subhash sharma, Profile picture
mango 🥭 man of 🍌 country,, mission just keep alive !quite absurd,no escape n hope,😥 let miracle happen only human being are welcome, no hate mongar allowed
Touseef Ahmed Profile picture Anurag Gupta Profile picture shams alam Profile picture Manish Mishra Profile picture 4 subscribed
May 20 18 tweets 3 min read
ढपोर शंख --पुरानी लोककथा
(लेकिन प्रासंगिक)
किसी गाँव में एक दरिद्र ब्राम्हण रहता था,
उसका सारा समय अध्ययन और अध्यापन में ही जाता था | ऐसे में आर्थिक स्थिति तो बहुत अच्छी होगी नहीं, वो भी ग़रीब था | छोटे से गाँव में यदा कदा ही कोई आता था, लेकिन एक दिन इसके घर एक साधू पहुंचे, कहा:
मैं अपने गुरु से मिलने को निकला हुआ हूँ ।
आपके यहां रात भर रुकने के लिए क्या मुझे जगह मिल सकती है ?
Apr 25 9 tweets 2 min read
एक रफ़ डेटा पढ़िए कि अडानी को मोदी ने क्या क्या दिया..कुछ छूट गया हो तो मा'फ़ी चाहता हूँ..(क़र्ज़ जानबूझ कर नहीं लिखा है)

2015 :
=====
PM बनने के बा'द मोदी अडानी को ले कर पहली बार कनाडा और फ्रांस के दौरे पर गए.. सरकारी कंपनी "कोल इंडिया" ने अपनी कोयला खदानों का 1/3rd हिस्सा या'नि 10 मिलियन टन कोयला अडानी को बेच दिया..और अडानी देश का सबसे बड़ा "थर्मल पॉवर प्रोड्यूसर" बन गया..

काँग्रेस ने अडानी पर 200 करोड़ की पेनलटी लगाई थी..2017 में मोदी ने अडानी की पेनलटी को मा'फ़ कर दिया..
Feb 17 19 tweets 4 min read
शास्त्र कहते हैं कि अठारह दिनों के महाभारत युद्ध में उस समय की पुरुष जनसंख्या का 80% सफाया हो गया था। युद्ध के अंत में, संजय कुरुक्षेत्र के उस स्थान पर गए जहां संसार का सबसे महानतम युद्ध हुआ था।

उसने इधर-उधर देखा और सोचने लगा कि क्या वास्तव में यहीं युद्ध हुआ था? यदि यहां युद्ध हुआ था तो जहां वो खड़ा है, वहां की जमीन रक्त से सराबोर होनी चाहिए। क्या वो आज उसी जगह पर खड़ा है जहां महान पांडव और कृष्ण खड़े थे?

तभी एक वृद्ध व्यक्ति ने वहां आकर धीमे और शांत स्वर में कहा, "आप उस बारे में सच्चाई कभी नहीं जान पाएंगे!"
Feb 7 4 tweets 1 min read
गिरमिटिया मजूरों का सैलाब चिंता पैदा करता है
'अपने रामराज' में रामभजन छोड़कर रोजी-रोटी की तलाश में युद्ध की भीषणता के बीच इज़रायल जाने के लिए इकट्ठा हुई बेरोजगार युवाओं की यह भीड़ गोदी मीडिया भूलकर भी नहीं दिखाएगा।
कथित रूप से अकेले आजमगढ़ जिले से 426 युवा इज़रायल जाने के लिए इस भीड़ में शामिल हैं। जिन्हें पहले कहा गया था कि उन्हें वहां डेढ़ साल रहना होगा लेकिन अब बताया गया है कि वे वहां पांच वर्ष रहेंगे। उसके बाद भी लौटेंगे या नहीं, इसकी कोई गारंटी नहीं है।
कभी अंग्रेज अफ्रीका व दूसरे देशों में गन्ने की खेती कराने के लिए यूपी-बिहार से गिरमिटिया
Oct 6, 2023 5 tweets 2 min read
एक बार एक जनरल स्टोर में एक ग्राहक आया और दुकानदार से बोला - मुझे 10 किलो काजू दे दीजिए।
दुकानदार 10 किलो तोलने लगा।
तभी एक कीमती कार उसकी दुकान के सामने आकर रुकी और उससे उतर कर एक वीआईपी टाइप आदमी दुकान के अंदर आया,और बोला - भाई 1 किलो काजू तौल दीजिये। दुकानदार ने पहले ग्राहक को 10 किलो काजू दी,,फिर दूसरे ग्राहक को 1 किलो दी..।
जब 10 किलो वाला ग्राहक चला गया तब कार सवार ग्राहक ने कौतूहलवश दुकानदार से पूछा - ये जो ग्राहक अभी गया है , यह कोई बड़े आदमी है या इनके घर में कोई कार्यक्रम है जिसके कारण ये 10 किलो काजू लेकर गए हैं ??
Sep 28, 2023 5 tweets 1 min read
एक आदमी की पत्नी मायके गई तब वो ऑफिस में था.....😀
जब वो घर पहुंचा तो उसको एक पर्चा टीवी पर चिपका मिला जिस पर लिखा था:-

