Tehxi Profile picture
Dharm ॥ History || Politics ॥Health- Wellness॥ Threads ॥ Yoga || Meditation || नमश्चण्डिकायै
35 subscribers
Feb 3 5 tweets 2 min read
Just 7 minutes of conscious breath fasting can activate cellular autophagy the body’s natural repair system.

No diet. No pills. Just breath.

When the breath pauses, the body heals.
7 minutes of breath fasting activates autophagy

what science calls ‘cellular renewal’ and yoga calls prāṇa shuddhi.

Bookmark 🔖 this video right now before it’s disappeared, share with your family and friends who needs it . Do follow my account @yajnshri for more such informative videos if you’re not following already. Image
Jan 20 7 tweets 4 min read
जिस नक्षत्र में मनुष्य का जन्म हुआ हो , उसका फल क्या होता है

जन्म अनुसार नक्षत्र फल इस प्रकार है Image स्वस्थश्च रूपवान्वित्तसम्पन्नो ज्ञानवाँस्तथा । सर्वप्रियो यशस्वी च अश्वयुज्जातको भवेत् ॥०२॥

अश्विनी नक्षत्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति स्वस्थ, रूपवान्, धनी, ज्ञानवान्, सभी लोगों का प्रिय एवं यशस्वी होता है।

सत्यवादी सुखी स्वार्थी क्रूरो विकलमानसः । धनी विद्वाँस्तथा स्वस्थो भरणीभसमुद्भवः ॥०३ ॥

भरणी नक्षत्रसमूह में जन्म लेने पर जातक सत्य बोलने वाला, सुखी, स्वार्थी, क्रूरकर्मा, चिन्तित मन वाला, धनी, विद्वान् एवं स्वस्थ्य होता है।

आहाराचारकुशलः कामुकस्साहसी तथा । तेजस्वी बुद्धियुक्तश्चज्जायते कृत्तिकासु च ॥०४ ॥

कृत्तिका में जन्म लेने पर जातक भोजनभट्ट, व्यवहारकुशल, तेजस्वी कामुक, साहसी एवं बुद्धिमान् होता है।
Jan 19 6 tweets 2 min read
क्या आपके साथ भी होता है?

बहुत मेहनत करते हो, सफलता बस हाथ में आने वाली होती है… और आखिरी पल में सब बिगड़ जाता है

पुराणों में लिखा है इसका सबसे अचूक उपाय! Image उपाय 1: काम बिगड़ने से बचाने वाला 40 दिन का चमत्कारी टोटका

5 शमी पत्र लाओ
धोकर सफेद चंदन लगाओ
40 दिन रोज शिव मंदिर जाकर भगवान शिव पर अर्पित करो
108 बार “ॐ नमः शिवाय” जपो
अपनी समस्या बताकर प्रार्थना करो
काम बीच में ही बन जाता है, फिर भी 40 दिन पूरा करो Image
Jan 16 7 tweets 4 min read
सुषुम्ना नाड़ी कैसे जागृत होती है? दशम द्वार तक की यात्रा

बहुत लोग पूछते हैं कि सुषुम्ना नाड़ी क्या है और यह कैसे जागृत होती है। लेकिन वास्तविक प्रश्न यह नहीं है कि तकनीक क्या है, बल्कि यह है कि हम स्वयं इसके योग्य बने भी हैं या नहीं। क्योंकि सुषुम्ना नाड़ी किसी ज़ोर-जबरदस्ती से नहीं खुलती, वह केवल शुद्ध साधना, समर्पण और नाम-स्मरण से स्वयं प्रकट होती है।Image वेदांत स्पष्ट कहता है कि आत्मा और शरीर दो नहीं हैं। जो यह मानता है कि “मैं शरीर हूँ और आत्मा अलग है”, वह अभी भ्रम में है। जब साधक उस पराकाष्ठा पर पहुँचता है, तब अनुभव होता है कि परमात्मा कहीं आता-जाता नहीं, वह नित्य है, शाश्वत है, सत-चित-आनंद स्वरूप है।

