Exploring the soul of Sanatan Dharma — ancient wisdom, vibrant rituals & sacred mantras. Join the journey! 🕉️✨ #SanatanCulture #AncientWisdom”
Aug 29 • 7 tweets • 3 min read
🧵 : जब NASA और करोड़ों की टेक्नोलॉजी भी झुकी "80 रुपये के पंचांग" के आगे! 🚩
सोचिए ज़रा…🤔
NASA जैसी आधुनिक वैज्ञानिक संस्था अरबों-खरबों डॉलर खर्च करके सैटेलाइट बनाती है, सुपर कंप्यूटर चलाती है…
लेकिन जब सूर्यग्रहण और चंद्रग्रहण का समय बताने की बात आती है,
तो वही समय निकलकर आता है, जो हमारे सनातनी पंचांग में पहले से लिखा होता है।
चलिए इसे 🧵 द्वारा विस्तार से जानते हैं 👇🏻🧵
ये महज़ संयोग नहीं है!
ये है सनातन ज्ञान की शक्ति।
जहाँ आज विज्ञान को कंप्यूटर और टेलीस्कोप चाहिए,
वहीं हजारों साल पहले हमारे ऋषि-मुनि आकाशीय गणित (Jyotish Shastra) से ही ग्रहण का समय मिनटों-सेकंडों तक सटीक बता देते थे।
👉 सवाल उठता है:
"क्या सच में 80 रुपये का पंचांग NASA से टक्कर ले सकता है?"
उत्तर है – हाँ!
क्योंकि पंचांग केवल धार्मिक कैलेंडर नहीं, बल्कि खगोलीय विज्ञान (Astronomy) का सबसे पुराना और सबसे सटीक ग्रंथ है।
Aug 28 • 15 tweets • 3 min read
राशियों की सबसे बड़ी समस्या और उसका सनातन समाधान 🧵
हम सब सोचते हैं कि हमारी जिंदगी की मुश्किलें सिर्फ हालातों की देन हैं।
लेकिन सच ये है कि हमारे स्वभाव की कमज़ोरियाँ ही सबसे बड़ी समस्या बन जाती हैं।
ज्योतिष कहता है हर राशि की एक जन्मजात कमजोरी होती है।
और सनातन कहता है – "कमज़ोरी को पहचानकर उसे साध लो, वही साधना है।"
आज मैं आपको बताऊँगा हर राशि की सबसे बड़ी समस्या और उसका सनातन समाधान।
👇 शुरू करते हैं...
♈ मेष (Aries)
समस्या: जल्दबाजी और गुस्सा।
युद्ध जीत सकते हैं, पर अपने ही लोगों को खो देते हैं।
सनातन समाधान:
भगवान श्रीकृष्ण ने गीता में कहा – "क्रोधाद्भवति संमोहः" (क्रोध से मोह उत्पन्न होता है)।
➡ मेष राशि वालों को ध्यान और संयम सीखना चाहिए, वरना वीरता भी विनाशक बन जाती है।
Aug 25 • 12 tweets • 3 min read
क्या कभी आपको लगा है कि जितना ज़्यादा आप भगवान का नाम लेते हैं… उतना ही ज़्यादा दुख आपके जीवन में आ जाता है?
कभी सोचा है क्यों? 🧵
क्या सच में भगवान हमें भूल जाते हैं… या हमें तड़पाकर कोई और गहरी तैयारी कर रहे होते हैं?"
आज आपको एक ऐसी सच्चाई और कहानी सुनाऊँगा, जिसे पढ़कर आपके दिल में भगवान के लिए श्रद्धा कई गुना बढ़ जाएगी।
👇 आइए शुरू करते हैं थ्रेड… 🧵
एक सच्चा भक्त अपने पूरे जीवन को भगवान के नाम समर्पित कर देता है।
सुबह से शाम तक पूजा, जप, कीर्तन… और यही सोचता है कि अब जीवन आसान हो जाएगा।
लेकिन उसके जीवन में अचानक मुसीबतें, दुख और तकलीफ़ें बढ़ने लगती हैं।
वह सोचता है
"हे भगवान, मेरे साथ ही क्यों?"
