سَمِعْنَا وَ اَ طَعْنَا
हमने सुना हमने इताअत की।

ये एक मोमिन एक ईमान वाले की पहचान है की हमने सुना हमने माना यकिन है एक जात है अल्लाह जिसकी हम ईबादत करते है नबी ﷺ को देखे नही लेकिन हमने गवाही दी
وَ اَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَ رَسُولُهُ
👇
ये इल्म व यकिन की दलील है। हम वह नही जिन्होंने कहा
سَمِعْنَا وَ عَصَيْنَا
हमने सुना हमने इंकार किया ।

अल्लाह ने मोमिन और मुनाफिको की सिफत को ब्यान करदी अल्लाह ने सहाबा रजी0 जिंदगी सामने रखा है की सहाबा ने सुना और जैसे सुना वैसे अमल करते गए कभी लेकिन तक जबान से ना निकाले 👇
क्योकी सहाबा को यकिन था कुरआन एक एक लफ्ज हक है अल्लाह के रसूल मुहम्मद ﷺ के जबान से निकली हुई लफ्ज हक है जैसे मुहम्मद ﷺ करते चले गए हुक्म देते गए वैसे सहाबा रजी0 इताअत की है ऐसी इताअत और मुहब्बत की मिसाले पेश की हजरत मुहम्मद ﷺठोकर खाकर गिरे है वही पर सहाबा 👇
ठोकर खाकर गिरे है जिस से हजरत मुहम्मद ﷺ ने कुर्ते को काटा है उसी चीज से सहाबा ने कुर्ते को काटा है ये इताअत थी और इताअत के बुनियाद पर अल्लाह ने सहाबा रजी0 को चमकाया है उनके कदमो मे हिरे जवाहरात रख दिया अल्लाह ने ! 👇
वही इताअत हमे दोनो जहा मे कामयाब करेगी वही इताअत के बुनियाद पर अल्लाह हमे चमकाएगा चमकाने वाली जात अल्लाह है अल्लाह हमारे माल दौलत डीग्री का मोहताज नही है बस अल्लाह हम से वह जिंदगी मांग रहा है जिस तरह सहाबा रजी0 गूजार कर गए है ।

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12 Oct
जब बनाने बिगाड़ेने वाली जात (अल्लाह) पर पुरा पुख्ता यकिन होगा तो हर कदम पर हम अल्लाह की मदद देखेंगे कोई बाल बिका भी नही कर सकेगा जब राब्ते अल्लाह से कायम रहेंगे।जो अल्लाह इब्राहिम अलैहिस्सलाम को आग मे सलामत रख सकता है जो अल्लाह मुसा अलैहिस्सलाम को फिरऔन के हाथो पलवा सकता है 👇
जो अल्लाह आधे घंटे की बच्चे ईसा अलैहिस्सलाम की जबान मे ताकत दे सकता है गवाही देने के लिए जो अल्लाह युसुफ अलैहिस्सलाम के लिए बंद दरवाजे खोल सकता है जो अल्लाह इस्माइल अलैहिस्सलाम को छुड़ी के निचे सलामत रख सकता है जो अल्लाह इतना बड़ा जमीन व आसमान खड़ा कर सकता है 👇
जो अल्लाह गंदे पानी से पाँच फिट के इंसान को खड़ा सकता है क्या वह अल्लाह बेबस है हमारी मदद करने मे ?बिल्कुल नही वह अल्लाह हमारी मदद करेगा जैसे सहाबा रजी0 और अम्बिया अलैहिस्सलाम की मदद की आज भी वही अल्लाह वही कुरआन है वही वादे है बदले तो मुसलमान है अल्लाह को छोड़कर 👇
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10 Oct
لَا إِلٰهَ إِلَّا اُللهُ
एक अल्लाह के सिवा कोई माअबुद नही

لَا
नही है कोई

إِلٰهَ
कोई माअबुद(इबादत के लायक/पूजने लायक)

إِ لَّا اُللهُ
एक अल्लाह के अलावा।

पुरे अकिदे के साथ इस चीज का इंकार करना अल्लाह के अलावा कोई दुसरी जात नही है और इस चीज का तस्लीम करना 👇
इबादत के लायक करने धरने वाली सिर्फ एक अल्लाह की जात है। जर्रा जर्रा अल्लाह की चाहत का मोहताज है कतरा कतरा अल्लाह का मोहताज है । अब हमारे सर कलम हो जाएंगे लेकिन अल्लाह के अलावा ये सर किसी गैर के सामने नही झुकेंगे हमारी हाजतो को पुरा करने वाली जात अल्लाह है इस चीज का इतना 👇
विर्द करना इतना विर्द करना की हमारे दिलो का रूख गैर से हटकर अल्लाह से जुड़ जाए की जो होता है अल्लाह से होता है जब इस कलमे का पुरा पुरा यकिन हमारे दिलो मे बैठेगा तो यकिनन हमारे कदम किसी गैर के तरफ नही उठेंगे यकिनन ये हाथ किसी गैर के सामने नही उठेंगे हम अल्लाह की तरफ बढ़ेंगे 👇
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8 Oct
وَتَّقُوْ يَوْمً لَا تَجْرِىْ نَفْسً عَنْ نَفْسٍ شَيْئًا وَّ يُقْبَلُ مِنْہَا شَفَا عَتُ وَّ لَا يُوْخَذُ مِنْہَا وَّ لَا ہُمْ يُنْصَرُوْنَ
उस दिन से डरते रहो जब कोई किसी को नफा ना दे सकेगा कोई किसी का मददगार ना होगा और न ही उसकी सिफारिश कबुल होगी न बदला उसके औज लिया जाएगा 👇
فَکَيْفَ تَتَّقُوْنَ اِنْ کَفَرْتُمْ يَوْمًا يَّجْعَلُ الْوِلْدَانِ سِيْبَا
तुम अगर बाज ना आए तो उस दिन से कैसे बचोगे जो दिन बच्चो को बूढ़ा कर देगा!

