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#ग़जवा_ए_हिंद_वाया_उत्तराखंड

#कश्मीर, #केरल और अब #उत्तराखंड, जानते हैं क्यों?

जरा गौर से देखिये ऊपर जम्मू-कश्मीर से असम तक।

एक #ग्रीन_बैल्ट बनाया जा रहा है।

इस बैल्ट में पीछे की ओर है चीन।

जी हाँ, सऊदी अरब से फंडिंग बंद हो जाने के बाद भारत के मुस्लिम (1/10)
संस्थानों को चीन द्वारा फंडिंग की जा रही है क्योंकि शक्तिशाली भारत चीन के लिए सदैव एक प्रतिद्वंदी रहेगा।

#चिकन_नेक से लेकर बिहार व उत्तरप्रदेश से होते हुए कश्मीर व लद्दाख तक एक मुस्लिम पट्टी बनाई जा रही है और इनको जोड़ने वाली कड़ी हैं हिमाचल व उत्तराखंड।

आर्म्स एंड (2/10)
इम्यूनेशन सप्लाई के लिए पूरी पट्टी न केवल चीन से प्रत्यक्ष संपर्क उपलब्ध कराएगी बल्कि पहाड़ों के कारण गुरिल्ला युद्ध भी चलाया जा सकेगा। अगले बीस वर्ष में जब यहाँ मुस्लिम जनसंख्या बढ़ जायेगी तब शुरू होगा ग़जवा ए हिंद।

1) सबसे पहले हिंदू आबादी का जातीय सफाया शुरू किया (3/10)
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#उत्तराखंड से रातों-रात 2 लाख मुस्लिम बच्चे गायब...

पिछले 50-60 वर्षों से मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को सरकार हर महीने छात्रवृत्ति देती रही है। लेकिन जैसे ही उत्तराखंड सरकार ने इन बच्चों के बैंक खातों को आधार नंबर से जोड़ने के लिए कहा, 1,95,360 बच्चे तुरंत गायब हो गए। कैसे ?👇
इन गैर-मौजूद छात्रों के नाम पर, सरकार केवल उत्तराखंड में हर साल #सारे14_करोड़_रुपये की छात्रवृत्ति वितरित कर रही थी। जो अब घटकर सिर्फ #2_करोड़ रह गई है ! आप अंदाजा लगा सकते हैं कि पिछले 50-60 सालों से देश भर में भ्रष्टाचार का कितना बड़ा स्तर चल रहा है !!!
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वर्षों से #कांग्रेस_सरकार स्पष्ट रूप से पैसे लूटती रही है और मदरसों के रूप में कमीशन का पैसा नीचे से ऊपर तक वितरित किया गया है, अन्यथा यह कैसे हो सकता है कि कांग्रेस सरकार को इस घोटाले के बारे में पता भी नहीं था और #भाजपा को आते ही पता चल गया।
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#केदारनाथ मंदिर, #उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 3,584 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। पहाड़ की चोटियों और जंगलों से घिरा यह मंदिर पंच केदार मंदिरों में एक प्रमुख स्थान रखता है। कहा जाता है कि मंदिर की वर्तमान संरचना आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित की गई थी। Image
तुंगनाथ मंदिर, उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 3,470 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। तुंगनाथ तीर्थ उस स्थान के रूप में पहचाना जाता है जहाँ भगवान शिव की भुजाएँ प्रकट हुई थीं। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान राम ने चंद्रशिला चोटी पर ध्यान लगाया था, जो तुंगनाथ मंदिर के पास है। Image
आप मंदिर की मध्यम 5 किमी की यात्रा के दौरान नंदा देवी, केदारनाथ, चौखंबा और नीलकंठ जैसी शानदार चोटियों के दृश्य देख सकते हैं।
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