SanatanSanskriti🕉️ Profile picture
Sanatan sanskriti desh ki buniyad hai 🚩
Nov 11, 2021 8 tweets 2 min read
सनातन संस्कृति🕉️👇

पहली सिद्धि ‘अणिमा’

स्वयं को सूक्ष्म कर लेने की क्षमता को ही अणिमा कहा जाता है।  

इससे सिद्धि को प्राप्त कर लेने से इंसान छोटा शरीर धारण कर सकता है।

साधक जब चाहे एक अणु के बराबर का सूक्ष्म देह धारण करने को सक्षम होता है। दूसरी सिद्धि ‘महिमा’
इस सिद्धि को प्राप्त करने के बाद मनुष्य अपने आपको असीमित विशाल बननेकी क्षमता रखता है।
वह अपने शरीर को किसी भी सीमा तक फैला सकता है। साथ ही वह प्रकृति का विस्तार भी कर सकता है।
May 14, 2021 27 tweets 4 min read
सनातन संस्कृति🕉️🙏

अक्षय तृतीया की 25 बातों से जानिए दिन का खास महत्व

1.नया वाहन लेना या गृह प्रवेश करना, आभूषण खरीदना इत्यादि जैसे कार्यों के लिए तो लोग इस तिथि का विशेष उपयोग करते हैं। मान्यता है कि यह दिन सभी का जीवन में अच्छे भाग्य और सफलता को लाता है। इसलिए लोग जमीन 👇👇 Image जायदाद संबंधी कार्य, शेयर मार्केट में निवेश रीयल एस्टेट के सौदे या कोई नया बिजनेस शुरू करने जैसे काम भी लोग इसी दिन करने की चाह रखते हैं...
Sep 30, 2020 42 tweets 7 min read
सनातन संस्कृति🕉️

विष्णु पुराण भाग ६

हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद का आलिंगन करके कहा, "प्रह्लाद, तुम्हारी वजह से इतने साल बाद मुझे विष्णु के साथ लड़ने का मौका मिल गया है।" यों कहते गदा उठाकर नरसिंहावतार के साथ लड़ने को तैयार हो गया। नृसिंह ने प्रलय गर्जन करते हुए उछल कर हिरण्य👇 कश्यप को पकड़ लिया और उस को सभा भवन के द्वार तक ले गये। इसके बाद अन्दर व बाहर से अतीत द्वार के चतूबरे पर, रात व दिन से परे संध्या के समय, आकाश व पृथ्वी से भिन्न अपनी जाँघों पर रखकर, अस्त्र-शस्त्र से परे अपने नाखूनों से उन्होंने ब्रह्मा से प्राप्त सभी वरदानों से भिन्न 👇
Sep 29, 2020 6 tweets 2 min read
सनातन संस्कृति🕉️
गरुड़ पुराण

पापी आत्माओं का दुखदाई जन्म
भगवान् विष्णु बताते हैं , किस तरह , स्त्री ,पुर्ष के मिलन से ,मनुष का जनम होता है।
पर्साब क 3 दिन के अंदर , पाप आत्मा का शरीर बनना शरू हो जाता है।
एक रात में मास का टुकड़ा , 5 रात में गोल , दसवें दिन वृक्ष के फल जैसा एक महीने में - सिर
दुसरे महीने में - हाथ और दुसरे हिस्से
तीसरे महीने में - बाल, नाख़ून, हड्डी ,लिंग
चोथे महीने - तल पदार्थ
पांच महीने - भूख , प्यास छ: महीने - बच्चा दानी के बाई ओर चला जाता है
Sep 29, 2020 10 tweets 2 min read
सनातन संस्कृति🕉️

वेद के प्रकार

ऋग्वेद :वेदों में सर्वप्रथम ऋग्वेद का निर्माण हुआ । यह पद्यात्मक है । यजुर्वेद गद्यमय है और सामवेद गीतात्मक है।
ऋग्वेद में मण्डल 10 हैं,1028 सूक्त हैं और 11 हज़ार मन्त्र हैं । इसमें 5 शाखायें हैं - शाकल्प, वास्कल, अश्वलायन, शांखायन, मंडूकायन । ऋग्वेद के दशम मण्डल में औषधि सूक्त हैं। इसके प्रणेता अर्थशास्त्र ऋषि है। इसमें औषधियों की संख्या 125 के लगभग निर्दिष्ट की गई है जो कि 107 स्थानों पर पायी जाती है। औषधि में सोम का विशेष वर्णन है।
Sep 28, 2020 46 tweets 7 min read
सनातन संस्कृति🕉️

