Discover and read the best of Twitter Threads about #महाभारत

Most recents (18)

#महाभारत घर मे नही रखनी चाहिए,यह अफ़वाह 🐕‍🦺वामपंथी राक्षसों ने फैलाई है...जबकि महाभारत में भगवान श्रीमन्न नारायण ने व्यास रूप में स्पष्ट कहा है..
"जयो नामेतिहासोऽयं श्रोतव्योविजिगीषुणा"
अर्थ- जिसे विजय चाहिए,वह जयग्रँथ (महाभारत) का पाठन एवं श्रवण अवश्य करना चाहिए।
@assampriya
👇
इसके अलावा भी महाभारत पाठ के असंख्य लाभ भगवान विष्णु ने बताएं है.
#नंदी_की_प्रतीक्षा
महंत पन्ना कुंए मे कूदने से पहले नंदी के पास गए, आँखे बंद की और उनके कान में कहने लगे, ' विपत्ति भगवान राम पर भी पड़ी थी त्रिलोक स्वामिनी माता सीता को रावण हर ले गया था।जब हनुमान जी
👇
माता की खोज में अशोक वाटिका पहुँचे और उन्हें अपने साथ चलने के लिए कहा तो माता ने मना कर दिया और कहा सीता की प्रतीक्षा ही श्रीराम द्वारा लंका के विनाश की प्रेरणा बनेगी। यदि तुम्हारे साथ मैं जाउंगी तो कदाचित मुझे पाकर श्रीराम वापस चले जाएंगे इसलिए हे पुत्र मुझे प्रतीक्षा
👇
Read 12 tweets
क्या हमें महाभारत काल में ग्रहण का उल्लेख मिलता है?
हाँ…लेकिन कैसे ???

“पांडवों और कौरवों के बीच लड़ाई 18 दिनों तक चली।
महाभारत में इस संदर्भ में कहा गया है कि युद्ध के दौरान...
#महाभारत
#पूर्णिमा और आने वाले पूर्ण #सूर्य_ग्रहण के बीच का अंतर सिर्फ 13 दिन था (कुरुक्षेत्र के क्षेत्र में ग्रहण देखा जाना था)
“महाभारत में, भगवान #कृष्ण सूर्य और चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटनाओं से पूरी तरह परिचित थे। और उसने अपने ज्ञान का उपयोग #अर्जुन के पुत्र #अभिमन्यु के हत्यारे
जयद्रथ को धोखा देने के लिए किया, ताकि वह समय सीमा के भीतर अर्जुन के सामने अच्छी तरह से पेश आए, जिससे व्याकुल अर्जुन ने उसे मारने की कसम खाई थी। युद्ध के मैदान में एक निहत्थे और अभिमन्यु को मारने के बाद, जयद्रथ लापता हो गया था क्योंकि व्याकुल अर्जुन ने अगले दिन
Read 8 tweets
यदि #महाभारत पढ़ने का समय न हो तो भी, इसके नौ सार, सूत्र को ही समझ लेना है। हमारे जीवन में ये उपयोगी सिद्ध हो सकते हैं।

1. संतानों की गलत माँग व हठ पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया तो, अंत में आप असहाय हो जायेंगे:- #कौरव
(1/5)

Full Video Link:
2. आप भले ही कितने बलवान हों लेकिन अधर्म के साथ हो तो आपकी विद्या, अस्त्र-शस्त्र, शक्ति और वरदान सब निष्फल हो जायेंगे :- #कर्ण

3. संतानों को इतना महत्वाकांक्षी मत बना दो कि विद्या का दुरुपयोग कर स्वयंनाश व सर्वनाश को आमंत्रित करें :- #अश्वत्थामा

4. कभी किसी को ऐसा वचन (2/5)
मत दो कि आपको अधर्मियों के आगे समर्पण करना पड़े :- #भीष्म_पितामह

5. संपत्ति, शक्ति, सत्ता का दुरुपयोग व दुराचारियों का साथ, अंत में स्वयंनाश के दर्शन कराता है :- #दुर्योधन

