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Jan 17
भारत में किसी भी प्रेस क्लब के भीतर हथियार लेकर कोई नहीं घुस सकता।

लेकिन क्या आप यकीन करेंगे कि किसी प्रेस क्लब के बाहर एके47लिए पुलिसवाले खड़ेहों, बख़्तरबंद गाड़ियों से घेराबंदी की गई हो और क्लब के भीतर सादे कपड़ों मेंCIDके लोग घुसे हों?

सिर्फ़ इसलिए, क्योंकि मोदी सरकार और
1 जम्मू-कश्मीर प्रशासन को प्रेस की आज़ादी छीननी है?

मोदी के भारत मे कल यह तमाशा भी हो गया। कश्मीर प्रेस क्लब को भारत सरकार ने बंदूकों के साये में अपने कब्जे में ले लिया।

लेकिन नोयडा के पेडिग्री चैनल ही नहीं, प्रेस की आज़ादी की पैरवी करने वाली संस्थाएं और आलोचक तक चुप हैं।
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Jan 15
किसी नकारात्मक खबर को मीडिया द्वारा सरकारात्मक होकर किस तरह पेश किया जा सकताहै,इसपर नजर डालिये

मेक इन इंडिया को बढ़ावा देनेके लिए सरकार ने ये बड़ा कदम उठायाहै.

ऐसी खबरें पहलेसे आ रहीथीं कि सरकार जल्द ही उन सौदों को रद्द या फिर स्थगित कर सकतीहै जिनमें पूरी तरह विदेशी देशों पर
1 निर्भरता है.तीनों सेनाओंको भी स्पष्ट कर दिया गयाहै कई पुराने सौदोंको अब स्थगित या फिर कैंसिलकर दिया जाएगा.सरकार इस समय कई सौदोंकी समीक्षा कर रहीहै.2

पुरानी रणनीति,अमलीजामा पहनाने का समय

इस लिस्ट मेंP-8Iएयरक्रॉफ्ट,रूस का शॉट एयर डिफेंस सिस्टम जैसे हथियारभी शामिलहैं जिनके आयात पर
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Jan 15
अनिवार्य टीकाकरण पर जुलाई 2021 में मेघालय हाईकोर्ट ने फैसला दिया है कि....'ज़बरदस्ती वैक्सीनेशन मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है'
मेघालय हाईकोर्ट ने जबर्दस्ती वैक्सीन लगाए जाने के विरुद्ध दिए गए अपने डिसीजन में कहा है ......
'भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 में स्वास्थ्य के अधिकार को
1 मौलिक अधिकार के रूप में शामिल किया गया है। इसी तरह से स्वास्थ्य देखभाल का अधिकार, जिसमें टीकाकरण शामिल है, एक मौलिक अधिकार है। हालांकि ज़बरदस्ती टीकाकरण के तरीकों को अपनाकर अनिवार्य बनाया जा रहा है, यह इससे जुड़े कल्याण के मूल उद्देश्य को नष्ट कर देता है। यह मौलिक अधिकार
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Jan 13
महमूद गजनवी ने 17हमलों मे भी हिंदुस्तान की हालत वो नहीकी होगी जो मोदी अपने दो कार्यकाल में कर जाएंगे...कुल मिलाकर2024 तक36सरकारी कंपनियों को बेचने का प्लान है,...LICका नम्बर लगने ही वाला है...वैसे सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड की बिक्री से कल सरकार पीछे जरूर हटी है लेकिन उसने
1 प्रोजेक्ट्स & डेवलपमेंट इंडिया लिमिटेड PDIL ओर HLLको बेचने की निविदा पहले से ही निकाल रखी है ...मोदी सरकार लिटमस टेस्ट की तरह पहले छोटे छोटेPSUको बेच रही है

कहने को यह छोटेPSUहै लेकिन यह जो काम करते हैं वो बहुत महत्वपूर्ण है इन छोटे PSU की वजह से बहुराष्ट्रीय कम्पनियों को अपने
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Jan 13
नो मैन आर लाइंग सिक्स फीट अण्डर ..

