सोलो ट्रिप और घर वालों की परमिशन😅
( Thread ) After long time tried writing from girl’s perspective — Inspired by conversation between @GoldenMathur & @Nirdayiii in space :))
हम सब कहीं न कहीं
यह जवानी है दीवानी की नैना है
जो एक चिठ्ठी लिखकर
चले जाना चाहते हैं
किसी ट्रैकिंग ट्रिप पर
क्यूंकि हम बनी की तरह
घर पर नहीं कह सकते
मैं उड़ना चाहती हूँ
दौड़ना चाहती हूँ
गिरना भी चाहती हूँ
बस रुकना नहीं चाहती

लेकिन क्या फायदा
इसपर भी घरवाले कहेंगे
जो कुछ करना हो
शादी के बाद पति के साथ करना 😂
कुछ वक़्त तक शुरू शुरू मैं
समझ नहीं आता था घर वालो को
सोलो ट्रिप का कॉन्सेप्ट समझाएं
तो समझाएं कैसे
हर किसी मैं घर छोड़कर जाने
की हिम्मत नहीं होती
पहले मौक़े तलाशे जाते थे
शहर से बहार जाने के
लेकिन अब कभी जो मौका मिलता है
तो घर वालों के साथ ही वक़्त बिताती हूँ
ये कम्बख्त कोविड रिश्तो की एहमियत
सीखा गया
अब हर किसी ‘सिमरन’ के पापा
तो यह नहीं कहते
‘जा सिमरन जा, जी ले अब अपनी ज़िन्दगी’
इसलिए सिमरन अब भी ज़िन्दगी जीती है
अब भी खुशियां प्लान करती है
बहार जाने के सपने देखती है
लेकिन…मल्टीपल टिकट पर
फॅमिली के साथ
क्यूंकि शायद अब समझ आ गया है
कि अगर हम रहेंगे तो कभी न कभी
देर से ही सही कर लेंगे ख्वाहिशें पूरी

इन ख्वाहिशों के ना पुरे होने का
इतना अफ़सोस शायद फ्यूचर में न हो
जितना कलको ये अफ़सोस होगा कि
काश फॅमिली के साथ थोड़ा और समय
बिता लिया होता तो
काश मम्मी पापा के साथ कुछ और तसवीरें खिंच ली होती तो
क्यूंकि पति के साथ या अकेले
कपल ट्रिप्स या सोलो
आगे भी होंगी
बस वो तसवीरें उनके बगैर
हमेशा अधूरी होंगी
हमेशा अधूरी
और अधूरी सी ज़िन्दगी

©️ दिलीप रंगवानी #ItsRDil

• • •

Missing some Tweet in this thread? You can try to force a refresh
 

Keep Current with Dilip Rangwani 

Dilip Rangwani  Profile picture

Stay in touch and get notified when new unrolls are available from this author!

Read all threads

This Thread may be Removed Anytime!

PDF

Twitter may remove this content at anytime! Save it as PDF for later use!

Try unrolling a thread yourself!

how to unroll video
  1. Follow @ThreadReaderApp to mention us!

  2. From a Twitter thread mention us with a keyword "unroll"
@threadreaderapp unroll

Practice here first or read more on our help page!

More from @ItsRDil

Oct 22, 2022
इस बार दिवाली में घर नहीं जा रहा
( Poetry in thread )

एक मित्र से यूँही दिवाली की बात निकली ,
तो उसने कहा कि, उसकी नयी जॉब है, 
इसलिए इस बार घर नहीं जा रहा।  

बस उसी पे सोच के यह ख्याल उनके लिए
या उनकी तरफ से लिखा ,
जो नौकरी या अन्य मजबूरी से दिवाली में
घर नहीं जा सकते ।
इस बार दिवाली में घर नहीं जा रहा 
हाँ याद आएगी 
माँ की रंगोली, उनके हाथ की गुजिया 
हमारे घर की नटखट गुड़िया 
और पापा की पान की पुड़िया
वो महौले में रौशनी 
दिलों में अन्धकार 

