ब्रह्म मुहूर्तमें पंडित जी सरयू स्नान के लिए जा रहे थे और रास्ते में एक श्वान(कुत्ता)लेटा हुआ था।
अचानक पंडितजी को क्रोध आया और उन्होंने कुत्तेको छड़ी मार दी,कुत्ता राम जी के दरबारमें शिकायत लेकर पहुंच गया।
बेशक पंडितजी दोषी पाएगए 3/1
लेकिन उन्हें क्या सजादी जाए और कौनदे इसे लेकर दिक्कत महसूस हुई।अंततः कुत्ते से निवेदन किया गया कि वो ही सजा मुकर्रर करदे।
कुत्ते ने निवेदन किया कि पंडित जी को फलाने मठ का मठाधीश बनादो!
भरतजी को और संशय हुआ और उन्होंने श्वान महाराजसे विनंती करतेहुए पूछा कि ये महानुभाव ये आप दंड
दे रहे हैं या पुरुस्कार ?
कुत्ते ने विनम्रता से उत्तर देते हुए बताया कि प्रभु पहले मै भी उसी मठ का महन्त था लेकिन जमीनों में घोटाले,चंदा चोरी तथा असत्य वचन के कारण इस दुर्गति को प्राप्त हुआ हूं🙏
आज वैलेंटाइन डे पर 3राज्यों की165सीटों पर मतदान होगा।
इसमें यूपी की 55 सीटें हैं, जबकि उत्तराखंड की 70 और गोवा की 40सीटें हैं।
प्रधानमंत्री ने यूपी में पहले चरण की 58 सीटों के पहले चरण से पहले चुनाव आयोग को ठेंगा दिखाते हुए ANI से "एकालाप" किया था। नतीज़ा यह रहा कि 58 में 4/1
से 35+ सीटों पर बीजेपी साफ़ हो गई।
आज दूसरे चरण में योगी बाबा उसी ANI से 30 मिनट का "एकालाप" करेंगे। ज़ुबां से नफ़रत फिर टपकी है। (वीडियो देखें)
ज़मीनी रिपोर्ट कहती है कि दूसरे चरण में भी बीजेपी 40+ सीटों पर साफ़ हो सकती है।
उत्तराखंड में अमित शाह द्वारा कल हरीश रावत की
4/2
"कुत्ताघसीटी" ने उत्तराखंडियों का जो अपमान किया है,वह आज वोटिंग पैटर्न में दिख सकता है।
गोवा में बीजेपी की हालत कुछ ठीक नहीं। छोटे दलों ने बीजेपी का रास्ता रोक दिया है। माना जा रहा है कि 2017 की तरह इस बार भी वहां कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है।
" जीवन का यथार्थ"
गोपाल किशन जी एक सेवानिवृत अध्यापक हैं।सुबह दस बजे तक ये एकदम स्वस्थ प्रतीत हो रहे थे।शामके सात बजते-बजते तेज बुखारके साथ-साथ वे सारे लक्षण दिखायी देने लगे जो एक कोरोना पॉजीटिव मरीजके अंदर दिखाई देते हैं
परिवार के सदस्योंके चेहरों पर खौफ़ साफ़ दिखाई पड़ रहाथा।1
उनकी चारपाई घर के एक पुराने बड़े से बाहरी कमरे में डाल दी गयी जिसमें इनके पालतू कुत्ते *मार्शल* का बसेरा है । गोपाल किशन जी कुछ साल पहले एक छोटा सा घायल पिल्ला सड़क से उठाकर लाये थे और अपने बच्चे की तरह पालकर इसको नाम दिया *मार्शल* ।
इस कमरे में अब गोपाल किशन जी , उनकी चारपाई
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और उनका प्यारा मार्शल हैं।दोनों बेटों -बहुओं ने दूरी बना ली और बच्चों को भी पास ना जानें के निर्देश दे दिए गये।
सरकार द्वारा जारी किये गये नंबर पर फोन करके सूचना दे दी गयी।खबर मुहल्ले भर में फैल चुकी थी लेकिन मिलने कोई नहीं आया । साड़ी के पल्ले से मुँह लपेटे हुए, हाथ में छड़ी
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व्यवस्था से दूर लोगों को कुछ पता ही नहीं होता कि 2 भारत कब का बन चुका है।
मोदी जी के गुजराती मित्र बैंकों को लूट लूट कर पहले कंगाल बनाएँगे फिर बैंकों को घाटे में दिखाकर मोदी जी अपने उन्हीं मित्रों को बेच देंगे।
बस थोड़ा रुकिए तो सही
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बाकी आपके छोटे मोटे लोन तो यही बैंक आपकी गर्दन पकड़ कर ले लेंगे।
कोरोना काल में सरकार ने ना तो ब्याज माफ किया ना ही श्रृण लेने वालों को कोई राहत दी , बल्कि ईमएमआई जो 3 महीने रोकी गयी थी उस पर भी ब्याज पर ब्याज अलग से ली जा रही है।
सबसे बुरी गत व्यापारियों की है , 9% ब्याज पर
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सीसी लिमिट बना कर माल तो खरीद लिए पर बिक्री नहीं है।
व्यापारी आत्महत्या कर रहे हैं पर उनका वोट मुल्लों को टाईट रखने के लिए पड़ता रहेगा।
3 @BramhRakshas @fighterGOKU143
मगर बहुत से लोगोंको पता भी नहीं होगा कि देश की दो नदियों का किसी तहज़ीब से क्या संबन्ध ?
