Discover and read the best of Twitter Threads about #जय_जय_भारत

Most recents (8)

#अग्नि_प्राइम_बैलेस्टिक_मिसाइल

DRDO के ही एक संस्था "भारत डायनेमिक्स लिमिटेड" जो कि हैदराबाद मे स्थित है। इसी संस्था ने ही #अग्नि सीरीज मे एक नये मिसाइल को लांच किया है जिसका नाम अग्नि P अग्नी प्राइम है।

इस मिसाइल की मारक क्षमता लगभग 2000 किमी की है और यह अपने साथ लगभग (1/4)
3000 किलो के परमाणु विस्फोटक सामग्री को ले जा सकता है।

पूरी तरह आधुनिक डिजिटल सिस्टम से लैस, हैवी GPS वाली इस मिसाइल में डबल रिंग लेजर जाइरो इनर्शियल नेवीगेशन सिस्टम और गाइडेंस सिस्टम लगा हुआ है।

यह मिसाइल दुश्मन के किसी भी हथियार को ट्रैक करके अपनी स्पीड को कम और (2/4)
ज्यादा भी कर सकता है। यदि एक बार मे निशाना चूक जाये तो ये मिसाइल वापस भी उस निशाने पर अटैक कर सकता है।

भले ही इसकी रेंज अग्नि 5 जितनी नही है, पर इसमे सारे सिस्टम अग्नि 5 के ही कटगरी के लगाये गये हैं। मिसाइल को इसी शनिवार 18 दिसम्बर को उडीसा के बालासोर तट से सफलता पूर्वक (3/4)
Read 4 tweets
#एचएएल_कंबाइंड_एयर_टीमिंग_सिस्टम

हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड अब कंबाइंड एयर सिस्टम की दिशा मे तेजी से कार्यरत है। इसका शार्ट नाम #CATS है। इस सिस्टम मे एक फाईटर प्लेन, झुड UAV एवं USB के साथ मे हाई अल्टीट्युड सुडो सेटलाईट भी होगा।

इसके फाईटर प्लेन का नाम मदर शिप होगा, (1/4)
जहाँ सारे ही सिस्टम को संचालित किया जायेगा।

सुडो सेटलाईल का वजन करीब 500 किलो का होगा जो जमीन से 70 हजार फीट ऊपर जाकर स्थित रहेगा। और ये लगभग 200 किमी के क्षेत्र की सभी गतिविधियों को ये मदरशिप तक सारी जानकारी अपडेट करता रहेगा।

अपडेट को पाकर मदर शिप का काम रहेगा कि वह (2/4)
झुंड UAV और USV की मदद से उस क्षेत्र मे हमला भी कर सकता है। ऐसा माना भी जा रहा है कि भविष्य मे ड्रोन के द्वारा युद्ध ही सबसे कारगर होगा।

वैसे ये सिस्टम अब तक किसी भी देश के पास नही है, हाँ फ्रांस और अमेरिका भी ऐसा सिस्टम जरुर बना रहे हैं, पर यह यकीन है कि सबसे पहले इस (3/4)
Read 4 tweets
#विश्व_का_सबसे_ऊँचा_रेलवे_ब्रिज

वैसे तो विश्व मे सबसे ऊँचा रेलवे पुल युरोप के मोंटेनेग्रो मे 139 मीटर ऊँचा #माला_रिजेका_वायडक्ट नामक पुल है।

लेकिन अब भारत के मणिपुर में 141 मीटर ऊँचा रेलवे का पुल बन रहा है, जो 34 मंजिला मकान के बराबर है, जिस का काम इसी 2022 मे पूरा हो (1/5)
जायेगा।

दरअसल मणिपुर के #जिरीबाम_से_लेकर_इम्फाल की दुरी 220 किमी है, जो NH-37 कहा जाता है। करीब 10-12 घंटे का सफर था ये।