Aug 20 • 9 tweets • 3 min read
🔥 84 लाख योनियों का रहस्य – आत्मा की अनसुनी यात्रा 🧵
(दिल छू लेने वाला, रोंगटे खड़े कर देने वाला थ्रेड)
कभी सोचा है❓🤔
आज तुम जिस शरीर में हो, ये कैसे मिला?
क्या सिर्फ माता-पिता ने जन्म दिया है तुम्हें❓
नहीं… इसके पीछे छिपी है आत्मा की हजारों साल की यात्रा…
एक ऐसी यात्रा जिसमें आत्मा ने 84 लाख योनियों का भोग किया है।
👉 और उस लंबी यात्रा के बाद ही मिला है ये मानव जन्म।
पर सवाल है – क्या हम इसे पहचान पा रहे हैं❓
नहीं ना तो इस thread को पूरा पढ़े 🧵👇🏻
आत्मा का चक्र (Cycle of Soul) 🧵
सनातन धर्म कहता है आत्मा न कभी पैदा होती है, न कभी मरती है।
शरीर मिटता है, आत्मा आगे बढ़ जाती है।
यही है पुनर्जन्म का सिद्धांत।
📌 गीता में श्रीकृष्ण कहते हैं
“जैसे मनुष्य पुराने वस्त्र त्यागकर नए वस्त्र धारण करता है, वैसे ही आत्मा पुराने शरीर को छोड़कर नया शरीर धारण करती
👉 बहुत से लोग आज यह नहीं जानते कि उनकी कुलदेवी कौन है। लेकिन सनातन परंपरा में कुलदेवी का स्थान माता-पिता से भी पहले माना गया है। क्योंकि कुलदेवी ही हमारी वंश-परंपरा, रक्षा और कल्याण की अधिष्ठात्री देवी होती हैं।
आज इस थ्रेड में हम समझेंगे –👇🏻 🧵
✅ कुलदेवी का महत्व
✅ क्यों ज़रूरी है अपनी कुलदेवी को जानना
✅ कैसे पहचाने अपनी कुलदेवी
✅ कौन से गोत्र की कौन-सी कुलदेवी है
✅ और क्यों हर सनातनी को कुलदेवी की पूजा करनी चाहिए
कुलदेवी का महत्व 🧵
सनातन धर्म में हर कुल (वंश) का अपना एक रक्षक देवता/देवी होता है।
🌺 कुलदेवी को मानना इसलिए ज़रूरी है क्योंकि –
वे हमारे वंश की रक्षा करती हैं।
हमारे संकट और विघ्नों को दूर करती हैं।
हमारे वंश की उन्नति और समृद्धि की अधिष्ठात्री होती हैं।
हर शुभ कार्य (जैसे विवाह, गृहप्रवेश, यज्ञ आदि) में सर्वप्रथम कुलदेवी की पूजा की जाती है।
Aug 18 • 8 tweets • 3 min read
सच कड़वा है, लेकिन सुनना ज़रूरी है… 🧵
Note:- आज लोग मंदिरों में लाइन लगाते हैं, मस्जिदों में सजदा करते हैं, दरगाहों पर चढ़ावे चढ़ाते हैं, लाखों-करोड़ों दान देते हैं…
फिर भी क्यों घरों में क्लेश है? क्यों मन बेचैन है? क्यों सुख हाथ नहीं आता?