اَيَّحْسَبُ الْاِنْسَانُ اَلَّنْ نَجْمَعَ عِظَامَہُ
क्या इंसान ये समझता है हम (अल्लाह) उसकी हड्डिया जमा नही कर सकेंगे
👇
بَلٰى قٰدِرِيْنَ عَلٰٓى اَنْ نُسَوِّىَ بَنَا نَہُ
क्यो नही जबकी हम इसपर भी कुदरत रखते है की उसकी पोर पोर तक दुरूस्त कर दे!

اَلَيْسَ ذٰلِکَ بِقٰدِرٍ عَلٰٓى اَيُّحْىِ ےَالْمَوْتٰى
क्या अल्लाह इसपर कादिर नही की मुर्दे को जिंदा कर दे।
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7 Oct
وَلَئِنْ مُّتُّمْ اَوْ قُتِلْتُمْ لَاِ الٰى اللهِّٰ تُحْشَرُوْنْ
यकिनन तुम मर जाओ या मार दिए जाओ जमा तो अल्लाह के तरफ ही किए जाओगे ।

کُلُّ نَفْسٍ ذَآ ئِقَتُہ الْمُوْتِ
हर जानदार को मौत का मजा चखना है ।

اَيْنَ مَا تَکُوْنُوْا يُدْرِکْکُّمُ الْمُوْتُ وَ لَوْ کُنْتُمْ
👇
فِىْ بُرُوْجٍ مُشًيَّدَۃٍ
तुम जहा कही भी रहो मौत तुम्हे आ पकड़ेगी गोया मजबूत किले मे महफूज क्यो ना हो ।

बेशक हर मखलुक का खुदा एक अल्लाह है और अल्लाह ने वज़ूद बख्शा है एक दिन अल्लाह के तरफ ही लौटना है । हम दफन हो या जला दिए जाए अल्लाह के पास ही लौटना है👇
नदी मे बहा दिए जाए या शरीर सड़ जाए। हमारी रूहे अल्लाह के पास पहुँचती है और पहुँचते रहेगी
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6 Oct
बेशक अल्लाह बेहतरीन कारसाज है । अल्लाह हमारे उन लफ्जो को भी सुनता है जिसे हम ब्यान नही कर पाते है अल्लाह उस दर्द को भी महसूस करता है जिसे हम जाहिर नही कर पाते है अल्लाह मुस्कराते हुए चेहरे के पीछे गिरने वाले आँसू की वजह भी जानता है अल्लाह गुंगे की पुकार को भी सुनता है 👇
अल्लाह मजलुम की फ़रियाद को भी सुनता है अल्लाह अंधे को रास्ता भी दिखाता है हमारे टुटने पर हमे बेहतरीन तरिके से समेटता है बेशक अल्लाह हर चीज पर कादिर है अल्लाह से अपने राब्ते मजबूत करे हजार कंधो की जरूरत नही है रोना है तो अल्लाह के सामने रो लो झुकना है तो अल्लाह के सामने झुको 👇
मांगना है तो अल्लाह से मांगो अगर खुदको किसी के चाहत के मुताबिक ढालना है तो अल्लाह की चाहत और अपने नबीﷺ और हजरत आईशा रजी0 और हजरत फातिमा रजी0 के तरिके मुताबिक खुदको ढालो फिर देखो जिंदगी का मजा। ऐसा नही है अगर हम सुन्नत पर चलने वाले बन गए अपने नबी हजरत मुहम्मद ﷺ वाला चेहरा 👇
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5 Oct
اَمَنْ هٰذَالَّذِى هُوَ جُنْدٌالَّکُمْ يَنْصُرُکُمْ مِّنْ دُؤْنِ الرَّحْمٰنِ
और अल्लाह के सिवा कौन है जो तुम्हारी मदद करे

اِيَّاقَ نَعْبُدُ وَ اِيَّاقَ نَسْتَعِيْنُ
हम तेरी(अल्लाह)ही ईबादत करते है और तुझी से मदद चाहते है ।

قُلْ هُوَاللهُ اَحَدٌُ
कहो की अल्लाह एक है ।
👇
हजार दरवाजो हजार कंधो के बजाए एक अल्लाह से अपने राब्ते कायम करे तो हमारे हर मसले होंगे अल्लाह सुनेगा और अल्लाह ही सुनेगा क्योकी वही सुनने वाला है हमारे अमल हमारे मांगने मे कमी हो सकती है लेकिन अल्लाह के देने मे नही ।कोई चीज ना मिलने पर अपने अमलो और नियत को टटोले
आखिर क्या कमी है की हमारे मसले हर नही हो रहे है हमारे ईबादत मे कहा कमी रह गई हमारे मांगने मे कहा कमी रह गई ये सहाबा रजी0 वाली सिफत है । सहाबा रजी0 को अल्लाह के वादो पर पुरा पुरा यकिन था इसलिए हर मसले को हल कराने के लिए वह अल्लाह के तरफ बढ़ते थे और उस वक्त मांगते थे जब तक 👇
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