P.N.Rai Profile picture
13 Sep, 4 tweets, 1 min read
विदेश मंत्री जयशंकर ने यह कहकर पूरी दुनिया में खलबली मचा दी कि नाटो पुराना हो चुका है और क्वाड आज की जरूरत। नाटो के सदस्य नाराज हो रहे हैं और अमेरिका परेशान है नाटो का उद्देश्य सोवियत संघ के बढ़त को रोकना था जो खत्म होकर रूस तक सीमित रह गया है लेकिन चीन अपनी गुंडागर्दी पूरी
P2
दुनिया में फैला रहा है डेमोक्रेटिक इंस्टीट्यूशंस को बर्बाद कर रहा है नाटो चीन की इस नीति को रोकने में असफल हो गए हैं बल्कि कई दो देश दो उसके कर्ज जाल में फस कर न्यूट्रल हो चुके हैं ताइवान ने भी खुले रूप से वाइडन सरकार की निंदा की है कि US ने उसे एक मकड़जाल में फंसा दिया है।
P3
फिलिपींस भी की नीति से परेशान हो गया है। ताइवान कभी भी ड्रैगन के मुंह में समा सकते है। बाइडेन जुबानी धमकी से आगे नहीं पढ़ पाया है और ताइवान को सिर्फ अपना हथियार बेच रहा है जापान को भी हथियार बेच कर खुश हो रहा है। बाइडेन कंफ्यूज हो गया है उसे समझ में नहीं आ रहा है की करें तो
P4
क्या करें। जयशंकर की चेतावनी परोक्ष रूप से मोदी की तरफ से बाइडेन को ही थी। वह खुद 20 तारीख को अमेरिका जा रहे हैं जहां 22 तारीख को मोदी की अगवानी करेंगे। ऑस्ट्रेलिया और जापान के प्रमुख भी वहां होगें। चर्चा होगी कि क्वाड रहे या ना रहे। रहे तो चीन के लिए कुछ काम करेगी या नही?

• • •

Missing some Tweet in this thread? You can try to force a refresh
 

Keep Current with P.N.Rai

P.N.Rai Profile picture

Stay in touch and get notified when new unrolls are available from this author!

Read all threads

This Thread may be Removed Anytime!

PDF

Twitter may remove this content at anytime! Save it as PDF for later use!

Try unrolling a thread yourself!

how to unroll video
  1. Follow @ThreadReaderApp to mention us!

  2. From a Twitter thread mention us with a keyword "unroll"
@threadreaderapp unroll

Practice here first or read more on our help page!

