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Sep 24, 2020 10 tweets 3 min read Read on X
आप बॉलीवुड मूवीज देखो या IPL......
अंत मे कमाएगा तो इस्लामिक आतंकवादी दाऊद ही।
जरिया ड्रग्स तो है ही एक्सटॉरसन मानी व सट्टेबाजी भी दोनों में ही।
आपने देखा होगा IPL के दौरान पूरे डेढ़ माह तक कोई भी बड़ी फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज नही होती.
क्यों ?? सोचा है कभी ?? Image
IPL के दौरान बड़ी फिल्मों के सिनेमाघरों में रिलीज न करने पर बॉलीबुड अपनी सफाई में इसकी वजह IPL की लोकप्रियता बताता है। अर्थात बॉलीबुड के मुताबिक दर्शक IPL देखने में व्यस्त रहते हैं। अतः उनकी फिल्मों को कौन देखेगा? वे फ्लॉप हो जाएंगी?
किन्तु क्या ये सत्य है ??
ऐसा नही है कि IPL के दौरान कभी बड़ी फिल्मे रिलीज नही हुई अथवा वे फ्लॉप रही। हाउसफुल, हाउसफुल 2, तनु वेड्स मनु, तनु वेड्स मनु रिटर्न्स, विकी डोनर जैसी दर्जनों बड़ी फिल्मे है, जो IPL के दौरान रिलीज भी हुई और सुपरहिट भी साबित हुई।
अतः ये तर्क खारिज हो जाता है..
फिर अचानक से ऐसा क्या हुआ कि IPL के दौरान बड़े बैनर की फिल्में आना बिल्कुल बन्दसी हो गई?
क्यों ??
D कम्पनी.. जी हाँ बिल्कुल सत्य पढ़ा आपने D कम्पनी। IPL और बॉलीबुड दोनो ही D के धंधे हैं। बॉलीबुड पर D का अधिपत्य चलता है। बिना दुबई, कराची की मर्जी के बॉलीबुड में पत्ता भी नही हिलता।
.
बॉलीबुड D कम्पनी का all time धंधा है(बारह मासी) और Ipl सीजनल बिजिनेस। बारह मासी धंधे से अधिक प्यारा सीजनल बिजिनेस होता हैं, अतः IPL के दौरान बड़ी फिल्में रिलीज होने से दर्शक न बंटे। IPL की दर्शक संख्या घटने से TRP न घटे।
अतः D के इशारे पर पूरे IPL के दौरान बड़ी फिल्मों की रिलीज पर रोक लगा दी जाती है।
दर्शक संख्या, Trp पर सट्टेबाजी निर्भर करती है। चेन्नई, मुम्बई, कोलकाता की टीमों पर सबसे अधिक सट्टा लगता है।
D कम्पनी जितना पैसा अवैध तरीके से बॉलीबुड में सालभर कमाती है।
लगभग उतना ही पैसा IPL से मात्र 2 माह में कमा लेती है।
अतः यदि आप #BoycottBollywood कर रहे हैं, तो IPL के प्रति इतनी दीवानगी क्यों?
आप बॉलीबुड की काली करतूतों से आहत होकर उसका बहिष्कार कर उसके अर्थतंत्र पर चोट पहुंचाकर उसे सबक सिखाना चाहते हैं। इस हेतु आप कमर भी कस चुके हैं।
किन्तु वहीं दूसरी और आप IPL देखकर उस D को मजबूत कर रहे हैं, जो बॉलीबुड का बॉस है।
ये ठीक उसी प्रकार है जब आप अपनी नाँव डूबने से बचाने हेतु उसमे भर आये पानी(बॉलीबुड) को उलच(बहिष्कार) रहे हैं। लेकिन दूसरी और IPL देखकर उसी नाँव में छेद कर पानी भी भरे जा रहे हैं।
क्या ऐसे बचेगी नाँव?
बॉलीबुड के दूषित होने का मुख्य कारण D है. रेडिकल Eस्लामिक बॉलीबुड, एन्टी नेशनल बॉलीबुड बनने का मुख्य कारण D कम्पनी है।
जड़ पर मट्ठा डालिए। मात्र टहनियों पर वार से वृक्ष सुरक्षित रहेगा। अतः बॉलीबुड के साथ-साथ सम्पूर्ण #IPL का बहिष्कार कीजिए। जड़ सहित वृक्ष को उखाड़ फेंकिए।
तभी नाँव बचेगी..
#BoycottBollywood
#boycottipl2020
#SayNoToBollywood

