Princess Diana was truly the princess of humanity 🧵 - A Thread
1. This video shows this
2. Princess Diana responding to rumors about her mental health (1996)
Aug 19 • 15 tweets • 5 min read
दुनिया का सबसे ऊँचा शिखर माउंट एवरेस्ट 🏔️
एक चौंकाने वाला Thread अवश्य पढ़े 🧵
1 ) माउंट एवरेस्ट की शिखर पर जाने के लिए हमेशा भारी भीड़ रहती हैं !
2 ) असंख्य लोग एवरेस्ट चढ़ने पहुँच जाते हैं
Aug 16 • 12 tweets • 4 min read
Thread of the most Mysterious places on Earth🧵
1. Ancient mystery is There is no known recorded age for the Tulsi trees at Nidhivan vrindavan India 🇮🇳 2. ancient Orthodox temples are not merely structures.
They embody the design and principles of the human body& mysteries of the universe.
Gangaikonda Cholapuram Temple serve as sources of science and knowledge.
Aug 12 • 17 tweets • 18 min read
ब्रिटेन में हत्यारों को सजा मिली, लेकिन भारत में नहीं! सुरजीत कौर अथवाल की दर्दनाक स्टोरी – 16 साल की उम्र में जबरन शादी, ससुराल में अत्याचार, और ‘इज्जत’ के नाम पर हत्या। 🧵
सुरजीत कौर अथवाल की कहानी एक ऐसी दर्दनाक सच्चाई है जो दो देशों, ब्रिटेन और भारत, को हिला कर रख देती है। ये एक ऑनर किलिंग की कहानी है, जहां ‘इज्जत’ के नाम पर एक औरत की जिंदगी छीन ली गई। ब्रिटेन में तो गुनहगारों को सजा मिल गई, लेकिन जिस देश में हत्या हुई, भारत में, अब तक किसी को सजा नहीं मिली। सुरजीत की देवरानी सरजीत ने उसे न्याय दिलाने के लिए एक किताब लिखी, जिसका नाम था “शेम्ड: द ऑनर किलिंग दैट शॉक्ड ब्रिटेन”। ये केस 1990 के दशक से लेकर 2000 के अंतिम वर्षों तक चला, और इसने न सिर्फ ब्रिटेन को बल्कि भारत के पंजाब राज्य को भी हिला कर रख दिया। इस दौरान एक हत्या की ऐसी साजिश रची गई, जिसकी क्रूरता और हत्यारों की सोच जानकर किसी की भी रूह कांप उठे।
साल 1987 में सुरजीत कौर सिर्फ 16 साल की थी। उसके माता-पिता, मोहनदेव पाल सिंह ढिल्लू और सुरेंद्र कौर, ने उसके लिए जीवन साथी ढूंढना शुरू कर दिया और उन्होंने एक 26 वर्षीय युवक सुखदेव सिंह अथवाल को चुना। सुरजीत इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थी, लेकिन पारिवारिक दबाव में आकर उसे इस शादी के लिए मजबूर कर दिया गया। एक ऐसे शख्स से जो उससे करीब 10 साल बड़ा था। सुरजीत एक हंसमुख, निडर और जिंदादिल लड़की थी। उसके परिवार को उम्मीद थी कि शादी के बाद भी उसकी जिंदगी वैसे ही खुशहाल रहेगी। लेकिन हकीकत कुछ और थी। उन दिनों पंजाब के कई गांवों में सामाजिक सोच काफी कट्टरपंथी थी। लड़कियों की आजादी बेहद सीमित थी और अक्सर किशोरावस्था में ही उनकी शादियां तय कर दी जाती थीं। हालांकि सुरजीत के माता-पिता यूनाइटेड किंगडम में बस चुके थे, लेकिन उनकी सोच अब भी भारत के ग्रामीण मूल्यों से गहराई से जुड़ी हुई थी। यही वजह थी कि उन्होंने अपनी बेटी की शादी इतनी जल्दी कर दी। वह भी उस इंसान से जिसे सुरजीत ने शादी से पहले सिर्फ एक बार देखा था।
Aug 7 • 15 tweets • 6 min read
Thread of the most Mysterious places on Earth🧵
1. Tirupati Tirumala , Andhra Pradesh India 🇮🇳 2. Early Harappan pottery with triśūla sign, from Jalilpur, Pakistan, about 5000 years old
Aug 3 • 6 tweets • 5 min read
ये भविष्यवाणी टलेगी नहीं चाहे कोईˈ कुछ भी कर ले - अब सब बदलने वाला है 🧵
ईरान क्यों छोड़ रहा है इस्लाम?
