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इस 👇#Tweet के सभी भाग को बहुत बारीकी से और ध्यानपूर्वक #पढ़ें

🚩वर्ष 1947 में विभाजन के #उपरांत देश स्वतंत्र हुआ। तदुपरांत #वर्ष 1950 में संविधान लागू हुआ। उस समय कहा गया कि सभी को #समान न्याय मिलेगा। इस कारण सब #अत्याचार भूलकर हिन्दू उसे स्वीकारने के लिए तैयार हो गए..!!
परंतु प्रत्यक्ष में #धर्मनिरपेक्षता के नाम पर अल्पसंख्यकों को सुविधा देकर हिंदुओं का दमन किया जा रहा है। आज मुसलमान अपने ##धर्म के लिए ‘फिदायीन’ बनकर समय पड़ने पर अपने प्राण देने को तैयार हो जाते हैं। ऐसे समय हम हिन्दू #अधिवक्ताओं को भी कानून का अध्ययन कर,
न्यायालय में ‘#फिदायीन’ बनकर हिन्दू को न्याय दिलाने के लिए निःस्वार्थ वृत्ति के साथ #प्राणपण से प्रयास करने चाहिए । देश में बडी संख्या में हिन्दुओं का #धर्मांतरण हो रहा है, इसे रोकना आवश्यक है। इस पृष्ठभूमि पर धर्मांतरण-विरोधी कानून #बनाने के लिए अधिवक्ता प्रयास करें।
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पहाड़ी पीड़
रात ऐगे,ब्याव न्हैगे
देख देख बेर बाट त्यरो,आंख पटे गे
तू ऐ जा वे रे च्यला,म्यर पोथी,म्यर भुला
चार आदिम रेंगी गों मैं,ताव लाग गो मालघर मैं
तीरे बाखय खनयर हैगे,भूड़ है गो तालघर मैं
बेई त्यर जीठ बाज्यू ले न्हैगीं,तू खुश रैय्ये य कैंगीं
मन भोत्ते छि उनर,मुख देखण कु त्यर
मैल क चिंता नि करो,फ़ोन कर हेलो धीरज धरो
तुमकु पत्त भय,उकु काम भोत्ते हैरो
अब आघिल के करण छू यौ ले बते दे
रात ऐगे,ब्याव न्हैगे
देख देख बेर बाट त्यरो,आंख पटे गे
तू ऐ जा वे रे च्यला,म्यर पोथी,म्यर भुला
उसी ते मुकु पत्त भय,समयक तुकु अभाव भय
पड़ लिख बेर यां ले के कर ले,भखतक प्रभाव भय
यां खेत सब बंजर भईं,खेती बाटी मैं डबल नि भईं
आपूणी आघिल ज़िंदगी देखण छू त्यूल,ब्या हैगो त्यर अब नानतिन ले भईं
बस अब के कुं ते हूं एक बार चार धाम हमकू ले करे दे
रात ऐगे,ब्याव न्हैगे
देख देख बेर बाट त्यरो,आंख पटे गे
तू ऐ जा वे रे च्यला,म्यर पोथी,म्यर भुला
तू ऐ जा वे
#कृषि
#बागवानी
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#काँग्रेस_के_कुकर्म
#इतिहास_ही_हमारी_धरोहर_है
☝बहुत सारी बड़ी #शक्तिया हैं,जो कि आज हमारे #भारत_देश को #तोड़ने का कार्य कर रहीं हैं...
☝इसका जीता जागता #उदाहरण अभी भी #प्रत्यक्ष रूप से हम आये दिन देख रहे हैं...
☝लेकिन सिर्फ #समझ नहीं रहे हैं क्यों????

पूरा पढ़िये👇👇👇
☝हमें इसके लिए #जातिवाद को छोड़कर समस्त #हिन्दू_समाज एक साथ #एकजुट होकर #संगठित होकर मिलने की और एक साथ अपनी कमर कसने की जरूरत है। ☝हमारे भारत देश को #वैचारिक_तौर पर तोड़ने के लिए देश में रह रही देशविरोधी😠ताकतों के साथ और विदेशी ताकतें भी काम कर रहीं है😠😠😠
☝पता है क्यों???
#क्योंकि इस सब की वजह सिर्फ हम ही हैं जो इन्हें पनपने दे रहे हैं

👉(आप #राजीव_मल्होत्राजी की पुस्तक"ब्रेकिंग इंडिया" जरूर पढ़ें)👈

☝ऐसा नहीं है कि #अतीत में बड़े देश #टूटे नहीं है,#रूस, तो एक बड़ी #ताकत था,बड़ा देश था
☝लेकिन वह भी 16देशो में टूट गया
zeenews.india.com/hindi/special/…
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#काँग्रेस_के_कुकर्म
#नेहरू_के_कुकर्म😠 #गाँधी_के_कुकर्म😠
#नोआखाली_का_वो_दर्दनाक_हत्याकांड😢

☝जिसमें #जिन्ना_के_कुकर्म भी शामिल थे😠
☝उसने #मुसलमानों😠 को सीधे #कत्लेआम करके पाकिस्तान लेने का #निर्देश दिया था😠
☝अगर वह चाहता तो यह #क़त्लेआम रुक सकता था...

