Discover and read the best of Twitter Threads about #सीख

Most recents (3)

मोटीवेशनल प्रसंग...

एक राजा था। उसने दस खूंखार जंगली कुत्ते पाल रखे थे।उसके दरबारियों और मंत्रियों से जब कोई मामूली सी भी गलती हो जाती तो वह उन्हें उन कुत्तों को ही खिला देता।

एक बार उसके एक विश्वासपात्र सेवक से एक छोटी सी भूल हो गयी....
राजा ने उसे भी उन्हीं कुत्तों के सामने डालने का हुक्म सुना दिया।

उस सेवक ने उसे अपने दस साल की सेवा का वास्ता दिया....मगर राजा ने उसकी एक न सुनी।

फिर उसने अपने लिए दस दिन की मोहलत माँगी जो उसे किसी तरह मिल गयी।
अब वह आदमी उन कुत्तों के रखवाले और सेवक के पास गया और उससे विनती की कि वह उसे दस दिन के लिए अपने साथ काम करने का अवसर दे।किस्मत उसके साथ थी, उस रखवाले ने उसे अपने साथ रख लिया।

दस दिनों तक उसने उन कुत्तों को खिलाया, पिलाया, नहलाया, सहलाया और खूब सेवा औऱ प्यार किया।
Read 6 tweets
इस 👇 #Tweet के सभी भाग को ध्यानपूर्वक #पढ़ें

✊🚩

#हाई एजुकेटेड #बेरोजगार युवक एक बात #गांठ बांध लें।
6 महीने में आप बाइक के #मैकेनिक बन सकते हो।
6 महीने में आप #कार के मैकेनिक बन सकते हो।
6 महीने में आप साइकिल के #मकैनिक बन सकते हो।
6 महीने में आप मधुमक्खी #पालन सीख सकते हो।
6 महीने में आप #दर्जी का काम सिख सकते हो।
6 महीने में आप डेयरी फार्मिंग #सीख सकते हो।
6 महीने में आप #हलवाई का काम सीख सकते हो।
6 महीने में आप घर की इलेक्ट्रिक #वायरिंग सीख सकते हो।
6 महीने में आप घर का #प्लंबर का कार्य सीख सकते हो।
6 महीने में आप मोबाइल #रिपेयरिंग सीख सकते हो।
6 महीने में आप #जूते बनाना सीख सकते हो।
6 महीने में आप दरवाजे बनाना #सीख सकते हो।
6 महीने में आप #वेल्डिंग का का@म सीख सकते हो।
6 महीने में आप मिट्टी के बर्तन #बनाना सीख सकते हो।
Read 6 tweets
🌻 "क्रोध हमारे भीतर होता है" - तथागत सम्यक बुद्ध 🌻
--------------------------------------------------------------------------

#एक बौद्ध साधक ने अपने मठ से दूर एकांत में साधना करने का निर्णय लिया | उसने अपनी नाव ली और नदी के मध्य पहुंच गया , लंगर डाला , आंखें बंद की और
1) Image
साधना शुरू कर दी | कुछ घंटों की निर्विघ्न शांति के बाद अचानक उसे किसी अन्य नाव के उसकी नाव से टकराने से धक्का लगा | अपनी आंखें बंद किए हुए, उसने अपने क्रोध को ऊपर आते हुए देखा और जब तक उसने अपनी आंखें खोली वह दूसरे नाविक पर जिसने उसकी साधना में विघ्न डाला था ,
2)
पर चिल्लाने को तैयार था किन्तु जैसे ही उसने अपनी आंखें खोली , उसने पाया कि यह एक खाली नाव थी जिसकी शायद रस्सी खुल गयी थी और तैरते हुए नदी के मध्य तक आ गई | उसी क्षण बौद्ध साधक को आत्म बोध हुआ और वह समझ गया कि क्रोध उसके भीतर है | उसे बाहर आने के लिए किसी बाह्य तत्व का
3)
Read 5 tweets

Related hashtags

Did Thread Reader help you today?

Support us! We are indie developers!


This site is made by just two indie developers on a laptop doing marketing, support and development! Read more about the story.

Become a Premium Member ($3.00/month or $30.00/year) and get exclusive features!

Become Premium

Too expensive? Make a small donation by buying us coffee ($5) or help with server cost ($10)

Donate via Paypal Become our Patreon

Thank you for your support!