मान लीजिए सरकार ने ये सब मान लिया तो हमारा क्या होगा भारत का क्या होगा हो सकता है ये आन्दोलन
तब भी खत्म ना हो और उनकी अगली मांग हो जब तक मौजूदा सरकार की जगह विपक्ष की सरकार या कांग्रेस की सरकार नहीं बन जाती तब तक ये आंदोलन खत्म नही होगा और फिर होगा कि जब तक मोदी जी इस्तीफा नहीं देंगे तब तक आंदोलन चलेगा तो जो अंतिम परिणाम है इस आंदोलन का वो है मोदी जी को सत्ता से हटाना और
उनके मनपसंद लोगों का सत्ता में आना ताकि उनकी दुकानें और भ्रष्टाचारी चलती रहे और फिर से राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय डीलिंग में घोटाले बाजी हो अर्थात उनके वही पुराने दिन वापस आ जाए 70 साल वाली सत्ता की।

बहुत बहुत धन्यवाद आप सभी को इस पूरे लेख को पढ़ने के लिए🙏🙏
#जय_श्री_कृष्णा

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29 Jan
हम कायर है,,
हम सोये है,,
हम चुप रहने में खोए है,,,

भले तिरंगे कितने उखड़े
भले दरिंदे कितने भड़के
हम अपना मुह बन्द रखेंगे
हम कायर है हम ना बोलेंगे,,,

हम मस्त है अपनी मस्ती में
हम व्यस्त है अपनी हस्ती में
हमको क्या लेना बस्ती में
हम चाहे सबकुछ सस्ती में

हमको क्या करना देश से
हमको क्या करना धर्म से
ना करना कुछ देवालय से
अपना सब कुछ मदिरालय से

हम बीती बाते भूलेंगे
हम सच इतिहास ना जानेंगे
हम झूठ को ही सच मानेंगे
हम झूठ का साथ निभायेंगे
हम कायर है हम डरते है
हम अपने आप पे मरते है
ना कोई स्वाभिमान हमे
बस झूठा है अभिमान हमे

ना किसी बात की शर्म हमे
ना किसी बात का गर्व हमे
हम बौनों से भी बौने है
शत्रु के हाथ खिलौने है

चाहे उजड़े ये देश मेरा
या टूटे श्रद्धा का डेरा
मैं अपने रैन बसेरे में
तोता मैना के जोड़े में
Read 5 tweets
15 Jan
1. #लियो_टॉल्स्टॉय (1828 -1910):
"हिन्दू और हिन्दुत्व ही एक दिन दुनियाँ पर राज करेगा, क्योंकि इसी में ज्ञान और बुद्धि का संयोजन है"।

2. #हर्बर्ट_वेल्स (1846 - 1946):
" हिन्दुत्व का प्रभावीकरण फिर होने तक
अनगिनत कितनी पीढ़ियां अत्याचार सहेंगी और जीवन कट जाएगा, तभी एक दिन पूरी दुनियाँ उसकी ओर आकर्षित हो जाएगी, उसी दिन ही दिलशाद होंगे और उसी दिन दुनियाँ आबाद होगी सलाम हो उस दिन को "।

3.#अल्बर्ट_आइंस्टीन (1879 - 1955):
"मैं समझता हूँ कि हिन्दूओ ने अपनी बुद्धि और जागरूकता के
माध्यम से वह किया जो यहूदी न कर सके । हिन्दुत्व मे ही वह शक्ति है जिससे शांति स्थापित हो सकती है"।