मां के घर जा रही हूं बच्चों को लेकर, नीचे की बातों पर ध्यान से अमल करना.....

दोस्तों को घर बुला के कबाडखाना मत बना देना,पिछली बार large Pizza के 4 बिल मिले थे सोफे के नीचे😎
चश्मा आईने के पास रखना,पिछली बार फ्रीज में मिला था.... 😀
काम वाली बाई की पगार दे चुकी हूं,फिजूल में प्यार जताने की कोई ज़रूरत नहीं.... 😎
तड़के उठकर पड़ोसियों को जगा कर अखबार आया कि नहीं❓ यह पूछने की जरूरत नहीं.... 😎 हमारा अखबार वाला उनसे अलग है,
Sep 23, 2023 12 tweets 3 min read
बौद्धिक बौने गुलामों का जड़मति देश
किसी दार्शनिक ने ठीक ही कहा है कि—
अज्ञानं सर्वेषां दुःखानां माता
अर्थात्—अज्ञान सभी दुखों की जननी है
कहते हैं कि बहुत समय पहले जॉम्बीद्वीप में एक ऐसा देश था जहां की शासन व्यवस्था निश्चित अंतराल पर जनता द्वारा चुने हुए प्रतिनिधि आपस में मिलजुलकर चलाते थे।एक बार जनता ने चुनाव में आपराधिक प्रवृत्ति वाले दो ऐसे व्यक्तियों को चुन लिया जिनमें से एक बहुत ज्यादा गपोड़ी, लंपट, अनपढ़ होते हुए भी खुद को परमज्ञानियों जैसा दिखाने वाला, रंगीन मिजाज और सुंदर स्त्रियों में रुचि रखने वाला था। इसीलिए जनता उसे 'रंगा' कहने लगी।
Sep 22, 2023 8 tweets 2 min read
मिडल क्लास की बरबादी का एक अनोखा रूट..बिज़नेस चैनल भी इसे नही बताते..बताना मना है..
2004 -14 के वक्त भारत के सारे उद्योगपति मिल कर जीडीपी का 5%-7% कमाते थे..यानी अगर जीडीपी 100₹ थी तो उद्योगपति 5₹-7₹ कमाते थे.. आज सारे उद्योगपति मिल कर जीडीपी का 2% कमाते है..यानी जीडीपी अगर 100₹ है तो उद्योगपति 2₹ कमाते है..और इस 2₹ का लगभग 70% "हमारे दो" कमाते है..बाकी सब ठन ठन गोपाल..इसी बात से मिडल क्लास की बरबादी शुरू होती है..
2004 से कांग्रेस ने उद्योगपतिओ की कमाई का एक हिस्सा जनता को
Sep 11, 2023 4 tweets 1 min read
भेड़िया ही जंगल बचा सकता हैं। ये उल्लूओं की सभा में एलान हुआ....