उपर से तटस्थ और भीतरसे भक्त एक मित्रके साथ बैठा था।मित्र ने कहा-तू दिन रात मोदीके पीछे लगा रहता है।मान लिया कि उसने एकभी अच्छा काम नही किया,क्योकि वो कम पढा लिखाहै

लेकिन इतनी बड़ी सरकारहै,इतने पढे लिखे अनुभवी आइएएस,मैनेजमण्ट इकानमिस्ट लोग है
1 क्या सब मिलकरजो फैसले कर रहे है,क्या वो सब गलतहै??
मैने एक किस्सा सुनाया

सेकेन्ड वर्ल्ड वारमे हारने के बाद हिटलर के टाप 20नाजी अफसरो पर मुकदमा चलाया गया।ये अनुभवी सैन्य अफसर थे,डाक्टर,इजीनियर, पायलट,डिप्लोमैट,साइंटिस्ट,ब्रिलियंट लोग।

इनमे अल्बर्ट स्पीयर था,मास्टर आर्किटेक्ट।
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Jan 12
पिछले कई दिनोंसे मीडिया चीनकी मोबाइल कम्पनियोंके पीछे पड़ा है अगर आप जानना चाहतेहैं कि ऐसा क्यो है तो पोस्ट अंत तक पढ़िएगा आज खबर आयी है कि2019-20में चीनी ब्रांड शाओमी,ओप्पो,वीवो ने हर साल एक लाख करोड़से अधिकके फोन भारतीय बाजारों में बेचे लेकिन एक रुपयेका सरकार को टैक्स नहीदिया
1 आपको याद होगा मोदी जी ने एक बार बड़ी लम्बी फेंकी थी कि मोबाइल फोन उत्पादन में भारत महाशक्ति बन रहा है2014से पहले देश में दो मोबाइल कंपनियां थीं जो अब125हो गई हैं।.....यह सही है कि कंपनिया तो बढ़ गयी लेकिन उससे देश को क्या फायदा हुआ?सारा पैसा तो चीन चला गया टैक्स के नाम पर तो फ
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Jan 12
प्रोजेक्ट आफ प्राइड ...

चीन की आर्थिक मजबूती का सबसे चमकदार तमगा उसकी हाइस्पीड ट्रेन का नेटवर्क है। बुलेट ट्रेन के नामसे ये जापान ने शुरू हुआ था, चीन ने दुनियाका सबसे बड़ा बुलेट नेटवर्क खड़ा कर,अपनी ताकत और समृद्धि का सिंबल बना लिया।

प्रोजक्ट आफ प्राइड के हालात अब कैसे हैं??
1 तीससाल पहले चीन"चल गया तो चांद तक- नही चला तो शामतक"वाले सस्ते इलेक्ट्रानिक प्रोडक्टका हब बनना शुरू हुआ

ग्रामीण आबादी शहरोमे आकर फैक्ट्रियोंमे नौकरी करनेलगी।उनकी बस और सामान्य रेल यात्रा,लम्बा समय लेती।हाइस्पीड नेटवर्ककी योजनाऐ तब बनी।2

लेकिन सिरे चढ़ी2008की वैश्विक मंदीके वक्त
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Jan 11
डगर बंद ।काम चालू आहें
पिछले कई पोस्ट से देश की तमाम विसंगतिया और द्रुतगति से भागती एकाधिकारवाद की आँधी की ज़िम्मेदार ताक़तों पर चर्चा करते समय यह लेखक -उस समाज को ज़िम्मेदार बनाता जा रहा है जिसमें वह खुद हिस्सेदारी कर रहा है ,और डंके की चोट पर स्वीकार करता है
12/1 क़ि इस समय देश आफ़तके दौरको स्वीकार कर,वो परिस्थिति बना रहा है जी तानाशाही तक को न्योत सकती है।यह है हमारे समाज की अजगरी प्रवृत्ति।एक ताज़ा वाक़या लीजिए -
मुस्लिम महिलाओंके ख़िलाफ़ माहौल रचनेके लिए दक्षिण पंथी अपनी पुरानी कटार चलायी है - चरित्र पर हमला।बहुत आसान होता है 12/2
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Jan 11
अस्सी कोस पर हमरो गांव..