More from @PNRai1

16 Sep
अफगानिस्तान में पाक ने सरकार बनाने में अपनी खूब चलाई अपने पिट्ठू हक्कानीयों को सत्ता सौंप दी। PM के प्रबल दावेदार मुल्ला बरादर को जिसे वह 8 साल तक जेल में रखा था दरकिनार करते हुए Dy PM बनाया लेकिन पावर नहीं दिया जिससे नाराज बरादर काबुल से अपने घर कंधार चला गया। हेरात के ताकतवर
P2
मुल्ला इब्राहिम जाकिर जो प्रो ईरान, एंटी पाक है, को भी मंत्री नहीं बनाया। एक और प्रो ईरान, एंटी पाक और नॉर्थ अफगान के वारलॉर्ड कारी बरियल को भी जगह नहीं दी। पंजशीर में अहमद मसूद पहले से ही पाक से जला भुना है। इस तरह से वेस्ट, नॉर्थ वेस्ट, नॉर्थ को जगह नहीं दी। बरादर भी दक्षिण
P3
अफ़गान का है, नाराज है और कतर के साथ दोस्ती है कतर के ऊपर यूएस का पूरा असर है। पाक के 20 साल के धोखे के कारण ब्लिंकन ने समीक्षा की बात की है, यानि US वापसी करेगा। ईरान पंजशीर के साथ है। रूस 20 हजार की फौज और एक टैंक रेजिमेंट के साथ कजाखिस्तान में मौजूद है। मुल्ला बरादर दक्षिण
Read 6 tweets
15 Sep
अमेरिका को इस बात का अंदाजा ही नहीं था की पाकिस्तान तालिबान की इस तरह से मदद करेगा कि उनके निकलने से पहले ही काबुल हाथ से निकल जाएगा। ब्लिकन को कहना पड़ा कि नान नाटो एलियंस में शामिल पाक ने भरोसा तोड़ा और हमे उसके साथ संबंध की दुबारा समीक्षा करनी पड़ेगी। पाक ने हक्कानी के जरिए
P2
काबुल पर कब्जा कर लिया। मुल्ला बरादर को शायद मार दिया गया है और उसके साथी भाग कर कंधार चले गए। हजारा शियाओं के कारण तालिबान और ईरान के बीच में जबरदस्त तनाव बढ़ गया है उधर रूस 20000 फौजियों के साथ तजाकिस्तान में अभ्यास के नाम पर पहुंच गया है। चीन हर हाल में काबुल तक पहुंचने की
P3
कोशिश में है जो रूस को पसंद नही। US की एंट्री हर तरफ से बंद हो चुकी है। तजाखिस्तान में भारत का बेस है और अभ्यास के नाम पर और भी सैनिक पहुंच गए हैं। भारत ईरान और रूस का ताबड़तोड़ दौरा कर एक एक्सिस बना चुका है। तालिबान, पाकिस्तान, चीन का दूसरा एक्सिस वहां मौजूद है।
Read 4 tweets
14 Sep
जैसे ही तालिबान ने काबुल पर कब्जा किया, लोगों ने तंज किया भी भारत हार कर काबुल से बाहर हो गया। लेकिन भारत न तो बाहर हुआ न मैदान छोड़ा है। कैसे? भारत ने आज के दिन की तैयारी 2019 में ही शुरू कर दी थी जब US दोहा में तालिबानियों से बात करनी शुरू की थी। रूस के अफगान से निकलने के बाद
P2
पाक ने तालिबानियों को कश्मीर की तरफ मोड़ दिया था और 1989 से 2001 तक कश्मीर में भयानक आतंकी हमले हुए थे। तालिबान कश्मीर से वापस तब गए जब काबुल से तालिबानियों की सत्ता चली गई।
US ने 2021 में काबुल से निकलने का निर्णय कर लिया था। 2019 में ही मोदी ने समझ लिया था कि तालिबानी काबुल
P3
पर कब्जा करने के बाद 1989 को तरह कश्मीर का रुख करेंगे। मोदी ने मुस्लिम वर्ल्ड को अपने साथ मिला लिया। आतंक की जड़ धारा 370 को अगस्त 2019 में खत्म कर दिया। देश के दुश्मन कुत्तों को बाड़े में डाल दिया। राम मंदिर निर्माण का रास्ता प्रशस्त किया। मोदी को यह भी पता था कि तालिबानी
Read 6 tweets
13 Sep
"दुनिया से हिंदुत्व को मिटा दो" के अयोजको का प्रत्यक्ष नाम नहीं आया लेकिन वक्ताओं को देखने सुनने के बाद समझ में आ गया कि इसके पीछे भारत के टुकड़े टुकड़े गैंग के नेता, वि. वि. के टीचर, वामपंथी ऑन लाइन मैगजीन, कुछ मीडिया के पत्रकार और रिपोर्टर शामिल थे जो नवरात्रि के व्रत को सेहत
