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हिंदू ही हिंदू का सहायक नहीं

Sep 18, 2020, 17 tweets

रोहिंग्या मुसलमान तब और अब !

बात अतीत से शुरू करते है, 11अगस्त 2012 की बात है, यही रोहिंग्या मुसलमान और हमारे देश के कुछ कट्टरपंथ मुस्लिम मुम्बई के आजाद मैदान मे बने अमर जवान ज्योति को लात मारकर तोड़ देते हैं ,,

उनका मकसद था कि अवैध रूप से भारत मे आये बांग्लादेशियों और म्यांमार के रोहिंग्या मुस्लिमों को भारत मे बसाया जाय!
पर खैर तब हमारे महान सेक्युलर राष्ट्र ने उस घटना को भी नजर अंदाज कर दिया!

2014 आते ही सत्ता बदली, सरकार बदली, देश की आर्थिक, राजनितिक, और सामाजिक नीतियाँ बदलने लगी,
उन्ही नीतियों मे से एक नीती थी की रोहिंग्या घुसपैठियों को वापस भेजना !

अब सरकार इस पर विचार करती इस से पहले ही देश के बुद्धि जीवी वर्ग, वो महान पत्रकार, गंगा, जमुना तहजीव की माला अपने गले मे लटकाने वाले सेक्युलर, और देश के पवित्र मानव अधिकार वाले फिर से एक्टिव हो गये हैं !

कुछ एक आध वामपंथियों ने तो शीर्ष अदालत मे याचिका तक दायर कर दी कि रोहिंग्या मुस्लिमो को वापस न भेजकर यहीं बसाया जाय!
तब मुझे याद आया कि मैंने दो वर्ष पहले एक खबर पढ़ी थी जो म्यांमार से थी, जहाँ रोहिंग्या मुसलमानों ने 40 पुलिस पोस्ट पर हमला किया था जिसमें सेकड़ों लोग मारे गए थे,

किसी तरह सुरक्षा बल वहां से अपनी जान बचाकर भागे!!

चलो अगर सेक्युलरों की मान लें तो हिन्दू साम्प्रदायिक हैं, हिन्दू ही शान्ति प्रिय मजहब के वाशिंदों को बेवजह मारते हैं, लेकिन म्यांमार मे तो बौद्ध रहते हैं, वहाँ तो हिन्दू नहीं हैं !

आखिर इन रोहिंग्या मुसलमानों का कुछ तो आतंक ही होगा जो बौद्ध जैसे अहिंसावादी धर्मावलम्बियों को भी मजबूर होकर हथियार उठाना पड़ा!!
पर असल सच्चाई यह है कि हमारे देश मे भी इन इस्लामिक आतंक को सब जानते हैं। पर सब अपने-अपने स्वार्थ सिद्ध के लिए खामोश हैं।

जम्मू-कश्मीर से जबतक धारा 370 नहीं हटी थी तब तक इसके तहत देश का कोई नागरिक वहाँ नहीं बस सकता ,
लेकिन रोहिंग्या मुस्लिमों को एक योजना बद्ध तरीके से जम्मू मे बसाया गया था,
ताकि भविष्य मे। जिस तरह कश्मीर हिन्दू विहीन हुआ, उसी षड्यंत्र की तहत जम्मू को भी हिन्दू विहीन किया जा सके !

अभी रोहिंग्याओं को कानूनन यहाँ बसने का अधिकार नहीं मिला उससे पहले ही इन्होंने अपनी इरादे स्प्ष्ट कर दिये, दिल्ली में हुई हिंसा में भी भारतीय मुसलमानों के साथ यही घुसपैठिए रोहिंग्या मुसलमान भी सामिल थे।

हमारे देश के कुछ नेताओं, अभिनेताओं और कानून के बड़े जानकारों ने तो अपना सिर उल्टा कर के सेक्युलरिज्म की हाँडी मे डाल रखा है !

और मुस्लिम कट्टरपंथ पीछे से इन पर लात पर लात मार रहा है।
दर्द का आभास इनको भी है पर ये महान कौम सेक्युलरिज्म पर आंच नहीं आने दे रहें हैं !

सही है भाई ! सही है! बसाओ सब को बसाओ , इस्लामिक आतंकवादी बगदादी को बसाओ हाफिज सईद को बसाओ, दाऊद, बोको हरम, अलकायदा सभी शान्ति दूतों को मानवीय आधार पर भारत मे बसाओ!

हमारा क्या हमारे पूर्वज भी शान से जीये, हम भी शान से जी रहें हैं और हमारी आने वाली पीढियां भी शान से ही जीयेंगी‌!

पर तुम्हारा क्या, जो भूतकाल के कायर हिन्दू थे वे वर्तमान के मुसलमान हैं ,और जो वर्तमान के सेक्युलर हैं वो भविष्य के मुसलमान हैं, यह नीम के पत्ते की तरह कड़वी सच्चाई है।

पर इन शान्ति दूतों को बसाने से पहले मुझे यह जरूर बता देना कि 30 साल बाद जब इस देश से हिन्दुओं का पलायन होगा तो वो कौन सा मुल्क है जो हिन्दुओं को शरण देगा ?

कौन से देश मे हिन्दू अपनी प्राचीन संस्कृति को संजोकर रख सकेंगे ??

किस देश मे रहने वाले धर्म के लोग हैं जो पूरी दुनिया को सनातन संस्कृति की तरह बसुधैव कुटुम्बकंम मानते हों !!
जब हिन्दू साम्प्रदायिक है ,
देश भी असहिष्णु है ,

इस्लामिक जिहादियों मे यहाँ डर, भय, और असुरक्षा का माहौल है तो फिर क्यों ऐंसी जगह रोहिंग्या मुस्लिमों को बसाने के लिए ये सेक्युलर कौम के परजीवी आतुर हो रहें है ,

तो वहाँ जाओ अपनी बिरादरी अपने कौम के पास ईराक, सीरिया, जहां तुम्हारे भाई मासूमों का गला रेत कर दुनिया मे शान्ति का सन्देश दे रहें हैं !!

मगर नहीं , रहोगे भी यहीं, जेहाद करोगे भी यही, बम बनकर फटोगे भी यहीं,
और कहलाओगे शान्ति प्रिय मजहब !!

खोट तो हिन्दुओ मे भी है , नेता को वोट चाहिये, अभिनेता को नोट चाहिये,,

उद्योगपतियों को व्यापार चाहिये,
मुस्लिम कट्टरता को जेहाद चाहिये ,,

हिन्दुओं को जाती , वर्ग चाहिए, आरक्षण चाहिए, ऊँच-नीच चाहिये।

पर किसी को भी राम राज्य वाला अखण्ड भारत नहीं चाहिये ।

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