Discover and read the best of Twitter Threads about #श्रीराम

Most recents (8)

#श्रामणी_के_राम आखरी भाग
प्रभु को बेर देने के लिए शबरी ने मुट्ठी भरी ही थी कि अचानक....उसे याद आया, कल ऋषिपुत्रों ने उससे शिकायत की थी कि बेर मीठे नही हैं। शबरी के मष्तिष्क में स्मरण और हृदय में असमंजस एक साथ ही आया। कहीं प्रभु को भी बेर मीठे न लगे तो ये क्या सोचेंगे।शबरी की
👇
मुट्ठी खुली ओर बेर वापस टोकरी में गिर गए। ऊपर बैठे राम देखकर मंद-मंद मुस्कुरा रहे थे। सहसा, शबरी ने एक बेर उठाया और उसका छोटा सा हिस्सा अपने दांतों तले दबाकर चखा। जब उसे ये विश्वास हो गया कि बेर कड़वे नही हैं तो उसके आंख ओर नयन दोनों राम की ओर बढ़े। पर राम..
राम अब राम नही थे
👇
और शबरी भी तो अब शबरी नही थी। चन्द क्षणों में ही राम अवध के "रामलला" बन गए थे। शबरी में भी अब माता कौशल्या, कैकेयी ओर सुमित्रा तीनों की मिश्रित छवि उभर आई थी। रामलला चौकी से उतरकर नीचे शबरी के समक्ष बैठ गए। प्रेमपूर्वक माता का हाथ पकड़ा और बेर का भोग लगाया। शबरी के नयन उसके
👇
Read 6 tweets
[#Thread]
पोस्ट पूरी अवश्य पढ़ें:- इस #लोकतंत्र में स्वतंत्र राजनीतिक विचारधारा एवं राजनीतिक दल के निर्माण से #क्षत्रिय समाज को डर क्यों लगता है?
जबकि #यूरोपीय अर्थशास्त्री #एंगुस मेडिसिन के अनुसार क्षत्रियों के शासनकाल तक यह देश विश्व की सबसे #बड़ी
अर्थव्यवस्था (विश्व की जीडीपी का लगभग 35%)का निर्माता था।

लोकतंत्र की स्थापना से पूर्व क्षत्रिय समाज ने संक्रमण काल में #राम_कृष्ण_बुद्ध_महावीर के रूप में स्वतंत्र विचारधारा का नेतृत्व किया है।

लेकिन वर्तमान लोकतंत्र में विभिन्न विचारधाराओं
के #अधीन कार्य करके ही क्षत्रिय समाज खुश है। जबकि यह विचारधाराएं सभी वर्गों को जोड़ने में एवं देश को आर्थिक ताकत बनाने में #असफल रही हैं।

इस राष्ट्र के सभी वर्गों को जोड़ने के लिए और उनमें समन्वय स्थापित करने के लिए , एक बार क्षत्रियों को एक स्वतंत्र राजनीतिक विचारधारा
Read 14 tweets
#भक्तीसाठी_बळी
सध्या सगळ्यांना देशभक्ती मध्ये तोलून ठरवलं जातं की कोण देशभक्त आणि कोणाला पाकिस्तानचा विसा द्यायचा. अशी ही देशभक्ती म्हणजे सरकारवरच एकतर्फी प्रेम ज्याच्यात तरुण पोरं स्वत:ला हीरो समजून एक पाय घासत #श्रीवल्ली म्हणल्यासारखं घसा ताणून #श्रीराम म्हणत आहेत.
मुलांना लहानपणीच ट्युशन लावणारे, अभ्यासासाठी वेगळी रूम बांधणारे, कॉम्प्युटर्स घेऊन देणारे, पैसे भरून मुलांना चांगल्या कॉलेजला पाठवणारे, नौकरीसाठी सोनं मोडून पैसे देणारे, खोटी प्रमाणपत्र तयार करणारे, सरकारी नौकरीवाला जावई शोधणारे लोकं नौकऱ्या नाही तरी पण ढिम्म?
घरी पार्किंगपेक्षा जास्त गाड्या घेऊन घरातल्या प्रत्येकाची सोय होईल हे पाहणारे पेट्रोल डिझेलचे दर वाढले तरी बोलायला तयार का नाही ? कुटुंबासोबत फिरायला जाणं कमी झालं आहे, वाढदिवसाच्या पार्ट्या आता कमी लोकांत होतात, करोनामुळे लग्न खर्च तरी कमी झाला त्याचंच काय समाधान आहे.
Read 11 tweets
1.
#दशहरा
🏵️ आजकल सोशल मिडिया पर एक #ट्रेंड बहुत तेजी से चल पड़ा है,
#रावण_के_बखान
– कि वो एक प्रकांड पंडित था जी!
– उसने #माता_सीता को कभी छुआ नहीं जी!
– अपनी #बहन के अपमान के लिये पूरा कुल दाव पर लगा दिया जी!
अरे भाई, माता सीता को ना छूने का कारण उसकी #भलमनसाहत नहीं...
👇👇2. Image
2.
– बल्कि #कुबेर के पुत्र #नलकुबेर द्वारा दिया गया शाप था!
🏵️ कभी लोग ये कहानी सुनाने बैठ जाते हैं कि एक मां अपनी बेटी से ये पूछती है कि तुम्हें कैसा भाई चाहिये,
बेटी का जवाब होता है👉 रावण जैसा!
जो अपनी #बहन के अपमान का बदला लेने के लिये सर्वस्व #न्योंछावर कर दे...😌
👇👇3.
3.
#भद्रजनो, ऐसा नहीं है👋
🏵️ रावण की बहन #सूर्पणंखा के पति का नाम #विधुतजिह्व था"
जो राजा #कालकेय का सेनापति था!
जब रावण तीनो लोको पर विजय प्राप्त करने निकला तो उसका युद्ध कालकेय से भी हुआ,
जिसमे उसने विधुतजिव्ह का वध कर दिया!
तब सूर्पणंखा ने अपने ही भाई को श्राप दिया कि
👇👇4.
Read 8 tweets
अंतिम सांस गिन रहे #जटायु ने कहा कि "मुझे पता था कि मैं #रावण से नही जीत सकता लेकिन फिर भी मैं लड़ा ..यदि मैं नही लड़ता तो आने वाली #पीढियां मुझे कायर कहतीं"
जब रावण ने जटायु के दोनों पंख काट डाले... तो मृत्यु आई और जैसे ही मृत्यु आयी... तो गिद्धराज जटायु ने मृत्यु को ललकार कहा..
"खबरदार ! ऐ मृत्यु ! आगे बढ़ने की कोशिश मत करना..!मैं तुझ को स्वीकार तो करूँगा... लेकिन तू मुझे तब तक नहीं छू सकती...जब तक मैं माता #सीता जी की "सुधि" प्रभु "#श्रीराम" को नहीं सुना देता...!

