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Memes | Political satire | History | Threads🧵
Sep 13, 2025 5 tweets 3 min read
सोनिया गाँधी का असली नाम सोनिया नहीं बल्कि ऐंटोनिया माईनो (Antonia Maino) है। 🧵

यह बात इटली के राजदूत ने २७ अप्रैल १९८३ को लिखे एक पत्र में स्वीकार की है। यह पत्र गृह मंत्रालय ने अपनी मर्जी से कभी सार्वजनिक नहीं किया। एंटोनिया नाम सोनिया गाँधी के जन्म प्रमाण पत्र में अंकित है। Image असली पिता

सोनिया के कथित पिता (सोनिया की माँ के असली पति) का नाम स्टीफानो माईनो (Stefano Maino) है। सोनिया के जन्मप्रमाण पत्र के
अनुसार जन्म १९४४ व जन्म स्थान लूसियाना है। स्टीफानो माईनो द्वितीय विश्व युद्ध के वक्त सन् १९४२ से १९४५ तक रूस में युद्ध बन्दी थे, जब तक कि इटली ने इंग्लैण्ड व उसके मित्र देशों की सेना के आगे आत्म-समर्पण नहीं कर दिया था। इससे साफ पता चलता है कि स्टीफानो माईनो सोनिया का पिता हो ही नहीं सकता इसलिए इस सच्चाई को छुपाने के लिए सोनिया की जन्मतिथि व जन्म स्थान दोनों बदल देने पड़े। इस धोखाधड़ी की जांच-पड़ताल करने की बजाय, उसकी नई जन्मतिथि ९ दिसम्बर १९४६ कर दी गयी और उसका नया जन्म स्थान ओरबेस्सानो कर दिया गया। रूस में बिताये जेल के लम्हों में सोनिया के पिता धीरे-धीरे रूस समर्थक बन गये थे।
Sep 8, 2025 20 tweets 6 min read
Thread of the most Mysterious places on Earth🧵

1. Kakanmath Mandir, Morena – A 1000-year-old Shiva temple believed to be built by ghosts in one night, Madhya Pradesh. 115 feet high, standing for centuries without mortar, baffling both devotees and scientists. Image 2. Vaijnath Mahadev Mandir, Gujarat – A 1000+ year old Shivling with 25 holes, from which holy water flows endlessly. Its mystery remains unsolved even today Image
Sep 5, 2025 6 tweets 5 min read
प्रेमो की रहस्यमयी कहानी - मृत्यु के बाद की दुनिया का अनुभव 🧵

हरियाणा के जींद जिले के एक छोटे से गाँव मोरखी में एक ऐसी घटना घटी, जिसने न केवल एक परिवार को हिलाकर रख दिया, बल्कि सुनने वालों के मन में भी कई सवाल छोड़ दिए। Image यह कहानी है प्रेमो की, एक 27 साल की महिला, जिसने अपने परिवार को बार-बार बताया कि वह रात को मर चुकी थी। लेकिन उसका सच सुनकर सभी के होश उड़ गए। आइए, इस रहस्यमयी कहानी को जानते हैं।

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प्रेमो एक साधारण गृहिणी थी, जिसकी शादी मोरखी गाँव में हुई थी। तीन बच्चों की माँ, प्रेमो अपने ससुराल में खुशी-खुशी जीवन बिता रही थी। वह अपने पति से बहुत प्यार करती थी और अपने बच्चों की देखभाल में डूबी रहती थी। लेकिन एक दिन, 27 साल की उम्र में वह अचानक गंभीर रूप से बीमार पड़ गई।

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प्रेमो की बीमारी ऐसी थी कि कोई दवा काम नहीं कर रही थी। वह बिस्तर पर पड़ी रहती, कमजोर और असहाय। पूरा परिवार उसकी देखभाल में जुटा था। बच्चे, सास-ससुर, जेठानी-देवरानी, ननदें - सभी उसका ध्यान रखते। लेकिन उसकी हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही थी।
Sep 2, 2025 7 tweets 4 min read
एक सच्ची घटना ,जो एक साधारण गाँव के परिवार की है🧵