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Jan 5, 2022
रावलपिंडी के समीप हिन्दुओं का एक छोटा सा गांव था। 500 के लगभग वयस्क होंगे। बाकि बच्चे, बुड्ढे। गांव के सरपंच रामलाल एक विशाल बरगद के नीचे बैठे थे। तभी मोहन भागता हुआ आया। बोला सरपंच जी सरपंच जी। सरपंच जी ने कहा”क्या हुआ मोहन? ”
सरपंच जी मुझे पता लगा है यहाँ से 8 कोस दूर हिन्दुओं ने अपना गांव खाली करना शुरू कर दिया है। सिख भी उनके साथ अमृतसर जाने की तैयारी कर रहे है। सरपंच जी ने एक लम्बी साँस ली और कहा” मैंने कल ही रेडियो पर सुना था। महात्मा गाँधी ने कहा है कि "भारत-पाकिस्तान का विभाजन मेरी लाश पर होगा।"
क्या तुम्हें उनकी बात पर भरोसा नहीं है ?” मोहन बोला,” सुना तो मैंने भी है कि जवाहर लाल नेहरू ने कहा है कि हिन्दुओं आश्वस्त रहो। भारत के कभी टुकड़े नहीं होंगे। तुम लोग लाहौर और रावलपिंडी में आराम से रहो।
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Dec 13, 2021
नरेन्द्र मोदी के एक अप्रचारित गुप्त कार्य का उल्लेख मीडिया नहीं करती। काशी विश्वनाथ के नवीन गेट नम्बर−४ को VIP गेट बना दिया गया है, जो ज्ञानवापी मस्जिद नाम से विख्यात असली प्राचीन विश्वनाथ मन्दिर के पिछे से गुजरती है।
औरंगजेब ने उस मन्दिर को मस्जिद का रूप तो दे दिया किन्तु मन्दिर का पिछे का हिस्सा पुराना ही रह गया,

जो शत−प्रतिशत हिन्दू मन्दिर वाला है। ज्ञानवापी “मस्जिद” के गर्भगृह में अभीतक पुजारी द्वारा नियमित पूजन बन्द नहीं कराया जा सका है।
श्रीरामजन्मभूमि मन्दिर के प्रमाण हेतु खुदाई करनी पड़ी,परन्तु ज्ञानवापी मन्दिर का पिछवाड़ा बिना खुदाई के ही सबूत दिखाता है। इलाहाबाद हाइकोर्ट ने ठीक ही किया जो खुदाई पर रोक लगायी क्योंकि वहाँ खुदाई की आवश्यकता ही नहीं है,खुदाई की माँग करना ही गलत था। वहाँ सबूत भूमि के ऊपर है।
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Feb 5, 2021
*वेलेंटाइन डे एक अभिषाप👹*

📌#वैलेंटाइन_का_दुष्परिणाम 👉🏻भारत में वैलेंटाइन के 7 दिन के पागलपन के चक्कर में हर साल लगभग 😳60-70 लाख लड़कियों के Nude picks और MMS व्हाट्स एप्प पर वायरल होते हैं...उन picks/MMS को देशी पोर्न साइट्स बेचकर करोड़ो रूपये💸💵💴💶 कमाती हैं...
वीडियो वायरल होने पर ज्यादातर लडकिया आत्महत्या कर लेती हैं,,कभी कभी तो पूरा परिवार ही आत्महत्या कर लेता है...😔

👇🏻👇🏻👇🏻
------ लेकिन कभी किसी nude pick/MMS में को ध्यान से देखना, सब लड़की के सामने और लड़की की मर्जी से क्लिक/रिकॉर्ड किया गया रहता है...
जिसमे से 60% ऐसा मिलेगा जिसमे लड़की ने खुद से ही अपने फोन से फोटो/वीडियो बनाया होता है...🤐