एक गांव (विलेज)में एक महामूर्ख रहता था! शकल सूरत से ठीक ठाक था,बस हरकतें मूर्खों वाली थी!

कभी मगरमच्छ के बच्चोंको पकड़ लाता तो कभी गटर की गैससे चाय बनाने लग जाता! कभी जहाज को बादलों में छिपा देता तो कभी a+bके होल स्कवायर में से एक्स्ट्रा2ab निकाल लाता
1 पूरे गांव वाले उसको लंडू'र कहा करते थे! जिधर भी जाता उसको इसी नाम से बुलाते थे सब!

किसी ने उसे सलाह दी कि तू गांव छोड़ दे तभी तुझे इस नाम से मुक्ति मिलेगी! दूसरे गांव में जा! नयी शुरुआत कर!

उसने गाँव छोड़ने का फैसला किया और एक अँधेरी रात में माँ के गहने चुराकर घरसे भाग निकला!
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Jan 10
दोनो पातकी हैं

संत और सिपाही ।
“ धूमिल” ने पूछा है - “ संत और सिपाही में कौन बड़ा दुर्भाग्य है ? जवाब अब तक नही मिला , प्रतिस्पर्धा जारी है कभी संत आगे निकल जा रहा है कभी सिपाही लपक के आगे चला जा रहा । सुस्ताने के लिए दोनो एक दूसरे के लिए जंघा फैला देते हैं । मज़े की बात
1 भारतीय समाज को खोखला करने में दोनो की ज़बरदस्त भूमिका है जब क़ि दोनोके अपने तय रास्ते कत्तयी अलहदा हैं।इस संत और सिपाही के आपसी रिश्तेकी बारीकी से जाँच करिए तो मिलेगा की यह तो महज़“पर काया प्रवेश“ का स्थायी बंधन बन चुका है -वर्दी पाप से सन जाती है तो संत के “कपड़े”में घुस कर ,
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Jan 10
शायद नई पीढ़ी को शहर में कंक्रीट के जंगलों में रहने वालो को मालूम भी नहीं होगा कि बंदर में सांप पकड़ने का गुण जन्मजात होता है और उसकी कुछ विशेषता होती हैं।

क्योंकि बंदर की हड्डियां बहुत लचीली होती है और चारो पंजो की पकड़ भी बहुत मजबूत होती हैं तो वो चपलता और चतुराई से सांप को
1 गर्दन से पकड़ लेता है लेकिन उसको मारता नहीं।

वो उसके फन( मूंह )को निकट लाकर उस पर थूकता है और फिर उसको जमीन अथवा पेड़ से रगड़ता ( घिसता )हैं।

दो तीन बार ऐसा करने के बाद चोट खाए सांप को छोड़ देता है। जैसे ही सांप भागने की कोशिश करता है उसे पुनः पकड़कर मूंह पर थूकने और फन घिसने
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Jan 10
कमल-एक फूल, इसे मुठ्ठी मे मसल सकतेहै।
कलम-पेन,जिसे क्रश करनेके लिए कुछ औजार लगेंगे।
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इन दोनो चीजोके स्पेलिंग सीक्वेंस मे मामूली फर्क है।लेकिन इससे बनने वाली चीज के गुणधर्म एकदम अलग।डीएनए सीक्वेंस,याने जीन इसी तरह से काम करता है।जीन मे मामूली बदलाव होने से जीव के गुणधर्म मे
1 भारी परीवर्तन आ जाताहै।इसका मतलब यह भी हुआ कि उससे मुकाबला करनाहै,तो आपको एकदम ही अलग किस्मके प्रतिरोधकी जरूरत पड़ेगी।