अब जो रेलवे का ये रास्ता बन रहा इसकी कुल लम्बाई तो 111 किमी की है, जिसमे 703 मीटर का पुल #नोनी_घाटी पर बन रहा है, जो विश्व का सबसे ऊँचा पुल होगा।
(2/5)
अब जिरीबाम से इम्फाल का रास्ता मात्र 2 से 2.5 घंटे मे ही पूर्ण हो जायेगा, जिससे निश्चित ही विकास का मार्ग भी अग्रसर होगा। इस पूरी परियोजना का निर्माण कार्य करीब 90% तक पूरा हो चुका है, शेष 10% पूरा इसी 2022 मे हो जायेगा।

वैसे खांग्रेशियों के लिये खुश होेने की बात है (3/5)
Read 5 tweets
#अटैकिंग_पनडुब्बी_जहाज_वेला

INS वेला समुंद्र मे एक ऐसी पनडुब्बी जहाज का नाम है जिसके द्वारा किये गये प्रहार से समुंद्र में कोई भी सुरक्षित नही रह सकता।

इस INS वेला की लंबाई 221 फीट है। इसका बीम 20 फीट का है, ऊंचाई 40 फीट और इसका ड्रॉट लगभग 19 फीट का है। इसमें चार "MTU (1/7)
12V 396 SE84 डीजल इंजन" लगा हुआ है।

इसमे 360X की बैटरी सेल्स हैं और इसके अलावा इसमे DRDO द्वारा बनाया गया PAFC फ्यूल सेल भी है। कुल मिलाकर इसका इंजन इतना पाॅवर फुल बनाया गया है कि इसकी स्पीड का कोई तोड ना हो। इसके इंजन को साउंड प्रूफ बनाया गया है ताकि ज्यादा आवाज भी (2/7)
12V 396 SE84 डीजल इंजन" लगा हुआ है।

इसमे 360X की बैटरी सेल्स हैं और इसके अलावा इसमे DRDO द्वारा बनाया गया PAFC फ्यूल सेल भी है। कुल मिलाकर इसका इंजन इतना पाॅवर फुल बनाया गया है कि इसकी स्पीड का कोई तोड ना हो। इसके इंजन को साउंड प्रूफ बनाया गया है ताकि ज्यादा आवाज भी
(2/7)
Read 13 tweets
#हाईड्रोजन_ईधन

आई आई टी गोहाटी ने भारत के लिये पानी से ईंधन तैयार करने का एक अनोखा तरीका विकसित कर लिया है।

आक्सीजन और हाईड्रोजन का मेल ही #पानी कहलाता है और यदि पानी मे से आक्सीजन निकाल दिया जाये तो ये मात्र हाईड्रोजन बनकर रह जाती है, जिससे इस दुनिया की कोई भी गाडी चल (1/6)
सकती है।

वैसे यह कोई अजूबा नही है। दुनिया मे कई देशो मे ही इस तकनीकि का इस्तेमाल हो रहा है। पर यह बहुत मँहगा भी पडता है। पर भारत की खोज अनोखी इसलिये है क्योंकि भारत ने कम लागत वाला तरीका ढुंढा है।

पानी से ईधन को बनाने के लिये सौर ऊर्जा से चलने वाली फोटोइलेक्ट्रोकेमिकल (2/6)
सेल की जरुरत होती है जो ईंधन के साथ बिजली भी बनाती है। यह सेल #पानी को हाईड्रोजन एवं ऑक्सीजन में तोड़ देती है। इसी #हाईड्रोजन को ईधन के रुप मे इस्तेमाल किया जाता है।

विदेशी कम्पनिया इस प्रक्रिया के लिए नोबल मेटल्स जैसे प्लेटिनम, इरिडियम और रुथेनियम का उपयोग उत्प्रेरक के (3/6)
Read 6 tweets
#एडवांस्ड_चैफ_टेक्नोलॉजी

बायां हाथ दिखाकर, सामने वाले का ध्यान बांये हाथ की ओर खींचकर, अपने दाहिने हाथ से सामने वाले के गाल पर चटाका बजाने की कला तो लगभग सभी लोगों को ही पता है।

लेकिन दुश्मन देशों के राडारों और मिसाइलों का ध्यान हटा कर अपने काम को अंजाम देने की कला (1/6)
सिर्फ DRDO की नई तकनीकि "एडवांस्ड चैफ टेक्नोलॉजी और चैफ कार्ट्रिज -118" से ही संभव है।

