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#Ramayana_And_Science Day -2
#जय_श्रीराम
पुन: प्राप्ते वसन्ते तु पूर्ण: संवत्सरोऽभवत्
प्रसवार्थं गतो यष्‍टुं हयमेधेन वीर्यवान्॥ वा.रा.1/13/1॥
अर्थात् एक वसंत ऋतु के बीतने पर दूसरे वसंत ऋतु का पुनः आगमन हुआ और यज्ञसंबंधी अश्व
को मुक्त छोड़ेहुए एक वर्ष पूर्ण हो चुका था।
प्लैनेटेरियम सॉफ्टवेयर द्वारा दिखाए गए आकाशीय दृश्य के अनुसार 31 दिसंबर, 5116 वर्ष ई.पू.
को पूर्ण चंद्रमा चित्रा नक्षत्र में था तथा इसके 15 दिन पश्चात् अर्थात्् 15 जनवरी 5115 वर्ष ई.पू. को चैत्र
मास के शुक्ल पक्ष की प्रथमा थी।
@QueenAT18AT
@pallavict
@V_Shuddhi
@pahuch
यह श्रीराम के जन्म से लगभग 1 वर्ष पहले वसंत ऋतु के प्रारंभ का
समय भी था
। स्टेलेरियम सॉफ्टवेयर के अनुसार चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रथमा 24 फरवरी 5115
वर्ष ई.पू. को थी।
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This thread can take a month in its completion but I will keep adding daily something in this thread,
This thread will be on Ramayana and its scientific calculations.
This thread will cover almost all scientific proofs.
Title :- #Ramayana_And_Science
@pallavict
@iSk_IND
So start with the Most respected man of India Dr kalam sir who said the movement of Grah and Nakshatras are defiend scientifically in Ramayana and in fact these all are true.
Nobody can deny with this.
राजा दशरथ सूर्यवंशी राजकुल के 63वें राजा थे इनके 8 मन्त्री धृष्टि,जयंत,विजय,सुराष्ट्र,राष्ट्रवर्धन, अकोप, धर्मपाल और सुमंत्र थे।
इनके अलावा महान् ऋषि वसिष्ठ और वामदेव के अतिरिक्त
जाबालि, कश्यप और गौतम ऋषि भी महाराज को मंत्रणा देते थे। मुनि वसिष्ठ राजा दशरथ के पुरोहित
थे।
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