जहाँ तांत्रिक विद्या और आध्यात्मिक शक्ति के बीच एक अनोखा संघर्ष हुआ। यह कहानी न सिर्फ़ आस्था की ताकत को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि साधारण उपाय भी कितने चमत्कारी हो सकते हैं। Image कहानी की शुरुआत
एक छोटे से गाँव में एक सुखी-संपन्न परिवार रहता था। इस परिवार में सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था। घर में कुलदेवी का स्थान था, जो दादी माँ की आस्था का प्रतीक था। परिवार के लोग सुख-शांति के साथ रहते थे, कोई विशेष पूजा-पाठ नहीं करते थे, बस सामान्य रूप से दीप जलाते, कभी-कभार हनुमान चालीसा या दुर्गा चालीसा पढ़ लेते। नवरात्रि में मंदिर जाकर पूजा कर लेते, और यही उनकी आध्यात्मिक दिनचर्या थी। कुलदेवी का आशीर्वाद था, जिससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती थी।
लेकिन, जैसा कि अक्सर होता है, सुखी परिवार को देखकर कुछ लोग जलन की आग में जलने लगते हैं। गाँव में ही एक व्यक्ति था, जो तांत्रिक विद्या में पारंगत था। उसने इस परिवार के खिलाफ तांत्रिक प्रयोग कर डाला। उसने घर के देवी-देवताओं का बंधन कर दिया, जिससे घर में की जाने वाली कोई भी पूजा-पाठ बेअसर होने लगी। तांत्रिक विद्या का असर ऐसा था कि परिवार में अचानक कलह, अशांति और परेशानियाँ शुरू हो गईं। पूजा-पाठ का कोई लाभ नहीं मिलता था, और घर का माहौल भारी होने लगा।
Sep 1, 2025 8 tweets 8 min read
जिसने गरुड़ पुराण की बात को सिद्धि से दी, ये वही कहानी है , अलीगढ़ में ऐसा बच्चे ने जन्म लिया जिसके जन्म से ही शरीर पर गोलियों के निशान थे 🧵

कहानी है ये आए कैसे !? एक सच्ची घटना Image ग्रेटर नोएडा में एक 24-25 साल का लड़का ठेला लगाता था। वह बड़ी-बड़ी कॉलोनियों में अपना फास्ट फूड या चाट का ठेला चलाता था, जिस पर “भंडार” जैसा कुछ लिखा होता था। वह अपनी जिंदगी खुशी-खुशी जी रहा था। एक दिन एक अमीर व्यक्ति उसके पास आया और उसे धमकाने लगा। उसने कहा, “तू दो कौड़ी का इंसान है, फिर भी मुझे ऐटिट्यूड दिखा रहा है? जल्दी से मेरे लिए एक प्लेट तैयार कर, वरना तेरे गाल पर तमाचा मारूंगा।”
यह सुनकर लड़के की आंखों में आंसू आ गए। उसने पीठ फेरकर अपने आंसू पोंछे और चुपचाप काम करने लगा। उसकी यह हालत देखकर अमीर व्यक्ति को शर्मिंदगी महसूस हुई। उसने कहा, “क्या मेरी बातों से तुझे बुरा लगा? मेरा इरादा तेरा दिल दुखाने का नहीं था।” तब लड़के ने जवाब दिया, “कोई बात नहीं साहब, जिस ऊंचाई पर आप हैं, मैं भी कभी वहां था।
Aug 31, 2025 10 tweets 4 min read
यह कहानी महावीर नामक एक व्यक्ति की है, जिसने 2021 के मार्च में एक असाधारण घटना का सामना किया। यह घटना न केवल उसके जीवन को बदल देती है,