*लड़कियों में इच्छा शक्ति 10 गुना, और तार्किक क्षमता 1/10 गुना होती है...*
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Feb 5, 2021
🌷 *निष्काम सेवा* 🌷💐

🌅भारत संतों का देश है, यहाँ एक से बढ़कर एक संत हुए हैं एक ऐसे ही संत हुए जो बड़े ही सदाचारी और लोकसेवी थे। उनके जीवन का मुख्य लक्ष्य परोपकार था।
एक बार उनके आश्रम के निकट से देवताओं की टोली जा रही थी। संत आसन जमाये साधना में लीन थे। आखें खोली तो देखा सामने देवता गण खड़े हैं। संत ने उनका अभिवादन कर उन सबको आसन दिया और उनकी खूब सेवा की।
देवता गण उनके इस व्यवहार और उनके परोपकार के कार्य से प्रसन्न होकर उनसे वरदान मांगने को कहा। संत ने आदरपूर्वक कहा – “हे देवगण! मेरी कोई इच्छा नहीं है। आप लोगों की दया से मेरे पास सब कुछ है।”
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Dec 21, 2020
*कॉरपोरेट मिशनरी*
*बहुत ही ज्वलंत और चिंताजनक मुद्दा है यह।*
*क्या आप जानते है भारत में सबसे बड़ा कॉर्पोरेट कौन है?
*टाटा ? नहीं।*
*अम्बानी ? नहीं।*
*अदानी ? नहीं।*
*चौंकिए मत और आगे पढ़िए।*
*3,00,000 लाख करोड़ सम्पति वाला कोई और नहीं यह है , #The_Syro_Malabar_Church_केरल।* Image
*इसका 10000से ज्यादा संस्थानों पर कण्ट्रोल है और इसकी अन्य बहुत सी सहायक ऑर्गेनाइजेशन्स भी हैं।*
*मेरी समझ में यह एक ऐसा छद्म बिज़नेस ऑर्गेनाइजेशन है, जो सम्पत्ति के मामले में भारत में टाटा, अम्बानी आदि का मुकाबला करने में सक्षम है। ये सारे औद्योगिक घराने इसके आसपास भी नहीं हैं।*
*यकीन नहीं हो रहा है ना ,,,,?*
*तो ठीक है,ये आंकडे देखिए।*
*इनके अधीन*
*9000 प्रीस्ट*
*37000 नन*
*50 लाख चर्च मेम्बर*
*34 Dioceses*
*3763 चर्च*
*71 पादरी शिक्षा संस्थान*
*4860 शिक्षा संस्थान*
*2614 हॉस्पिटल्स और क्लिनिक*
*77 ईसाई शिक्षा संस्थान*
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Dec 20, 2020
प्रश्न---" प्रसिद्ध आरती, 'ओम जय जगदीश हरे' के रचयिता कौन हैं ? "

किसी ने कहा, ये आरती तो पौराणिक काल से गाई जाती है।

किसी ने इस आरती को वेदों का एक भाग बताया।

और एक ने तो ये भी कहा कि, सम्भवत: इसके रचयिता अभिनेता-निर्माता-निर्देशक मनोज कुमार हैं!
" ओम जय जगदीश हरे " आरती आज हर हिन्दू घर में गाई जाती है। इस आरती की तर्ज पर अन्य देवी देवताओं की आरतियाँ बन चुकी हैं और गाई जाती हैं।

परंतु इस मूल आरती के रचयिता के बारे में काफी कम लोगों को पता है।

इस आरती के रचयिता थे "पं. श्रद्धाराम शर्मा या श्रद्धाराम फिल्लौरी"।
पं. श्रद्धाराम शर्मा का जन्म पंजाब के जिले जालंधर में स्थित फिल्लौर नगर में हुआ था।

वे सनातन धर्म प्रचारक, ज्योतिषी, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, संगीतज्ञ तथा हिन्दी और पंजाबी के प्रसिद्ध साहित्यकार थे।

उनका विवाह सिख महिला महताब कौर के साथ हुआ था।
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