अमित Profile picture
Oct 28 12 tweets 5 min read
🌻 #_श्री_निधि_वन 🚩

भारत में कई ऐसी जगह है जो अपने दामन में कई रहस्यों को समेटे हुए है ऐसी ही एक जगह है वृंदावन स्थित निधि वन जिसके बारे में मान्यता है की यहाँ आज भी हर रात कृष्ण गोपियों संग रास रचाते है। यही कारण है की सुबह खुलने वाले
#Thread ImageImageImageImage
निधिवन को संध्या आरती के पश्चात बंद कर दिया जाता है। उसके बाद वहां कोई नहीं रहता है यहाँ तक की निधिवन में दिन में रहने वाले पशु-पक्षी भी संध्या होते ही निधि वन को छोड़कर चले जाते है।

🌻 #जो_भी_देखता_है_रासलीला_हो_जाता_है_पागल 🚩

वैसे तो शाम होते ही
निधिवन बंद हो जाता है और सब लोग यहाँ से चले जाते है। लेकिन फिर भी यदि कोई छुपकर रासलीला देखने की कोशिश करता है तो पागल हो जाता है। ऐसा ही एक वाक़या करीब 10 वर्ष पूर्व हुआ था जब जयपुर से आया एक कृष्ण भक्त रास लीला देखने के लिए निधिवन में छुपकर बैठ गया।
जब सुबह निधि वन के गेट खुले तो वो बेहोश अवस्था में मिला, उसका मानसिक संतुलन बिगड़ चूका था। ऐसे अनेकों किस्से यहाँ के लोग बताते है। ऐसे ही एक अन्य वयक्ति थे पागल बाबा जिनकी समाधि भी निधिवन में बनी हुई है। उनके बारे में भी कहा जाता है की उन्होंने भी एक बार
निधि वन में छुपकर रास लीला देखने की कोशिश की थी। जिससे की वो पागल ही गए थे। चुकी वो कृष्ण के अनन्य भक्त थे इसलिए उनकी मृत्यु के पश्चात मंदिर कमेटी ने निधि वन में ही उनकी समाधि बनवा दी।
🌻 #रंगमहल_में_सज़ती_है_सेज़ 🚩
निधि वन के अंदर ही है ‘रंग महल’ जिसके बारे
में मान्यता है की रोज़ रात यहाँ पर राधा और कन्हैया आते है। रंग महल में राधा और कन्हैया के लिए रखे गए चंदन की पलंग को शाम सात बजे के पहले सजा दिया जाता है। पलंग के बगल में एक लोटा पानी, राधाजी के श्रृंगार का सामान और दातुन संग पान रख दिया जाता है। सुबह पांच
बजे जब ‘रंगमहल’ का पट खुलता है तो बिस्तर अस्त-व्यस्त, लोटे का पानी खाली, दातुन कुची हुई और पान खाया हुआ मिलता है। रंगमहल में भक्त केवल श्रृंगार का सामान ही चढ़ाते है और प्रसाद स्वरुप उन्हें भी श्रृंगार का सामान मिलता है।

🌻 #पेड़_बढ़ते_है_जमीन_की_और 🚩

निधि
वन के पेड़ भी बड़े अजीब है जहाँ हर पेड़ की शाखाएं ऊपर की और बढ़ती है वही निधि वन के पेड़ो की शाखाएं नीचे की और बढ़ती है। हालात यह है की रास्ता बनाने के लिए इन पेड़ों को डंडों के सहारे रोक गया है।

🌻 #तुलसी_के_पेड़_बनते_है_गोपियाँ 🚩

निधि वन की एक अन्य खासियत यहाँ के
तुलसी के पेड़ है। निधि वन में तुलसी का हर पेड़ जोड़े में है। इसके पीछे यह मान्यता है कि जब राधा संग कृष्ण वन में रास रचाते हैं तब यही जोड़ेदार पेड़ गोपियां बन जाती हैं। जैसे ही सुबह होती है तो सब फिर तुलसी के पेड़ में बदल जाती हैं।

साथ ही एक अन्य मान्यता यह भी है की इस
वन में लगे जोड़े की वन तुलसी की कोई भी एक डंडी नहीं ले जा सकता है। लोग बताते हैं कि‍ जो लोग भी ले गए वो किसी न किसी आपदा का शिकार हो गए। इसलिए कोई भी इन्हें नहीं छूता।

🌻 #वन_के_आसपास_बने_मकानों_में_नहीं_हैं_खिड़कियां 🚩

वन के आसपास बने मकानों में खिड़कियां नहीं हैं। यहां के
निवासी बताते हैं कि शाम सात बजे के बाद कोई इस वन की तरफ नहीं देखता। जिन लोगों ने देखने का प्रयास किया या तो अंधे हो गए या फिर उनके ऊपर दैवी आपदा आ गई।
जिन मकानों में खिड़कियां हैं भी, उनके घर के लोग शाम सात बजे मंदिर की आरती का घंटा बजते ही बंद कर लेते हैं। कुछ लोग तो अपनी खिड़कियों को ईंटों से बंद भी करा दिया है।

• • •

Missing some Tweet in this thread? You can try to force a refresh
 

Keep Current with अमित

अमित Profile picture

Stay in touch and get notified when new unrolls are available from this author!