फ्रांस के भविष्यवक्ता मिशेल द नोस्त्रदाम, भारत के भविष्य वक्ता संद अच्युतानंद दास और बुल्गारिया की भविष्यवक्ता बाबा वेंगा की भष्यिवाणी तो सभी ने पढ़ी और सुनी होगी, लेकिन बहुत कम लोगों ने एक भविष्यवाणी पर ध्यान दिया होगा।
इसके अलावा भी देश और विदेश के लोगों ने भी यह कहा है। आखिर वह भविष्वाणी क्या है?
कॉमन भविष्यवाणी
नास्त्रेदमस और अच्युतानंद दोनों ही कहते हैं कि अंतरिक्ष से गिरेगा विशालकाय उल्कापिंड जो कई देशों को समुद्र में डूबो देगा। दोनों की भविष्यवाणी में भारत में किसी महान नेता के जन्म की बात कही है जो कि दुनिया को बदल कर रख देगा। तीनों भविष्यवक्ता कहते हैं कि तीसरा विश्व युद्ध होगा। बाबा वेन्गा के अनुसार महान युद्ध होगा जिसमें ड्रेगन दुनिया की सबसे बड़ी महाशक्ति बन जाएगा, लेकिन हम इस भविष्यवाणी की चर्चा नहीं कर रहे हैं। यह एक अगल की भविष्यवाणी है।
Aug 2 • 18 tweets • 4 min read
🧵 एक Royal Family, एक रहस्यमयी हादसा और एक प्रेम कहानी मुस्लिम ज़ुबैदा जो बनी हिंदू “विद्यारानी”और महाराजा हनुवंत सिंह की गाथा #Thread
एक था राजा, एक थी रानी।और एक दिन, दोनों का प्लेन क्रैश हो गया… जहाँ कहानी खत्म होनी थी,
वहीं से असल कहानी शुरू होती है।
2️⃣
1950 का दशक
भारत आज़ाद हो चुका था, लेकिन रियासतों का वर्चस्व अभी बाकी था।राजस्थान के जोधपुर रियासत के राजा हनुवंत सिंह, युवा, साहसी और जनता के चहेते थे।
इधर मुंबई की चकाचौंध में पली-बढ़ी ज़ुबैदा बेगम, एक अमीर मुस्लिम परिवार की इकलौती बेटी थीं।
उनके पिता कासिम भाई मेहता फ़िल्म इंडस्ट्री में बड़ा नाम थे।
Jul 30 • 8 tweets • 5 min read
यादव भड़काने नहीं चाहिए क्यूंकि जब भी बात कृष्ण वंशज की आती है भड़क जाते है
भगवान श्रीकृष्ण का असली वंशज कौन है? 🧵
महाभारत में मौसलपर्व में वर्णन है कृष्ण के सारे वंसज गांधारी के श्राप के फलस्वरूप मारे जाते है कोई नहीं बचता परिवार का..
पूरी महाभारत में कहीं भी भगवान श्रीकृष्ण को आभीर नही कहा गया है। न उनके किसी वंसज को आभीर कहा गया है।
महाभारत में आभीरों का जो वर्णन है, वह यह है —
ततस्ते पापकर्माणो लोभोपहतचेतसः
आभीरा मंत्रयामासः समेत्याशुभदर्शन का "
इस श्लोक का अर्थ है,— लोभ से उनकी विवेक शक्ति नष्ठ हो गयी, उन अशुभदर्शी पापाचारी आभीरों ने परस्पर मिलकर सलाह की.