जीन कोड छोटे भी होतेहै।लम्बे लम्बे भी...छोटे कोड सिंपल जीवों मे होते है,बड़े बड़े लंबे कोड काम्प्लेक्स जीवोमे।सबसे सिंपल जीव है वाइरस,और फिर उससे काम्प्लेक्स
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Jan 9
-गुरु ! काशी में महामृत्युंजय जाप हो रहा है ?
- काशी में तो बहुत कुछ हो रहा है !
- पंजाब में कोई चूक हुई है , प्रधानमंत्री बच के निकल आए हैं ।
- तो ?
- मोदी को कुछ हो न , इसलिए काशी के पंडित महामृत्युंजय का जाप कर रहे हैं !
1 - के कहा बे ? कुछ न हो , इस लिए महामृत्युंजय जाप हो रहा है ? माने मृत्यु न हो , इसलिए महामृत्युंजय का मंत्र बना है ।
- बात तो इहैय है
- के कहलेस बे ?
- चैनल वाले
- चैनल वाले कूकिया हैं भो के
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Jan 8
जिस ओर जवानी चलती है, बुढापा वहीं पहुंचता है।

दूसरा विश्वयुद्ध, घ्वस्त देश, बरबाद अर्थव्यवस्था ... जापान की नई पीढी को यही सौगात मिली थी। देश को राख से खड़ा़ करना था। शुरूआती कनफ्यूजन के बाद जापान की सरकार और केन्द्रीय बैंक ने अर्थव्यवस्था को खड़ा करना शुरू किया।
1 केन्द्रीय बैंक ने एक क्रेडिट सिस्टम शुरू किया - विण्डो गाइडेंस।

असलमे यह युद्ध के दौर की फंडिंग का ही एक प्रतिरूप था।तब टैंक के लिए,प्लेनके लिए,बंदूको,हथियारों,विमान वाहक पोत के लिए कोटा लक्ष्य तय होता था। बैंक सिर्फ ऋण नही देता था,बल्कि उत्पादन मे कोई बाधा न आए, ये भी देखता।
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Jan 6
मात्र20मिनट आपका काफिला रुक गयातो आपको लोक परलोक याद आ गया!..वाह मोदी जी वाह!..वैसे अच्छा हुआ अब आपको पता चल गया होगा कि जब जनताVIPमूवमेंट के चक्कर मे घण्टो जाम में फंस जाती तो उसे कैसा लगता है ?..पिछले साल कानपुर में तो राष्ट्रपति रामनाथ कोविंदका काफिला निकलने के दौरान ट्रैफिक
1 जाम में फंसी एम्बुलेंस में तो एक महिला की मौत तक हो गयी थी...

वैसे यह कोई पहली घटना नही है जब2018में आप मेट्रो की मजेंटा लाइन का उद्घाटन करने नोएडा आए थे तब भी जनसभा स्थल से बोटेनिकल गार्डेन स्थित हेलीपैड पर वापसीके दौरान आपका काफिला एक्सप्रेस-वे पर रास्ता भटक गयाथा और जाम मे
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Jan 6
जोशीमठ उत्तराखंड से मित्रAtul Sati मैसेज भेज रहे हैं!
आज सुबह ही हमारे लिए दूध लेकर आने वाले सकलानी जी ने बताया कि सुनील में उनके घर के पीछे बहुत बड़ी दरार आ गयी है।उनके घर के आगे सड़क का बड़ा हिस्सा दरार से पट गया है।जो कल तक नहीं था ।जिस पैदल रास्ते वो रोज आते हैं उसमें भी
4/1 कहीं कहीं उभार दिख रहा है जो ऊंचा नीचा हो टेढ़ा हो रहा है ।
यह बात जगह जगह दिख रही है। । इस पर तत्काल सोचे जाने की जरूरत है । यदि शीघ्र कुछ न किया गया तो बड़ी आपदा से हम बच नहीं पाएंगे ।
अभी 9 परिवार बेघर हो रहे हैं,पिछले एक हफ्ते से उनका वैकल्पिक इंतजाम नहीं हो पा रहा है
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Jan 5
भारत चीन सीमा विवाद कई लोगोंको क्लीयर नही होता।वे इतिहासकी कही सुनी बातोंपर खूब बकैती करते हे,और अन्तमे नेहरू पर ठीकरा फोड़कर पूर्णाहुति करतेहैं
एक सिम्पल ग्राफिकसे समझिये।यहां अधिकतर इलाका बंजरहै,शून्य से नीचेका तापमान,और मनुष्यके रहने लायक नहीहै।याने घासका तिनकाभी नहीं उगता।
1 लेकिन कहीं कहीं घाटी है, जिसमे जमा गाद मे खेती हो सकती है।वहां बस्तियां बस गई। अब एक बेसिक बात समझ ले। पुराने जमाने मे सीमा जीपीएस से मार्किंग तो होती नही थीं।न राजाओं को भारत माता से कोई लेना देना था।