इस धनतरेस कोई बाइक ले
रहा होगा तो कोई कार 
( और हाँ आइस-क्रीम भी , वो क्या है
आइस-क्रीम के साथ डब्बे फ्री मिलते हैं )
Read 10 tweets
Sep 8, 2022
First of all let me be clear.
I am not a Physiotherapist. But I have seen and worked closely with
Physio’s. This thread is dedicated to all the #physiotherapist working dedicatedly towards their profession.
Many times I wonder, Physiotherapist are not even considered Doctors. Specially In India I have seen this.
Read 13 tweets
Jun 3, 2021
Aapki pehli cycle ka anubhav yaad hai aapko ?? ( Thread on #WorldBicycleDay )

Vaise main yahan bacho walo 3-4 pahiya cycle nahi…par jo aapne thode bade hokar yaani 8-10 saal ki umar ke baad.. chalayi ho? us experience ki baat kar raha hoon…
Main agar meri baat karu to
main mere dost ke sath cycle rent pe lene jaya karta tha aadhe - ek ghante ke liye…aur fir society mein.. area mein... chakkar maar maar ke vaapas...

Fir apni cycle aa gayi...
Apni yaani jaisa thoda bada hua
Bhai ki cycle mujhe mil gayi...
kyunki height bhi ho gayi thi paanv barabar pahuchne lage the... bas fir kya

Kabhi kabhi main aur mera dost “Suresh” to chhutiyon me nikal padte the... 5-5 / 6-6 kms door... cycling karne... barsat ho dhoop ho sardi ho koi fikar nahi...
Read 9 tweets
May 27, 2021
( Thread )
Aaj shaam ko abhi kuch der pehle main society mein walk karne nikla tha… aur hamari society kafi badi hai to uska ek round lagbhag 1km jitna hai…
Mausam suhaana tha…thandi hawayein chal rahi thi aur mere phone ki playlist mein bajne wala song tha “Wo dekhne main kaisi seedhi saadi lagti”
Bas isi ke sath ek achhe mood se main walk kiya jaa raha tha apni hee dhun mein tha…

Aage jaa kar ek mod par maine dekha ke saamne se ek ladki aa rahi hai…
Read 11 tweets
Jan 11, 2021
कैसे कहानी लिखी जाती है ( A Thread )

सिर्फ दिन में 1 या 2 घंटे बैठ के किसी बुक / लैपटॉप या डायरी में नहीं लिखी जाती कहानी

सबसे पहले ज़हन में होती है, और अंत तक ज़हन में रहती है जब तक आखरी पन्ने पे लिखी आखरी लाइन का वो आखरी शब्द न लिखा जाय....
जब लिख नहीं रहे होते तब भी किरदार या कहानी या तो हमारे मन में ज़हन में सवाल कर रहे होते है या किसी अधूरे छोड़े संवाद को पूरा कर रहे होते हैं.
और इन सबका कोई एक फिक्स समय नहीं होता

यह टॉयलेट सीट पे भी ख्याल आता है,
सुबह वॉक पे निकलो तब भी...
कहानी और किरदार मन में चल रहे होते के जहाँ लिखना छोड़ा उसके आगे कैसे लेके जाना है.

या फिर शाम की चाय पीते पीते, खाना खाते खाते. यहाँ तक आधी रात को नींद खुलने पर भी

तब जाके कहीं ज़हन में सोची हुई कहानी
उसके किरदार उस तरह से पन्नो पर नज़र आते
जैसे सोचे जाते हैं. उसके बाद भी…
Read 7 tweets
May 20, 2020
Interesting story in memes ( thread )
Kal raat mummy ne sone se pehle kaha ke... kal subah dining table aur kursiyo ke cover utaar ke saaf kar dena..

My reaction:-
Subah uth ke chai nashta karke
Ek haath me colin... ek haath me kapda...
Tabhi mummy ne kaha...ek kaam kar
Read 8 tweets

Did Thread Reader help you today?

Support us! We are indie developers!


This site is made by just two indie developers on a laptop doing marketing, support and development! Read more about the story.

Become a Premium Member ($3/month or $30/year) and get exclusive features!

Become Premium

Don't want to be a Premium member but still want to support us?

Make a small donation by buying us coffee ($5) or help with server cost ($10)

Donate via Paypal

Or Donate anonymously using crypto!

Ethereum

0xfe58350B80634f60Fa6Dc149a72b4DFbc17D341E copy

Bitcoin

3ATGMxNzCUFzxpMCHL5sWSt4DVtS8UqXpi copy

Thank you for your support!

Follow Us on Twitter!

:(