Anupam K. Singh Profile picture
Ex Associate Editor & Research Head: OpIndia | Ex Editor: TFI Media | Narrative Strategist | Hindu Nationalist. Proud of our history, culture & tradition |

Jun 9, 2020, 18 tweets

1/ 18: "अरे वो तो अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिका की CIA हथियार भेजती थी। राजनेता चाहते ही नहीं थे कि जम्मू-कश्मीर में चीजें ठीक हों। हिन्दू-मुस्लिम एक दूसरे को सॉरी बोलें और आगे बढ़ें।"

2/ ये पंक्तियाँ याद हैं आपको? मुस्लिम अभिनेता और मुस्लिम अभिनेत्री को लीड रोल देकर कश्मीरी पंडितों की मुस्लिमों द्वारा नरसंहार को 'शिकारा' के माध्यम से पर्दे पर उतारने का दावा करने वाले विधु विनोद चोपड़ा के शब्द हैं ये। अमेरिका दोषी है, CIA दोषी है, राजनेता दोषी हैं,...

3/ ...फलाँ दोषी है...ऐसे प्रबुद्ध जनों की नज़र में सब दोषी हैं, सिवाए स्थानीय मुसलमानों के। क्या अमेरिका मुझे हथियार भेज देगा तो मैं पड़ोसियों को मार डालूँगा? अगर सॉरी ही बोलना है तो बलात्कारी और पीड़िता भी एक-दूसरे को सॉरी बोल कर निकल लेंगे इस हिसाब से। ये कैसा न्याय है?

4/ जम्मू और कश्मीर की आज ये स्थिति है कि कश्मीर में एक भी हिन्दू जनप्रतिनिधि नहीं है। एक सरपंच अजय पंडिता थे, उन्हें मार डाला गया। कॉन्ग्रेस के नेता थे। इससे पता चलता है कि आप उनकी नज़र में काफ़िर हो तो हो। आप कॉन्ग्रेस में हो या किसी भी पार्टी में, अगर आप हिन्दू हैं...

5/ ...तो उन्हें आपका कत्ल करने में कोई हिचक नहीं होगी। यही एक कारण पर्यापत है। बाकी सारी चीजें गौण हैं। उनके बूढ़े पिता ने कहा है कि अजय जनता के लिए काम करता था, बहादुर था- इसीलिए उसे आतंकियों ने पीठ पर गोली मारी, वो डरते थे उनके बेटे से। हिंदुओं को वो 'वाजिबुल कत्ल'...

6/ ...मानते हैं, अर्थात जिनकी हत्या की ही जानी चाहिए।

7/ उनका लक्ष्य पूरा हुआ। कश्मीर में कल को कोई भी हिन्दू नेता बनने से पहले 100 बार सोचेगा। इसमें ग़लती केंद्र सरकार और वहाँ के उप-राज्यपाल की भी है। पूरे कश्मीर में एक अकेला सरपंच था, वो सुरक्षा की माँग कर रहा था तो फिर इसमें देरी क्यों की गई? नया आतंकी संगठन अस्तित्व...

8/ ...में आ गया है। उसने ही जिम्मेदारी ली है। उसने कहा है कि किसी भी काफ़िर को बख्शा नहीं जाएगा। अजय पंडिता की लाश और उनकी ख़ून से लथपथ जनेऊ दिलोंदिमाग को सुन्न कर देने वाला दृश्य है।

9/ वो कहते हैं फलाँ को तुमने थप्पड़ मार दिया तो आतंकवादी बन गया। फलाँ को तुमने डरा दिया तो उसने हथियार उठा लिया। 30 साल पहले कश्मीरी पंडितों का कत्लेआम मचा कर, महिलाओं के साथ बलात्कार कर के और उनकी संपत्ति हड़प कर भगा दिया गया। 30 साल से अपने ही देश में शरणार्थी की तरह...

10/ ...जी रहे बेघर कश्मीरी पंडितों में से कितने आतंकवादी बन गए? इसीलिए ये फर्जी बातें हैं कि सरकार ने ये किया, समाज ने ये किया, शिक्षा नहीं मिली, ये नहीं हुआ...तो आतंकवादी बन गए। शांतिपूर्ण प्रदर्शन 30 साल से कर रहे, कुछ नहीं मिला। हथियार न उठाने का ये घाटा भी है।

11/ अजय तो मुस्लिमों की ही सेवा कर रहे थे। हिन्दू तो अल्पसंख्यक हैं वहाँ। मुसलमानों के वोट्स से ही सरपंच बने थे। फिर भी मार दिया। क्योंकि हिन्दू थे। जैसा कि मैंने कहा कि यही मायने रखता है बस, बाकी चीजों का महत्व नहीं। असल में कश्मीरियत कुछ होता ही नहीं है। कश्मीरियत...

12/ ...का एक ही अर्थ है- वहाँ से हिंदुओं का समूल नाश। या तो आप जम्मू भागिए या फिर यहाँ रह कर मरिए। 1990 में भी सब कुछ काफी योजनाबद्ध तरीके से तैयार किया गया था। मस्जिदों से अनाउंसमेंट से लेकर हथियारों के जुटान और पंडितों की पहचान तक। जिन पड़ोसियों के साथ वो...

13/ ...हँसते-बैठते थे, उन्हीं पड़ोसियों, यहाँ तक कि महिलाओं ने भी इस नरसंहार में पूरा किरदार निभाया।

14/ ऐसा नहीं है कि सेना चुप बैठी है। 14 दिनों में 24 आतंकियों को मार गिराया गया है लेकिन समस्या आतंकी कम हैं और कश्मीरी नागरिक ज्यादा। एक-एक मुस्लिम नागरिक वहाँ का गद्दार है जो भारत का खा कर सेना को गाली देता है, अपने घर की लड़कियों तक से पत्थरबाजी कराता है, आतंकियों...

15/ ...को शरण देता है और हिंदुओं को मारने में उनकी मदद करता है।

16/ लेकिन ये भी सच्चाई है कि जिस कश्मीर से आज पंडितों को साफ कर दिया गया है, वो पंडितों का ही है। भगाने वालों के बाप का नहीं। कश्यप ऋषि के नाम पर कैस्पियन सागर और कश्मीर का नामकरण हुआ। उनके वंशजों ने वहाँ राज किया। भारत के सबसे प्राचीन जनपदों में से एक में बाहरी लोग...

17/ ...आ कर बस गए हैं और वहाँ के मूल निवासियों का नरसंहार कर के भगा रहे हैं। शायद कभी वो दिन आएगा जब कश्मीर में फिर से शंख फूँकते, झीलों के किनारे ध्यान करते और मंदिरों में आरती उतारते ब्राह्मण दिखेंगे। शायद...!! कश्मीर ब्राह्मणों का है।

18/ नोट: सफूरा जरगर वाले पोस्ट पर शांतिदूतों द्वारा गालियों की बौछाड और तगड़ी रिपोर्टिंग के बाद इसे 'माइक टेस्टिंग पोस्ट' समझें और उपस्थिति ज़रूर दर्ज कराएँ।

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