Discover and read the best of Twitter Threads about #ब्राह्मण

Most recents (9)

#सनातन_अस्त्र_शस्त्र और इन सभी अस्त्र-शस्त्रों का निर्माण हमारे पूर्वज #ब्राह्मण ऋषि-मुनियों ने किया है..
#प्राचीन_भारत_में_सनातनी_अस्त्र_शस्त्र_विद्या में निपुण थे। प्राचीन काल में जिन अस्त्र-शस्त्रों का उपयोग होता था, उनका वर्णन इस प्रकार है:
#अस्त्र :
अस्त्र उसे कहते हैं,
👇 ImageImageImage
जिसे मन्त्रों के द्वारा दूरी से फेंकते हैं। वे अग्नि, गैस और विद्युत तथा यान्त्रिक उपायों से चलते हैं। दैवी अस्त्र वे आयुध हैं जो मन्त्रों से चलाये जाते हैं। प्रत्येक शस्त्र पर भिन्न-भिन्न देव या देवी का अधिकार होता है और मन्त्र-तन्त्र के द्वारा उसका संचालन होता है। वस्तुत:
👇
इन्हें दिव्य तथा मान्त्रिक-अस्त्र कहते हैं।
इन बाणों के कुछ प्रमुख रूप इस प्रकार हैं:
★"#आग्नेय"
यह विस्फोटक बाण है।यह जल के समान अग्नि बरसाकर सब कुछ भस्मीभूत कर देता है।इसका प्रतिकार पर्जन्य है।
#पर्जन्य:यह आग्नेय का प्रतिकार बाण है। यह जल बरसाकर अग्नि को शांत कर देता है।
👇
Read 9 tweets
1.
#दशहरा
🏵️ आजकल सोशल मिडिया पर एक #ट्रेंड बहुत तेजी से चल पड़ा है,
#रावण_के_बखान
– कि वो एक प्रकांड पंडित था जी!
– उसने #माता_सीता को कभी छुआ नहीं जी!
– अपनी #बहन के अपमान के लिये पूरा कुल दाव पर लगा दिया जी!
अरे भाई, माता सीता को ना छूने का कारण उसकी #भलमनसाहत नहीं...
👇👇2. Image
2.
– बल्कि #कुबेर के पुत्र #नलकुबेर द्वारा दिया गया शाप था!
🏵️ कभी लोग ये कहानी सुनाने बैठ जाते हैं कि एक मां अपनी बेटी से ये पूछती है कि तुम्हें कैसा भाई चाहिये,
बेटी का जवाब होता है👉 रावण जैसा!
जो अपनी #बहन के अपमान का बदला लेने के लिये सर्वस्व #न्योंछावर कर दे...😌
👇👇3.
3.
#भद्रजनो, ऐसा नहीं है👋
🏵️ रावण की बहन #सूर्पणंखा के पति का नाम #विधुतजिह्व था"
जो राजा #कालकेय का सेनापति था!
जब रावण तीनो लोको पर विजय प्राप्त करने निकला तो उसका युद्ध कालकेय से भी हुआ,
जिसमे उसने विधुतजिव्ह का वध कर दिया!
तब सूर्पणंखा ने अपने ही भाई को श्राप दिया कि
👇👇4.
Read 8 tweets
#कश्मीरनामा
#कश्मीर_और_कश्मीरी_पंडित
क्या #ब्राह्मण कश्मीर के मूलनिवासी हैं ?
आम तौर पर कश्मीरी पंडितों के नैरेशन में यह बताया जाता है कि कश्मीर में ब्राह्मणों के अलावा कोई जाति नहीं थी और ये ब्राह्मण कहीं और से नहीं आए थे बल्कि यहीं के मूल निवासी थे। उदाहरण के लिए 1996 से 1999+
तक कश्मीरी एसोसिएशन के अध्यक्ष तथा1997से 2000तक ऑल इंडिया कश्मीरी समाज के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहे शिया पोस्ट-ग्रेजुएट कॉलेज,लखनऊ से सेवानिवृत डॉ.बैकुंठनाथ शर्गा कश्मीरी ब्राह्मणोंको #सरस्वतीनदी के किनारे रहने वाले संत-महात्माओं की संतानें बताते हैं जो कश्मीर में जाकर2000 ईसा-पूर्व++
बस गए थे। वह इन्हे शुद्ध #आर्य नस्ल का बताते हैं और इनकी उत्पत्ति भारतीय मानते हैं। इसी आधार पर वह दावा करते हैं कि कश्मीर में सिर्फ़ ब्राह्मण निवास करते थे।
लेकिन इस दावे की बाक़ी आलोचनाओं को छोड़िये, #राजतरंगिणी का एक सावधान पाठ भी इसे आधारहीन साबित करदेता है। #कल्हण न केवल+
Read 8 tweets
#पुष्यमित्र_शुंग एक ऐसा महान #ब्राह्मण राजा जिसकी वजह से आज हिन्दू धर्म जीवित है वरना कब का पुरा हिन्दुस्तान बौद्ध धर्म अपना लेता…!