पूरा पढ़िये👇👇👇
☝लेकिन #जिन्ना को तो मुसलमानों की ताकत दर्शानी थी😠😠😠
#16अगस्त1946 से दो दिन पूर्व ही जिन्ना ने["सीधी कार्यवाही(#DirectActionDay)]"की #धमकी दी गई थी।😠😠😠
☝हमारे देश के #हिन्दुओं को तब तक यही #उम्मीद थी कि #जिन्ना सिर्फ बोल रहा है, #देश के मुसलमान इतने बुरे नहीं है कि...
"#पाकिस्तान"के लिए #हिंदुओं का #कत्लेआम😢 करने लगेंगे और यहीं हमारे #हिन्दू अपने #जीवन की सबसे बड़ी #भूल कर बैठे और आज भी कर रहे हैं...
👉क्योंकि #धर्म का नशा,#शराब से भी ज्यादा #घातक होता है👈

#बंगाल और #बिहार में मुस्लिमों की संख्या #अधिक थी और #मुस्लिम_लीग की पकड़ भी यहाँ
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#काँग्रेस_के_कुकर्म

☝क्या आप जानते है की जब #काँग्रेसियों_की_मालकिन😠 #एंटोनियो_माइनो💀उर्फ"सोनिया गाँधी"का जन्म हुआ था,
☝तब इसके पिता पिछले #4साल से जेल में बंद थे?
☝हालांकि ये #मेडिकल_साइंस का चमत्कार ही था😂
☝वैसे है न आश्चर्य वाली बात???

(By:- #SubramaniamSwamy)
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☝आज आपको "सोनिया गांधी" के जीवन से जुड़े कई #रहस्यों को उजागर कर देते हैं...
☝सही मायने में कैसे इन्होंने हवा बनाकर हमारे भोले-भाले देशवाशियो को ठगने का #कार्य किया है

☝आखिर ये हम सभी का सिरदर्द"सोनिया गाँधी"कौन है???

#सरकारी या #अधिकारिक रूप से कोई भी"सोनिया गाँधी"नहीं है
☝इन मोहतरमा का वास्तविक नाम #अन्तोनिया_अल्बीना_माइनो(#AntoniaAlbinaMaino )है...जैसा की हमें सभी को पता चल चुका है कि #सोनिया_इटालियन है और इसका #पासपोर्ट भी #इटालियन है,
☝जबकि इसकी शादी "#भगौड़ा_राजीव_गाँधी "😠 के साथ हुई थी...
☝लेकिन फिर भी इसने कभी भी #अधिकारिक_रूप से आजतक
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#प्राचीन_हिंदुस्तान_का_प्रवेश_द्वार
#खैबर_दर्रा को #भारत का #प्रवेश_द्वार कहा जाता था । इसी दर्रे से पहुँच कर #सिकन्दर,#मुहम्मद_गोरी,#तैमूर, #बाबर,#नादिरशाह,#अहमदशाह_अब्दाली आदि #आक्रांताओं ने भारत में #कत्लेआम और लूट खसोट मचाई थी।
पूरा पढ़िये👇👇👇
#खैबर_दर्रा मध्य #एशिया व भारतीय #उपमहाद्वीप को जोड़ता है। इस दर्रे की लम्बाई 33 मील है।
कई जगह यह दर्रा बहुत ही संकरा है-मात्र 10 ft चौड़ा।
यह एक #ऐतिहासिक पहाड़ी दर्रा है,जो 3510 ft की ऊंचाई पर एक प्राकृतिक कटाव है।
यह दर्रा भारतीय उपमहाद्वीप के अफगानिस्तान में काबुल के
पास खुलता है।
यह दर्रा #पेशावर और #काबुल को जोड़ता है।
आजकल इन दोनों शहरों के बीच खैबर दर्रा होते हुए पक्की सड़क बन गयी है।
भारतीय राजा / महाराजा इस दर्रे से आने वाले #आक्रांताओं को रोक नहीं सके!*
☝वजह थी - उनकी आपसी #कलह और #तालमेल का अभाव।
नतीजा यह हुआ कि हम कई सालों से
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#नेहरू_के_कुकर्म
#आर्यसमाज_पेज से लेख✍✍✍
#भारतीय_शिक्षा का विकृतीकरण #नेहरू😠 की ही एक मुख्य देन है।
नेहरु के शिक्षा मंत्री-
#11नवम्बर1888 को पैदा हुए मक्का में,वालिद का नाम था "#मोहम्मद_खैरुद्दीन"और अम्मी मदीना(#अरब) की थीं।नाना #शेख_मोहम्मद_ज़ैरवत्री, मदीना
पूरा पढ़िये👇👇👇
के विद्वान थे,#मौलाना_आज़ाद अफग़ान उलेमाओं के ख़ानदान से ताल्लुक रखता था।
जो #बाबर😠 के समय हेरात से भारत आए थे,ये जब दो साल के थे तो इनके वालिद #कलकत्ता आ गए।
सब कुछ घर में पढ़ा और कभी स्कूल कॉलेज नहीं गए,बहुत ज़हीन मुसलमान थे।
इतने ज़हीन कि इन्हे मृत्युपर्यन्त"भारत रत्न" से भी
नवाज़ा गया।😠
इतने #काबिल😠कि कभी स्कूल कॉलेज का मुंह नहीं देखा और बना दिए गए #भारत के पहले #केंद्रीय_शिक्षामंत्री😠इस शख्स का नाम था "#मौलाना_अबुलकलाम_आज़ाद"😠