6. मुद्रा, मदिरा, अज्ञान, मोह व काम यदि अंधे व्यक्ति में हो तो स्वयं के साथ सत्ता को भी विनाश (3/5)
Read 7 tweets
1.
आजकल टीवी पर प्रसारित हो रहा #राधा_कृष्ण सीरियल बहुत घटिया सोच वालों ने, सिर्फ अपनी जेबें भरने के लिए बनाया है!
इसका विरोध करके इसे बंद करवाना चाहिए.. ● इस सीरियल में गलत कहानी दिखाई जा रही है, लेकिन हैरानी की बात है उसका विरोध कोई भी #हिंदू नहीं कर रहा है😴
क्यों?
Cont..2 Image
2.
● इस सीरियल में भगवान #श्रीकृष्ण का चरित्र एक मनचला, फ्लर्ट करने वाले युवक का दिखाया जा रहा है,
जो कि पूरी तरह से आपत्तिजनक है,
बड़े बड़े भाषण देने वाले, वेद पुराणों के परम ज्ञाता साधु संत क्यों चुप्पी साधे हुए हैं?
● इस सीरियल में मनगढ़ंत कहानी बनाकर लोगों को....
Cont...3
3.
दिखाई जा रही है जिसका उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन करके पैसे कमाना है!
● सीरियल के अब तक 700 से ज्यादा एपिसोड हो चुके हैं, हर एपिसोड मिर्च मसाला लगाकर बनाया जा रहा है!
सीरियल शुरू होने से पहले एक Disclaimer भी आता है जिसमें लिखा होता है यह सिर्फ मनोरंजन के लिए है
@BablieV
Cont..4
Read 12 tweets
प्रकृति ने अजीबोगरीब खजाना छिपा रखा है!
यह #पांडवारा_बत्ती (पांडवों की मशाल) है, एक ऐसा पौधा जिसे #महाभारत के #पांडवों ने अपने वनवास के दौरान चिमनी की मशाल के रूप में इस्तेमाल करने के लिए रखा था।

आप इसकी ताज़ी हरी पत्ती के साथ भी एक मशाल जला सकते हैं - ImageImageImage
पत्ती की नोक पर लगाया जाने वाला तेल की एक बूंद प्रकाश को एक बाती की तरह काम करने लगती है।

#भारत और #श्रीलंका में केवल #पश्चिमी_घाट के भीतर पाया जाने वाला यह पौधा तमिलनाडु के #अय्यर_मंदिर और #भैरवर_मंदिर की तरह कई दक्षिण भारतीय मंदिरों में उपयोग किया जाता है।
आमतौर पर पश्चिमी घाट के फ्रांसीसी शहतूत, बड़े ऊनी माल्यायन बकाइन, मखमली ब्यूटीबेरी के रूप में जाना जाता है।

▪️कन्नड़: आरती गिदा, डोड्डा नाथड़ा गिदा, इबनें गिदा, पांडवरा बथि, ऋषिपथरी

▪️ कोंकणी: आयुसार

▪️ मलयालम: कटुत्तेकु, नाय-काकुम्पी, पुलियन्थेक्कु
Read 4 tweets
यदि आपके पास "#महाभारत" को पढ़ने का समय न हो या आपके लिए उपलब्ध न हो, तो भी इसके नौ सार- सूत्र हमारे जीवन में अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो सकते है :-

1• संतानों की गलत माँग और हठ पर समय रहते अंकुश नहीं लगाया गया, तो अंत में आप असहाय हो जायेंगे।
उदाहरण - कौरव। गांधारीकौरव
2• आप भले ही कितने बलवान हो लेकिन अधर्म के साथ हो तो, आपकी विद्या, अस्त्र-शस्त्र शक्ति और वरदान सब निष्फल हो जायेगा।
उदाहरण - कर्ण।

