सुबह से लिबरलों की पोस्ट देख रहा हूं।सब जज बने हुए हैं। धड़ाधड़ फैसले दे रहे हैं
कर्फ्यू में सिमटी रांची का एक केस बताता हूं।शायद जजमेंट देने में आसानी हो।
12वीं में पढ़ने वाले अफ़सार आलम को पुलिस की 6 गोलियां लगी हैं।आपने कभी सुना है कि हिंसा के बीच एक ही व्यक्ति को पुलिस की 6
गोलियां लगी हों?
RIIMS के डॉक्टरों ने 4 गोलियां निकाल दीं। 2 अभी भी जिस्म में धंसी हैं। हिंसा में मरने वाले 22 साल के कैफ़ी के सिर में गोलियां लगी हैं। भेजा बाहर आ गया।शायद, पुलिस मैन्युअल कहीं कचरे में पड़ा हो।
पैगम्बर साहेब पर अनुचित टिप्पणी के विरोध में पूरा देश कश्मीर बन
चुका है। कश्मीर में जब पत्थर चलते थे तो देश के किसी ठंडे कोने में बैठे लिबरल संयम बरतने को कहते थे।
जब पैलेट गन चले तो किसी ने संयम शब्द का इस्तेमाल नहीं किया।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन। मैं सहमत हूं। यही होना चाहिए। यही रास्ता है।
लेकिन क्या सरकार ऐसा करने देती है?
नहीं। पुलिस-प्रशासन इसे किस नज़र से देखता है? बग़ावत की नज़र से। लाठियां तो तब भी चलती हैं।
आज की नई आईपीएस पीढ़ी ज़रा सी हिंसा में बेकाबू होकर गोली मारती है- सिर पर। जिस्म पर। 6 गोलियां, एक साथ।
कोई संयम बरतने को कह रहा है?
कानून अगर सब के लिए बराबर है तो नूपुर को अदालत
में पेश क्यों नहीं कर रही है मोदी सरकार? कोई है जो उधर भी उंगली उठाए?
आखिरी बात। एक समुदाय विशेष के पथराव से बीजेपी को 600 सीटें मिलती हैं, ध्रुवीकरण होता है, 50 साल तक कुर्सी बनी रहती है- ऐसा सोचने वाले कोढग्रस्त, भगवाईयों के मन के लड्डू फूट तो गए, लेकिन यह भी समझ लीजिए कि
इन बिन पेंदी के लोटों से देश रोज़ तबाह हो रहा है।
ये बीते 8 साल के ज़ुल्म, अपमान, नफ़रत, बहिष्कार, लिंचिंग का गुस्सा है। ये गुस्सा भारत को पुलिस स्टेट बनाने के ख़िलाफ़ है।
इसे थामने के लिए गांधी जैसा संयम का हिमालय बनना होगा। खुद के जिस्म को गुस्साई भीड़ के आगे करना होगा।
है हिम्मत किसी में? शांति का मार्ग वही दिखा सकता है, जिसमें नफ़रत के बदले मोहब्बत और कटुता की जगह शांति और समर्पण हो।
माफ़ कीजिये। ये आप खाए-पिये, अघाये लोगों से नहीं हो पायेगा।
✍️हिंदू-मुसलमान और लाउडस्पीकर के शोर के पीछे एक खबर दबा दी गई..
(पवन सिंह)
हिंदू-मुसलमान और लाउडस्पीकर के शोर के पीछे एक बड़ी खबर दबा दी गई है। यह खबर जुड़ी है क्रूड ऑयल की यह खरीद से। यह खबर भारत के में स्ट्रीम मीडिया के लिए एक बहुत बड़ी खबर होनी चाहिए
थी लेकिन मीडिया ने तुरंत ट्रैक चेंज किया और वह हिन्दू मुस्लिम व लाउडस्पीकर पर आ गया। प्रिंट और इलेक्ट्रोनिक मीडिया ने अपने सदाबहार धार्मिक बाण का संधान कर पगलाई जनता के बीच चला दिया...हुआ यह कि देश के सभी न्यूज चैनलों वो बड़े अखबारों ने आदरणीय मोदी जी का जयकोष आरंभ कर दिया।
खबर चलने लगी कि परम पूजनीय संध्या वंदनीय मोदी जी ने अमेरिका की दादागिरी को मुंहतोड़ जबाब दे दिया है। भारत ने अमेरिकी को उसकी औकात बता दी...अमेरिका की परवाह न करते हुए मोदी जी रुस से सस्ता क्रूड आयल खरीदने का फैसला किया है। लेकिन भारत में शाम ढलते-ढलते पूरे तेल-पानी की वाट लग गई
1. उन्नाव में रेप किसने किया भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर ने, FIR किस पर दर्ज की गई?...रेप पीड़ित बच्ची पर, अंत में उसके परिवार पर ट्रक चढ़वा दिया सो अलग।
2. बलात्कार किसने किया बीजेपी के गृहमंत्री "स्वामी चिन्मयानंद" ने, एफआईआर किस पर