भेड़िए को रोज एक भेड़ खाने की इच्छा थी इसलिए भेड़िए ने पेडों पर बैठे उल्लुओं के मदद से ये अफवाह फैला दी- "घास का मैदान खतरे में है, जिसे सिर्फ भेड़िया बचा सकता है" नतीजा भेड़ो के बीच नारा लगने लगा "भेड़िया लाओ, देश बचाओ "

लोकतांत्रिक तरीके से भेड़ों का प्रतिनिधि चुने जाने के बाद भेड़िए ने घास के मैदान की मेड़ पर माथा टेका और घोषणा की "वो बस भेड़ों का चौकीदार है"

फिर क्या था..
Sep 10, 2023 6 tweets 2 min read
एक शराब फेक्टरी में शराब टेस्ट करने वाला छुट्टी पर चला गया और

फेक्टरी के मालिक को एक नए आदमी की तलाश थी जो

शराब टेस्ट करने का काम बखूबी कर सके….

एक दिन उसका एक कर्मचारी किसी पियक्कड को पकड़ लाया और बोला

” सर इसके टेस्टिंग स्किल की सभी बहुत तारीफ़ करते हैं…. इसे रख लीजिए..”

शराब फेक्टरी के मालिक ने देखा कि

वो आदमी बहुत ही गंदा और बदबूदार था और वो उसे रखना नहीं चाहता था….

फिर भी उसने एक वाइन उसे चखने के लिए दी…

चखते ही पियक्कड बोला

” ये रेड वाइन है…,

नोर्थ अमेरिका में बनी है,

तीन साल पुरानी है

और
Sep 7, 2023 14 tweets 3 min read
राजा को एक ही पाठ याद है!
राजकुमार का गुरुकुल में आज अंतिम दिन था। वह गुरुजी के पास फाइनली उन्हें गुडबॉय करने पहुंचा।उसने देखा कि गुरु जी गेंद को बार-बार फेंक रहे हैं और कुत्ता बार-बार मुंह से उठाकर उसे गुरुजी को दे रहा है। युवराज धीरे से ' नमस्ते!'बोलकर चुपचाप यह खेल देखने लगा। गुरु जी बिना युवराज से कुछ कहे थोड़ी देर तक ऐसा करते रहे। इस बीच वे बीच-बीच में कुत्ते को कुछ खाने को भी दे देते ।
काफी देर खेल चुकने के बाद गुरु जी युवराज की ओर घूमे। बोले,'गद्दी पर बैठते ही हमें भूल तो न जाओगे!'
Sep 6, 2023 4 tweets 1 min read
सहवाग एक दिन कार से जा रहे थे, किसी ने कहा ये गाड़ी अंग्रेज़ो की बनाई है सहवाग ठहरे घोर स्वदेसी, तुरंत गाड़ी से उतर गए,