3• संतानों को इतना महत्वाकांक्षी मत बना दो कि विद्या का दुरुपयोग कर स्वयंनाश कर, सर्वनाश को आमंत्रित करे।
उदाहरण - अश्वत्थामा। कर्णआश्वसथामा
4• कभी किसी को ऐसा वचन मत दो कि आपको अधर्मियों के आगे समर्पण करना पड़े।
उदाहरण - भीष्म पितामह।

5• संपत्ति, शक्ति व सत्ता का दुरुपयोग और दुराचारियों का साथ अंत में स्वयंनाश का दर्शन कराता है।
उदाहरण - दुर्योधन। भीष्म पितामहदुर्योधन
Read 7 tweets
#गणपति क्यों बिठाते हैं ?
हम सभी हर साल गणपति की स्थापना करते हैं, साधारण भाषा में गणपति को बैठाते हैं। लेकिन क्यों? किसी को मालूम है क्या?
जानिए👇

हमारे धर्म ग्रंथों के अनुसार, महर्षि #वेद_व्यास ने #महाभारत की रचना की है, लेकिन लिखना उनके वश का नहीं था।......2
अतः उन्होंने श्री #गणेशजी की आराधना की और गणेशजी से महाभारत लिखने की प्रार्थना की। गणेशजी ने सहमति दे दी और दिन-रात लेखन कार्य प्रारम्भ हुआ। इस कारण गणेशजी को थकान तो होनी ही थी, लेकिन उन्हें पानी पीना भी वर्जित था।

अतः गणेशजी के #शरीर_का_तापमान नहीं बढ़े.....3
इसलिये वेदव्यास जी ने उनके शरीर पर मिट्टी का लेप किया और भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणेशजी की पूजा की।
मिट्टी का लेप सूखने पर गणेशजी के शरीर में #अकड़न आ गई, इसी कारण गणेशजी का एक नाम #पार्थिव_गणेश भी पड़ा।

ये लेखन कार्य 10 दिनों तक चल अनंत चतुर्दशी को संपन्न हुआ।
....4
Read 6 tweets
अंतिम सांस गिन रहे #जटायु ने कहा कि "मुझे पता था कि मैं #रावण से नही जीत सकता लेकिन फिर भी मैं लड़ा ..यदि मैं नही लड़ता तो आने वाली #पीढियां मुझे कायर कहतीं"
जब रावण ने जटायु के दोनों पंख काट डाले... तो मृत्यु आई और जैसे ही मृत्यु आयी... तो गिद्धराज जटायु ने मृत्यु को ललकार कहा..
"खबरदार ! ऐ मृत्यु ! आगे बढ़ने की कोशिश मत करना..!मैं तुझ को स्वीकार तो करूँगा... लेकिन तू मुझे तब तक नहीं छू सकती...जब तक मैं माता #सीता जी की "सुधि" प्रभु "#श्रीराम" को नहीं सुना देता...!

मौत उन्हें छू नहीं पा रही है...काँप रही है खड़ी हो कर...मौत तब तक खड़ी रही, काँपती रही...
यही इच्छा मृत्यु का वरदान जटायु को मिला ।

किन्तु #महाभारत के #भीष्म_पितामह छह महीने तक बाणों की #शय्या पर लेट करके मृत्यु की प्रतीक्षा करते रहे...आँखों में आँसू हैं ...वे पश्चाताप से रो रहे हैं...भगवान मन ही मन मुस्कुरा रहे हैं...!
कितना अलौकिक है यह दृश्य... #रामायण मे जटायु
Read 8 tweets
ऋषि सोमश्रव को राजा जनमेजय और ऋषि धौम्य के शिष्यों की गुरु भक्ति द्वारा हस्तिनापुर के पुरोहित के रूप में चुना गया था।

#महाभारत सीरीज अध्याय ३

इस धागे में कई कहानियां आपस में उलझी हुई हैं। राजा जनमेजय अपने भाइयों के साथ पूजा करने बैठे थे
जब दिव्य शर्मा का पुत्र वहाँ आया।

