🚩स्क्रीन शाट लेकर रख लीजिए.🚩

"भारत पाकिस्तान मे युद्ध होगा! लेकिन भारत मे भीषण ग्रहयुद्ध होगा! - भविष्य वाणी"

🚩हर हिन्दू यह लेख अवश्य पढे!🚩🙏 🙏

पाकिस्तान के पास सबसे बड़ा हथियार उसका परमाणु बम नहीं, बल्कि भारत मे बसे तीस करोड़ मुसलमान हैं!
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यह बात मैं नहीं कह रहा हूँ, यह बात १९८० के दशक में जनरल जिया-उल-हक ने कही थी!

उसने कहा था कि "जब भारत में पाकिस्तान से ज्यादा मुसलमान हैं, तो हमें वहाँ लड़ने के लिए अपने सैनिक भेजने की क्या जरूरत है?"

तब से पाकिस्तान ने अपनी सोच-स्ट्रेटजी बदल ली है!
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अब उसने भारत के मुसलमानों को रेडिकलाइज करने में इन्वेस्ट करना शुरू कर दिया है!

हर शहर, हर गली मे मदरसे! यहां कि शिक्षा उसका उदाहरण हैं!

भारत की अपनी सरकारों और गद्दार नेताओं ने भी इस आग में खूब घी डाला है

आज अगर मोटा-मोटा आकलन करें, तो भी कम से कम ५०% मुसलमान
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इस्लामी कट्टर हो ही चुका है! संख्या में ये कितने हुए? ३० करोड़ का ५०%, यानी १५ करोड़! जबकि भारत के पास लगभग १५ लाख सैनिकों की फोज है! मतलब, पूरे भारत की फौजों से सौ गुना अधिक!

अब, अगर पाकिस्तान इन्हें भारत में दंगे-फसाद फैलाने का सिग्नल दे दे, जबकि हर मुस्लिम के
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घर मे हथियार भी हैं, तो आप कैसे संभालोगे? और जो बाकी के १५ करोड़ हैं, वो आपके साथ खड़े होकर इसका विरोध करते नहीं दिखेंगे! वे या तो मूक दर्शक बनकर हवा का रुख भांपेंगे, या शोर मचाएँगे कि मुसलमानों के साथ कितना अत्याचार हो रहा है! इस शोर मे सेकुलर मिडिया और हिन्दू
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विरोधी विचारधारा वाले नेता भी इनका साथ देंगे! अगर २-४% मुसलमान सचमुच इसके विरोध में भी होंगे, तो वे वैसे ही अप्रासंगिक होंगे, जैसे १९४७ के पहले भारत विभाजन के समय थे!

पिछले कुछ समय से, भारत के अलग-अलग शहरों में, किसी न किसी बहाने से, ५०,००० या १-लाख मुसलमान जुटते रहे हैं!
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उन्होंने हिंसक प्रदर्शन किया हैं, कभी किसी हिन्दू त्योहार के मौके पर, या कहीं पैगम्बर से गुस्ताखी के विरोध के बहाने से! पता है यह सब क्या है? ये विरोध प्रदर्शन नहीं है, यह सब उसी मारक हथियार के मिकेनिज्म को टेस्ट करने की पाकिस्तान की प्रक्रिया भर है!
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सबूत, भारत में १९६५ तक, एक मुस्लिम रेजिमेंट सेना में थी, जिसमें मुस्लिम समुदाय के लोग थे! पाकिस्तान से युद्ध में उन्होंने पाकिस्तान पर हमला करने से मना कर दिया था! तब उस रेजिमेंट को तोड़ा गया था!

लेकिन सोचिए जरा, इससे निपटने की हमारी तैयारी क्या है?
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हम समझते हैं, सब सरकार करेगी! जिस दिन युद्ध होगा, उस दिन हाँ सरकार करेगी! जितने सैनिक उपलब्ध होंगे उन्हें बोडर पर भेज देगी! वो मुसलमान यहां रेल कि पटरी उखाड़ देंगे, गदर मचाएंगे, लूटपाट करेगे!

ऐसा १९४७ में कलकत्ता में देश विभाजन के समय हुआ था, जो एक कङवी सच्चाई है!
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लेकिन क्या आप इन १५ करोड़ को रोक पायेंगे?

