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इंदिरा गांधी ने एक चुनाव सभा में जैसे ही बोलना शुरू किया, वहां मौजूद भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी।


बाइक मैकेनिक्स के बीच बैठकर,उनसे बात करने में,यह होती है परसिनैलिटी,जिसे कपड़े बदल बदल कर आकर्षक नही बनाया जाता,बल्कि अपने व्यवहार से बनाया जाता है ।
https://twitter.com/vijaythottathil/status/1672148511318482944


देखते ही मानसी सोनी से प्यार हुआ । मुखियाबजी ने मानसी सोनी को प्रायवेट सेक्रेटरी बनने का ऑफर दिया।मानसी सोनी ने यह ऑफर स्वीकार भी कर लिया ।
तीन मूर्ति भवन में रहने लगे। यहां 16 साल रहे। यह तीन मूर्ति भवन पहले झंडारोहण से लेकर पहले चुनाव, पहली पंचवर्षीय योजना, पहले बांध, पहले कारखाने, पहले विमान, पहले बिजलीघर और तमाम पहली-पहली उपलब्धियों का गवाह बना। यहीं उनका देहांत हुआ। उनके मरने के बाद शास्त्री जी की सरकार ने

पर 1972 मे उन्होंने देश में मार्शल लॉ लगा दिया था।बेनिनो एकविनो ( Benigno Aquino) वहॉ के एक सीनेटर थे जो मारकोस की तानाशाही का हमेशा विरोध करते रहते थे । मारकोस ने उन्हें जेल में डाल दिया।1980 में जेल में ही उन्हें दिल का दौरा पड़ा और इलाज के लिये उन्हें अमेरिका जाने की इजाज़त
https://twitter.com/NargisBano70/status/1669216874238967810ना सबका साथ वाली @narendramodi सरकार बोल रही है , मुसलमानों पर आरोप है कि उत्तर काशी में उनकी जनसंख्या बढ़ रही है , इस कारण वहां अपराध बढ़ रहे हैं। इसलिए हिन्दूवादी संगठनों द्वारा दहशत फैलाई जा रही है और मुसलमान वहां से पलायन कर रहे हैं।
https://twitter.com/SaketGokhale/status/1668821378685100032उभार से परेशान था।
यह चित्र इसलिये दुर्लभ है क्योंकि गांधी इलाज के लिये एलोपेथी पर बिल्कुल भरोसा नहीं करते थे।वे अपना इलाज प्राकृतिक चिकित्सा से करते थे और दूसरों को भी इस बारे में सलाह देते थे।मगर जब मनु गांधी का दर्द बरदास्त से बाहर हो गया तो उन्होने एलोपेथी की सर्जरी के आगे आत्मसमर्पण कर दिया।
राजनीतिज्ञों से मुलाक़ातें शामिल थीं. नेहरू ने न सिर्फ दादा की आत्मीयता के साथ हमारा स्वागत किया बल्कि क्यूबा की जनता के समर्पण और उसके संघर्ष में भी अपनी पूरी रुचि दिखाई."

किसका दावा सही है और किसका गलत, क्योंकि हम इस विषय के जानकार नहीं हैं।
जिनमें ज्यादातर अंग्रेजों ने नष्ट करा दिया था।गोरखपुर जेल में रहकर उन्होंने बहुत सारी रचनाएं भी लिखीं लेकिन उसे भी जेल प्रशासकों ने जलवा दिया था।आत्मकथा को उन्होंने अपनी फांसी से 2 दिन पहले ही गोरखपुर जेल में रहकर पूरा किया था। बाद में मशहूर पत्रकार गणेश शंकर विद्यार्थी ने
https://twitter.com/Profdilipmandal/status/1667396344909291521सुखोई और रफाल उनका ही इजाद किया है , नाली की गैस से चाय बना रहे थे।
3. नेताजी सुभाषचंद्र बोस की आज़ाद हिन्द सेना में संघी गोलवरकर द्वारा हिन्दुओं को भर्ती न होने का फरमान और सावरकर द्वारा आज़ाद हिन्द फौज के खिलाफ अंग्रेजों की सेना में हिन्दुओं की भर्ती
उनकी सख़्ती को झेला,किसलिए,यह समझना हर एक के बस का नही है।



वे स्थिति नियंत्रित करने में पूरी तरह विफल रहे हैं। इसलिए वहां तत्काल सरकार भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए।
वो सरकारी घोषणा जो कहती है कि सेंगल को माउंटबेटन ने नेहरू को सत्ता स्थानांतरण के प्रतीक के तौर पर दिलवाया था ।