👉 इसका कारण बहुत गहरा है – लोग उस मूल सत्य को भूल चुके हैं, जो हमारे पूर्वज हज़ारों साल पहले हमें सिखाकर गए थे।
और वह सत्य है –तीन को मना लो, जीवन में सुख पा लो। 🧵👇🏻
🔱 1. कुलदेवी (Kuldevi) – आपकी जड़ों की शक्ति🧵
हर वंश, हर घर की एक रक्षक शक्ति होती है – कुलदेवी।
आज के आधुनिक युग में लोग सोचते हैं कि कुलदेवी केवल गाँवों की परंपरा है… लेकिन यही सबसे बड़ा भ्रम है।
👉 कुलदेवी को भूलना मतलब अपनी जड़ों से कट जाना।
जब पेड़ अपनी जड़ों से पानी लेना छोड़ दे, तो चाहे कितनी भी सिंचाई कर लो, वह सूख जाएगा।
उसी तरह इंसान चाहे कितनी भी पूजा-पाठ कर ले, अगर कुलदेवी को स्मरण नहीं किया, तो जीवन में स्थिरता कभी नहीं आएगी।
Aug 17 • 11 tweets • 3 min read
जानवरों के शुभ-अशुभ संकेत: सनातन धर्म और विज्ञान की नज़र से” 🧵👇🏻
कभी रात में कुत्ते का अचानक रोना सुना है? 🐕
या अचानक कौवों का शोर मचाना? 🦅
कभी घर की छत पर उल्लू बैठते देखा है? 🦉
ये सब यूँ ही नहीं होता…
ये संकेत हैं
संकेत शुभ के भी… और अशुभ के भी!
सनातन धर्म के ग्रंथ बताते हैं कि हर जानवर के व्यवहार में एक ‘गुप्त कोड’ छुपा है, जो आने वाले समय की आहट देता है।
विज्ञान भी इन संकेतों की गवाही देता है…
आज का थ्रेड पढ़ने के बाद आप जानवरों को कभी पहले जैसा नहीं देख पाएंगे। 🚩👇🧵
🐕 कुत्ता
सनातन मान्यता: कुत्ते का लगातार रोना मृत्यु या अनिष्ट का संकेत माना जाता है।
वैज्ञानिक कारण: कुत्तों की hearing capacity इंसान से 4 गुना ज्यादा है। वे इंफ्रासाउंड पकड़ लेते हैं, इसलिए आपदा या भूकंप से पहले बेचैन हो जाते हैं।
Aug 17 • 8 tweets • 3 min read
क्या हम जन्मदिन गलत तरीके से मना रहे हैं? 🧵
सोचिए ज़रा…🤔
(आजकल जन्मदिन का मतलब है – केक काटना, मोमबत्ती बुझाना, रात 12 बजे पार्टी करना।
लेकिन क्या कभी सोचा है कि ये सब परंपराएँ हमारी संस्कृति की नहीं हैं?)
सनातन धर्म में जन्मदिन = आत्मा की नई यात्रा का पर्व है।
और इस दिन के हर कर्म का सीधा असर आपकी आयु, ऊर्जा और जीवन पर पड़ता है।
आइए, जानते हैं जन्मदिन को सही तरीके से मनाने का रहस्य 🧵 👇
🪔 मोमबत्ती बुझाना क्यों अशुभ है?
शास्त्रों में "अग्नि" को देवता कहा गया है। अग्नि जीवन का प्रतीक है।
🔥 मोमबत्ती बुझाना = अग्नि को बुझाना = शुभ ऊर्जा को रोकना।
इसीलिए, सनातन परंपरा में जन्मदिन पर दीया जलाया जाता है, ताकि जीवन में नई रोशनी, नई शुरुआत और सकारात्मकता आए।
👉 मोमबत्ती बुझाने की जगह भगवान के सामने घी का दीपक जलाएँ।
यकीन मानिए, यह छोटा बदलाव आपकी जिंदगी को बदल देगा।
Aug 14 • 8 tweets • 3 min read
🧵 रहस्यमयी समय ब्रह्ममुहूर्त या मृत्यु का पहर?
क्या आपने सुना है कि रात 3 बजे से 4 बजे के बीच हमारा शरीर सबसे कमजोर हो जाता है?