किसी ने कहा कोट पैंट भी उनका है, उन्होंने उतार फेंका, फिर इसी तरह शर्ट टाई जूते सब उतार दिए, एक आदमी ने पूछा भाई साहब टाइम क्या हुआ है उन्होंने घड़ी देखी, और गुस्से से उतार फेंकी,
लोगों ने कहा अरे मोबाइल भी अंग्रेज़ो का है उन्होंने वो भी फेंक दिया।
सहवाग के पास अब कपड़े के नाम पर सिर्फ गले में लटका ताबीज़ था।
Sep 1, 2023 5 tweets 2 min read
मल्टी टैलेंटेड राजा
एक बार एक राजा था। राजा क्या टैलेंट की दुकान था। अगर हॉस्पिटल जाता तो डॉक्टर बन जाता था और लैब या रिसर्च सेंटर तो वैज्ञानिक। स्कूल में वह टीचर होता था तो जंगल मे फोटोग्राफर। कहने का मतलब कोई भी फील्ड अछूता नही था। एक बार तो यात्रा के दौरान पायलट को भी कह दिया कि साइड हो जा आज जहाज भाई उड़ाएगा।
इतना टैलेंट ऐसे ही नही आया था। राजा का बचपन बहुत चुनौतियों से भरा था। उसने स्टेशन पर चाय बेची, ओस से नहाया और 35 साल भीख भी मांग कर खाई थी। पढ़ाई भी उसने ऐसी करी जिस का दूसरा कोई उदाहरण ही नही।
Aug 27, 2023 6 tweets 2 min read
एक जगह पर शेयर बाजार में निवेश से जुड़ा कार्यक्रम चल रहा था।
उस के लिए... एक खूबसूरत युवती भी मौजूद थी जो निवेश सलाहकार थी। युवक को उससे प्यार हो गया। चाय के ब्रेक के दौरान वह तुरंत उससे मिला।
यह कहकर कि वह उसे पहली नजर में पसंद करता है, उसने उससे शादी का प्रस्ताव रखा। वह सलाहकार दिखने में भी बुरी नहीं थी। लेकिन जैसा कि उसने कार्यक्रम में सीखाया, उसने इस शादी में निवेश करने से पहले निवेशक पर शोध करने का फैसला किया
जानकारी लेने के लिए युवती ने निवेशक से उसके घर का हालचाल पूछा।
Aug 26, 2023 4 tweets 1 min read
"स्यूडोबल्बर एफेक्ट", "Pseudobulbar Affect" (PBA) : एक ऐसा मर्ज़ है जिसमें एक इंसान भाषण देते वक़्त ख़ुद के रोने पर क़ाबू नहीं रख पाता..इस मर्ज़ के मरीज़ को लगता है कि रोने से उसे हमदर्दी मिलेगी और लोग उसके भाषण को उसकी मौत के बा'द भी याद रखा जाएगा.. मर्ज़ की वजह :
1. न्यूरोलॉजिकल दिक़्क़तें
2. ख़ुद के इमोशन पर क़ाबू नहीं रख पाना
3. दिमाग़ी कमी
4. बचपन मे सामूहिक यौन शोषण 👈👈👈
5. ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजुरी/अल्ज़ाइमर्स रोग
6. डेमेंसिया : यादाश्त कमज़ोर होना
7. पार्किंसन्स रोग/ ब्रेन ट्यूमर
8. मिर्गी रोग/ विल्सनस रोग
Aug 26, 2023 16 tweets 4 min read
#मंदी
एक छोटे से शहर मे एक बहुत ही मश्हूर बनवारी लाल सामोसे बेचने वाला था।
वो ठेला लगाकर रोज दिन में 500 समोसे खट्टी मीठी चटनी के साथ बेचता था रोज नया तैल इस्तमाल करता था और कभी अगर समोसे बच जाते तो उनको कुत्तो को खिला देता बासी समोसे या चटनी का प्रयोग बिलकुल नहीं करता था ,
उसकी चटनी भी ग्राहकों को बहोत पसंद थी जिससे समोसों का स्वाद और बढ़ जाता था। कुल मिलाकर उसकी क्वालिटी और सर्विस बहोत ही बढ़िया थी।
उसका लड़का अभी अभी शहर से अपनी MBA की पढाई पूरी करके आया था।
Aug 25, 2023 17 tweets 4 min read
इसरो के प्रमुख का कहना है कि आधुनिक विज्ञान की उत्पत्ति वेदों से हुई है, पर पश्चिम ने इसे अपनी खोज की तरह प्रस्तुत किया।
पहले-पहल तो मुझे लगा ये वॉट्सएप्प पर चलाया गया सुपरिचित भारतीय फ़र्ज़ीवाड़ा होगा। पर बाद में खोज करने पर मालूम हुआ कि इस व्यक्ति ने सच में ही यह बात उज्जैन में कही थी। स्थान था, संस्कृत और वैदिक विश्विविद्यालय। ज़ाहिर है ऐसी जगहों पर तो यही सब बातें बोली जाएंगी। पर चिंता की बात है कि इतने महत्वपूर्ण पद पर बैठा व्यक्ति यह मूढ़तापूर्ण बात बोल रहा है,
Aug 22, 2023 13 tweets 3 min read
पिता कहीं नही जाते..
वे पुत्र में समा जाते हैं..
कोई भी कालखण्ड रहा हो, सभ्यता या संस्कृति हो। हर व्यक्ति के इतिहास में पिता के जीवन, उसके व्यक्तित्व की छाया पुत्र पर पड़ती है।
बच्चे का मन स्वच्छ होता है। वो पिता के कर्म, व्यवहार, आचार और विचारों को देखता है। उसके बरअक्स दुनिया को देखता, विचारता है। पिता की संवेदनायें, निर्णय उसकी नीति अनीति को एनालाइज करता है।
पिता का भाग्य है, की पुत्र किस तरह से मिरर करे। वह पिता को आइडोलाइज कर सकता है। वह छाया की तरह उनके आदर्शों को जीवन मे उतार सकता है, अनुकृति बनना चाहता है।
Aug 22, 2023 5 tweets 2 min read
जयपुर का फर्नीचर व्यवसायी चुन्नीलाल एक बार Bangkok गया।
एक शाम वह अकेला ही बीयर बार में पहुंचा, बीयर की एक बोतल ली और बार के एक कोने में टेबल पर जाकर बैठ गया।
उसकी टेबल के पास एक कुर्सी और थी जो खाली थी। कुछ देर बाद एक सुंदर सी युवती उसके पास आकर रुकी। उसने अंग्रेजी में चुन्नीलाल से कुछ कहा जो उसे समझ में नहीं आया चुन्नीलाल ने भी उसे बैठने का इशारा किया।
चुन्नीलाल ने अपनी टूटी फूटी अंग्रेजी में उससे बात करने की कोशिश की पर बेकार।
वे दोनों ही एक दूसरे की बात समझ नहीं पा रहे थे।
Aug 21, 2023 12 tweets 3 min read
हिन्दू और मुसलमान दोनो ध्यान दें!