यह श्लोक तब है, जब अर्जुन डूबती हुई द्वारिका के द्वारिकावासियों को बचाने निकलते है । वहां इनकी मन्त्रणा चलती है
"देखो यह अकेला अर्जुन बूढों, बालको, ओर अनाथ समूह लिए जा रहा है, अतः इसपर म्लेच्छो ने सोचा आक्रमण करना चाहिए।
प्रेक्षतस्तवेव पार्थस्य वृषणयन्धकवरस्त्रीय
जग्मुरादाय ते मल्लेछा समन्ताजज्नमेय् ।।
(मौसल पर्व सप्तम अध्याय - श्लोक ६३ ) -
अर्थात - अर्जुन देखता ही रह गया, वह म्लेच्छ डाकू सब ओर से वृष्णिवंश और अन्धकवंश कि सुंदर स्त्रियो पर टूट पड़े ।
Jul 29 • 14 tweets • 7 min read
इंदिरा गांधी ने मेनिका को घर से क्यों निकाला? 🧵
संजय गांधी, कांग्रेस का युवराज और एक बिछड़ी कहानी
संजय गांधी को कभी कांग्रेस पार्टी का “युवराज” कहा जाता था। वे इंदिरा गांधी के सबसे करीब माने जाते थे और पार्टी में कई बड़े फैसलों में पर्दे के पीछे से उनकी अहम भूमिका हुआ करती थी। उस दौर में जब राजीव गांधी राजनीति से पूरी तरह दूर थे, तब संजय कांग्रेस के उभरते सितारे थे।
लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंज़ूर था।
Jul 28 • 20 tweets • 11 min read
जवाहरलाल नेहरू का एडविना माउंटबेटन से कैसा रिश्ता था? 🧵
भारत आने के बाद लॉर्ड माउंटबेटन ने जब गवर्नमेंट हाउज़ में पहली गार्डेन पार्टी दी तो लोग ये देख कर दंग रह गए कि जवाहरलाल नेहरू एडविना के कदमों पर ज़मीन पर बैठ कर डांस शो का आनंद उठा रहे हैं.
हालांकि कुर्सियों की कमी पड़ जाने की वजह से भारत के भावी प्रधानमंत्री ने ऐसा किया था, लेकिन लोगों की नज़र से ये छिप नहीं सका कि आखिर नेहरू एडविना के ही पैरों के पास क्यों बैठे.
पार्टी के तुरंत बाद एडविना अपनी बेटी पामेला के साथ नेहरू के घर गईं थीं. दिलचस्प बात ये थी कि इस बार लॉर्ड माउंटबेटन उनके साथ नहीं थे.
वैसे तो लॉर्ड वेवेल के ज़माने से ही नेहरू गवर्नमेंट हाउज़ के स्वीमिंग पूल में तैरने जाया करते थे, लेकिन तब कोई इस बारे में बात नहीं करता था.
Jul 27 • 12 tweets • 11 min read
थाईलैंड और कंबोडिया एक प्राचीन सीमा विवाद की चिंगारी 🧵
दुनिया के पश्चिमी हिस्सों में आपने युद्ध की आग को भड़कते देखा होगा। रूस-यूक्रेन का संघर्ष, इज़राइल-हमास की जंग, सुडान का गृहयुद्ध, और इज़राइल-ईरान के बीच तनाव। लेकिन अब यह आग पूर्व की ओर बढ़ रही है, जहाँ दो बौद्ध-बहुल देशों थाईलैंड और कंबोडिया के बीच युद्ध की आहट सुनाई दे रही है। 24 जुलाई 2025 को इन दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीमा पर गोलीबारी हुई। इस हिंसा में 10 से अधिक आम नागरिक अपनी जान गँवा चुके हैं। थाईलैंड ने कंबोडिया से लगी अपनी सीमा को पूरी तरह सील कर दिया है और कंबोडिया के अंदर हवाई हमले भी किए हैं। दोनों देश अपने-अपने सीमावर्ती इलाकों को खाली करा रहे हैं, और उनकी सेनाएँ युद्ध के लिए तैयार दिख रही हैं।
Jul 3 • 12 tweets • 11 min read
एकादश "रुद्रों" की उत्पत्ति की कथा क्या है?🧵