युद्ध जिस स्तर पर लड़ा जाता है, उसका मुकाबला भी उसी स्तर पर किया जा सकता है!
दुश्मन, सामाजिक स्तर पर, लड़ाई लड़ने को अपनी तैयारी लगभग पूरी कर चुका है!
लेकिन क्या हम इस दिशा में एक भी कदम आगे बढ़े हैं?
नहीं, बस सारा दिन मोदी-मोदी
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वो पंक्चर बना लेंगे, मुर्गा-मुर्गी बेच लेंगे, हजामत बना लेंगे, नहीं तो फेरी लगा कर कबाड़ खरीदेंगे-बेचेंगे, लेकिन वो इन चीजों में अपनी शक्ति जाया नहीं करेंगे!
क्यों कि उन्होंने अपना लक्ष्य तय कर रखा है!
वो जो भी करेंगे, अपने उसी लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ही करेंगे!
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हाँ, उनके कुछ लोग जो कुछ प्रशिक्षित हैं, वो इन मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से, सीमित मात्रा में, बोलते देखे जा सकते हैं,
जो सिर्फ आपको व्यवस्था के प्रति आक्रोशित करने के लिए!
वो सिर्फ मुद्दे को लोगों के बीच उकसाते हैं,
और फिर अलग हो जाते हैं!
और वहाँ मौजूद हम,
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आप उंस मुद्दे के पक्ष-विपक्ष में वाकयुद्ध में संलग्न होकर, अपने आपसी रिश्ते बिगाड़ते हैं! और वे तमाशा देखते हैं! ये भी उनकी स्ट्रेटेजी का हिस्सा है, जिसे हम हिन्दू भाँप नहीं पाते!

ऐसी विषम परिस्थिति में, अब भी समय है, कि हम समय रहते अपने छोटे-छोटे आपस में वैमनस्य
👇👇1⃣4⃣
पैदा करने वाले मुद्दों को पीछे छोड़, अपने अस्तित्व के संकट के प्रति एकजुट हों! इससे निपटने का कोई एक्शन प्लान बनाएं, और उस पर अमल करें! अन्यथा वह समय अब आ गया लगता है, कि हम विश्वगुरु के सपने देखते हुए, अपना वर्तमान भी खो देंगे!

जब धर्म ही नहीं बचेगा,
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तो धार्मिकता किस काम की रह जायेगी?

आज वे फालतू की बात पर, मुस्लिम लगातार हिन्दू धर्म और उनके प्रतीकों का अपमान कर रहे हैं! हमे धमकी दे रहे हैं! और हम घर मे चुप चाप "राम राम" जपें, तो तैयार हो जाइए इस्लाम कुबूल करने को! यह राजनैतिक बात नहीं, बल्कि धार्मिक बात है!
👇👇1⃣6⃣
अपने धर्म की रक्षा के लिए सजग रहना ही होगा! जो हो रहा है, किसी से छिपा नही है! राजनैतिक पार्टियां समझ चुकी हैं, कि ये हिन्दू,अपने धर्म औरविचारधारा का पक्का, न था, और न होगा!

इसलिए, खुले मंच से, हिन्दू धर्म का अपमान और अनदेखी कर रहे हैं! खैर, हमें क्या फर्क पड़ता है?
👇👇1⃣7⃣
हम तिलक लगाकर, हिन्दू धर्म रक्षक होने का मिथ्या अहंकार पाले घूम रहे हैं!

शरद पवार ने साफ कह दिया, मुस्लिम सरकार बनाते हैं, यानी हिन्दू वोट करता ही नहीं, या उसके वोट का मोल ही नहीं रह गया है!

कांग्रेस के महाराष्ट्र में अध्यक्ष ने कहा है, मुस्लिमों के कहने पर सरकार बनाई,
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मतलब हम हिन्दू बहुसंख्यक होकर भी कोई महत्व नहीं रखते हैं!