250 वर्ष का इतिहास खंगालने पर पता चलता है कि "आधुनिक विश्व मतलब 1800 के बाद जो दुनिया मे तरक्की हुई, उसमें पश्चिमी मुल्कों का ही हाथ है ।"

हिन्दू और मुस्लिम का इस विकास में 1% का भी योगदान नहीं है। आप देखिये कि 1800 से लेकर 1940 तक हिंदू और मुसलमान सिर्फ बादशाहत या गद्दी के लिये लड़ते रहे।

अगर आप दुनिया के 100 बड़े वैज्ञानिकों के नाम लिखें तो बस एक या दो नाम हिन्दू और मुसलमान के मिलेंगे।

पूरी दुनिया मे 61 इस्लामी मुल्क हैं, जिनकी जनसंख्या 1.50 अरब के करीब है, और कुल 435 यूनिवर्सिटी हैं जबकि मस्जिदें अनगिनत।
Aug 14, 2023 8 tweets 2 min read
चाटुकारिता
एक व्यक्ति कम्पनी के सभी कामों से बचता था लेकिन बॉस को मक्खन लगाने में माहिर था.....😀
वह बॉस के आदेश के अनुसार सभी काम करता था। ऑफिशियल काम को छोड़ कर वह बॉस के सभी निजी काम जैसे उनके बेटे की कॉलेज फीस जमा करना😀 बेटी की डांस कॉस्ट्यूम खरीदना😀उनकी कार की सर्विसिंग का काम😀 उनके बेटे का प्रोजेक्ट पूरा करना, यानी लगभग सब कुछ करता था......😀
जाहिर था कि वह बॉस का पसंदीदा था😀
उसे सभी प्रोत्साहन और इन्क्रीमेंट समय से मिलता था और दूसरी तरफ बाक़ी कर्मचारी,ऑफ़िशियल काम पूरा करने पर भी बॉस की डाँट खाते रहते थे...