भगवान रुद्र ही इस सृष्टि के सृजन, पालन और संहार कर्ता हैं। शंभु, शिव, ईश्वरऔर महेश्वर आदि नाम उन्हीं के पर्याय हैं। श्रुति का कथन है कि एक ही रूद्र हैं, जो सभी लोगों को अपनी शक्ति से संचालित करते हैं। वही सब के भीतर अंतर्यामी रूप से भी स्थित हैं।
आध्यात्मिक, आधिभौतिक और आधिदैविक रूप से उनके ग्यारह पृथक पृथक नाम श्रुति पुराण आदि में प्राप्त होते हैं। बृहदारण्यक उपनिषद में पुरुष के दस प्राण और ग्यारहवां आत्मा यह एकादश आध्यात्मिक रुद्र बताए गए हैं।
अंतरिक्ष में स्थित वायु ही हमारे शरीर में प्राणरूप होकर प्रविष्ट है और शरीर के दस स्थानों में कार्य करता है। इसलिए उसे रुद्र प्राण कहते हैं। आत्मा ग्यारहवें रूद्रप्राण के रूप में जाना जाता है।
आधिभौतिक रूद्र पृथ्वी, जल, तेज, वायु, आकाश, सूर्य, चंद्रमा, यजमान , पवन, पावक और शुचि नाम से कहे गए हैं। इनमें प्रथम आठ शिव की अष्टमूर्ति कहलाते हैं, शेष तीन पवमान, पावक और शुचि घोररूप हैं। आधिदैविक रुद्र तारामंडलों में रहते हैं।
विभिन्न पुराणों मे इनके नाम तथा उत्पत्ति के भिन्न भिन्न कारण मिलते हैं। पुराणों में इनकी उत्पत्ति का कारण प्रजापति के सृष्टि रच पाने की असमर्थता पर उनके क्रोध और अश्रु को बताया गया है।
सनातन धर्म में एकादश रुद्र की महिमा का वर्णन है। इन्हें भगवान शिव का स्वरुप माना गया गया। लेकिन कई धर्मग्रंथों के अध्ययन से हमें कई भिन्न बातों का पता चलता है। कहीं इन्हें भगवान ब्रह्मा जी से उत्पन्न बताया गया है तो कहीं इन्हें भगवान विष्णु का स्वरुप भी कहा गया है। तो आखिर प्रश्न यही उठता है कि एकादश रुद्र को भगवान शिव से कैसे संयुक्त किया गया है।
Jul 2 • 8 tweets • 3 min read
KBC मैं 5 करोड़ जीतने क बाद सुशील कुमार की जिंदगी में शुरू हुआ था बुरा दौर, बयां किया अपना दर्द ! 🧵
रियलिटी शो 'कौन बनेगा करोड़पति' का नया सीजन 23 अगस्त से शुरू हो रहा है। सोनी टीवी पर आने वाला ये शो अमिताभ बच्चन द्वारा होस्ट किया जाता है और इस शो में सवालों का सही जवाब देकर करोड़ पति बना जा सकता है।
इस शो को कई सारे करोड़पति भी मिले हैं लेकिन आज तक हर किसी को बस सुशील कुमार ही याद है। दरअसल सुशील कुमार ने इस शो में 5 करोड़ रुपए जीते थे। बिहार के सुशील कुमार ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे। लेकिन फिर भी हर सवाल का जवाब सही देकर ये 5 करोड़ की राशि जीत गए थे। हालांकि सुशील कुमार की किस्मत ने इनका साथ नहीं दिया और इतनी राशि जीतने के बाद भी आज ये गरीबी में जी रहे हैं।
Jun 27 • 5 tweets • 2 min read
गुस्से पर काबू रखकर पढ़ना.....
सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जब मृत्यु हुई तो एक घंटे बाद तत्कालीन-प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने एक घोषणा की।
- घोषणा के तुरन्त बाद उसी दिन एक आदेश जारी किया गया, उस आदेश के दो बिन्दु थे। पहला यह था, की सरदार पटेल को दी गयी सरकारी-कार को उसी वक्त वापिस लिया जाय, और दूसरा.....
