भारतके इतिहास में नरेंद्र दामोदरदास मोदीके अलावा दूसरा कोई प्रधानमंत्री नहीं मिलेगा, जिसने अपने पदकी गरिमाको रोज़ झूठ, फ़रेब,पाखंडसे नीचे गिराया हो।
उनका विरोध सिर्फ़ इसलिए नहींहै कि वे आरएसएसकी नफ़रत वाली राजनीतिक विचारधाराके हैं।उनका विरोध अधिकांश इसलिए है,क्योंकि वे देश के
1
लोकतंत्र,संविधान और संघीय ढांचेके प्रति अपनी संवैधानिक जवाबदेही को स्वीकार नहीं करते।
मोदी ने कल संसदमें इसे अंधविरोध बताया,जो असलमें उनकी ही उस मानसिक कुंठा की उपज है कि उनके पास विरोधियों के सवालों का तर्कपूर्ण जवाब नहींहै।
उनके चापलूस अंधभक्त है, जिनके पास भी उन्हीं की तरह
2
ग़लतको ग़लत कहनेकी हिम्मत और काबिलियत नहीं है।ये सभी कल प्रधानमंत्रीके झूठे पुलिंदोंपर बेंच ठोक रहे थे,बेशर्मी से हंस रहे थे।
प्रधानमंत्री ने कल कहा कि अन्धविरोधियों को सिर्फ़ मोदी ही दिखते हैं-दिन-रात। ठीक कहा। सरकार के टुकड़ोंपर पल रही मीडिया और बीजेपी ITसेल यही दिखाते हैं।
3
2014में उनके कुर्सी संभालनेके बादसे।
दोनों मिलकर रोज़ झूठ और पाखंडका ऐसा तिलिस्म बुनतेहैं,जिसे तोड़ना विवेकशील विपक्ष का लोकतांत्रिक,संवैधानिक अधिकारहै।अगर नरेंद्र मोदीको इससे आपत्तिहै तो पाखंड फैलाना छोड़दें।
नरेंद्र मोदी और उनकी सरकारकी काबिलियत संदेहके घेरेमें हमेशा रहीहै।
4
उसी गुजरात से, जिसके हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए उस सच को माना, जो देश के 20 करोड़ मजदूरों ने भोगा है।
इन सबके डिजिटल फुट प्रिंट्स हैं। इतिहास में यह बात दर्ज़ है। मोदी और उनकी पार्टी इसे कभी झुठला नहीं सकती।
खुद मोदी ने वर्चुअल बातचीत में मजदूरों के दर्द को सुना है।
5
लेकिन सत्ताकी सियासतने कल भरी संसदमें उन्हें एक बार फ़िर फ़र्ज़ी,ड्रामेबाज़ और गिरा हुआ झूठा इंसान बना दिया,जो कुर्सी के लिए 140करोड़ जनताको बरगला भी सकताहै।
बड़ा सवाल यह नहीं कि कोविड के दोनों दौरमें कांग्रेस या विपक्ष क्या कर रही थी।सवाल यहहै कि सरकार और बीजेपी क्या कर रहीथी
6
जिस पर जवाबदेही है।बीजेपी के नेता दूसरी लहर में रेमडेसीवीर और ऑक्सीजन सिलेंडरों की कालाबाज़ारी कररहे थे।मोदी इस इतिहास को भी झुठलानहीं सकते।
मोदी और उनके शागिर्द महंत आदित्यनाथ गंगा किनारे दबाईगई लाशोंका इतिहास भी नहीं बदल सकते।दुनिया ने देखा है मोदी-योगी की डबल इंजन सरकार का
7
कोविड मैनेजमेंट।
मोदी भयंकर हठधर्मी है,मनमौजी है।यह बात आरएसएस के पुराने नेता भी जानते,स्वीकारते हैं। आरएसएस की ट्रेनिंग, संगठनात्मक ज़िम्मेदारियों या बीजेपी संगठन की जवाबदेही- सभी में मोदी ने मनमर्जी से काम किया है।
संसद में14विपक्षी दलों ने मोदीके गुजरात मॉडलको पूरे देश में
8
थोपने और लगातार नाकाम होने पर तीखे सवाल उठाए, तो मोदी का समूचा व्यक्तित्व भरभराकर ढह गया।
प्रधानमंत्री पद की मर्यादा, तमाम गरिमा चकनाचूर हो गईं। ज़ुबां तक नैतिकता का साथ छोड़ गई। क्या ऐसे ही क्षणभंगुर व्यक्ति के हाथ में देश सुरक्षित है?
9
जो व्यक्ति बीते 8 साल के राज में यही नहीं सीख पाया और अपनी पार्टी को नहीं सिखा सका कि लोकतंत्र सरकार की जवाबदेही का सिस्टम है,आरोप तंत्र नहीं, उससे आप देश संभालने की उम्मीद करते हैं?
