विश्वगुरुः शिवसर्वज्ञो विजयते Dr.ShivduttAcharya Profile picture
◆सर्वज्ञाय शिवाय विश्वगुरवे नित्यं प्रणामोदयः◆ #शब्दब्रह्म_परंब्रह्म_पारायण_परायणः✍️ वेद-वेदाङ्ग-ज्योतिष-पौरोहित्य-धर्म-दर्शनाचार्यः #विद्यावारिधिः #NET
May 10, 2020 4 tweets 3 min read
#शिवदत्तसर्वज्ञाचार्य_शास्त्रार्थसभा

#मातृ_दिवस

माँ - दुःख में सुख का एहसास है,
माँ - हर पल मेरे आस पास है ।

माँ - घर की आत्मा है,
माँ - साक्षात् परमात्मा है ।

माँ - आरती, अज़ान है,
माँ - गीता और कुरआन है ।

माँ - ठण्ड में गुनगुनी धूप है,
माँ - उस प्रभु का ही एक रूप है । Image 2.
माँ - तपती धूप में साया है,
माँ- आदिशक्ति महामाया है ।

माँ - जीवन में प्रकाश है,
माँ - निराशा में आस है ।

माँ - महीनों में सावन है,
माँ - गंगा सी पावन है ।

माँ - वृक्षों में पीपल है,
माँ - फलों में श्रीफल है ।

माँ - देवियों में गायत्री है,
माँ - मनुज-देह में सावित्री है । Image
May 1, 2020 5 tweets 2 min read
#शिवदत्तसर्वज्ञाचार्य_शास्त्रचर्चा

कोरोना लाकडाउन एक त्यौहार.. व्यंग्य..😂

सच बता रहा हूं..

अकाल हो, सूखा हो, बाढ़ हो या फिर प्लेग या चेचक का प्रकोप हो ।

ऐसे हर मौक़े पर हम हिंदुस्तानी बस गैस स्टोव्स पर कढ़ाई चढ़ाते हैं और हलवा, पूरी, गुलाब जामुन और कचौरियाँ बनाने लगते हैं । 2.
विपत्तियाँ भी जब देखती है तो उनके मुँह खुले के खुले रह जाते हैं।
वो सोच रही होती हैं कि उनके आने से लोग पछाड़ खायेंगे, थर-थर काँपेंगे या डर जाएंगे, पर जब वो देखती हैं कि हिंदुस्तानियों ने उसके आने की खबर सुनते ही जलेबियाँ बनाना शुरू कर दिया है तो उनके हौसले पस्त हो जाते हैं ।
Apr 28, 2020 5 tweets 4 min read
#विश्वगुरु_शिवदत्तसर्वज्ञाचार्य_शास्त्रार्थसभा

श्रीमज्जगद्गुरु भगवत्पाद आद्यशंकराचार्यजी का आविर्भाव अखण्डभारतवर्ष में दक्षिणभारत के केरलप्रदेश में स्थित नम्बूदरीपाद ब्राह्मणों के "कालड़ी ग्राम" में ७८८ ई. में हुआ था।
उन्होंने अपने जीवन का अधिकांश समय उत्तरभारत में व्यतीत किया। Image 2.
#आदिशंकराचार्य
उनके द्वारा स्थापित "अद्वैतवेदान्त सम्प्रदाय"
9वीं शताब्दी में काफी लोकप्रिय हुआ।

उन्होंने प्राचीन भारतीय उपनिषदों के सनातन सिद्धान्तों को पुनर्जीवित किया।

उन्होंने ईश्वर को पूर्ण वास्तविक स्वरूप में स्वीकार किया और साथ ही इस जगत् को मायामय एवं मिथ्या बताया। Image