अक्सर संघी इस"गंगा-जमुनी तहज़ीब"पर आक्रमण करते रहते हैं तो उनकी ही तर्ज पर
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मुसंघी भी जाने अन्जाने में "गंगा-जमुनी तहज़ीब"की खिल्ली उड़ाते देखे जा सकतेहैं।
तो दरअसल यह"गंगा-जमुनी तहज़ीब"है क्या और इसके इस नाम की वजह क्या है?
दरअसल उत्तर भारत में पुरातन काल के जितने भी पुराने शहरों पर आप नज़र दौड़ाईए सब गंगा नदीके किनारे बसे मिलेंगे।
आप पुरातन काल के
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हरिद्वार से लेकर प्रयाग और काशी और गया से लेकर और आगे तक नज़र दौड़ाईए सब गंगा के किनारे बसे मिलेंगे।
कारण स्पष्ट है कि एक तो मानव जीवन के लिए पानी सर्वाधिक आवश्यक है दूसरा इस नदी के प्रति श्रद्धा , और इस तरह सारी सनातन आबादी इस नदी के तट पर बस गयी और एक शहर का निर्माण हुआ।
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उत्तरप्रदेश : आप "भारत भाग्य विधाता" बन सकते है..किसानों और सोशल मीडिया ने BPCL की बिक्री रोक दी है..धमाकेदार खबर है..
★★ मोदी ने मार्च 2022 तक BPCL को बेचने का फैसला किया था..3 खरीदारों ने "EOI" यानी "एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट" की चिट्ठी दे कर BPCL की नीलामी 3/1
में भाग लेने की घोषणा भी की थी..
★★ पर अब,ये तीनों खरीदार BPCLके लिए बोली नही लगा रहे है..इन तीनों ने BPCLके लिए बोली लगाने से मना कर दिया है..ये किसान आंदोलन और सोशल मीडिया पर चल रहे लगातार कैंपेन का ही नतीजा है..
◆ अब BPCLको बेचने के लिए फिर से पूरी प्रक्रिया की शुरुआत
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करनी पड़ेगी..इसमे 2-3 साल का वक्त लगेगा..यानी 80% सम्भावना है कि 2024 तक BPCLनही बिक सकती
मैंने बारबार लिखा : जो BPCL खरीदेगा और जो BPCL बेचेगा उसकी 7पुश्ते जेल में सड़ेगी..मोदी को शायद ये बात समझ आ गई..उत्तरप्रदेश : वोट की चोट कीजिए..देश आपका कर्जदार रहेगा.. 3/3 @BramhRakshas
फोटुक देखो,और इसे पहचानो,एशियन बीटल कहते हैं।फसल चट कर जाने वाले नारंगी कीड़े..जिनकी उत्पत्ति नागपुर के आसपास की बताई जाती है।पर अब ये सर्वत्र बुरी तरह से फैल गए हैं।
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ये आसानी से पहचाने जा सकते हैं। मोटा पेट, पिचका थूथन, चटक नारंगी
बदन पर गन्दे काले धब्बे होते हैं।लेकिन केसरिया रंग के धार्मिक महत्व से भ्रमित कुछ लोग इन्हें बड़ा सुंदर और क्यूट कीड़ा समझतेहैं।
इसमे कोई सचाई नही।दरअसल इनसे दूर रहने में भलाई है,क्योकि अगर छू भी लिया,तो बड़ी तेज बदबू आती है।ये बदबू पांच साल तक,हाथको फिनाइल में डुबाये रखने पर
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भी नही जाती।यह अनुभव, हालांकि आपको हो ही चुका है।
मितरों,खास बात ये है कि इनकी एक पूरी फैमली है,नारंगी परिवार ..जो दरअसल होते एक ही ब्रीड हैं,मगर अलग अलग होने का स्वांग करतेहै।ये झुंड में रहते हैं।जहां कुछ हरियाली दिखी,चट कर जाते हैं।