P2
के लिए नुकसानदेह और रोजे को वैज्ञानिकता मानते हैं। राम को पत्नी को प्रताड़ित करने वाला लेकिन 3 तलाक, हलाला को अच्छा मानते हैं। हिंदुओं के सारे त्योहार मानवता विरोधी मानते हैं। वामपंथी हिंदुत्व को मिटाने के लिए कॉन्फ्रेंस करते हैं और वे सेकुलर भांड चुप है जो हिंदुओं के वोट
P3
के लिए मंदिरो के चौखट पर अपना माथा रगड़ रहे हैं। वैष्णो देवी के दर तक भागने वाला, रायबरेली के हनुमान मंदिर, विश्वनाथ मंदिर पर माथा फोड़ने वाले, संगम में नहाकर पुण्य बटोरने वाले कांग्रेसी, हिंदुओ की राजनीति करने वाली शिवसेना चुप हैं। हिंदू मिट गए तो तुम्हे कौन पूछेगा?
Read 4 tweets
12 Sep
पत्रकार निसार हसन ने पाकिस्तान को 3 सलाह देकर हलचल मचा दी है और अपने लिए मुसीबत।
1. इजराइल को मान्यता दें
2. कश्मीर को भूल जाए
3. हिंदुस्तान के अंदरूनी मामले में दखल देना बंद कर दे।
#अल्लामा_इकबाल बहुत बड़ा पलटू था पहले भारत की शान में गीत लिखता था फिर पाक के लिए।
हसन निसार के अनुसार
सऊदी समेत लगभग 40 मुस्लिम देशों ने इजराइल को मान्यता दी है। पाकिस्तान मान्यता दें या न दें इजराइल पाकिस्तान से हर मामले में आगे ही रहेगा और पाकिस्तान कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
कश्मीर कभी पाकिस्तान को मिलेगा नहीं इसलिए उसे भूल जाना ही पाकिस्तान के हित में है।
हसन निसार सलाह देने के साथ-साथ पाक को चेतावनी देते हैं कि अगर आपने भारत के अंदरूनी मामलों में दखल देना बंद नहीं किया तो बालाकोट और सर्जिकल स्ट्राइक होते रहेंगे। अभी वहां पर मनमोहन की सरकार नहीं है जो 26/11 के हमले के बाद भी चुपचाप इसलिए बैठ जाए कि मुसलमान उन्हें वोट नहीं देंगे।
Read 4 tweets
10 Sep
भारत के दिमाग में यह बात साफ हो गई है कि तालिबान पाकिस्तान का ही एक्सटेंशन है जिसे चीन का भी समर्थन हासिल है। तालिबान लाख वादे करें लेकिन यह तय है कि वह भारत के साथ दोस्ती नहीं करेगा। अब भारत को भी खुलकर सामने आना है छुपन छुपाई का खेल खत्म। अजीत डोभाल का ब्रिटेन के mi6 के चीफ
P2
से मिलना CIA के चीफ से मिलना रूस के NSA से मिलना कोई संयोग मात्र नहीं है आगे की रणनीति का हिस्सा है। रूस जिसने उज्बेकिस्तान और तजाकिस्तान में सैनिक अभ्यास किया था। वह एक प्रकार का डर ही था कि चीन अफगान में घुसेगा तो उसके लिए खतरा पैदा करेगा।रूस भी फिलहाल मान्यता नहीं देगा।
उधर ईरान भी तालिबान से परेशान है 35 लाख हजारा शिया ईरान में शरण ले कर बैठे जो उनकी इकोनामी को खराब कर रहे हैं। तालिबान में किसी भी हजारा को मंत्री नहीं बनाया गया। साफ है की तालिबान का ईरान या शिया से कोई लेना-देना नहीं होगा। ईरान के नए राष्ट्रपति हसन रोहानी के शपथ समारोह में
Read 6 tweets

Did Thread Reader help you today?

Support us! We are indie developers!


This site is made by just two indie developers on a laptop doing marketing, support and development! Read more about the story.

Become a Premium Member ($3/month or $30/year) and get exclusive features!

Become Premium

Too expensive? Make a small donation by buying us coffee ($5) or help with server cost ($10)

Donate via Paypal Become our Patreon

Thank you for your support!

Follow Us on Twitter!

:(