नरक देखने पश्चात् बन गया कृष्ण भक्त

#Thread Image आध्यात्मिक अनुभवों के उदाहरण: महावीर की लंबी यात्रा
यह एक विस्तृत और गहन कथा है जो आध्यात्मिक अनुभवों की अनोखी परतें उजागर करती है। प्रस्तुत दस्तावेज़ और छवियों के आधार पर, यह कहानी महावीर नामक एक व्यक्ति की है, जिसने 2021 के मार्च में एक असाधारण घटना का सामना किया। यह घटना न केवल उसके जीवन को बदल देती है, बल्कि आध्यात्मिकता, कर्म, और परलोक के रहस्यों को समझने की दिशा में एक मार्ग प्रशस्त करती है। नीचे इस लंबी कहानी को विस्तार से प्रस्तुत किया गया है, जिसमें हर पहलू को बिना काटे और पूरी गहराई से शामिल किया गया है।
Aug 30, 2025 10 tweets 3 min read
Princess Diana was truly the princess of humanity 🧵 - A Thread

1. This video shows this

2. Princess Diana responding to rumors about her mental health (1996)

Aug 19, 2025 15 tweets 5 min read
दुनिया का सबसे ऊँचा शिखर माउंट एवरेस्ट 🏔️

एक चौंकाने वाला Thread अवश्य पढ़े 🧵

1 ) माउंट एवरेस्ट की शिखर पर जाने के लिए हमेशा भारी भीड़ रहती हैं ! Image 2 ) असंख्य लोग एवरेस्ट चढ़ने पहुँच जाते हैं

Aug 16, 2025 12 tweets 4 min read
Thread of the most Mysterious places on Earth🧵

1. Ancient mystery is There is no known recorded age for the Tulsi trees at Nidhivan vrindavan India 🇮🇳 Image 2. ancient Orthodox temples are not merely structures.

They embody the design and principles of the human body& mysteries of the universe.

Gangaikonda Cholapuram Temple serve as sources of science and knowledge. Image
Aug 12, 2025 17 tweets 18 min read
ब्रिटेन में हत्यारों को सजा मिली, लेकिन भारत में नहीं! सुरजीत कौर अथवाल की दर्दनाक स्टोरी – 16 साल की उम्र में जबरन शादी, ससुराल में अत्याचार, और ‘इज्जत’ के नाम पर हत्या। 🧵 Image सुरजीत कौर अथवाल की कहानी एक ऐसी दर्दनाक सच्चाई है जो दो देशों, ब्रिटेन और भारत, को हिला कर रख देती है। ये एक ऑनर किलिंग की कहानी है, जहां ‘इज्जत’ के नाम पर एक औरत की जिंदगी छीन ली गई। ब्रिटेन में तो गुनहगारों को सजा मिल गई, लेकिन जिस देश में हत्या हुई, भारत में, अब तक किसी को सजा नहीं मिली। सुरजीत की देवरानी सरजीत ने उसे न्याय दिलाने के लिए एक किताब लिखी, जिसका नाम था “शेम्ड: द ऑनर किलिंग दैट शॉक्ड ब्रिटेन”। ये केस 1990 के दशक से लेकर 2000 के अंतिम वर्षों तक चला, और इसने न सिर्फ ब्रिटेन को बल्कि भारत के पंजाब राज्य को भी हिला कर रख दिया। इस दौरान एक हत्या की ऐसी साजिश रची गई, जिसकी क्रूरता और हत्यारों की सोच जानकर किसी की भी रूह कांप उठे।
साल 1987 में सुरजीत कौर सिर्फ 16 साल की थी। उसके माता-पिता, मोहनदेव पाल सिंह ढिल्लू और सुरेंद्र कौर, ने उसके लिए जीवन साथी ढूंढना शुरू कर दिया और उन्होंने एक 26 वर्षीय युवक सुखदेव सिंह अथवाल को चुना। सुरजीत इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थी, लेकिन पारिवारिक दबाव में आकर उसे इस शादी के लिए मजबूर कर दिया गया। एक ऐसे शख्स से जो उससे करीब 10 साल बड़ा था। सुरजीत एक हंसमुख, निडर और जिंदादिल लड़की थी। उसके परिवार को उम्मीद थी कि शादी के बाद भी उसकी जिंदगी वैसे ही खुशहाल रहेगी। लेकिन हकीकत कुछ और थी। उन दिनों पंजाब के कई गांवों में सामाजिक सोच काफी कट्टरपंथी थी। लड़कियों की आजादी बेहद सीमित थी और अक्सर किशोरावस्था में ही उनकी शादियां तय कर दी जाती थीं। हालांकि सुरजीत के माता-पिता यूनाइटेड किंगडम में बस चुके थे, लेकिन उनकी सोच अब भी भारत के ग्रामीण मूल्यों से गहराई से जुड़ी हुई थी। यही वजह थी कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी इतनी जल्दी कर दी। वह भी उस इंसान से जिसे सुरजीत ने शादी से पहले सिर्फ एक बार देखा था।
Aug 7, 2025 15 tweets 6 min read
Thread of the most Mysterious places on Earth🧵