खुलेआम ॐ और स्वस्तिक के चिन्हों पर Fuk your Hindutva लिखा जा रहा है, लेकिन हमें क्या?
हम धार्मिक हैं, अहिंसा वादी हैं,
हमे सिर्फ पूजा-साधना में ध्यान लगाना चाहिए!
यह सब बाहरी प्रपंच है,
लेकिन न चाहते हुए भी
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यह बाह्य परिस्थितियों का प्रभाव पड़ता है! कभी सोचा पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के हिन्दू क्या धार्मिक नहीं थे?
बिल्कुल थे!
उनके मंदिर तोड़ दिए,
पूजा पर रोक लगा दी!
अब कैसे करते पूजा, आराधना और साधना?
परिणाम यह हुआ, कुछ ने इस्लाम कुबूल कर लिया,
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कुछ भाग आये भारत मे! लेकिन हमने क्या किया? उनको शरणार्थी बना कर रख दिया! न अपनाया न हक दिया!

अब, जब CAA से उन्हें नागरिकता दी जा रही है, तब यहाँ के मुस्लिम विरोध कर रहे हैं! यानी, मुल्क बदला है, इस्लाम की विचारधारा वही है! न वहाँ रहने देंगे, न यहाँ!
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एक नेता ने यहाँ तक कह दिया, कि मुस्लिम को तो पता है उनके बाप-दादा कहाँ दफन हैं,

तुम हिंदुओं को यह भी नहीं पता कि तुम्हारे बाप-दादा कहाँ फूंके गए! लेकिन हिन्दू को इससे फर्क नहीं है!

वो धार्मिक है!

अपने साथ-साथ दूसरे धर्मों का भी सम्मान करता आया है! और अब यही विचारधारा
👇👇2⃣2⃣
कमजोरी बन गयी है!
तभी अब मुस्लिम सीना ठोंक कर कहते हैं, कि हमने ८०० साल राज किया!
जबकि हिन्दू सनातन धर्म इस्लाम से पहले से था, तो हम तो साल भी नहीं गिन सकते कि हमने कितने साल राज किया है!

सनातन धर्म के मूल में अहिंसा नहीं थी, वरना देवी-देवता की परिकल्पना
👇👇2⃣3⃣
अस्त्र-शस्त्र के साथ नहीं करते! ये गौतम बुद्ध, महावीर और गाँधी ने हमे अहिंसावादी बनाकर पंगु कर दिया है! यह स्थिति है, कि कोई हमारे साथ गलत भी करे, तो हमारा हाथ तक नहीं उठता, शस्त्र उठाना तो दूर की बात है!

मैं शुरू से कहता आया हुं, "कल का कायर हिन्दू आज का मुस्लिम है,
2⃣4⃣
और आज का कायर हिन्दू भविष्य का मुस्लिम होगा!"

भविष्य इसको प्रमाणित कर देगा! आप लिख कर रख लें!

अतः हिंदुओं से विनती है, कि अभी भी वक़्त है, सजग हो जायें!

वरना जब उन्मादी भीड़ आपके दरवाजे पर खड़ी होगी, तो पछताने के सिवा कुछ हासिल नहीं होगा!

सदा याद रखे
👇👇2⃣5⃣
"धर्म की रक्षा करना सबसे बड़ा धर्म है", लेकिन यह बात हम हिन्दू अभी नहीं समझ पा रहे हैं! लेकिन भविष्य इसका अहसास जल्द ही करा देगा!

भविष्यवाणी": भारत मे अगला युद्ध पाकिस्तान से होगा, लेकिन वह युद्ध नहीं,V भारत के अंदर विश्व का सबसे बड़ा ग्रहयुद्ध होगा!
👇👇2⃣6⃣
मेरे साथ इस लेख को लिखने में मेरी मदद एक मित्र द्वारा की गई है लेख बहुत लंबा है लेकिन आप सभी को यह जानकारी बहुत जरूरी है।

अब भी नहीं चेते तो कटना और मिटना तय है...👹👹

साभार🙏🙏 👇👇
- शिव प्रेरणा संस्था की "भविष्यवाणी"!
🔚🚩🚩🚩🙏🙏🙏🚩🚩🚩

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16 Oct
💪नोट:-यह पोस्ट मेरी व्यक्तिगत सोच है l अगर किसी को परेशानी हो...?
तो - निःसंकोच मुझे ब्लॉक करें, और अपने रास्ते चलते बने।🙏👇👇👇👇

