सय्यदना अबुजर रजी0 से मरवी है वह कहते है मैने कहा ऐ अल्लाह के रसूल अमीर लोग नमाज पढ़ते है,रोजा रखते है ,हज करते है और इस तरह वह अजर मे आगे बढ़ते जा रहे है। हजरत मुहम्मदﷺ ने फरमाया तुम भी रोजा रखते हो,नमाज पढ़ते हो,हज करते हो
मैने कहा जी वह सदका करते है हम सदका नही कर सकते 👇
आप ﷺ ने फरमाया तेरे अंदर भी सदका की सुरत मौजूद है मसलन रास्ते से हड्डी हटा देना सदका है , रास्ते की रहनुमाई कर देना सदका है , अपनी जायद ताकत के साथ किसी कमजोर की मदद कर देना सदका है ، वाजह(स्पष्ट) आवाज अदा ना कर सकने वाले की तरफ से वजाहत(व्याख्या) कर देना सदका है 👇
और अपनी बीबी से जीमा कर लेने मे सदका है ।मैने कहा ऐ अल्लाह के रसूलﷺ क्या ऐसा हो सकता है हम अपनी सहुवत(हवस) पुरा करे और उसमे हमारे लिए अजर भी हो,आपﷺ ने फरमाया अच्छा ये बतलाओ अगर तु अपनी अजो खास( विशेष अंग)को हराम काम पर लगा देगा तो गुनहगार होगा? मैने कहा जी,आप ﷺ ने फ़रमाया 👇
तुम तो सर(बुराई) से बचकर सवाब की नियत करते हो और खैर वाला काम करके सवाब की नियत नही करते!
(मुसनद अहमद 9344)

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14 Oct
कायनात का सबसे बेहतरीन हस्ती हजरत मुहम्मद ﷺ जिन्होने गुलामो को भी गले लगाया
जो एक बेहतरीन टीचर एक बेहतरीन शौहर एक बेहतरीन बाप बनकर उभरे है उनकी जिंदगी हमारे लिए आइडीयल के तौर पर मौजूद है।जब आप हजरत मुहम्मद ﷺ पैदा हुए तो अरब के सारे बुत मुँह के बल गिर गए हवाओ मे खुशबु फैल गई 👇
आप पैदा हुए तो खतने और गंदगी से पाक पैदा हुए इरान के महल मे एक हजार साल से आग जल रही थी वह आग बुझ गया किसरा घबरा गया ये क्या हो गया आपको लिटाया गया तो पाँच मिनट बाद आपने करवट बदली और सज्दे मे चले गए और लम्बा सज्दा किए फिर उठे घुटने बल बैठे और सहादत की उँगली असमान के तरफ की 👇
तो कमरे छत फटा और पुरा नुर से फैल गया और चारो तरफ धुंध छा गया और उसमे से आवाज आई ये हजरत मुहम्मद ﷺ है आखरी नबी जो इनके पिछे चलेगा इनकी इत्तबा करेगा जो इनके जिंदगी को अपनाएगा वह दोनो जहाँ मे कामयाब होगा जो इनसे या इनके तरिको से मुँह वह दोनो जहाँ नाकामयाब होगा 👇
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13 Oct
يٰٓاَيُّہَا الَّذِيْنَ اٰمَنُواجْتَنِبُوْ کَثِيْرًامَّنَ الظَّنِّ اِنَّ بَعْضَ الظَّنَ اِثْمٌ وَّلَا تَجَسَّسُوْ وَلَا يَغْتَبْ بَّعْضُکُمْ بَعْظًا اَيُحِبُّ اَحَدُکُمْ اَنْ يَّاْلَحْمَ
اَخِيْہِ مَيْتًا فَکَرِ ہْتُمُوْہُ وَا تَّقُوا اللهّٰ اِنَّ اللهّٰ تَوَّابٌ رَّحِيْمُ