जब साधना गहरी होती है, तब भीतर से शब्द वाणी प्रकट होने लगती है। यह बाहरी बोल नहीं होता, यह अंतर की वाणी होती है। कई साधकों को इस अवस्था में सिद्धियाँ भी मिलती हैं, लेकिन सच्चे गुरु चेतावनी देते हैं सिद्धियों को प्रदर्शित मत करो, उन्हें पचा कर रखो। सिद्धियाँ साधना का लक्ष्य नहीं हैं, वे केवल मार्ग की छाया हैं।Image
Jan 16 8 tweets 2 min read
Mudras for chakra balancing. Image 1. Image
Dec 20, 2025 16 tweets 23 min read
देवराहा बाबा जी ने स्वर एवं नाड़ी का रहस्य बताया एवं कहा निरोग तथा दीर्घ आयु का विशेष रहस्य ज्ञान है 🧵

नास्तिक,कामी, अधर्मी के लिए ये #thread नहीं है

🔷 कार्य सिद्धि करने के लिए नाड़ी का होता है विशेष प्रयोग
🔷 श्वास की लंबाई का रहस्य कौनसा है ? Image 2 ) हमारे वेदों के समय से साँसों के विज्ञान, उसके प्रयोग की कला के शास्त्र और जानकार रहे हैं। लेकिन हजारों सालों के अंतराल, तत्कालीन संस्कृत भाषा की जटिलता और किसी दूसरे को न बताने के स्वार्थ के चलते यह विज्ञान लुप्त-सा हो गया है। इसलिए साँस के विज्ञान से 99.99 प्रतिशत लोग अनजान ही रह जाते हैं।

यह अति प्राचीन ऋषि-मुनियों के ज्ञान और अनुभव से निकली विद्या है। ऋषियों और आजकल के कर्मकांडी पुरोहितों में बहुत अंतर है। ऋषि-मुनि पहले रिसर्च करते थे, फिर उस पर स्वयं प्रयोग करते थे। प्रयोग सफल होने पर जो सार्थक होता था, उसे कहानी, किस्सों और काव्य के माध्यम से आमजन तक पहुँचाते थे।

इसे शुरू से ही गुप्त रखा गया। इसका अंदाजा इसके शुरुआती श्लोक से ही लगा सकते हैं, जिसमें भगवान् शिव स्वरज्ञान के महत्त्व के बारे में पार्वती से कहते हैं-

स्वरज्ञानात्परं गुह्यम् स्वरज्ञनात्परं धनम् ।

स्वरज्ञानत्परं ज्ञानं नवा दृष्टं नवा श्रुतम् ॥

स्वर (साँस में होती सूक्ष्म क्रिया) के ज्ञान से बढ़कर कोई गोपनीय ज्ञान, स्वरज्ञान से बढ़कर कोई धन और स्वरज्ञान से बड़ा कोई दूसरा ज्ञान न देखा गया और न ही सुना गया है।

इस गोपनीयता के कारण मूल ग्रंथ के मूल रहस्य दुर्लभ होते चले गए। यह शास्त्र ही लुप्त होता चला गया।Image
Dec 15, 2025 11 tweets 3 min read
मंत्र में प्राण फूंकने की विधि जानिये 🧵

१० संस्कार मंत्र को महामंत्र करते है Image Image
Dec 13, 2025 8 tweets 3 min read
आज हम फिल्मों में स्पाय थ्रिलर्स देखकर रोमांचित हो जाते हैं, किंतु क्या आप जानते हैं कि भारत में एक असली "धुरंधर" हुआ था, जिसने पाकिस्तान में रह कर कई साल तक खुफिया जानकारी जुटाई !

भारत माता के इस #Dhurandhar की वास्तविक जीवनी को जानिए 👇 Image 1 ) रविंद्र कौशिक की यह कहानी किसी फिल्म से कम नहीं – थिएटर से जासूसी तक का सफर, पहचान बदलना, पाकिस्तानी सेना में शामिल होना और फिर एक दर्दनाक अंत। जानिए इस अनसुनी लेकिन दिल दहला देने वाली कहानी को!

थिएटर से जासूसी तक – कैसे शुरू हुई कहानी?