बात आज से 2100 साल पहले की है।
एक किसान ब्राह्मण के घर एक पुत्र ने जन्म लिया। नाम रखा गया पुष्यमित्र।
पूरा नाम पुष्यमित्र शुंग
और वो बना एक महान हिन्दू सम्राट जिसने भारत को बुद्ध देश बनने से बचाया।
अगर ऐसा कोई राजा कम्बोडिया, मलेशिया या इंडोनेशिया में जन्म लेता तो आज भी यह देश हिन्दू होते।जब सिकन्दर ब्राह्मण राजा पोरस से मार खाकर अपना विश्व विजय का सपना तोड़ कर उत्तर भारत से शर्मिंदा
होकर मगध की और गया था उसके साथ आये बहुत से यवन वहाँ बस गए।
अशोक सम्राट के बुद्ध धर्म अपना लेने के बाद उनके वंशजों ने भारत में बुद्ध धर्म लागू करवा दिया।
ब्राह्मणों के द्वारा इस बात का सबसे अधिक विरोध होने पर #ब्राह्मणो का सबसे अधिक कत्लेआम हुआ।
हज़ारों मन्दिर
Read 17 tweets
एक 26 वर्ष का युवा जिसकी आंखो में आरामदायक सुनहरे भविष्य के सपने होते है,उस छोटी सी उम्र में #राजेन्द्र_नाथ_लाहिडी़ ने अनेक कष्ट सहते हुए मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

अर्थशास्त्र और इतिहास जैसे विषयों से एम ए के पढ़ाई कर रहे राजेंद्र ने आजादी के लिए संघर्ष किया
और फांसी से पहले भगवद गीता पढ़ी, फंदे को चूमा और #ब्राह्मण परिवार के संस्कारों के कारण प्रखर विश्वास था कि हिंदू होने के नाते मृत्यु के बाद मेरा पुनर्जन्म स्वतंत्र भारत में होगा,
आजतक किसी को पता नहीं की उनका अंतिम संस्कार कहां किया गया
लेकिन दुर्भाग्य ये है कि ऐसे आजादी के सच्चे नायकों को देश ने लगभग भुला दिया है, जबकि अम्बेडकर जैसे लोगो पर बड़े बड़े लेख लिखे जाते है,उन्हें भारत का कर्णधार बताया जाता है।
Read 4 tweets
#तुलसीदासजी का जन्म संवत्‌ 1554 की श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन #सरयूपारीण #ब्राह्मण के परिवार में हुआ था
जन्मते समय बालक तुलसीदास रोए नहीं, किंतु उनके मुख से
#राम का शब्द निकला। उनके मुख में बत्तीसों दाँत मौजूद थे जिसे देखकर पिता अमंगल की शंका से भयभीत हो गए थे।
तुलसीदास लगभग साढ़े पाँच वर्ष अनाथ हो गए थे। ऐसी मान्यता है #माता #पार्वती ब्राह्मणी का वेश धारण कर प्रतिदिन उसके पास जातीं और उसे अपने हाथों से भोजन करा जातीं। संवत्‌ 1561 माघ शुक्ल पंचमी श्री नरहरि ने उसका यज्ञोपवीत संस्कार कराया और उनका नाम #रामबोला रखा।
बिना सिखाए ही बालक रामबोला ने #गायत्री-मंत्र का उच्चारण किया, जिसे देखकर सब लोग चकित हो गए।
अयोध्या में ही रहकर उसे विद्याध्ययन कराने लगे।
बालक रामबोला की बुद्धि बड़ी प्रखर थी। एक बार गुरुमुख से जो सुन लेते थे, उन्हें वह कण्ठस्थ हो जाता था।
Read 13 tweets
#क्या_आप_जानते_हैं
#ब्राह्मण