1. Tirupati Tirumala , Andhra Pradesh India 🇮🇳 Image 2. Early Harappan pottery with triśūla sign, from Jalilpur, Pakistan, about 5000 years old Image
Aug 3, 2025 6 tweets 5 min read
ये भविष्यवाणी टलेगी नहीं चाहे कोईˈ कुछ भी कर ले - अब सब बदलने वाला है 🧵

ईरान क्यों छोड़ रहा है इस्लाम? Image फ्रांस के भविष्‍यवक्ता मिशेल द नोस्त्रदाम, भारत के भविष्य वक्ता संद अच्युतानंद दास और बुल्गारिया की भविष्‍यवक्ता बाबा वेंगा की भष्यिवाणी तो सभी ने पढ़ी और सुनी होगी, लेकिन बहुत कम लोगों ने एक भविष्यवाणी पर ध्यान दिया होगा।
इसके अलावा भी देश और विदेश के लोगों ने भी यह कहा है। आखिर वह भविष्वाणी क्या है?

कॉमन भविष्यवाणी

नास्त्रेदमस और अच्युतानंद दोनों ही कहते हैं कि अंतरिक्ष से गिरेगा विशालकाय उल्कापिंड जो कई देशों को समुद्र में डूबो देगा। दोनों की भविष्यवाणी में भारत में किसी महान नेता के जन्म की बात कही है जो कि दुनिया को बदल कर रख देगा। तीनों भविष्यवक्ता कहते हैं कि तीसरा विश्व युद्ध होगा। बाबा वेन्गा के अनुसार महान युद्ध होगा जिसमें ड्रेगन दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति बन जाएगा, लेकिन हम इस भविष्यवाणी की चर्चा नहीं कर रहे हैं। यह एक अगल की भविष्यवाणी है।
Aug 2, 2025 18 tweets 4 min read
🧵 एक Royal Family, एक रहस्यमयी हादसा और एक प्रेम कहानी मुस्लिम ज़ुबैदा जो बनी हिंदू “विद्यारानी”और महाराजा हनुवंत सिंह की गाथा #Thread Image एक था राजा, एक थी रानी।और एक दिन, दोनों का प्लेन क्रैश हो गया… जहाँ कहानी खत्म होनी थी,
वहीं से असल कहानी शुरू होती है।

2️⃣
1950 का दशक
भारत आज़ाद हो चुका था, लेकिन रियासतों का वर्चस्व अभी बाकी था।राजस्थान के जोधपुर रियासत के राजा हनुवंत सिंह, युवा, साहसी और जनता के चहेते थे।

इधर मुंबई की चकाचौंध में पली-बढ़ी ज़ुबैदा बेगम, एक अमीर मुस्लिम परिवार की इकलौती बेटी थीं।
उनके पिता कासिम भाई मेहता फ़िल्म इंडस्ट्री में बड़ा नाम थे।
Jul 30, 2025 8 tweets 5 min read
यादव भड़काने नहीं चाहिए क्यूंकि जब भी बात कृष्ण वंशज की आती है भड़क जाते है

भगवान श्रीकृष्ण का असली वंशज कौन है? 🧵 Image महाभारत में मौसलपर्व में वर्णन है कृष्ण के सारे वंसज गांधारी के श्राप के फलस्वरूप मारे जाते है कोई नहीं बचता परिवार का..