जिस व्यक्ति में वैचारिक स्थिरता नहीं, संयम नहीं, दृढ़ता नहीं- उसे आप ऐतिहासिक वक्ता कहते हैं।
10
बिहार में एक शब्द है बकलोली, जो इसमें बिल्कुल फिट बैठता है।
मोदी ने कल देश की संसद में खुलेआम ग़रीब, बेसहारा, कमज़ोर और अल्पसंख्यक वर्ग की ही नहीं, बल्कि समूचे मध्यम वर्ग का अपमान किया है, उनका मजाक उड़ाया है।
11
फोटुक देखो,और इसे पहचानो,एशियन बीटल कहते हैं।फसल चट कर जाने वाले नारंगी कीड़े..जिनकी उत्पत्ति नागपुर के आसपास की बताई जाती है।पर अब ये सर्वत्र बुरी तरह से फैल गए हैं।
1
ये आसानी से पहचाने जा सकते हैं। मोटा पेट, पिचका थूथन, चटक नारंगी
बदन पर गन्दे काले धब्बे होते हैं।लेकिन केसरिया रंग के धार्मिक महत्व से भ्रमित कुछ लोग इन्हें बड़ा सुंदर और क्यूट कीड़ा समझतेहैं।
इसमे कोई सचाई नही।दरअसल इनसे दूर रहने में भलाई है,क्योकि अगर छू भी लिया,तो बड़ी तेज बदबू आती है।ये बदबू पांच साल तक,हाथको फिनाइल में डुबाये रखने पर
2
भी नही जाती।यह अनुभव, हालांकि आपको हो ही चुका है।
मितरों,खास बात ये है कि इनकी एक पूरी फैमली है,नारंगी परिवार ..जो दरअसल होते एक ही ब्रीड हैं,मगर अलग अलग होने का स्वांग करतेहै।ये झुंड में रहते हैं।जहां कुछ हरियाली दिखी,चट कर जाते हैं।
लोग कहते हैं कि डेटा से क्या होता है ?....दरअसल वे नहीं जानते कि इक्कीसवीं सदी मे डेटा ही अब किसी भी प्रोडक्ट महंगे सस्ते होने का निर्धारण कर रहा है !........
दो दिन पहले भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने भारत की टायर बनाने वाली पांच बड़ी कंपनियों कुल 1788 करोड़ रुपये का
1
जुर्माना लगाया हैं देश में90प्रतिशत टायर यही पांच कंपनियां बेचतीहैं।...CCIने अपोलो टायर्स पर425.53करोड़ रुपये,MRलिमिटेड पर622.09करोड़ रुपये,CEATलिमिटेड पर 252.16करोड़ रुपये,JKटायर पर309.95 करोड़ रुपये और बिड़ला टायर्स पर178.33 करोड़ रुपये का जुर्माना लगायाहै।
अब आप पूछेंगेके 2
इसका डेटा के साथ क्या संबंध है तो जान लीजिए इन्होंने किया क्या है?
इन टायर कंपनियों ने एक कार्टेल का निर्माण किया इस कार्टेल ने टायरों की कीमतें महंगी रखनेके लिए उत्पादन सीमित और नियंत्रित रखा।बाजारमें आपूर्ति को भी नियंत्रित किया। यह सब उन्होंने एक दूसरे के डेटाकी मददसे किया
3
इलेक्शन कमीशन द्वारा हर विधानसभा या लोकसभा सीट पर खर्च की सीमा बाधी गयी है।
प्रत्याशी को अपना बैंक खाता खोलना पड़ता है, जिसमे आने वाली और खर्च होने वाली राशि का आडिट कराकर चुनाव के बाद एक समय सीमा में जमा करना होता है। हिसाब न देने पर आप
1
अगलीबार से चुनाव नही लड़सकते
विधानसभा के लिए27लाख की सीमा है।इत्ते में तो काम बनता नही।दस पन्द्रह लाख तो ग्राम प्रधानी चुनावमें खर्च हो जाते है।आप पोस्टर पेम्फलेट आधे दाम पर आधी संख्यामें छपना दिखाकर27लाख की सीमामें एक करोड़ खर्च सकते हैं।लेकिन मौजूदा दौरमें यह भी नाकाफी है।
2
तो दो तरीके अपनाए जाते हैं।
पहला- कुछ निर्दलीय कैंडिडेट खड़ा करो। जो विपक्षी के हमनाम हों,या उसकी जात बिरादरी के वोट काट सकें। प्रमुख प्रत्याशी अपने ओवर बजट खर्चे इस निर्दलीय के एकाउंट से एडजस्ट करवा देगा।
इसमें कुछ नारियल,टीवी,मूली छाप निर्दलीय तो खुद ही इसलिए खड़े होते है
3
राहुल गांधी ने बड़े सौम्य/सभ्य तरीके से सरस्वती पूजा वाले दिन "हिजाब" का मुद्दा उठाया है..अपने नेता राहुल गांधी की बातों पर अब मैं भी कुछ लिखता हूँ..
★★ "हिजाब" से इस्लाम का कोई धार्मिक रिश्ता नही है..2500 BC से हिजाब भारत, यूरोप, अरब, अफ्रीका में प्रचलित रहा है..
1
हिजाब हर धर्म मे अलग अलग रूप में है..हिजाब का रिश्ता एक इलाके की जलवायु और समाज मे इसके प्रयोग से है..
◆ हिजाब शब्द का अर्थ : पर्दा (Curtain), खुद को छिपाना, सेपरेशन, Cover वगैरह..हिजाब हमारी पोशाकों का हिस्सा है..हिजाब कोई "ड्रेस कोड" नही हज बल्कि एक "ड्रेस" है..
2
हिजाब मॉडर्न फैशन का महत्वपूर्ण हिस्सा है..
★★मदर मेरी जब गर्भवती थी तब उन्होंने खुद को अलग रखने के लिए हिजाब या घर मे परदों का इस्तेमाल किया था..ऐसे ही अलग अलग धर्मों में आराध्य देवताओं ने हिजाब का इस्तेमाल किया है..
● विश्व के लगभग हर राजपरिवार के सदस्य हिजाब का इस्तेमाल
3