चैफ टैक्नोलोजी एक प्रकार के छोटे राकेट होते हैं, जिनमे शार्ट रेंज, मीडियम रेंज और लांग रेंज की क्षमता वाले तीन टाईप के चैफ होते हैं।

चाहें कोई लडाकू विमान हो, या पनडुब्बी हो या फिर (2/6)
कोई बडा समुंद्री जहाज, जब भी इनके ऊपर किसी मिसाइल या फिर किसी अन्य हथियार से कोई हमला करेगा तो ये राकेट उस हमलावर की क्षमता को पहचान कर अपने ही आसपास के क्षेत्र मे छोडे जाते हैं, जिससे हमलावर का ध्यान अपने सही निशाने से भटक कर, ये राकेट जहाँ भी फटेंगे, वही पर हमला कर देते (3/6)
Read 6 tweets
L&T एयर डिफेंस फायर कंट्रोल राडार सिस्टम :-

2014 मे जब मोदी जी की सरकार बनने के बाद 2015 मे मोदी जी ने सभी #प्राइवेट_इंजीनियरिंग कम्पनियों के साथ एक #मीटिंग करके कहा था, कि आप सब #भारत के लिये रक्षा संबधी हथियारों के निर्माण के क्षेत्र मे भी काम करिये।

इसी कडी मे (1/6)
बता दें कि :- लार्सन एंड टुब्रो कम्पनी ने बहुत बडा काम किया था। और वो काम था भारत के लिये एयर डिफैंस फायर कंट्रोल सिस्टम को बनाने का।

इस डिफेंस सिस्टम में 3D राडार लगे हैं जो निगरानी करते हैं। इसमे ट्रेकिंग राडार सिस्टम लगे हैं, जो की करीब 150 किमी तक के रेंज में किसी भी (2/6)
एयरक्राप्ट, मिसाइल और ड्रोन की ट्रेंकिग करके उसकी पूरी जानकारी तत्काल ही दे सकता है।

इस सिस्टम में #निष्क्रिय_ट्रेकिंग करने के लिये भी इलेक्ट्रो आप्टिकल सेसंर भी लगे हुये हैं। यह राडार सिस्टम गरम ना हो, इसलिये इसमे विशेष प्रकार की एयर कंडीशन के सिस्टम को भी लगाया गया है। (3/6)
Read 7 tweets
#स्वार्म_ड्रोन

स्वार्म का अर्थ होता है #झुंड और जब झुंड बनाकर हवा मे तैरा जाये तो उसे स्वार्मिंग कहते हैं। मधुमख्खियों को झुंड मे हमला करते हुये देखा होगा, पर ये ड्रोन का झुंड है जहाँ हमला करेगा, उस क्षेत्र का नामोनिशान मिटा देगा।

इस #ड्रोन का नाम #ALFA_S यानि कि "Air (1/5)
Launched flexible Asset - Swarm" है। इसे जमीन से या हवाई जहाज से या फिर किसी हेलीकाॅप्टर द्वारा भी लांच किया जा सकता है।

इसमे एक #मदर या फिर #मेन ड्रोन होती है, जिस ड्रान से सैकडों छोटे #ड्रोन बाहर निकलकर #दुश्मन पर आक्रमण कर देते हैं। भारत के DRDO ने करीब 75 मदर ड्रोन (2/5)
तैयार करके पिछले बुधवार को #झांसी मे इसका सफल परीक्षण भी कर लिया है।

यह ड्रोन करीब 50 किमी तक किसी भी क्षेत्र मे 100 KM प्रति घंटे की तेज रप्तार से #हमला कर सकता है। यह ड्रोन आत्मघाती भी होते हैं, यह जिस चीज से भी टकरा जायेंगे, उस चीज के अंदर विस्फोट करके उसे नष्ट (3/5)
Read 5 tweets

Related hashtags

Did Thread Reader help you today?

Support us! We are indie developers!


This site is made by just two indie developers on a laptop doing marketing, support and development! Read more about the story.

Become a Premium Member ($3.00/month or $30.00/year) and get exclusive features!

Become Premium

Too expensive? Make a small donation by buying us coffee ($5) or help with server cost ($10)

Donate via Paypal Become our Patreon

Thank you for your support!