डॉ भावना शुक्ला Profile picture
विश्वविजय पथ के उन्नायक, नीति निपुण सच्चरित्र महान। कर पावन नेतृत्व देश का, बढ़ा दिया जग में सम्मान।।
14 Sep
हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर पति-पत्नी की नोकझोंक में प्रयुक्त सम्पूर्ण हिंदी वर्णमाला संकलित एक हास्य कविता
रचनाकार: अज्ञात
मुन्ने के नंबर कम आए,
पति श्रीमती पर झल्लाए,
दिनभर मोबाइल लेकर तुम,
टें टें टें बतियाती हो...
खा़क नहीं आता तुमको,
क्या मुन्ने को सिखलाती हो?
क्रमशः
यह सुनकर पत्नी जी ने,
सारा घर सिर पर उठा लिया l
पति देव को लगा कि ज्यों,
सोती सिंहनी को जगा दिया l
अपने कामों का लेखा जोखा,
तुमको मैं अब बतलाती हूंँ l
आओ तुमको अच्छे से मैं,
क ,ख, ग,घ सिखलाती हूँ l
सबसे पहले "क" से अपने,
कान खोलकर सुन लो जी..
"ख"से खाना बनता घर में,
क्रमशः
मेरे इन दो हाथों से ही!
"ग"से गाय सरीखी मैं हूंँ,
तुम्हें नहीं कुछ कहती हूँ l
"घ" से घर के कामों में मैं,
दिनभर पिसती रहती हूँ l
पतिदेव गरजकर यूंँ बोले..
"च" से तुम चुपचाप रहो
"छ" से ज्यादा छमको मत,
मैं कहता हूंँ खामोश रहो!
"ज" से जब भी चाय बनाने,
को कहता हूंँ लड़ती हो..
क्रमशः
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