विष्णु पुराण भाग ५

भगवान विष्णु ने जय और विजय से कहा -"महा मुनियों का शाप झूठा साबित नहीं हो सकता। तुम दोनों मेरे प्रति मैत्री भाव रखते हुए सात जन्मों में तर जाना चाहते हो या मेरे साथ द्वेष करते हुए शत्रु बनकर तीन जन्मों तक मेरे हाथों मृत्यु को पाकर 👇 यहाँ पर आना चाहते हो?"
Sep 26, 2020 43 tweets 7 min read
सनातन संस्कृति🕉️

विष्णु पुराण भाग ४

क्षीर सागर मंथन के समय, राक्षस देवताओं का मज़ाक उड़ाते रहे और अपना पूरा भुज बल दर्शाते हुए सर्पराज को खींचते रहे । देवताओं ने अपने बल का पूरा-पूरा प्रयोग किया । उनके खींचने की इस प्रक्रिया में वासुकी महासर्प ने विष उगल दिया । वह विष ज्वालाएं बिखेरना लगा । इन ज्वालाओं में कितने ही राक्षस जल गये । लग रहा था कि इस हलाहल से पूरा लोक ध्वंस हो जायेगा । उसी समय मंदर पर्वत भी समुद्र के अंदर डूब गया । सबने शिव से प्रार्थना की ।
Sep 24, 2020 44 tweets 7 min read
सनातन संस्कृति🕉️

विष्णु पुराण भाग ३

सूतमहर्षि ने नारदमुनि की कहानी सुनाना प्रारंभ किया - पिछले जन्म में नारद ने एक दासी-पुत्र के रूप में जन्म लिया था। वह दासी एक भक्त के घर में काम किया करती थी। उस भक्त के घर में सदा ऋषि-मुनि, साधु-संत अतिथि-सत्कार पाया करते थे। बालक नारद उन ज्ञानियों की सेवा में लगा रहता था। जरूरत के व़क्त उन्हें पानी पिलाया करता था। विष्णु भगवान की महिमाओं की चर्चा भी बड़ी श्रद्धा व भक्ति से सुनता था। नीर याने पानी देनेवाले बालक का नामकरण "नारद" करके वे लोग इसी नाम से उसे पुकारा करते थे।
Sep 23, 2020 48 tweets 7 min read
सनातन संस्कृति🕉️

विष्णु पुराण भाग २

सत्यव्रत की बातें सुनकर मछली समुद्र के बीच पहुँची, एक महा पर्वत की भांति समुद्र की लंबाई तक फैलकर बोली, "सत्यव्रत, देखा, तुम्हारी वाणी अचूक निकली और अचूक रहेगी। न मालूम मैं यों बढ़ते-बढ़ते क्या से क्या हो जाऊँगी? सत्यव्रत ने हाथ जोड़कर प्रणाम किया, और उसकी स्तुति करने लगा, "मत्स्यावतार वाले हे नारायण ! आप रक्षा की माँग करने आये और मेरी रक्षा करने के लिए आपने मत्स्यावतार लिया। आप मत्स्य के रूप में अवतरित लीलामानुष स्वरूप हैं ! आपकी लीलाओं को समझने की ताक़त मेरे अन्दर कहाँ है?
Sep 21, 2020 48 tweets 7 min read
सनातन संस्कृति 🕉️

विष्णु पुराण भाग १

क्षीर सागर में स्थित त्रिकूट पर्वत पर लोहे, चांदी और सोने की तीन चोटियाँ थीं। उन चोटियों के बीच एक विशाल जंगल था जिसमें फलों से लदे पेड़ भरे थे। उस जंगल में गजेंद्र नामक मत्त हाथी अपनी असंख्य पत्नियों के साथ विहार करते अपनी 👇👇 प्यास बुझाने के लिए एक तालाब के पास पहुँचा।