Read all threads

This Thread may be Removed Anytime!

PDF

Twitter may remove this content at anytime! Save it as PDF for later use!

Try unrolling a thread yourself!

how to unroll video
  1. Follow @ThreadReaderApp to mention us!

  2. From a Twitter thread mention us with a keyword "unroll"
@threadreaderapp unroll

Practice here first or read more on our help page!

More from @Am_du1

Oct 30
#कौन_हैं_छठ_माता_और_क्यों_की_जाती_है_इनकी_पूजा 🚩

क्या आप जानते हैं कि छठ माता कौन हैं और इनकी सूर्य के साथ पूजा क्यों की जाती है. सूर्य से इनका क्या संबंध है. छठ पूजा क्यों मनाई जाती है...

छठ पर्व षष्ठी का अपभ्रंश है. कार्तिक मास की अमावस्या को दिवाली मनाने के
#Thread ImageImageImageImage
6 दिन बाद कार्तिक शुक्ल को मनाए जाने के कारण इसे छठ कहा जाता है.

यह चार दिनों का त्योहार है और इसमें साफ-सफाई का खास ध्यान रखा जाता है. इस त्योहार में गलती की कोई जगह नहीं होती. इस व्रत को करने के नियम इतने कठ‍िन हैं, इस वजह से इसे महापर्व अौर महाव्रत के नाम से संबाेध‍ित
किया जाता है.

🌞 #कौन_हैं_छठी_मइया ??

मान्यता है कि छठ देवी सूर्य देव की बहन हैं और उन्हीं को प्रसन्न करने के लिए जीवन के महत्वपूर्ण अवयवों में सूर्य व जल की महत्ता को मानते हुए, इन्हें साक्षी मान कर भगवान सूर्य की आराधना तथा उनका धन्यवाद करते हुए मां गंगा-यमुना या किसी भी
Read 11 tweets
Oct 29
#ऐतिहासिक_सिक्के :🚩🚩

...जब मुहम्मद गौरी ने जारी किया था मां लक्ष्मी का सिक्का
****
आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री होंगे जो कोई सोने का सिक्का लांच करेंगे, वो भी सरकारी।

मुहम्मद गौरी ने जारी किया था मां लक्ष्मी का सिक्का

जिस तरह से आज मुस्लिम तुष्टीकरण की
#Thread ImageImageImageImage
नीति की चर्चा होती है, उन दिनों मुस्लिम शासक हिंदू तुष्टिकरण की कोशिशें करते थे। सबसे पहले ये काम किया मौहम्मद गौरी ने, जिसने एक तरह से दिल्ली सल्तनत की नींव रखी, जीत हासिल की, कुछ दिन शासन किया और फिर उसे अपने देश में वापस लौटना पड़ा।

कुतुबुद्दीन ऐबक को अपना प्रतिनिधि शासक
बनाकर वो वापस लौट गया। लेकिन जब शुरू में उसे लगा था कि भारत में रहना पड़ेगा तो उसने यहां की हिंदू जनता से रिश्ते सुधारने के लिए एक सिक्का जारी किया था। जिसमें एक तरफ हिंदुओं के लिए धनधान्य की देवी मां लक्ष्मी की प्रतिमा उकेरी हुई थी और दूसरी तरफ नागरी में उसका नाम गुदा था।
Read 6 tweets
Oct 29
💥 #अद्भुत 💐💐

आपने कभी भी जम्मू कश्मीर में स्थित #सूर्य_मंदिर का नाम सुना है..?

जो अपना इतिहास भूल जाते हैं, इतिहास उन्हें भी भूल जाता है, #हिदूं भी इसी रास्ते पर चल पडा हैं... कैसे इस कुकृत्य को भूले बेहद दुखद

मार्तण्ड सूर्य मंदिर जम्मू कश्मीर
#Thread ImageImageImageImage
के #अनंतनाग में स्थित है

कारकोटा राजवंश के शासक #ललितादित्य ने इस मंदिर का निर्माण आठवीं शताब्दी में बनवाया था......

#कश्मीर_का_सच इतना सच है की झूठ ही लगता है.
84 स्तंभों को नियमित अंतराल पर रखकर बनाये गए इस वैभवशाली मंदिर को ललितादित्य ने 7-8 शताब्दी के मध्य बनवाया था।
यह मंदिर एक पठार पर स्थित था जहाँ से पूरी कश्मीर घाटी देखी जा सकती थी।