👊"मोदी" से, "लड़ने के लिये":- "मोदी" बनना पड़ेगा l💪👊👇

👍अपने बचपन के दिनों में मैंने पढ़ा था, एक ट्रक पर कई टन "गन्ने",
👇👇2⃣
ट्रक से आधी लटकी हुई अवस्था में, होते थे.l
ऐसी ट्रकें बहुत धीमे चलती थी..l कभी खराब होती, या दुर्घटनाग्रस्त होती, तो-
वहां "गन्ने लूटने वालों की भीड़" लग जाती...l
ड्राइवर लोगों को हटाने का बहुत प्रयास करता.?
लेकिन, सैकड़ों लोगों की भीड़, भला एक आदमी का कहा क्यों मानती ?
👇👇3⃣
🤔 जब तक ट्रक वहां खड़ी रहती, तब तक, ना जाने "कितने लोगों" ने -"गन्ने लूटे" होंगे...?🧐🤔👇

👍जब लोग कहते हैं, कि :- "मोदी देश को "मुर्ख" बना रहा है"..... l 🧐

जब लोग कहते हैं, कि:- मोदी तो "अडानी /अम्बानी" और, "टाटा /बिडला" का "एजेंट" है...l🧐
👇👇4⃣
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16 Oct
🚩🚩‼️हार्ट ‼️🚩
🚩कारण और निवारण🚩
हमारे देश भारत में 3000 साल पहले एक बहुत बड़े ऋषि हुये थे.
उनका नाम था महाऋषि वागवट जी!

उन्होंने एक पुस्तक लिखी थी
जिसका नाम है अष्टांग हृदयम!!
(Astang hrudayam)
और
इस पुस्तक में उन्होंने बीमारियों के इलाज के लिए 7000 सूत्र लिखें थे!
👇👇2⃣
यह उनमें से ही एक सूत्र है !!

वागवट जी लिखते हैं कि कभी भी हृदय को घात हो रहा है !

मतलब दिल की नलियों मे blockage होना शुरू हो रहा है !

तो इसका मतलब है कि रक्त (blood) में, acidity (अम्लता ) बढ़ी हुई है !
अम्लता आप समझते हैं !
जिसको अँग्रेजी में कहते हैं acidity!!
👇👇3⃣
अम्लता दो तरह की होती है!

👉एक होती है पेट की अम्लता!

👉और एक होती है रक्त (blood) की अम्लता!

आपके पेट में अम्लता जब बढ़ती है!
तो आप कहेंगे
✔️पेट में जलन सी हो रही है!
✔️खट्टी खट्टी डकार आ रही हैं!
✔️मुंह से पानी निकल रहा है!

और अगर ये अम्लता(acidity) और बढ़ जाये!
👇👇4⃣
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16 Oct
🚩संगठन में शक्ति होती है🚩🚩

दुश्मन को न पहचानने वाली, नेतृत्वहीन विराट सेना भी अंततः युद्ध हार जाती है!

हिंदु कौम एक ऐसी ही सेना है जिसका कोई लक्ष्य नहीं, कोई मंजिल नहीं, शत्रु पहचान नहीं, कोई सेनापति नहीं!

हिंदुओं से ज्यादा राजनैतिक लक्ष्यहीन और दिशाहीन कोई नहीं,
👇👇2⃣
क्योंकि हिंदुओं के नेता तो बहुत हैं पर उनके मन में हिंदुओं के साम्राज्य जैसा कोई लक्ष्य नहीं, कोई महत्वाकांक्षा नहीं इसलिए हिंदु नेताओं को सेकुलरिज्म की चादर ओढ़कर हिंदुओं के रक्त की प्यासी कौम से भाईचारा निभाने में भी कोई लज्जा नहीं आती।

सत्ता का जो तंत्र अंग्रेज स्थापित
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कर गए मात्र वे उसे ढोना चाहते हैं, उसपर बैठकर उसे भोगना चाहते हैं, यही हिंदु नेताओं की महत्वाकांक्षा है।

जबकि कम्युनिस्टों, मुसलमानों और ईसाईयों का स्पष्ट राजनैतिक लक्ष्य है।
कम्युनिस्ट, भारत में साम्यवादी शासन चाहते हैं, मुसलमान शरीयत कानून वाला इस्लामिक भारत चाहते हैं,
👇👇4⃣
Read 20 tweets
15 Oct
🏹🚩सनातन सेवक समिति🚩🏹


🚩‘दशहरा’ - आइये थोड़ा बारीकी से समझते हैं ( _अब बारीकी से समझना है तो सन्देश बड़ा पढ़ना पड़ेगा... क्योंकि ज्ञान का कोई शॉर्टकट नहीं होता)