जनमेजय के भाइयों ने एक कुत्ते को बिना वजह पीटा। कुत्ते ने माँ से शिकायत की जिसने बदले में जनमेजय को शाप दिया लेकिन जनमेजय को शाप के बारे मैं पता नही था कि उसे शाप क्या दिया गया है अब वो भय मैं रहने लगा
भय का कारण पता नही होने के कारण से
चिंतित परीक्षित का पुत्र अब हस्तिनापुर लौटने पर पुरोहित की तलाश में निकल पड़ा।

वह ऋषि श्रुतश्रवा के आश्रम में गया, जिनका सोमश्रवा नाम का एक पुत्र था। जनमेजय ने ऋषियों की अनुमति से उन्हें अपना पुरोहित नियुक्त किया।
Read 13 tweets
सामंतपंचक क्षेत्र, अक्षौहिणी सेना गणना और महाभारत के विभिन्न पर्वों के बारे में जानकारी

#महाभारत सीरीज

एक बार भगवान परशुराम अपने पितरों का तर्पण कर रहे थे। इसके बाद रिचिक और पितृगण परशुराम जी के पास आए और उनसे से वरदान मांगने को कहा
उन्हें। तब परशुराम जी ने कहा कि अतीत में किए गए पापों के लिए उन्हें पाप मुक्त किया जाना चाहिए। साथ ही उनके द्वारा बनाया गया तालाब पूरी पृथ्वी पर प्रसिद्ध हो। जिस क्षेत्र में यह तालाब स्थित है उसे सामंतपंचक कहते हैं।
यह वही स्थान है जहां कौरवों और पांडवों के बीच युद्ध हुआ था।

एक अक्षौहिणी सेना की गणना इस प्रकार है:-
१) एक अक्षौहिणी सेना में २१,८७० रथ और हाथी होते हैं।
2) एक अक्षौहिणी सेना में 1,09,350 पैदल सैनिक होते हैं।
Read 8 tweets
महाभारत पुस्तक कैसे बनाई गई और इसकी उत्पत्ति

#महाभारत

एक बार की बात है नैमिषारण्य में बहुत से मुनि बैठे थे और तपस्या कर रहे थे। उस समय ऋषि उग्रश्रव (लोमहर्षण के पुत्र) वहाँ आए थे, वे पुराणों के विद्वान और कथावाचक भी थे।
हर कोई बहुत खुश था और उन्हें सुनना चाहता था। सभी मुनियों ने उनका स्वागत किया और पूछा कि तुम्हारा यह भाग्यशाली चरण कहाँ से आ रहा है?

उग्रश्रव जी ने उत्तर दिया कि वह उस स्थान से आ रहे हैं जहाँ वेद व्यास ने महाभारत ग्रंथ को व्यवस्थित रूप से सुनाया था।
सभी मुनियों ने अनुरोध किया कि वे भी इस महाभारत को सुनना चाहते हैं जहां वेदों के गहरे अर्थ का उल्लेख किया गया है।

उग्रश्रव जी ने कहा "महाभारत के श्लोक लौकिक-वैदिक संस्कृत के संयोजन के साथ हैं।"

महाभारत के निर्माण के बाद वेद व्यास के मन में यह विचार आया की
Read 16 tweets
वृक्षोंमें पाञ्चभौतिकता की सिद्धि -

भगुजीने कहा - मुने । यद्यपि #वृक्ष ठोस जान
पड़ते हैं तो भी उनमें #आकाश हैं , इसमें संशय नहीं है ।
इसीसे उनमें नित्यप्रति फल - फूल आदिकी उत्पत्ति
सम्भव हो सकती है।
वृक्षोंके भीतर जो #ऊष्मा या गर्मी है , उसीसे उनके
पत्ते , छाल , फल फूल , कुम्हलाते हैं , मुरझाकर झड़ जाते
; इससे उनमें #स्पर्श का होना भी सिद्ध होता है।
यह भी देखा जाता है कि वायु , अग्नि और
बिजलीकी कड़क आदि भीषण शब्द होनेपर वृक्षोंके
फल - फूल झड़कर गिर जाते हैं । #शब्द का ग्रहण तो
श्रवणेन्द्रियसे ही होता है ; इससे यह सिद्ध हुआ कि वृक्ष
भी सुनते हैं।
Read 7 tweets
राजा इन ३६ गुणोंसे सम्पन्न होनेकी चेष्टा करे -