अक्सर ब्राह्मणों के बारे में अपशब्द, उनके किसी मरे हुए के घर खाने और उनके द्वारा किये गए कर्म कांडों को अंध विश्वास बताना एक पुरानी परंपरा है।

लेकिन, रिज़र्वेशन से मिली नॉकरियो के बाद एक नव बुद्धिजीवियों का वर्ग पैदा हुआ जिसने ये हमले तेज किए।
क्या सच में ब्राह्मण मेहनत नही करते, या लूट खसोट करते हैं?

किसी भी यजमान के घर पूजा आदि कार्य को सम्पन्न करवाने के लिए पंडित को बुलवाया जाता है।

ये पंडित ठीक वैसे जैसे हम बड़ई, लोहार, सुनार, मोची, वैद, चित्रकार आदि को बुलवाते है, जो अपने हुनर में माहिर होते हैं।
पूजा की श्रेणी और यजमान की यथा शक्ति हवन, विवाह, मुंडन, पाठ और बहुत सारे कर्म कांड वेदों के अनुसार यथा परिश्रम करते हैं।

जहां जहां यजमान के द्वारा भगवान को दान, दक्षिणा चढ़ाई जाती है उसे भगवान की आज्ञा मान कर ले लेते हैं।

आपने किसी ब्राह्मण को कहते देखा है पैसा कम मिला?
Read 13 tweets
प्रिय राघव जी @yapragun की प्रेरणा से कुछ विचार रखने की चेष्टा कर रही हूं. मैं पहले ही ये स्पष्ट कर दूँ कि मैं आधुनिकता के विरुद्ध बिल्कुल नहीं हूं. लेकिन मेरा ये मानना है कि जो अपनी जड़ों से दूर हो जाता है उसकी हालत डोर से कटी हुई पतंग की तरह हो जाती है
. हाँ जो गलत है काल संगत नहीं है उन चीजों को बदलना जरूरी है.
मशहूर साहित्यकार #शिवानी की बेटी ईरा पांडे बताती हैं, " मेरे नाना के बगल का घर डेनियल पंत का था। जो की एक #ईसाई थे।
गलत ये नहीं उनका ईसाई होना, संस्कृति का फर्क़ है.
हमारे दकियानुसी नाना ने उनकी दुनिया को हमारी दुनिया से अलग करने के लिए हमारे घरों के बीच एक दीवार बना दी थी। हमें सख्त हिदायत थी कि हम दूसरी तरफ देखे भी नहीं।

अभी ऐसे कोई बोले तो न कोई सुनेगा या तो लंबा भाषण देगा, लेकिन नानी ने ऐसे क्यों कहा ये कोई सोचेगा नहीं..
Read 15 tweets
Small steps to protect #Dharma
1. Take time to teach your children or those in neighbourhood what you know about #tradition & make them do something related to it practically.
2. Follow daily #Achara , at least few of them (स्नान &सन्ध्या ) with devotion & concentration.
3. Contemplate on the ill effects of following what most people take as norm of modernity. #Depression and #anxiety are almost synonymous to the "modern lifestyle"
4. Put some effort to practice non-greediness if you feel greed of prestige, power or penny is ruling you
5. Take time to look into the inner core of yourself. Is it full of gratefulness for what you are doing/ the life you have got to live ? If answer is no, then something more important is missing in your life. May be you are doing what is not suitable to your #स्वभाव/ #स्वधर्म
Read 10 tweets

Related hashtags

Did Thread Reader help you today?

Support us! We are indie developers!


This site is made by just two indie developers on a laptop doing marketing, support and development! Read more about the story.

Become a Premium Member ($3.00/month or $30.00/year) and get exclusive features!

Become Premium

Too expensive? Make a small donation by buying us coffee ($5) or help with server cost ($10)

Donate via Paypal Become our Patreon

Thank you for your support!