4. #हस्टन_स्मिथ (1919):"जो विश्वास हम पर है और इस हम से बेहतर कुछ भी दुनियाँ में है तो वो हिन्दुत्व है । अगर हम अपना दिल और दिमाग इसके लिए खोलें तो उसमें हमारी ही भलाई होगी"।
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4 Jan
अकबर अपने गंदे इरादों से प्रतिवर्ष दिल्ली में नौरोज़ का मेला आयोजित करवाता था....!
इसमें पुरुषों का प्रवेश
निषेध था....!
अकबर इस मेले में महिला की वेष-भूषा में जाता था और जो महिला उसे मंत्र मुग्ध कर देती....
उसे दासियाँ छल कपट से अकबर के सम्मुख ले जाती थी....!
एक दिन नौरोज़ के मेले में महाराणा प्रताप सिंह की भतीजी, छोटे भाई महाराज शक्तिसिंह की पुत्री मेले की सजावट देखने के लिए आई...
.!
जिनका नाम
बाईसा किरणदेवी था....!
जिनका विवाह बीकानेर के पृथ्वीराज जी से हुआ था!
बाईसा किरणदेवी की सुंदरता को देखकर अकबर अपने आप पर क़ाबू नहीं रख पाया....
और
उसने बिना सोचे समझे दासियों के माध्यम से धोखे से ज़नाना महल में बुला लिया....!
जैसे ही अकबर ने बाईसा किरणदेवी को
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3 Jan
अरे ओ ट्वेंटी ट्वेंटी (2020)
तेरी टाय टाय…
तूने बड़ी मचाई काई काई…
तू आया क्यों भाई…why…why?
ए…ट्वेंटी ट्वेंटी करके तेरी हाय…हाय…
हम बोलेंगे तुझको बाय बाय…
ए भाई…भाई…
तू कोरोना लेकर आया…
तूने मास्क पहनाया…हमने मुंह को छुपाया…
तूने घर में बिठाया
अच्छी खासी जिंदगी को तूने कैद बनाया
हमने रिश्तेदारों को गंवाया…
प्यारे प्यारे कलाकारों को भी गंवाया…
ट्वेंटी ट्वेंटी करके तेरी हाय हाय…
हम बोलेंगे तुझको बाय बाय… बाय बाय.…
अरे एक से एक
तूफानों की लाइन लगाई
तिडो ने भी कर दी चढ़ाई…
रोज रोज मंदी से लड़ाई…
नौकरी में हुई छटाई…
हाय हाय…
अरे ऑनलाइन ऑनलाइन करके ट्रेन और बस की लाइन भुलाई…
घर में बैठे बैठे हो गई पढ़ाई…
अरे घर में बात बात में हो जाती है लड़ाई…
हाय हाय…
ट्वेंटी ट्वेंटी करके तेरी हाय हाय…
हम बोलेंगे तुझको बाय बाय… बाय बाय…
अरे तूने कैसी बैंड बजाई…
न घर में आती कोई बाई…
Read 6 tweets
28 Dec 20
अपना इतिहास जानें:-

चंद व्यापारी आये थे।
सूखे मेवे लाये थे।

करने को आये व्यापार।
भा गया भारत का बाज़ार।

इतनी स्मृद्धि, शिष्टाचार।
शुद्ध थे सबके आचार, विचार।

लौट व्यापारी घर को गए।
सोने की चिड़िया देखी, दंग रह गए।

मन में लालच आन समाई।
लुटेरों की इक सेना बनाई।

दस हज़ार भी ना थे सारे।
पर खूंखार, जलन के मारे।

छोटे छोटे राज्यों को लूटा।
उनका कहर भारत पर टूटा।

राजाओं में नहीं था एका।
मुग़लों नें फिर पासा फेंका।

आपसी फूट का लाभ उठाया।
छोटों, बड़ों को ग़ुलाम बनाया।

मुग़लों नें
था आतंक ढाया।
अबलाओं को बहुत सताया।

"बन जाओ तुम मुसलमान।
नहीं तो जाएगी सबकी जान।"

शिवालय तोड़े, मन्दिर तोड़े।
हिन्दू समाज पर बरसे कोड़े।

धीरे धीरे धरम मिटाया।
कमज़ोरों का किया सफाया।

मारा पीटा, भय दिखलाया।
जबरन उनको मुसल्ला बनाया।

राणा प्रताप,
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27 Dec 20
1. दो गोली लगने के बाद गांधी ने ‘हे राम’ कहा था ? सफेद झूठ

गोली लगने के बाद गाँधी के मुँह से कुछ नहीं निकला था

2. नेहरू बच्चों से बहुत प्यार करते थे ? महाझूठ

नेहरू बच्चों से नहीं बल्कि महिलाओं से बहुत प्यार करते थे, खासकर विदेशी महिलाओं
से

3. दे दी हमें आजादी बिना खड्ग बिना ढाल ? एकदम बकवास

1857 में भारतीयों ने आज़ादी की लड़ाई की शुरुवात की थी, 1947 तक 7 लाख 32 हज़ार भारतीयों ने बलिदान दिया तब आज़ादी आयी

4. ए मेरे वतन के लोगो सुनकर नेहरू रो दिए थे? एकदम झूठ

नेहरू ने भारत के हथियारों के कल कारखाने बंद
करवाए, चीन को ताकतवर बनवाया, परमाणु शक्ति बनवाया, और संसद में भी 1962 के बाद नेहरू ने बयान दिया की, क्या हो गया मानसरोवर गया तो, वो तो बंजर भूमि थी, घांस का एक तिनका भी नहीं उगता था

5. अकबर महान था ? महाझूठ

अकबर एक विदेशी आतंकवादी था, एक पूर्ण हवसी था, और महाराणा प्रताप
Read 8 tweets

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