शेष कमेंट में पढ़िए.... 👇
दूसरा बिन्दु था की गृह मंत्रालय के वे सचिव/अधिकारी जो सरदार-पटेल के अन्तिम संस्कार में बम्बई जाना चाहते हैं, वो अपने खर्चे पर जायें।
लेकिन तत्कालीन गृह सचिव वी. पी मेनन ने प्रधानमंत्री नेहरु के इस पत्र का जिक्र ही अपनी अकस्मात बुलाई बैठक में नहीं किया और सभी अधिकारियों को बिना बताये अपने खर्चे पर बम्बई भेज दिया।
उसके बाद नेहरु ने कैबिनेट की तरफ से तत्कालीन राष्ट्रपति श्री राजेन्द्र प्रसाद को सलाह भेजवाया की वे सरदार-पटेल के अंतिम-संस्कार में भाग न लें।
Jun 24 • 4 tweets • 3 min read
इसराइल ने ईरान के इतने सैन्य अधिकारी कैसे मारे?🧵
ईरान को अंदर से हिला देने वाली खूबसूरत जासूस की कहानी उसने बंदूक नहीं उठाई, उसने विमान नहीं उड़ाया, उसने टैंक नहीं चलाया, लेकिन उसने नरम स्त्री के रूप के माध्यम से ईरानी शासन को अंदर से भेद दिया, जैसे तेहरान की गर्मियों में चाकू मक्खन के टुकड़े को भेदता है।
कैथरीन पेरेज़ शकदम» इजरायली जासूस, फ्रांसीसी परमिट के साथ तेहरान में घुस गई, एक मुस्लिम महिला होने का नाटक करते हुए जिसने एक यमनी मुस्लिम व्यक्ति से शादी की जहां तक उसका असली लक्ष्य ईरानी शासन को अंदर से भेदना था। यह जासूस फ्रांसीसी राष्ट्रीयता और यहूदी मूल की है, क्योंकि वह फ्रांस में एक धर्मनिरपेक्ष यहूदी परिवार में पैदा हुई थी, और बाद में जब उसने यमन के एक मुस्लिम व्यक्ति से शादी की तो उसने इस्लाम धर्म अपना लिया, और एक शिया मुस्लिम बनने का दावा किया, हिजाब पहना, और शिया इस्लाम पर कई किताबें और कई लेख लिखे, और वह ईरान की सबसे मजबूत रक्षकों में से एक थी और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं और वैश्विक मीडिया जैसे: प्रेस टीवी, विदेश नीति संघ, यमन पोस्ट, ओस्लो टाइम्स, गार्जियन, यूनाइटेड स्टेट्स इंडिपेंडेंट, आरटी, विदेश नीति जर्नल, अमेरिकन हेराल्ड ट्रिब्यून और कई अन्य में बार-बार ईरान के निरंतर दमन के बारे में बताया।
Jun 20 • 8 tweets • 4 min read
इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद की, महिला दोस्ती, फ्लर्ट और... अपने सीक्रेट मिशन पर ऐसे काम करती हैं मोसाद की फीमेल एजेंट्स 🧵#Iran #IsraeliranWar
लेबनान में हुए पेजर अटैक के बाद अब सबसे ज्यादा चर्चा मोसाद और उनके एजेंट्स के काम करने के तरीकों पर हो रही है. ऐसे में जानते हैं आखिर उनकी फीमेल एजेंट्स कैसे काम करती हैं, लेबनान में हुए पेजर अटैक के बाद चर्चा है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद ने एक फिर साबित कर दिया है कि सीक्रेट एजेंसियों की लिस्ट में वो काफी पावरफुल है. इसके साथ ही मोसाद के पुराने ऑपरेशन की बात की जा रही है. क्या आप जानते हैं मोसाद के एजेंट्स में महिलाओं की संख्या भी काफी है और मोसाद की फीमेल एजेंट्स ने भी कई सीक्रेट ऑपरेशन को अंजाम दिया है. तो आज हम आपको बताते हैं कि मोसाद की फीमेल एजेंट्स किस तरह काम करती हैं...