प्यास बुझाने के बाद गजेंद्र के मन में जल-क्रीड़ाएँ करने की इच्छा हुई। फिर वह अपनी औरतों के साथ तालाब में उतर कर पानी को उछालते हुए अपना मनोरंजन करने लगा। इस बीच एक बहुत बड़े मगरमच्छ ने गजेंद्र के दायें पैर को अपने दाढ़ों से 👇👇
Aug 14, 2020 4 tweets 1 min read
सनातन संस्कृति🕉️

सनातम धर्म के 10 रहस्यमयी ज्ञान

4. षड्दर्शन : 6 भारतीय दर्शन की उत्पत्ति भी वेदों से है। ये 6 दर्शन हैं- 1. न्याय, 2. वैशेषिक, 3. मीमांसा, 4. सांख्य 5. वेदांत और 6. योग। सांख्य एक द्वैतवादी दर्शन है। महर्षि वादरायण, जो संभवतः वेदव्यास ही हैं👇👇 Image वेदव्यास ही हैं, का 'ब्रह्मसूत्र' और उपनिषद वेदांत दर्शन के मूल स्रोत हैं।
Aug 12, 2020 4 tweets 1 min read
सनातन संस्कृति🕉️

क्या आप जानते हैं कि आखिर जन्माष्टमी के दिन दही हांडी क्यों फोड़ते हैं??

शास्त्रों के मुताबिक, भगवान कृष्ण को दही और मक्खन (माखन) बेहद पसंद था। वह अक्सर गोपियों की मटकियों से मक्खन चुराकर खाया करते थे।👇👇👇👇 Image इसी कारण
वृन्दावन में महिलाओं ने मथे हुए माखन की मटकी को ऊंचाई पर लटकाना शुरू कर दिया जिससे श्रीकृष्ण का हाथ वहां तक न पहुंच सके। लेकिन नटखट कृष्ण की समझदारी के आगे उनकी यह योजना भी व्यर्थ साबित हुई। माखन चुराने के लिए श्रीकृष्ण अपने दोस्तों के साथ मिलकर एक पिरामिड👇👇
Aug 11, 2020 5 tweets 1 min read
सनातन संस्कृती🕉️

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी

सनातन धर्म में भाद्र कृष्ण अष्टमी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत करने के रूप में मान्यता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण का जन्म भाद्र पद कृष्ण अष्टमी बुधवार को रोहिणी नक्षत्र में अर्धरात्रि के👇👇👇 Image अर्धरात्रि के समय वृष राशि के उच्चस्थ चंद्रमा में हुआ था। भगवान के दस अवतारों में से सर्व प्रमुख पूर्णावतार सोलह कलाओं से परिपूर्ण भगवान श्रीकृष्ण को माना जाता है। जो द्वापर के अंत में हुआ था।
Aug 8, 2020 4 tweets 1 min read
सनातन संस्कृति🕉️

सनातन संस्कृति के 10 रहस्य

2. योग : वेदों से ही योग की उत्पत्ति हुई। समय-समय पर इस योग को कई ऋषि-मुनियों ने व्यवस्थित रूप दिया। आदिदेव शिव और गुरु दत्तात्रेय को योग का जनक माना गया है। शिव के 7 शिष्यों ने ही योग को संपूर्ण धरती पर प्रचारित किया। योग👇👇 Image योग का प्रत्येक धर्म पर गहरा प्रभाव देखने को मिलता है। भगवान श्रीकृष्ण को योगेश्वर कहा गया है। वशिष्ठ, पराशर, व्यास, अष्टावक्र के बाद पतंजलि और गुरु गोरखनाथ ने योग को एक व्यवस्थित रूप दिया
Aug 3, 2020 6 tweets 1 min read
सनातन संस्कृति🕉️

संस्कृत दिवस

संस्कृत भाषा भारत कीसबसे प्राचीन भाषा है। संस्कृत भाषा से ही दूसरी भाषाओं की उत्पति हुई हैं, इसलिए इसे सभी भाषाओं की जननी कहा जाता है।

भारत में सबसे पहले संस्कृत भाषा बोली जाती थी। उत्तराखण्ड राज्य की यह एक आधिकारिक भाषा है। प्राचीन ग्रंथ,👇 प्राचीन ग्रंथ, वेद, पुराण आदि की रचना संस्कृत में ही हुई है।
Aug 2, 2020 6 tweets 1 min read
सनातन संस्कृती 🕉️