उनको कमाई याने लगान से मतलब था,जो जनता, याने बस्ती से मिलता था।राजा महराजा
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Jan 4
स्वतंत्र भारतके इतिहासमें इससे बड़ी बेशर्मी की मिसाल कभी सामने नही आयी है जो मोदी सरकार द्वारा केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के मामले में पेश की जा रहीं हैं

लखीमपुर में हुई किसानों की हत्या के मामले में अब तक यह कहकर बचा जा रहा था कि अब तक चार्जशीट पेश नही हुई है...
1 लेकिन अब तो एसआइटी ने कोर्ट में5000 पन्नो की चार्जशीट भी पेश कर दी है...जिसमे आशीष मिश्रा को हत्या का मुख्य आरोपी बनाया गया है.......एसआईटी ने 3 अक्टूबर को हुई चार किसानों और एक पत्रकार की हत्या की उस घटना को एक ‘‘सोची-समझी साजिश’’ करार दिया है.

पांच अक्टूबर को अजय मिश्र टेनी
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Jan 4
भारत सरकार वैसे अनुच्छेद 370 हटाकर भी फंस गई है।

चीनी मीडिया के गलवान घाटी में चीन का झंडा फहराने वाले मामले पर बयान को लेकर भारतीय सेना ने कुछ दलाल मीडियावालों को "सेट" कर सूत्रों के हवाले से खबर चलवाई कि झंडा चीन के हिस्से में फहराया गया है।
1 न तो विदेश मंत्रालय और न रक्षा मंत्रालय का इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान आया है।

दिलचस्प बात यह है कि चीनी मीडिया ने झंडा फहराने वाले वीडियो में Tiananmen चौराहे वाली घटना का ज़िक्र किया है।
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Jan 3
हत्यारे

इतिहासके पन्नों पर वे कहीं नहींथे
और थे भी तो एक बदनुमा दाग की तरह
एक हत्यारें के रूप में
क्योंकि हत्या से ही शुरू होता है उनका इतिहास

उनका इतिहास एक काला पन्ना है
उनकी टोपी की तरह
खोखली बहादुरी में बांह तक मुड़ी हुई
छक सफेद शर्ट की तरह
जिसमें एक कतरा खून तक नहीं
1 देश की आजादीके नाम
एक डंडाहै
जो हांकलना चाहता है पूरी जनताको भेड़ की तरह
और एक निक्कर,जो प्रतीक है
हर प्रतिरोध के दमन का

दरअसल उनके पास ऐसा कुछ भी नहीं
जिसके लिए वे गर्व करसके
और यही आत्महीनता उन्हें कुंठित और हिंसक बनाती है।
क्योंकि वे जानते हैं जिसका कोई इतिहास नहीं होता
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Jan 3
नीचे लगे पोस्टर को देखिए जिसमे कहा गया है कि श्री भूपेश बघेल साहब पाकिस्तानकी आतंकी संस्था"दावत-ए-इस्लामी"को जमीन दे रहे है..

★★रमन सिंह,पूर्वCMछत्तीसगढ़से सीधा सवाल :दावत-ए-इस्लामी संस्था छत्तीसगढ़ में पंजीकृत है,जिसका पंजीयन नंबर 6328207012021038 है..इसका पंजीकरण तो बीजेपी
1 सरकार में15साल पहले हुआ था..बीजेपी ने पाकिस्तानी आतंकी संगठनको पंजीकृत क्यो किया?रमन सिंह,जवाब दीजिए..

👉दावते ए इस्लामी,उत्तरप्रदेश,गुजरात, मध्यप्रदेश,पश्चिम बंगालमें भी है..बीजेपी की सरकारों ने इसे कैसे अनुमति दी?

👉दावत ए इस्लामी पाकिस्तानमें भी है..और ये संगठन पूरे यूरोप/
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