- जन्म: 1952, श्रीगंगानगर, राजस्थान

- शुरुआत: थिएटर और मिमिक्री में गहरी रुचि

- रॉ (RAW) की नजर: 1973 में रॉ एजेंसी ने उनकी प्रतिभा देखी और उन्हें दिल्ली बुलाया

- खास ट्रेनिंग: उर्दू भाषा, इस्लामिक संस्कृति, पाकिस्तान का भूगोल, गुप्त पहचान बनाने की ट्रेनिंग

- नई पहचान: अब वे बन गए "नबी अहमद शाकिर"

– एक पाकिस्तानी नागरिक बनना, पाकिस्तान में घुसपैठ और जासूसी मिशन
Dec 11, 2025 11 tweets 3 min read
यदि आप मंत्र जाप कर रहे है तो , आपके मंत्र में कोई दोष नहीं होना चाहिए , जानिये मंत्र दोष कौनसे होते है 🧵 Image Image
Dec 9, 2025 5 tweets 2 min read
भीषण विपत्ति ⚠️ से बचने के लिए रक्षा मंत्र, जानिये 🧵 Image Image
Dec 7, 2025 10 tweets 3 min read
माला को अभिमंत्रित करने की विधि जानिये 🧵 Image Image
Dec 6, 2025 12 tweets 3 min read
माँ काली के 108 नाम एवं उनके 108 मंत्र- Thread 🧵 Image Image
Dec 5, 2025 15 tweets 4 min read
माँ बगलामुखी के 108 नाम एवं उनके 108 मंत्र- Thread 🧵 Image Image
Dec 5, 2025 9 tweets 2 min read
8 संकेत, काल भैरव अब आपके रक्षक है 🧵 Image Image
Dec 3, 2025 6 tweets 2 min read
How to use Maa Kamakhaya sindoor 🧵 Image Image
Nov 26, 2025 9 tweets 2 min read
माँ की तांत्रिक स्तुति—— रात्रिसूक्त का पाठ 🧵 Image Image
Nov 25, 2025 13 tweets 6 min read
🕉️ गरुड़ पुराण के अनुसार दान धर्म कैसा होना चाहिए 🧵

🔻जिस देवता का फल चाहिए, उसका पूजन करो
🔻कौन सा दान किस फल को देता है?
🔻कौन-सा दान कौन-सा पुण्य देता है?
🔻इन विशेष समयों में दान का महा-फल

🔻सबसे अच्छा दान वही है जो श्रद्धा से, सही पात्र को, सही जगह पर दिया जाए। जो चीज दूसरों के उपयोग में आए, उसे उचित जगह देना ही दान है।
ऐसा दान इस जीवन में सुख और अगले जीवन में मोक्ष का फल देता है।Image गरुड़ पुराण में कहा गया है कि संसार में दान से बढ़कर कोई धर्म नहीं है। दान वही श्रेष्ठ माना गया है जो श्रद्धा, सही पात्र और सही समय पर दिया जाए। न्यायपूर्ण तरीके से कमाया हुआ धन जब सुयोग्य ब्राह्मण, गौ, ऋषि, देव या जरूरतमंद को दिया जाता है, तो वह इस जन्म और अगले जन्म – दोनों में महान फल देता है।

दान के अनेक प्रकार बताए गए हैं और हर दान का अपना विशिष्ट फल है। भूमिदान को सबसे बड़ा दान माना गया है—जो व्यक्ति उपजाऊ भूमि ब्राह्मण को देता है, वह पुनर्जन्म से मुक्त हो जाता है। वेदादान, वेद का अध्ययन-अध्यापन और विद्वानों को ज्ञान देना ब्रह्मलोक की प्राप्ति तक ले जाता है। गाय को घास देना पापों को नष्ट करता है, और रोगियों को भोजन, औषधि, तेल आदि देने वाला दीर्घायु तथा स्वस्थ रहता है। अग्नि के लिए लकड़ी दान करने वाला तेजस्वी बनता है। छत्र और जूते का दान परलोक के भयानक मार्गों से रक्षा करता है।

दान करने का सही समय भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। उत्तरायण, दक्षिणायन, सूर्य-चन्द्र ग्रहण, संक्रांतियाँ, महाविषुव, तथा तीर्थों—विशेषकर प्रयाग और गया में किया गया दान अक्षय फल देता है। इन समयों में दिया गया दान प्रायश्चित्त का कार्य करता है और पापों को तुरंत नष्ट कर देता है।
Nov 22, 2025 8 tweets 8 min read
क्या आपको भी कभी कभी ऐसा लगता है कि समय बहुत तेज़ी से भाग रहा है ! ?