मौत उन्हें छू नहीं पा रही है...काँप रही है खड़ी हो कर...मौत तब तक खड़ी रही, काँपती रही...
यही इच्छा मृत्यु का वरदान जटायु को मिला ।

किन्तु #महाभारत के #भीष्म_पितामह छह महीने तक बाणों की #शय्या पर लेट करके मृत्यु की प्रतीक्षा करते रहे...आँखों में आँसू हैं ...वे पश्चाताप से रो रहे हैं...भगवान मन ही मन मुस्कुरा रहे हैं...!
कितना अलौकिक है यह दृश्य... #रामायण मे जटायु
Read 8 tweets
#तुलसीदासजी का जन्म संवत्‌ 1554 की श्रावण शुक्ल सप्तमी के दिन #सरयूपारीण #ब्राह्मण के परिवार में हुआ था
जन्मते समय बालक तुलसीदास रोए नहीं, किंतु उनके मुख से
#राम का शब्द निकला। उनके मुख में बत्तीसों दाँत मौजूद थे जिसे देखकर पिता अमंगल की शंका से भयभीत हो गए थे।
तुलसीदास लगभग साढ़े पाँच वर्ष अनाथ हो गए थे। ऐसी मान्यता है #माता #पार्वती ब्राह्मणी का वेश धारण कर प्रतिदिन उसके पास जातीं और उसे अपने हाथों से भोजन करा जातीं। संवत्‌ 1561 माघ शुक्ल पंचमी श्री नरहरि ने उसका यज्ञोपवीत संस्कार कराया और उनका नाम #रामबोला रखा।
बिना सिखाए ही बालक रामबोला ने #गायत्री-मंत्र का उच्चारण किया, जिसे देखकर सब लोग चकित हो गए।
अयोध्या में ही रहकर उसे विद्याध्ययन कराने लगे।
बालक रामबोला की बुद्धि बड़ी प्रखर थी। एक बार गुरुमुख से जो सुन लेते थे, उन्हें वह कण्ठस्थ हो जाता था।
Read 13 tweets
कार्तिक मास, कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को,
वराह पुत्र नरकासुर ने अपने वध से पहले
#श्रीकृष्ण के समक्ष इच्छा प्रकट की,
कि, उसकी दुष्‍ट प्रवृत्तियां को #नरक_चतुर्दशी के रूप में, हर व्यक्ति,
‘अपनी बुराइयों के अन्त के उत्सव’ के रूप में मनाए।
समस्त भारतीयों को #दीपावली की शुभकामनाएँ🙏🏻
#नरक_चतुर्दशी को ही भगवान श्रीविष्णु ने राजा बलि को वामन अवतार में प्रकट होकर,हर वर्ष दर्शन देने का आशीर्वाद दिया🙏🏻

कार्तिक कृष्णपक्ष चतुर्दशी की अर्धरात्रि को अंजनी पुत्र श्रीहनुमान जी का जन्म भी हुआ🙏🏻

विष्णु-लक्ष्मी, हनुमान, यमराज जी की पूजा भारतीयों केलिए शुभ हो #दीपावली
कार्तिक मास,कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी पर समुद्र मंथन से श्रीधनवंतरी प्रकट हुए
दो दिन पश्चात् महालक्ष्मी प्रकट हुयीं,तभी से अमावस पर उनके स्वागत के लिए दीपक जलाए जाते हैं
द्वापर युग में नरकासुर वध करके लौटने पर श्रीकृष्ण के स्वागत में अमावस्या पर द्वारका में दीपक जलाने की परंपरा चली
Read 9 tweets
1
Navratr is observed 5 times a year,when 9 forms of Shakti are worshipped
Sharadiya Navratr
Chaitra Navratr
Gupt Navratr-Magh,Ashad,Paush
2
Shardiya Navratr is celebrated in the first lunar date of bright half phase (Shukla Paksha)of lunar month of Ashwin,September or October
3
Chaitra Navratr occurs during the month of March or April and is popularly known as Vasant / Basant Navratri or Ram Navratras
Read 36 tweets

Related hashtags

Did Thread Reader help you today?

Support us! We are indie developers!


This site is made by just two indie developers on a laptop doing marketing, support and development! Read more about the story.

Become a Premium Member ($3.00/month or $30.00/year) and get exclusive features!

Become Premium

Too expensive? Make a small donation by buying us coffee ($5) or help with server cost ($10)

Donate via Paypal Become our Patreon

Thank you for your support!