इसने इस बात का ध्यान रखा कि #विद्यालय हो या #विश्वविद्यालय कहीं भी #इस्लामिक_अत्याचार😠 को ना पढ़ाया जाए।
इसने भारत के
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#इतिहास_ही_हमारी_धरोहर_है

क्या आप जानते हैं! कि #NDA(#NationalDefenceAcademy)में #BestCadetMedal होता है,जो बेस्ट कैडेट होता है उसको एक #गोल्ड_मैडल दिया जाता है औऱ
उस #मैडल का नाम"#लचित_बोरफुकन"है।🙏
कौन थे ये"#लचित_बोरफुकन"?
पोस्ट को पूरा पढ़ने पर आपकों भी ज्ञात हो जाएगा
👇👇👇 ImageImage
कि क्यों???😠😠😠
#वामपंथी_विचारधारा_के_चाटुकार_इतिहासकारों 😠😠😠 ने और #मुगल_परस्त_इतिहासकारों😠😠😠
ने इन जैसे सभी #महान_शूरवीर_यौद्धाओं🙏 के नाम को हम तक पहुचने ही नहीं दिया।😠😠😠

क्या आपने कभी सोचा है कि *पूरे #उत्तर_भारत पर #अत्याचार करने वाले #मुस्लिम_शासक और #मुग़ल कभी
#बंगाल के आगे #पूर्वोत्तर_भारत पर कब्ज़ा क्यों नहीं कर सके???
कारण यही था वो सभी #परमवीर_महान_पराक्रमी_सभी_हिन्दूयोद्धा🙏
जिन्हें #वामपंथी😠 और #मुग़ल_परस्त_इतिहासकारों😠 ने #इतिहास_के_पन्नो से गायब कर दिया।
उनमें से ही एक नाम है - #असम_के_परमवीर_योद्धा🙏 "#लचित_बोरफूकन।"🙏🙏🙏
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#इतिहास_ही_हमारी_धरोहर_है
जितना हम इतिहास को जानेंगे तभी तो खुद को पहचानेंगे

#18वी सदी के अंत तक #फ्रांस में #गृहयुद्ध का माहौल बन चुका था दो तरह के गुट #राजा के दरबार में थे।
एक गुट चाहता था कि #शासन_व्यवस्था में परिवर्तन हो और #फ्रांस_की_संस्कृति में बदलाव आए।
पूरा पढ़िये👇👇 Image
यह गुट राजा के बायीं ओर बैठता था इसलिए #वामपंथ (#Leftist) कहलाया
दूसरा गुट था जो चाहता था कि #फ्रांस की #मूल_संस्कृति तटस्थ रहे #कट्टरता रहे, यह गुट हमेशा दाई और बैठता था और #दक्षिणपंथी(#Rightist) कहा जाता था।

फ्रांस में स्थिति बिगड़ गयी #दक्षिणपंथी कमजोर पड़े राजा को बेरहमी से
मारकर #राजशाही खत्म कर दी गयी।
तब से आज तक वहाँ #वामपंथ और #दक्षिणपंथ में सत्ता को लेकर गहरी लड़ाई है।
भारत की स्थिति भी कुछ अलग नहीं थी लेकिन भारत में हमेशा #दक्षिणपंथ विजयी हुआ कारण की वो सदैव आक्रामक रहा।
मध्यकाल में #उत्तरी_भारत पर #इस्लामिक_आधिपत्य था जिसके चलते #मराठा,#जाट
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नवदुर्गा के 9 रूप बताते हैं स्त्री का संपूर्ण जीवन -:
एक स्त्री के पूरे जीवन चक्र को मां अंबे के 9 रूपों से समझा जा सकता है,नवदुर्गा के नौ स्वरूपों के माध्यम से एक स्त्री का संपूर्ण जीवन प्रतिबिंबित होता है.....जानिये कैसे -------
1. जन्म ग्रहण करती हुई कन्या 'शैलपुत्री' स्वरूप है,