रक्षा बंधन

रक्षाबंधन और श्रावण पूर्णिमा ये दो अलग-अलग पर्व हैं जो उपासना और संकल्प का अद्भुत समन्वय है। और एक ही दिन मनाए जाते हैं। पुरातन व महाभारत युग के धर्म ग्रंथों में इन पर्वों का उल्लेख पाया जाता है। यह भी कहा जाता है कि देवासुर संग्राम के युग में👇👇 Image देवताओं की विजय से रक्षाबंधन का त्योहार शुरू हुआ।
Jul 27, 2020 6 tweets 1 min read
सनातन संस्कृती🕉️

श्रवण की कुछ खास बातें👇

1. ऐसी मान्यता है कि सावन में बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए। इसलिए भगवान शिव के उपासकों को सावन महीने में बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए। 2. कहा जाता है कि सावन महीने में पूजा में तुलसी के पत्तों और केतकी के फूलों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि भगवान शिव को सफेद रंग के पुष्प अर्पित करने से पूजा का फल मिलता है
Jul 25, 2020 6 tweets 2 min read
सनातन संस्कृती 🕉️

नागपंचमी

श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है। पुराने समय से ही नागों को पूजा की जाती रही है। इसलिए नागपंचमी के दिन नागों की पूजा करने का विधान है। नागपंचमी के दिन वासुकी नाग,तक्षक नाग, शेषनाग आदि की पूजा की जाती है। इस👇👇 Image इस दिन लोग अपने घर के द्वार पर नागों की आकृति भी बनाते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे नाग देवता की कृपा बनी रहती है। और नाग देवता घर की सुरक्षा करते हैं। इस बार नागपंचमी का त्योहार 25 जुलाई शनिवार के दिन मनाया जाएगा। जानते हैं क्यों मनाई जाती है नागपंचमी क्या है इससे जुड़ी खास बातें
Jun 5, 2020 14 tweets 3 min read
सनातन संस्कृती

वट सावित्री व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार, अश्वपति नाम का एक राजा था। राजा के घर कन्या के रूप में सावित्री का जन्म हुआ। जब वह विवाह योग्य हुई तो राजा ने अपने मंत्री के साथ सावित्री को अपना पति चुनने के लिए भेज दिया। सावित्री ने अपने मन के अनुकूल वर सत्यवान👇👇 Image अनुकूल वर सत्यवान को चुन लिया। सत्यवान महाराज द्युमत्सेन का पुत्र था, जिनका राज्य हर लिया गया है, जो अंधे हो गए हैं और अपनी पत्नी सहित वनों में रहते थे।
May 30, 2020 4 tweets 1 min read
कराग्रे वसते लक्ष्मीः करमध्ये सरस्वती ।

करमूले तु गोविन्दः प्रभाते करदर्शनम ॥ Image अर्थात मेरे हाथ के अग्रभाग में भगवती लक्ष्मी का निवास है। मध्य भाग में विद्यादात्री सरस्वती और मूल भाग में भगवान विष्णु का निवास है। अतः प्रभातकाल में मैं इनका दर्शन करता हूं। इस श्लोक में धन की देवी लक्ष्मी, विद्या की देवी सरस्वती और अपार शक्ति के दाता, सृष्टि के पालनहार भगवान👇
May 27, 2020 4 tweets 1 min read
शिव तांडव स्तोत्र 🕉️

दृष-द्विचित्र-तल्पयोर्भुजङ्ग-मौक्ति-कस्रजोर्

-गरिष्ठरत्नलोष्ठयोः सुहृद्वि-पक्षपक्षयोः .

तृष्णार-विन्द-चक्षुषोः प्रजा-मही-महेन्द्रयोः

समप्रवृतिकः कदा सदाशिवं भजे .. १२..

अर्थ👇 Image कठोर पत्थर एवं कोमल शय्या, सर्प एवं मोतियों की मालाओं, बहुमूल्य रत्न एवं मिट्टी के टूकडों, शत्रू एवं मित्रों, राजाओं तथा प्रजाओं, तिनकों तथा कमलों पर सामान दृष्टि रखने वाले शिव को मैं भजता हूँ।