१ - #धर्म का आचरण करे , किंतु कटुता न आने दे
२ - #आस्तिक रहते हुए दूसरों के साथ प्रेमका बर्ताव न छोड़े
३ - क्रूरताका आश्रय लिये बिना ही #अर्थ - संग्रह करे
४ - #मर्यादा का अतिक्रमण न करते हुए ही विषयोंको भोगे
सुखकी प्राप्ति करानेवाले छत्तीस गुणोंका वर्णन-

५ - दीनता न लाते हुए ही प्रिय #भाषण करे
६- #शूरवीर बने , किंतु बढ़ - बढ़कर बातें न बनावे
७- #दान दे , परंतु अपात्रको नहीं
८ - #साहसी हो , किंतु निष्ठुर न हो
९- #दुष्टों के साथ मेल न करे
१० - बन्धुओं के साथ लड़ाई - #झगड़ा न ठाने ।
११ - जो राजभक्त न हो , ऐसे #गुप्तचर से काम न ले
१२ - किसीको #कष्ट पहुँचाये बिना ही अपना कार्य करे
१३ - दुष्टोंसे अपना #अभीष्ट कार्य न कहे
१४ - अपने गुणोंका स्वयं ही वर्णन न करे
१५ - श्रेष्ठ पुरुषोंसे उनका #धन न छीने
१६ - नीच पुरुषोंका #आश्रय न ले
Read 7 tweets
राजनीतिके छ : #गुण होते हैं - #सन्धि , #विग्रह , #यान , #आसन , #द्वैधीभाव और #समाश्रय । इन सबके गुण - दोषोंका अपनी बुद्धिद्वारा सदा निरीक्षण करे।

यदि शत्रुपर चढ़ाई की जाय और वह अपनेसे बलवान् सिद्ध हो तो उससे मेल कर लेना #सन्धि नामक गुण है ।

#शान्तिपर्व
#महाभारत
यदि दोनोंमें समान बल हो तो लड़ाई जारी रखना #विग्रह है ।

यदि शत्रु दुर्बल हो तो उस अवस्थामें उसके दुर्ग आदि पर जो आक्रमण किया जाता है , उसे #यान कहते हैं ।
यदि अपने ऊपर शत्रुकी ओरसे आक्रमण हो और शत्रुका पक्ष प्रबल जान पड़े तो उस समय अपनेको दुर्ग आदिमें छिपाये रखकर जो आत्मरक्षा की जाती है , वह #आसन कहलाता है।
Read 5 tweets
राजासे जीविका चलानेवाले #सेवक अधिक मुंहलगे हो जानेपर मालिकका अपमान कर बैठते हैं । वे अपनी मर्यादामें स्थिर नहीं रहते और स्वामीकी आज्ञाका उल्लंघन करने लगते हैं।

#शान्तिपर्व
वे जब किसी कार्यके लिये भेजे जाते हैं तो उसकी सिद्धिमें संदेह उत्पन्न कर देते हैं । राजाकी गोपनीय त्रुटियोंको भी सबके सामने ला देते हैं । जो वस्तु नहीं मांगनी चाहिये उसे भी मांग बैठते हैं , तथा राजाके लिये रक्खे हुए भोज्य पदार्थोंको स्वयं खा लेते हैं।

#शान्तिपर्व
राज्यके अधिपति भूपालको कोसते हैं , उनके प्रति क्रोधसे तमतमा उठते हैं ; घूस लेकर और धोखा देकर राजाके कार्योंमें विघ्न डालते हैं। वे जाली आज्ञापत्र जारी करके राजाके राज्यको जर्जर कर देते हैं । रनवासके रक्षकोंसे मिल जाते हैं अथवा उनके समान ही वेशभूषा धारण करके वहाँ घूमते फिरते हैं।
Read 11 tweets
महाभारतात असे म्हंटले आहे की सुमारे ८०% मनुष्यबळ युद्धाच्या अठराव्या दिवशी मृत्युमुखी पडले होते.