क्या ऐसा सच है चेतना का स्थिर जितना ऊँचा होता है समय उस के लिए उतना धीमा है ?

आइए जानते है इसका सत्य क्या है … 🧵 Image कभी-कभी तो लगता है कि कल ही तो नया साल शुरू हुआ था, और देखते-देखते महीनों कैसे निकल गए? ऐसा क्यों लग रहा है कि समय पहले से कहीं ज़्यादा तेज़ चल रहा है?

क्या ये केवल हमारी फीलिंग है, या वाकई कुछ ऐसा हो रहा है जो आम समझ से परे है?

दरअसल प्रकृति के गहरे नियमों में से एक ये है
जितनी चेतना सिकुड़ती है, उतना ही समय तेज़ हो जाता है। जब चेतना सीमित होती है, तो समय संकुचित (कंप्रेस) हो जाता है। क्यूँ कि चेतना के नज़रिए से देखें तो समय अपने आप में एक धारणा मात्र है – यानी ये चेतना की ही रचना है।

श्रीमद् भागवत गीता में कहा गया है

“कालोऽस्मि लोकक्षयकृत् प्रवृद्धो…”

और भागवत पुराण में स्पष्ट लिखा है –

“कालो येन परमेश्वरस्य नाभ्यामभ्युदितो महान्”

अर्थात यह काल (समय) भगवान विष्णु की नाभि से उत्पन्न हुआ है और वही सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड की गति को संचालित करता है।
Nov 21, 2025 9 tweets 10 min read
हिंदुओं के 16 संस्कार होते है , किंतु इसमें केवल कर्ण भेदन संस्कार की बात करूँगी, ये विज्ञान इतना गहन है जिसको भारत के ऋषियों ने सहस्त्र वर्ष पहले जान लिया था ,

गोरखनाथ जी के नाथ संप्रदाय में कनफटा योगी बहुत प्रसिद्ध हैं। आपने भी “कनफटा” शब्द सुना होगा , कान में छेद करने के पीछे बहुत गहरा विज्ञान है और इसमें कई ऐसे रहस्य छिपे हुए हैं, जिन्हें शायद आपने आज से पहले कभी नहीं सुना होगा।Image जिसको साइटिका का तेज दर्द होता है कई बार डॉक्टर उनको उनके कान में हेलिक्स के पास एक छोटा-सा छेद करने को कहते है और आश्चर्यजनक रूप से वह दर्द अगले ही दिन पूरी तरह खत्म हो जाता है क्या डॉक्टर को नसों का एक अलग तरह का ज्ञान था, जो उन्होंने किसी मेडिकल किताब में नहीं पढ़ा था।

लेकिन उससे पहले आपको 1950 में फ्रांस के डॉक्टर पॉल नोजियर (Paul Nogier) की कही एक अनोखी बात बताता हूँ। उन्होंने पाया कि मानव कान का आकार उल्टे भ्रूण (गर्भस्थ शिशु) जैसा होता है – जैसे गर्भ में बच्चा सिर नीचे करके मुड़ा हुआ बैठा हो। इसी आधार पर उन्होंने एक पूरा सिस्टम विकसित किया, जिसे आज “ऑरिकुलर एक्यूपंक्चर” या “इयर रिफ्लेक्सोलॉजी” कहा जाता है।Image
Nov 20, 2025 9 tweets 2 min read
चंडीपाठ का पूर्ण फल प्राप्ति के लिए , शापोद्वार करने वाले मंत्र , अर्थात उत्कीलन विधि जानिये 🧵 Image Image
Nov 18, 2025 12 tweets 3 min read
108 Powerful Names & 108 Powerful Mantras of Sri Vishnu - 🧵 Image Image