एक #मुस्लिम जिसका नाम #मोहम्मद_मनल था 1930 में #हिमालया_ड्रग_कम्पनी की स्थापना करता है....
लेकिन उसने वही दिलिप कुमार वाला फार्मूला प्रयोग किया और अपना नाम M Menal लिखा तथा हिमालया आयुर्वेदिक कम्पनी करके लोगों में प्रचार किया।
हिन्दू तो होते ही हैं सीधे साधे
उन्होने आयुर्वेदिक के नाम पर उसकी दवायें हाथों हाथ लिया और यह कम्पनी आसमान छूने लगी।
मुसलमान हर हाल में #मुसलमान ही होता है और उसका ईमान #जेहाद_और_काफिरों_की_बर्बादी_पर_टिका हुआ है भले ही वह नाम कुछ भी रख ले...
आपको जानकर आश्चर्य होगा यह कम्पनी अपनी आमदनी का दसवां
हिस्सा जकात के तौर पर जेहाद के लिए आतंकवादियों को देती है – यानी आपही का पैसा आपकी ही बर्बादी मे खर्च होता है....
1986 मे कम्पनी का फाऊन्डर मोहम्मद मनल मर गया....
लेकिन उसके वारिसान भी तो मुस्लमान ही हैं जो आज भी आतंकवादियों की फंडिग करते हैं...
#अभी जो कम्पनी का CEO है
उसने एक वीडियो में कहा
#हम_मुसलमान_हैं_और_हम_केवल_इसलाम_के_प्रति_वफादार_हैं_हिन्दुस्तान_के_प्रति_नहीं।
आगे यह भी कहता है हम तो हिन्दुस्तान के मालिक हैं
उसका यह vdo वायरल होते ही लोगो मे हडकंप मच गया कि हिन्दुओ को हिमालया कम्पनी की दवाईयों का बहिष्कार करना चाहिए....
Rss ने भी tweet किया....
अब सफाई देते फिर रहे हैं कि जिसका VDO है वह मालिक नहीं CEO है और उस वायरल VDO पर फैक्ट चेकर्स का स्क्रीन ड्राप लगा दिए हैं....
#हमदर्द कम्पनी की तरह #हिमालया कम्पनी की दवायें खरीदना बन्द करें....
यह एक कट्टर मुसलमान की कम्पनी है जो अबतक लोगों की
आँखो में धूल झोककर बचता रहा....
और, लोग इसे आयुर्वेदिक किसी हिन्दू की कम्पनी समझते रहे
मित्रो, खूब शेयर करो सभी कॉपी पेस्ट करें अपनी वॉल पर
हमदर्द और हिमालया कम्पनी की दवा खरीदने का मतलब आतंकवादियों को इनडाइरेक्ट पैसा देना है
सावधान हिन्दुओं!
सावधान बायकाट हिमालया ड्रग कम्पनी!!
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