#महाभारत Image
जेव्हा युद्ध संपले तेव्हा संजय युद्ध झाले तिथे म्हणजेच कुरुक्षेत्राच्या मैदानात आला. त्याचा मनात शंका आलेली होती की हे युद्ध खरंच झाले आहे का? खरंच एवढा मोठा नरसंहार झालेला आहे का? ती हिच जागा आहे का जिथे सामर्थ्यवान पांडव आणि भगवान श्रीकृष्ण उभे होते?
ही तीच जागा आहे का जिथे श्रीमद्भगवत गीता सांगितली गेली? हे सगळे खरंच झाले आहे की मला तसा भ्रम होतोय??
"तुला कधीच ह्याचे सत्य माहित होणार नाही!!", एक शांत वयोवृद्ध आवाज त्याचा कानी पडला. संजयने आवाज आलेल्या दिशेला पाहिले तर त्याला एक साधू तिथे दिसला.
Read 13 tweets
@harishrawatcmuk @BJP4India @tsrawatbjp @narendramodi @AiryKashi @nitin_gadkari @TIRATHSRAWAT @MahendraRishi @PMOIndia @MalaRajyaShah @AjaybhattBJP4UK @AjayTamtaBJP #हेमवती_नंदन_बहुगुणा जी को जन्म जयंती पर नमन !

एक कद्दावर नेता जो #नेहरू_नकली_गांधी वंश की भेंट चढ़ गए ...

नेता के तौर पर और उनके व्यक्तित्व के अधिकतर पहलुओं को हमेशा नमन रहेगा...
लेकिन,
अधिकतर बड़े नेताओं की तरह वो भी कुल गोत्र की मर्यादा नहीं रख पाए !

Image
@harishrawatcmuk @BJP4India @tsrawatbjp @narendramodi @AiryKashi @nitin_gadkari @TIRATHSRAWAT @MahendraRishi @PMOIndia @MalaRajyaShah @AjaybhattBJP4UK @AjayTamtaBJP शराब को बढ़ावा की नीति से
#पहाड़ों_में_बदलाव
👇
शराबियों के हुड़दंग से बचने के लिए,
10-15 सालों में पहाड़ों में दिन में #विवाह हो रहे!

और अब
#रोजगार के नाम पर
#अपसंस्कृति_वाले_धंधों
के लिए #Uttarakhand Govt में लॉबिंग🤔

हे #बद्री_केदार,
#देवभूमि को बचाना!
@harishrawatcmuk @BJP4India @tsrawatbjp @narendramodi @AiryKashi @nitin_gadkari @TIRATHSRAWAT @MahendraRishi @PMOIndia @MalaRajyaShah @AjaybhattBJP4UK @AjayTamtaBJP #हरदा @harishrawatcmuk
को जन्मदिन की शुभकामनाएं!

#करप्शन #तुष्टीकरण #शराब जैसे कई कारणों से उनसे विरोध है,
लेकिन ज़मीन से जुड़ा उनके स्तर का कोई दूसरा नेता नहीं #देवभूमि का!
#गैरसैंण में जो झंडा उन्होंने गाड़ा है उसे और ऊंचा करने के सिवा कोई चारा ही नही !
Read 10 tweets

Related hashtags

Did Thread Reader help you today?

Support us! We are indie developers!


This site is made by just two indie developers on a laptop doing marketing, support and development! Read more about the story.

Become a Premium Member ($3.00/month or $30.00/year) and get exclusive features!

Become Premium

Too expensive? Make a small donation by buying us coffee ($5) or help with server cost ($10)

Donate via Paypal Become our Patreon

Thank you for your support!