Jun 12 • 5 tweets • 5 min read
मुर्दों से बात करना उसका पेशा था। लेकिन खुद उसकी मौत एक पहेली बन गई, गौरव तिवारी की मौत की कहानी।🧵
वैसे तो दुनिया में हमने बहुत से संगठन और खूफिया एजेंसियों के बारे में सुन रखा है,जो समय आने पर मुश्किल से मुश्किल कामों को अंजाम देते रहते हैं।और उन्हीं में से एक पैरानॉर्मल टीम का संगठन भी है, पैरानॉर्मल टीम के बारे में हम आपको बता दें कि यह एक ऐसा संगठन होता है, जो भूतों और रहस्यमई ऊर्जाओं तथा गतिविधियों की जांच पड़ताल करके कभी-कभी उनको नॉर्मल स्थिति में लाने का कार्य करते हैं, और उन्हीं में से एक गौरव तिवारी भी थे। जिनकी मौत आज भी एक रहस्य बनी हुई है, आज के दौर में बढ़ रही तेजी से टेक्नोलॉजी के बीच भारत का एक लड़का कुछ बड़ा करने के उद्देश्य से भारत से अमेरिका चला जाता है, और वहां जाकर मेहनत और अपने बल पर आगे बढ़ते हुए एन.एफ.ओ प्लेन का लोको पायलट बन जाता है। और अब इसके बाद उसके जीवन में हर पल खुशी के कट रहे थे। लेकिन वो कहते हैं ना।
"कि मुल्क बदल जाए। पर वतन तो वतन होता है।।
Jun 9 • 22 tweets • 7 min read
आपदा आने से ठीक पहले के दिल दहला देने वाले आखिरी पल - Thread 🧵
⚠️अगर आपका दिल कमज़ोर है तो आगे न पढ़ें।
2 . सितंबर 2014 में, मसूद नाम का एक व्यक्ति दिल्ली चिड़ियाघर में बाघ के बाड़े में चला गया। यह फुटेज उसके अंतिम क्षणों को दिखाता है, जब बाघ ने उस पर जानलेवा हमला किया।
Jun 5 • 4 tweets • 4 min read
बाबा वेंगा 🧵
खुफिया रिपोर्ट्स, खगोल वैज्ञानिकों की हलचल और जलवायु विशेषज्ञों की चिंताएं बाबा वेंगा की भविष्यवाणी से मेल खा रही हैं. बाबा वेंगा ने कई भविष्यवाणियां की हैं. वर्ष 2025 को लेकर भी उनकी भविष्यवाणियां चर्चाओं में रहती हैं
रूस यूक्रेन युद्ध और इजराइल फिलिस्तीन संघर्ष अभी भी जारी है, भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम है. ऐसे में आखिर 7 जून 2025 के बाद ऐसा क्या हो रहा है जो लोगों को डरा रहा है. वैदिक पंचांग के अनुसार 7 जून को मंगल ग्रह का राशि परिवर्तन हो रहा है. ज्योतिष शास्त्र में मंगल को युद्ध, हमला, दुर्घटना और आगजनी आदि का कारक माना जाता है
*कौन थीं बाबा वेंगा?
बाबा वेंगा को आंखों से दिखाई नहीं देता था, वे बुल्गारियाई से थी और काफी रहस्यमय थीं. इनका जन्म 1911 में हुआ था. उन्होंने जीवन भर कई वैश्विक घटनाओं की भविष्यवाणियां कीं, कुछ तो इतनी सटीक रहीं कि वैज्ञानिक भी चौंक गए. उनकी मृत्यु 1996 में हो गई, लेकिन उनकी भविष्यवाणियां 5079 तक दर्ज हैं.
Jun 4 • 28 tweets • 9 min read
आपदा आने से ठीक पहले दिल तोड़ने वाले पल...दो मिनट की ये पोस्ट रौंगटे खड़े कर देगी..अंत तक जरुर पढ़े🧵 1. टाइगर सफारी के अंदर महिला अपने पति से बहस करने के लिए कार से बाहर निकलती है 😳
मौत के बाद कैसे होता है अच्छे-बुरे कर्मों का हिसाब, 20 मिनट के लिए मरने वाले शख्स ने खोला राज 🧵
जो लोग कहते है जो हिंदू धर्म को नहीं मानते उनको गरुड़ पुराण में लिखे स्वर्ग नरक से होके जाना पड़ता है
मौत के बाद की दुनिया कैसी होती है इस बात पर आज भी बहुत बहस चलती है। इसे लेकर हर किसी की अपनी अलग मान्यता है। हालांकि इस चीज को लेकर अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। ऐसे में आज हम आपको एक ऐसे शख्स से मिलाने जा रहे हैं जिसने मौत के बाद की दुनिया देखने का दावा किया है।
20 मिनट के लिए मरकर जिंदा होने वाले इस शख्स ने एक इंटरव्यू में बताया है कि मौत के बाद वह कहां गया था और उसके साथ क्या क्या हुआ था।