पूरी महाभारत में कहीं भी भगवान श्रीकृष्ण को आभीर नही कहा गया है। न उनके किसी वंसज को आभीर कहा गया है।
महाभारत में आभीरों का जो वर्णन है, वह यह है —
ततस्ते पापकर्माणो लोभोपहतचेतसः
आभीरा मंत्रयामासः समेत्याशुभदर्शन का "

( श्रीमहाभारत- मौसलपर्व सप्तमोध्यायः - श्लोक - 47 )

इस श्लोक का अर्थ है,— लोभ से उनकी विवेक शक्ति नष्ठ हो गयी, उन अशुभदर्शी पापाचारी आभीरों ने परस्पर मिलकर सलाह की.
यह श्लोक तब है, जब अर्जुन डूबती हुई द्वारिका के द्वारिकावासियों को बचाने निकलते है । वहां इनकी मन्त्रणा चलती है

"देखो यह अकेला अर्जुन बूढों, बालको, ओर अनाथ समूह लिए जा रहा है, अतः इसपर म्लेच्छो ने सोचा आक्रमण करना चाहिए।
प्रेक्षतस्तवेव पार्थस्य वृषणयन्धकवरस्त्रीय
जग्मुरादाय ते मल्लेछा समन्ताजज्नमेय् ।।

(मौसल पर्व सप्तम अध्याय - श्लोक ६३ ) -
अर्थात - अर्जुन देखता ही रह गया, वह म्लेच्छ डाकू सब ओर से वृष्णिवंश और अन्धकवंश कि सुंदर स्त्रियो पर टूट पड़े ।
Jul 29, 2025 14 tweets 7 min read
इंदिरा गांधी ने मेनिका को घर से क्यों निकाला? 🧵

संजय गांधी, कांग्रेस का युवराज और एक बिछड़ी कहानी Image संजय गांधी को कभी कांग्रेस पार्टी का “युवराज” कहा जाता था। वे इंदिरा गांधी के सबसे करीब माने जाते थे और पार्टी में कई बड़े फैसलों में पर्दे के पीछे से उनकी अहम भूमिका हुआ करती थी। उस दौर में जब राजीव गांधी राजनीति से पूरी तरह दूर थे, तब संजय कांग्रेस के उभरते सितारे थे।

लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था।
Jul 28, 2025 20 tweets 11 min read
जवाहरलाल नेहरू का एडविना माउंटबेटन से कैसा रिश्ता था? 🧵 Image भारत आने के बाद लॉर्ड माउंटबेटन ने जब गवर्नमेंट हाउज़ में पहली गार्डेन पार्टी दी तो लोग ये देख कर दंग रह गए कि जवाहरलाल नेहरू एडविना के कदमों पर ज़मीन पर बैठ कर डांस शो का आनंद उठा रहे हैं.
हालांकि कुर्सियों की कमी पड़ जाने की वजह से भारत के भावी प्रधानमंत्री ने ऐसा किया था, लेकिन लोगों की नज़र से ये छिप नहीं सका कि आखिर नेहरू एडविना के ही पैरों के पास क्यों बैठे.
पार्टी के तुरंत बाद एडविना अपनी बेटी पामेला के साथ नेहरू के घर गईं थीं. दिलचस्प बात ये थी कि इस बार लॉर्ड माउंटबेटन उनके साथ नहीं थे.
वैसे तो लॉर्ड वेवेल के ज़माने से ही नेहरू गवर्नमेंट हाउज़ के स्वीमिंग पूल में तैरने जाया करते थे, लेकिन तब कोई इस बारे में बात नहीं करता था.Image
Jul 27, 2025 12 tweets 11 min read
थाईलैंड और कंबोडिया एक प्राचीन सीमा विवाद की चिंगारी 🧵 Image दुनिया के पश्चिमी हिस्सों में आपने युद्ध की आग को भड़कते देखा होगा। रूस-यूक्रेन का संघर्ष, इज़राइल-हमास की जंग, सुडान का गृहयुद्ध, और इज़राइल-ईरान के बीच तनाव। लेकिन अब यह आग पूर्व की ओर बढ़ रही है, जहाँ दो बौद्ध-बहुल देशों थाईलैंड और कंबोडिया के बीच युद्ध की आहट सुनाई दे रही है। 24 जुलाई 2025 को इन दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीमा पर गोलीबारी हुई। इस हिंसा में 10 से अधिक आम नागरिक अपनी जान गँवा चुके हैं। थाईलैंड ने कंबोडिया से लगी अपनी सीमा को पूरी तरह सील कर दिया है और कंबोडिया के अंदर हवाई हमले भी किए हैं। दोनों देश अपने-अपने सीमावर्ती इलाकों को खाली करा रहे हैं, और उनकी सेनाएँ युद्ध के लिए तैयार दिख रही हैं।
Jul 3, 2025 12 tweets 11 min read
एकादश "रुद्रों" की उत्पत्ति की कथा क्या है?🧵 Image भगवान रुद्र ही इस सृष्टि के सृजन, पालन और संहार कर्ता हैं। शंभु, शिव, ईश्वरऔर महेश्वर आदि नाम उन्हीं के पर्याय हैं। श्रुति का कथन है कि एक ही रूद्र हैं, जो सभी लोगों को अपनी शक्ति से संचालित करते हैं। वही सब के भीतर अंतर्यामी रूप से भी स्थित हैं।
आध्यात्मिक, आधिभौतिक और आधिदैविक रूप से उनके ग्यारह पृथक पृथक नाम श्रुति पुराण आदि में प्राप्त होते हैं। बृहदारण्यक उपनिषद में पुरुष के दस प्राण और ग्यारहवां आत्मा यह एकादश आध्यात्मिक रुद्र बताए गए हैं।
अंतरिक्ष में स्थित वायु ही हमारे शरीर में प्राणरूप होकर प्रविष्ट है और शरीर के दस स्थानों में कार्य करता है। इसलिए उसे रुद्र प्राण कहते हैं। आत्मा ग्यारहवें रूद्रप्राण के रूप में जाना जाता है।
आधिभौतिक रूद्र पृथ्वी, जल, तेज, वायु, आकाश, सूर्य, चंद्रमा, यजमान , पवन, पावक और शुचि नाम से कहे गए हैं। इनमें प्रथम आठ शिव की अष्टमूर्ति कहलाते हैं, शेष तीन पवमान, पावक और शुचि घोररूप हैं। आधिदैविक रुद्र तारामंडलों में रहते हैं।
विभिन्न पुराणों मे इनके नाम तथा उत्पत्ति के भिन्न भिन्न कारण मिलते हैं। पुराणों में इनकी उत्पत्ति का कारण प्रजापति के सृष्टि रच पाने की असमर्थता पर उनके क्रोध और अश्रु को बताया गया है।

सनातन धर्म में एकादश रुद्र की महिमा का वर्णन है। इन्हें भगवान शिव का स्वरुप माना गया गया। लेकिन कई धर्मग्रंथों के अध्ययन से हमें कई भिन्न बातों का पता चलता है। कहीं इन्हें भगवान ब्रह्मा जी से उत्पन्न बताया गया है तो कहीं इन्हें भगवान विष्णु का स्वरुप भी कहा गया है। तो आखिर प्रश्न यही उठता है कि एकादश रुद्र को भगवान शिव से कैसे संयुक्त किया गया है।
Jul 2, 2025 8 tweets 3 min read
KBC मैं 5 करोड़ जीतने क बाद सुशील कुमार की जिंदगी में शुरू हुआ था बुरा दौर, बयां किया अपना दर्द ! 🧵 Image रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' का नया सीजन 23 अगस्त से शुरू हो रहा है। सोनी टीवी पर आने वाला ये शो अमिताभ बच्चन द्वारा होस्ट किया जाता है और इस शो में सवालों का सही जवाब देकर करोड़ पति बना जा सकता है।
इस शो को कई सारे करोड़पति भी मिले हैं लेकिन आज तक हर किसी को बस सुशील कुमार ही याद है। दरअसल सुशील कुमार ने इस शो में 5 करोड़ रुपए जीते थे। बिहार के सुशील कुमार ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे। लेकिन फिर भी हर सवाल का जवाब सही देकर ये 5 करोड़ की राशि जीत गए थे। हालांकि सुशील कुमार की किस्मत ने इनका साथ नहीं दिया और इतनी राशि जीतने के बाद भी आज ये गरीबी में जी रहे हैं।
Jun 27, 2025 5 tweets 2 min read
गुस्से पर काबू रखकर पढ़ना.....

सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जब मृत्यु हुई तो एक घंटे बाद तत्कालीन-प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने एक घोषणा की।

- घोषणा के तुरन्त बाद उसी दिन एक आदेश जारी किया गया, उस आदेश के दो बिन्दु थे। पहला यह था, की सरदार पटेल को दी गयी सरकारी-कार को उसी वक्त वापिस लिया जाय, और दूसरा.....

शेष कमेंट में पढ़िए.... 👇Image दूसरा बिन्दु था की गृह मंत्रालय के वे सचिव/अधिकारी जो सरदार-पटेल के अन्तिम संस्कार में बम्बई जाना चाहते हैं, वो अपने खर्चे पर जायें।

लेकिन तत्कालीन गृह सचिव वी. पी मेनन ने प्रधानमंत्री नेहरु के इस पत्र का जिक्र ही अपनी अकस्मात बुलाई बैठक में नहीं किया और सभी अधिकारियों को बिना बताये अपने खर्चे पर बम्बई भेज दिया।

उसके बाद नेहरु ने कैबिनेट की तरफ से तत्कालीन राष्ट्रपति श्री राजेन्द्र प्रसाद को सलाह भेजवाया की वे सरदार-पटेल के अंतिम-संस्कार में भाग न लें।
Jun 24, 2025 4 tweets 3 min read
इसराइल ने ईरान के इतने सैन्य अधिकारी कैसे मारे?🧵

ईरान को अंदर से हिला देने वाली खूबसूरत जासूस की कहानी उसने बंदूक नहीं उठाई, उसने विमान नहीं उड़ाया, उसने टैंक नहीं चलाया, लेकिन उसने नरम स्त्री के रूप के माध्यम से ईरानी शासन को अंदर से भेद दिया, जैसे तेहरान की गर्मियों में चाकू मक्खन के टुकड़े को भेदता है।Image कैथरीन पेरेज़ शकदम» इजरायली जासूस, फ्रांसीसी परमिट के साथ तेहरान में घुस गई, एक मुस्लिम महिला होने का नाटक करते हुए जिसने एक यमनी मुस्लिम व्यक्ति से शादी की जहां तक उसका असली लक्ष्य ईरानी शासन को अंदर से भेदना था। यह जासूस फ्रांसीसी राष्ट्रीयता और यहूदी मूल की है, क्योंकि वह फ्रांस में एक धर्मनिरपेक्ष यहूदी परिवार में पैदा हुई थी, और बाद में जब उसने यमन के एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी की तो उसने इस्लाम धर्म अपना लिया, और एक शिया मुस्लिम बनने का दावा किया, हिजाब पहना, और शिया इस्लाम पर कई किताबें और कई लेख लिखे, और वह ईरान की सबसे मजबूत रक्षकों में से एक थी और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और वैश्विक मीडिया जैसे: प्रेस टीवी, विदेश नीति संघ, यमन पोस्ट, ओस्लो टाइम्स, गार्जियन, यूनाइटेड स्टेट्स इंडिपेंडेंट, आरटी, विदेश नीति जर्नल, अमेरिकन हेराल्ड ट्रिब्यून और कई अन्य में बार-बार ईरान के निरंतर दमन के बारे में बताया।