इसे कुछ लोग “मृत्यु का समय” कहते हैं, तो कुछ इसे “ब्रह्ममुहूर्त” के ठीक पहले की घड़ी।
लेकिन असलियत इससे भी ज्यादा रहस्यमयी है…
ये सिर्फ विज्ञान नहीं कहता
सनातन धर्म के शास्त्र भी बताते हैं कि इस समय देह और आत्मा के बीच का धागा सबसे पतला हो जाता है।
क्या आप जानना चाहेंगे,
कि क्यों ये एक घंटा आपकी ज़िन्दगी… या आपकी आत्मा… बदल सकता है?"
आधुनिक विज्ञान के मुताबिक, इस समय हमारे शरीर का ब्लड प्रेशर, बॉडी टेम्परेचर और मेटाबॉलिज्म सबसे लो लेवल पर होता है।
दिल की धड़कन धीमी, दिमाग की तरंगें गहरी नींद वाली अवस्था में…
यही कारण है कि हार्ट अटैक, स्ट्रोक या अचानक मृत्यु के केस ज़्यादातर इसी समय होते हैं।
लेकिन सनातन धर्म इस समय को सिर्फ कमजोरी का समय नहीं मानता।
हमारे ऋषियों ने हजारों साल पहले ही बताया कि रात के इस हिस्से में देह और आत्मा के बीच का संबंध सबसे पतला हो जाता है।
यानी आत्मा का अपने वास्तविक लोक में जाने का मार्ग अधिक खुला होता है।
Jul 6 • 7 tweets • 2 min read
16 गोलियां और एक साजिश जो आज भी दहलाती है 🧵
( गुलशन कुमार जिसने भजन दिए, आरती दी, संगीत दिया… लेकिन बदले में क्या मिला? )
किसने की गुलशन कुमार की हत्या?" और "क्यों की?"
👇 आइए शुरू करते हैं:
🧵 एक थ्रेड जो आपको झकझोर देगा 👇
1990 का भारत…
मंदिरों में "शिव आराधना", "हे राम", "जय श्री कृष्ण" जैसे भजन बजते थे।
इन सबके पीछे एक नाम था
गुलशन कुमार
T-Series का निर्माता, एक सफल बिज़नेस मैन… लेकिन उससे भी पहले, एक भक्त।
हर दिन की शुरुआत मंदिर में होती थी।
अपने स्टूडियो से ज़्यादा, वो मंदिरों में नज़र आते।
फिल्म इंडस्ट्री का पहला व्यक्ति, जिसने "भक्ति" को म्यूज़िक बिज़नेस में बदला नहीं, जिया।
लोग कहते हैं
"वो सिर्फ गाने नहीं बनाते थे, वो भावना रचते थे।"
Jun 23 • 10 tweets • 3 min read
7 रहस्यमयी जीव और उनके संकेत 🧵
क्या सच में ये शुभ-अशुभ होते हैं जानिए इस 🧵 के माध्यम से? 👇
क्या आपने कभी सोचा है
उल्लू, काला कुत्ता, या सर्प...
ये केवल जानवर हैं या कोई संकेत देते हैं?"
जानिए इन 7 रहस्यमयी जीवों के पीछे छुपे गहरे आध्यात्मिक रहस्य 🔱👇
उल्लू — माँ लक्ष्मी का वाहन, अशुभ या अत्यंत शुभ?
उल्लू को अक्सर 'मूर्खता' का प्रतीक माना गया, लेकिन ये केवल आधुनिक धारणा है।
शास्त्रों में उल्लू माँ लक्ष्मी का वाहन माना गया है।
यह रात्रि का प्रतीक है जो अंधकार में भी सही मार्ग देख सके।
उल्लू के दर्शन विशेषकर दीपावली की रात धन, बुद्धि और शुभता के संकेत माने जाते हैं।
अगर रात्रि में उल्लू दिखाई दे, तो डरें नहीं श्रद्धा से नमन करें।🙏🏻
Jun 12 • 9 tweets • 3 min read
🚨 जानिए ऐसा नियम जो ज्यादातर भारतीयों को नहीं पता 🧵
( अगर टोल प्लाजा पर आपका FASTag 10 सेकंड के अंदर स्कैन नहीं होता, तो आप बिलकुल फ्री में पास हो सकते हैं!)