2. कौमार्य अवस्था तक 'ब्रह्मचारिणी' का रूप है,

3. विवाह से पूर्व तक चंद्रमा के समान निर्मल होने से
वह 'चंद्रघंटा' समान है,
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#PrambananTempleIndoneshiya 🚩
#प्रमबानांन_मन्दिर_इन्डोनेशिया 🚩

प्रम्बनन जावा में एक विशाल हिन्दु मन्दिर-परिसर है, यह युनेस्को विश्व धरोहर स्थल है, और लोकप्रिय पर्यटन स्थल और तीर्थस्थान भी है!

भारत की वैदिक संस्कृति विश्व के कोने-कोने में फैली हुई थी, जिसके प्रमाण आज (1/13)
भी अनेकों देशों में पर्याप्त रूप में मिलते हैं, मूल रूप में भू: भुवः स्व: तीनों शक्तियां ओ३म की ही शक्ति होने की संकेतक हैं, इन्हें #ब्रह्मा, #विष्णु, #महेश के नाम से भी जाना जाता है, कालांतर में अज्ञान के फैलने पर लोगों ने ब्रह्मा, विष्णु, महेश नाम के देवताओं की (2/13)
मूर्तियां बनाना आरंभ कर दिया, लोगों ने उनकी आकृति भी मनुष्य जैसी बनानी आरंभ कर दी, अर्थ का अनर्थ होने लगा, विदेशों में जाकर हमारे लोगों ने अनेकों भव्य मन्दिरों का निर्माण किया, और वहाँ पर #आत्मिक शांति प्राप्त करने के लिए ऐसा परिवेश सृजित किया जिसमें मोक्ष की प्राप्ति (3/13)
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#गुरुत्वाकर्षण

कहते हैं #न्यूटन ने सेब फल को गिरते देखा और #गुरुत्वाकर्षण का पता लगाया,,, एक सेब को गिरते देख लिया और पृथ्वी के अंदर गुरुत्वाकर्षण खोज लिया,,

वाह रे मेरे #खोजी,,, कितनी चीजें ऊपर को उठ रही थी,, भांप बनकर जल ऊपर उठते हैं,,
पौधे बनकर बीज ऊपर उठते हैं,, अग्नि को कहीं भी जलाओ ऊपर की तरफ उठती है,, फिर ये नियम क्यों नहीं खोजा की ये ऊपर किस कारण उठते हैं,,,

ऋषि #कणाद ने हजारों साल पहले #वैशेषिक दर्शन में गुरुत्वाकर्षण का कारण बताया,
#संयोगाभावे #गुरुत्वातपतनम--५-१-७,,
यानी कोई भी वस्तु जब तक कही न कहीं उसका जुड़ाव है वो नीचे नहीं गिरेगी,, जैसे आम या सेब का टहनी से संयोग,जब तक संयोग है तब तक #पृथ्वी में कितना भी आकर्षण है वो वस्तु को अपनी तरफ खींच नहीं सकती,, जैसे ही संयोग का अभाव हुआ गुरुत्व के कारण वस्तु खुद पृथ्वी पर गिर जाएगी,,
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#विश्वगुरु_शिवसर्वज्ञाचार्य_शास्त्रार्थसभा

#संस्कृति

लॉकडाउन खुलने के बाद क्या आप किसी ऐसी बर्थडे पार्टी में जाना पसन्द करेंगें, जहां मुँह से फूँक मारकर केक के ऊपर जलती मोमबत्तियों को बुझाया जाएगा और फिर उस केक का पीस पार्टी के हर मेहमान को परोसा जाएगा, आपको भी परोसा जाएगा। Image
2.
क्या आप मुँहसे निकली सांस से संक्रमित होने वाले केक को खाना पसंद करेंगे?
क्योंकि फूँकमारकर मोमबत्ती बुझाने से सांसके लारकणोंसे केक के संक्रमित होनेकी सम्भावना रहती है।
हो सकता है कि जन्मदिन व अन्य मौकों पर मुँह की फूँक से मोमबत्तियां बुझाने की यह परम्परा शायद बन्द ही हो जाये।
हिन्दू-दर्शनके अनुसार तो अग्निको फूँक से बुझाना सदैव ही गलत माना जाता रहा है।

अक्सर हम लोग देखते हैं कि मन्दिर में अगरबत्ती व धूपकी अग्नि को हाथसे हवा झलकर ही शान्त किया जाता है।

अब मुँहकी फूँकसे मोमबत्ती बुझानेकी प्रथा बन्द होती है तो सनातन-मान्यता को वैज्ञानिक आधार मिल जाएगा।
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