👇
ऐ ईमान वालो बहूत बदगुमानी से बचो यकिन मानो बाज बदगूमानी गुनाह है और भेद ना टटोला करो ना तुममे से कोई किसी की गीबत करे क्या तुममे से कोई भी अपने मुर्दा भाई की गोश्त खाना पसंद करता है?तुमको उससे घीन आएगी और अल्लाह से डरते रहो बेशक अल्लाह तौबा कबुल करने वाला मेहरबान है ।
(49:12)👇
يٰاَيُّہَا الَّذِيْنَ اٰمَنُوْا لَا يَسْخَرْ قَوْمُ مَّنْ قٌوْمٍ عَسٰى اَيَّکُوْنُوا خَيْرًا مٍَنْہُمْ وَ لَا نِسٰاءٌ مَُنْ نَّسٰآءِعِسٰى اَنْ يَّکُنَّ خَيْرًا مَّنْہُنَّ وَلَا تَلْمِزُوْا اَنْفُسَکُمْ وَ لَا تَنَا بَذُوْا بِا لْاِلْقَا بِ بِئْسَ الِا سْمُ الْفُسُوْقُ بَعْدَ
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13 Oct
अल्लाह ने अपने हबीब हजरत मुहम्मद ﷺ की विलादत को उम्मत से छिपाया है ताकी उम्मत #EidMiladunNabiﷺ के नाम पर खुरेफातो से बचे पहली बात 12 रबीउल अव्वल को ही हजरत मुहम्मद ﷺ की विलादत है इसपर कोई सही रिवायत मौजूद नही है ।दुसरी बात हर वह नेक अमल काबिले कबुल नही है जिसका हुक्म 👇
ना अल्लाह के रसूल मुहम्मद ﷺ ने दिया ना किया ना अल्लाह ने हुक्म है जिसको अजर की नियत से ईजाद कर लेना वह बिद्दत है। तीसरी बात हदिशो मे आता है हजरत मुहम्मद ﷺ पीर के दिन रोजा रखते की इसलिए की आप ﷺ कहते थे इस दिन मेरी विलादत है तो यहा पर भी ईद और रोजा ईकठ्ठा नही हो सकता है 👇
तो हजरत मुहम्मद ﷺ के विलादत के नाम जश्न मनाना ढोल ताशे के साथ जुलूस निकालना रास्ता बंद करके या ब्लॉक करके दुसरो को तकलीफ पहुँचाना ये बिल्कुल ही गलत है। हम हजरत मुहम्मद ﷺ की सिरत को देखे आप ﷺ तहज्जुद के लिए भी उठते तो ये ख्याल रखते थे मेरे उठने से किसी को तकलीफ ना पहुँचे 👇
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12 Oct
जब बनाने बिगाड़ेने वाली जात (अल्लाह) पर पुरा पुख्ता यकिन होगा तो हर कदम पर हम अल्लाह की मदद देखेंगे कोई बाल बिका भी नही कर सकेगा जब राब्ते अल्लाह से कायम रहेंगे।जो अल्लाह इब्राहिम अलैहिस्सलाम को आग मे सलामत रख सकता है जो अल्लाह मुसा अलैहिस्सलाम को फिरऔन के हाथो पलवा सकता है 👇
जो अल्लाह आधे घंटे की बच्चे ईसा अलैहिस्सलाम की जबान मे ताकत दे सकता है गवाही देने के लिए जो अल्लाह युसुफ अलैहिस्सलाम के लिए बंद दरवाजे खोल सकता है जो अल्लाह इस्माइल अलैहिस्सलाम को छुड़ी के निचे सलामत रख सकता है जो अल्लाह इतना बड़ा जमीन व आसमान खड़ा कर सकता है 👇
जो अल्लाह गंदे पानी से पाँच फिट के इंसान को खड़ा सकता है क्या वह अल्लाह बेबस है हमारी मदद करने मे ?बिल्कुल नही वह अल्लाह हमारी मदद करेगा जैसे सहाबा रजी0 और अम्बिया अलैहिस्सलाम की मदद की आज भी वही अल्लाह वही कुरआन है वही वादे है बदले तो मुसलमान है अल्लाह को छोड़कर 👇
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11 Oct
سَمِعْنَا وَ اَ طَعْنَا
हमने सुना हमने इताअत की।

ये एक मोमिन एक ईमान वाले की पहचान है की हमने सुना हमने माना यकिन है एक जात है अल्लाह जिसकी हम ईबादत करते है नबी ﷺ को देखे नही लेकिन हमने गवाही दी
وَ اَشْهَدُ أَنَّ مُحَمَّدًا عَبْدُهُ وَ رَسُولُهُ
👇
ये इल्म व यकिन की दलील है। हम वह नही जिन्होंने कहा
سَمِعْنَا وَ عَصَيْنَا
हमने सुना हमने इंकार किया ।

अल्लाह ने मोमिन और मुनाफिको की सिफत को ब्यान करदी अल्लाह ने सहाबा रजी0 जिंदगी सामने रखा है की सहाबा ने सुना और जैसे सुना वैसे अमल करते गए कभी लेकिन तक जबान से ना निकाले 👇
क्योकी सहाबा को यकिन था कुरआन एक एक लफ्ज हक है अल्लाह के रसूल मुहम्मद ﷺ के जबान से निकली हुई लफ्ज हक है जैसे मुहम्मद ﷺ करते चले गए हुक्म देते गए वैसे सहाबा रजी0 इताअत की है ऐसी इताअत और मुहब्बत की मिसाले पेश की हजरत मुहम्मद ﷺठोकर खाकर गिरे है वही पर सहाबा 👇
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10 Oct
لَا إِلٰهَ إِلَّا اُللهُ
एक अल्लाह के सिवा कोई माअबुद नही

لَا
नही है कोई

إِلٰهَ
कोई माअबुद(इबादत के लायक/पूजने लायक)

إِ لَّا اُللهُ
एक अल्लाह के अलावा।

पुरे अकिदे के साथ इस चीज का इंकार करना अल्लाह के अलावा कोई दुसरी जात नही है और इस चीज का तस्लीम करना 👇
इबादत के लायक करने धरने वाली सिर्फ एक अल्लाह की जात है। जर्रा जर्रा अल्लाह की चाहत का मोहताज है कतरा कतरा अल्लाह का मोहताज है । अब हमारे सर कलम हो जाएंगे लेकिन अल्लाह के अलावा ये सर किसी गैर के सामने नही झुकेंगे हमारी हाजतो को पुरा करने वाली जात अल्लाह है इस चीज का इतना 👇
विर्द करना इतना विर्द करना की हमारे दिलो का रूख गैर से हटकर अल्लाह से जुड़ जाए की जो होता है अल्लाह से होता है जब इस कलमे का पुरा पुरा यकिन हमारे दिलो मे बैठेगा तो यकिनन हमारे कदम किसी गैर के तरफ नही उठेंगे यकिनन ये हाथ किसी गैर के सामने नही उठेंगे हम अल्लाह की तरफ बढ़ेंगे 👇
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