( ये नियम NHAI ने तय किया है — लेकिन ज़्यादातर लोग इसका फायदा नहीं उठाते।)
👇 पूरा थ्रेड पढ़िए और समझिए अपने अधिकार:
यह नियम कैसे लागू हुआ
कहां लिखा है (स्रोत लिंक)
अगर कर्मचारी रोकें तो क्या कहें
किस परिस्थिति में लागू नहीं होता
🚧 भारत के करोड़ों ड्राइवर ध्यान दें!
अगर टोल पर आपका FASTag 10 सेकंड में स्कैन नहीं हुआ...
तो आप फ्री में जा सकते हैं!
ये NHAI का ऑफिशियल नियम है लेकिन 90% लोगों को पता ही नहीं!
👇 पढ़िए पूरा थ्रेड, अपने अधिकार जानिए:
🧵1.
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने स्पष्ट नियम बनाया है:
अगर कोई वाहन टोल प्लाज़ा पर आता है और FASTag स्कैनिंग 10 सेकंड के अंदर नहीं होती, तो उसे टोल फ्री एंट्री देनी होगी।
ये नियम "मिनिमम वेटिंग टाइम पॉलिसी" के तहत है।
Jun 3 • 7 tweets • 2 min read
जिसके घर चूल्हा भी रोज़ नहीं जलता, उसी घर से 95.33% लाने वाला बच्चा निकला 🧵
राजस्थान के अलवर ज़िले के एक छोटे से गांव में एक मिट्टी की झोपड़ी है छत टपकती है, दीवारों पर कोई रंग नहीं, लेकिन उसी झोपड़ी में एक सपना पल रहा था
एक झोपड़ी से निकली रौशनी की कहानी जतिन कुमार की। 🧵
मां की आंखों से आंसू
10वीं बोर्ड में 95.33% अंक लाकर जतिन ने साबित कर दिया हालात कितने भी मुश्किल हों, अगर इरादा साफ हो तो रास्ते खुद-ब-खुद बनते हैं।
जिस दिन रिजल्ट आया, मां मंजू देवी मजदूरी पर थीं। किसी ने आकर बताया
"तुम्हारा बेटा तो पूरे गांव का सिर ऊंचा कर गया।"
मां की आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे। बोलीं
"उस दिन लगा जैसे मेरी सारी मेहनत की कीमत मिल गई।"
Jun 2 • 13 tweets • 4 min read
मैं 20 मिनट तक मर चुका था” एक आत्मा की कहानी 🧵
(सच्ची घटना पर आधारित, जिसने हजारों लोगों की सोच बदल दी)
अगर आप सोचते हैं मौत अंत है तो ये थ्रेड पढ़ना ज़रूरी है"
20 मिनट की मौत ने बदल दी एक ज़िन्दगी की सोच। 🧵
डॉक्टर्स ने कह दिया — अब कुछ नहीं बचा।
एक 60 वर्षीय बुज़ुर्ग व्यक्ति, जिन्हें हार्ट अटैक आया था, हॉस्पिटल में भर्ती थे।
डॉक्टरों ने फुल कोशिश की, लेकिन दोपहर 1:54 बजे मशीनों ने उनकी मृत्यु घोषित कर दी। ECG की सीधी लाइन कोई धड़कन नहीं।
डॉक्टर्स ने कह दिया अब कुछ नहीं बचा।
उनका शरीर ICU में पड़ा था, डॉक्टर बाहर चले गए।
लेकिन वही पल था, जब उनकी आत्मा की असली यात्रा शुरू हुई।