✍️‘दशहरा’ एक संस्कृत शब्द है जिसका अर्थ है “दस को हरने वाली [तिथि]”। दश हरति इति दशहरा”।
👇👇2⃣
_‘दश’ कर्म उपपद होने पर ‘हृञ् हरणे’ धातु से “हरतेरनुद्यमनेऽच्” (३.२.९) सूत्र से ‘अच्’ प्रत्यय होकर ‘दश + हृ + अच्’ हुआ, अनुबन्धलोप होकर ‘दश + हृ + अ’, “सार्वधातुकार्धधातुकयोः” (७.३.८४) से गुण और ‘उरण् रपरः’ (१.१.५१) से रपरत्व होकर ‘दश + हर् + अ’ से ‘दशहर’ शब्द बना और
👇👇3⃣
स्त्रीत्व की विवक्षा में ‘अजाद्यतष्टाप्‌’ से ‘टाप्’ (आ) प्रत्यय होकर ‘दशहर + आ’ = ‘दशहरा’ शब्द बना।_

✍️संस्कृत में यह शब्द गङ्गादशहरा के लिये और हिन्दी और अन्य भाषाओं में विजयादशमी के लिये प्रयुक्त होता है। दोनों उत्सव दशमी तिथि पर मनाए जाते हैं।
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15 Oct
🌳🦚आज की कहानी🦚🌳

💐पिता द्वारा पुत्र को सीख💐💐
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पिता और पुत्र साथ-साथ टहलने निकले,वे दूर खेतों की तरफ निकल आये, तभी पुत्र ने देखा कि रास्ते में, पुराने हो चुके एक जोड़ी जूते उतरे पड़े हैं, जो ...संभवतः पास के खेत में काम कर रहे गरीब मजदूर के थे।
👇👇2⃣
पुत्र को मजाक सूझा. उसने पिता से कहा ~ क्यों न आज की शाम को थोड़ी शरारत से यादगार बनायें,आखिर ...मस्ती ही तो आनन्द का सही स्रोत है. पिता ने असमंजस से बेटे की ओर देखा।

पुत्र बोला ~ हम ये जूते कहीं छुपा कर झाड़ियों के पीछे छुप जाएं.जब वो मजदूर इन्हें यहाँ नहीं पाकर घबराएगा
👇👇3⃣
पुत्र को मजाक सूझा. उसने पिता से कहा ~ क्यों न आज की शाम को थोड़ी शरारत से यादगार बनायें,आखिर..मस्ती ही तो आनन्द का सही स्रोत है. पिता ने असमंजस से बेटे की ओर देखा।

पुत्र बोला ~ हम ये जूते कहीं छुपा कर झाड़ियों के पीछे छुप जाएं.जब वो मजदूर इन्हें यहाँ नहीं पाकर घबराएगा
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15 Oct
🌳🦚आज की कहानी🦚🌳
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🌺आत्महत्या🌺

🔮 फूल आते हैं, चले जाते हैं . कांटे आते हैं, चले जाते हैं . सुख आते हैं, चले जाते हैं . दुख आते हैं, चले जाते हैं .

🔮 जो जगत के इस 'चले जाने' के शाश्वत नियम को जान लेता है, उसका जीवन क्रमश: बंधनों से मुक्त होने लगता है .
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🔥 एक अंधकारपूर्ण रात्रि में कोई व्यक्ति नदी तट से कूदकर आत्महत्या करने का विचार कर रहा था

वर्षा के दिन थे और नदी पूर्ण पर थी.
आकाश में बादल घिरे थे और बीच-बीच में बिजली चमक रही थी

वह व्यक्ति उस देश का बहुत धनी व्यक्ति था, लेकिन अचानक घाटा लगा और उसकी सारी संपत्ति चली गई
👇👇3⃣
उसका भाग्य-सूर्य डूब गया था और उसके समक्ष अंधकार के अतिरिक्त और कोई भविष्य नहीं थ.
ऐसी स्थिति में उसने स्वयं को समाप्त करने का विचार कर लिया था
किंतु, वह नदी में कूदने के लिए जैसे ही चट्टान के किनारे पर पहुंचने को हुआ कि किन्हीं दो वृद्ध, लेकिन मजबूत हाथों ने उसे रोक लिया
👇👇4⃣
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