दर्ज हुई? पीड़ित बच्ची पर।
3. भीमा कोरेगांव में हिंसा किसने फैलाई? मोदी जी के गुरु सम्भाजी भिड़े ने। FIR किस पर हुई? पिटने वाले प्रोफेसरों, लेखकों और ऑर्गेनाइजरों पर। और उन्हें अर्बन नक्सली भी घोषित कर दिया।
4. छत्तीसगढ़ में आदिवासी सौनी सोरी के चेहरे पर तेजाब
किसने फिंकवाया? डीएसपी कल्लूरी ने। FIR किसपर की गई? पीड़ित सौनी सोरी पर (कल्लूरी का क्या हुआ? कल्लूरी का प्रमोशन हुआ)
5. अखलाक की हत्या किसने की? बीजेपी विधायक संगीत सोम समर्थक भीड़ ने। FIR किसपर दर्ज हुई? मृतक अखलाक के परिवार पर।
रुपया और डॉलर (60 रूपये से अब 75 रूपये हो गया है) बराबर करने आये थे, पेट्रोल और डीजल बराबर कर दिया !! - इसे अच्छे दिन कहते हो क्या ? चीन, नेपाल किसी के बारे में मुंह नहीं खोला जा रहा.... निंदा तक नहीं हो पा रही | चीन हमारी सीमा में घुस के बैठा है, नेपाल ने
बांधों पर काम रोक दिया है अब तो...!!! GDP 8% पकड़ाई थी इनको और अब कहाँ है ? कहाँ से कहाँ ला दिया देश को ? - जब हमने कहा था कि अच्छे दिन नहीं आने वाले हैं तो कहा गया कि बच्चा होने में भी 9 महीने तो लगते ही हैं... जब वो पूरे हो गए तो कहा गया कि अरे 70 साल का कचरा साफ़
करने में 5 साल तो लगेंगे ही और जब 5 साल बाद पूछा तो कहा कि 70 के गड्ढों को भरने में कम से कम 10 साल तो लगेंगे ?? अबे और कितना नाश मारोगे देश का ?
कपूत होता है न कपूत.... उसकी पहचान होती है कि सबसे पहले घर के बर्तन भांडे बेच देता है | देखो ज़रा... क्या क्या नहीं बेच
*संविधान में आर्टिकल 21, 37, 38, 39 और 300 के रहते केन्द्र सरकार निजीकरण नहीं कर सकती और न ही निजीकरण पर कोई कानून बना सकती। यदि सरकार संविधान का उलंघन कर निजीकरण के लिए मनमाना कानून बनाती है तो सरकार अदालतों में टिक नहीं सकती वसरते न्यायालय सही न्याय करे तो
संविधान का उलंघन देश द्रोह का अपराध है और उम्र कैद की सजा का प्रावधान है और सही निर्णय होने पर सरकार भंग हो सकती है आज अच्छी शिक्षा पा रहे सभी भारतीयों के बच्चे निजीकरण के कारण पूँजीपतियों के यहाँ 5000 के नौकर होंगे। सम्मानित साथियों संविधान सभा में इस बात पर विस्तार से चर्चा
हुई थी कि देश में प्राइवेट सेक्टर तैयार किया जाए या पब्लिक सेक्टर/ सरकारी सेक्टर संविधान सभा की पूरी बहस के बाद संविधान निर्माताओं ने यह तय किया कि देश में व्यपक स्तर पर असमानता है और असमानता को दूर करने के लिए पब्लिक सेक्टर यानि सरकारी सेक्टर तैयार किया जाए यह संविधान
#फ़र्ज़ी_कोयला_संकट#PrivatizationNoSolution पूरा पढ़े
इकलहरा खदान के कोयला भंडार में डेढ़ महीने से आग लगी है 25% कोयला जल चुका है, यूनियन एक्शन लेने के लिए आंदोलन कर रही हैँ और वेस्टर्न कोल फिल्ड लिमिटेड के महाप्रबंधक कह रहें हैं कि सब ठीक है
बाड़मेर : सोनडी व गिरल में लगातार
कोयला उत्पादन हो रहा है। ठेकेदार 2200 का ख़रीद के राजस्थान से गुजरात में ले जाकर बेच रहे हैँ।
अब भी आप विश्वास करते हैँ कि देश में कोयले कि कमी है ? दरअसल ये सारे काण्ड सरकार कि सहमति से कराये जा रहें हैँ। ताकि जनता को बताया जा सके कि देश में कोयले कि कमी है,
इस लिए विदेशों से आयात होगा, एक तरफ कोल इंडिया को प्रइवेटाइज करने का बहाना मिलेगा दूसरी तरफ प्राइवेट खनिको को खनन करने के लिए सारे नियमों कि ऐसी तैसी करने की खुली छूट मिलेगी।
इसके साथ अडानी की आस्ट्रेलिया वाली खदान का कोयला आएगा, कमी है तो रेट बढ़ गए, इस लिए बिजली के रेट