14वीं शताब्दी में सिकंदर बुतशिकन ने जिहाद नीति को अपनाते हुए इस मंदिर को तोड़ने का फैसला किया, बुतशिकन का अर्थ होता है मूर्तियों को तोड़ने वाला, पूरे दो साल तक इस मंदिर को तोड़ा और जलाया गया, आज यहाँ
Read 4 tweets
Oct 28
#सभी_पुरूषों.. ((#पिता,#भाई,#पति)) #को_समर्पित ✍️
पुरुष का श्रृंगार तो स्वयं प्रकृति ने किया है।।
अधिकतर स्त्रियाँ काँच का टुकड़ा हैं जो मेकअप की रौशनी पड़ने पर ही चमकती हैं।।
किन्तु पुरुष हीरा है जो अँधेरे में भी चमकता है और उसे मेकअप की कोई आवश्यकता नहीं होती।।

#Thread Image
खूबसूरत मोर होता है मोरनी नहीं।।
मोर रंग - बिरंगा और हरे - नीले रंग से सुशोभित जबकि मोरनी काली सफ़ेद।।

मोर के पंख होते हैं इसीलिए उन्हें मोरपंख कहते हैं।।
मोरनी के पंख नहीं होते।।

दांत हाथी के होते हैं।।हथिनी के नहीं।।
हांथी के दांत बेशकीमती होते हैं।।
नर हाथी मादा हाथी के
मुकाबले बहुत खूबसूरत होता है।।

कस्तूरी नर हिरन में पायी जाती है।।
मादा हिरन में नहीं।।
नर हिरन मादा हिरन के मुकाबले बहुत सुन्दर होता है।।

मणि नाग के पास होती है,नागिन के पास नहीं।।
नागिन ऐसे नागों की दीवानी होती है जिनके पास मणि होती है।।

रत्न महासागर में पाये जाते हैं
Read 5 tweets
Oct 25
💥 #नागा_साधु_बनाम_मुग़ल 🚩🚩

भारतीय इतिहास का वो युद्ध, जब नागा साधुओं ने मुग़लों के ख़िलाफ़ जंग लड़कर जोधपुर को बचाया था !

भारत में अधिकतर लोग 'नागा साधुओं' को लेकर यही जानते हैं कि वो हर वक़्त समाधी में लीन या भांग के नशे में चूर रहते हैं,
#Thread
लेकिन ऐसा कतई नहीं है. दरअसल, तन पर नाममात्र के कपड़े और बदन पर भष्म लपेटे नागा साधुओं का इतिहास योद्धाओं का रहा है.

अगर आपको ऐसा लगता है कि हमारे संत समाज ने भारत की आज़ादी के लिए कोई लड़ाई नहीं लड़ी है तो आप ये जानकार हैरान रह जाएंगे कि ' नागा साधुओं
के युद्ध ' में भारत माता की रक्षा के लिए 2000 साधु संत शहीद हो गये थे. कहा जाता है कि इस युद्ध में दुश्मन 4 कदम भी आगे नहीं बढ़ पाया था.

इतिहासकार बताते हैं कि तब नागा साधुओं के एक हाथ में तलवार थी दूसरे में धार्मिक किताबें. इस दौरान संतों को धर्म भी
Read 10 tweets
Oct 24
💥 #कार्तिक_मास_में_पालन_करने_योग्य_नियम_और_उसका #महत्व 🚩

🔸1 ) जो कार्तिक मास प्राप्त हुआ देख पराये अन्न का सर्वथा त्याग करता है (बहार का कुछ नही खाता) उसे अतिक्रच्छ नामक यज्ञ करने का फल मिलता है।

🔸2) जो मनुष्य कार्तिक मास मे रोज भगवान विष्णु को कमल के फूल चढाता है
#Thread
वह 1 करोड जन्म के पाप से मुक्त हो जाता है ।

🔸3) जो मनुष्य कार्तिक मास मे रोज भगवान विष्णु को तुलसी चढाता है वह हर 1 पत्ते पर 1 हीरा दान करने का फल पाता है।

🔸4) जो मनुष्य कार्तिक मास मे रोज गीता का एक अध्याय पडता है वह कभी यमराज का मुख नही देखता ।

🔸5) जो मनुष्य कार्तिक मास
मे शालिग्राम शिला का दान करता है उसे सम्पूर्ण पृथ्वी के दान का फल मिलता है ।

🔸6) कार्तिक मास मे जो व्यक्ति पुरे मास पलाश की पत्तल मे भोजन करता है वह विष्णु लोक को जाता है ।

🔸7) कार्तिक मास मे तुलसी पीपल और विष्णु की रोज पुजा करनी चाहिए ।

🔸8) जो मनुष्य कार्तिक मास मे
Read 5 tweets

Did Thread Reader help you today?

Support us! We are indie developers!


This site is made by just two indie developers on a laptop doing marketing, support and development! Read more about the story.

Become a Premium Member ($3/month or $30/year) and get exclusive features!

Become Premium

Don't want to be a Premium member but still want to support us?

Make a small donation by buying us coffee ($5) or help with server cost ($10)

Donate via Paypal

Or Donate anonymously using crypto!

Ethereum

0xfe58350B80634f60Fa6Dc149a72b4DFbc17D341E copy

Bitcoin

3ATGMxNzCUFzxpMCHL5sWSt4DVtS8UqXpi copy

Thank you for your support!

Follow Us on Twitter!

:(