Dilip Mandal Profile picture
Founder, Center For Brahmin Studies। Editors Guild। EPW, ThePrint, BBC, Quint। Ex - Editor, India Today, STAR, MCNUJC- Adjunct, CNBC। Harvard India Conference
প্রদীপ্ত মৈত্র (Pradipto Moitra) Profile picture Apolitical Dinosaur Profile picture Tholkapiyan Profile picture Singh M.K. Profile picture 5 added to My Authors
14 Oct
हिंदू की जगह बौद्ध बनकर दलितों को क्या मिला?

जो दलित हिंदू धर्म छोड़कर बौद्ध बन गए, उनकी शिक्षा, शहरीकरण, सेक्स रेशियो और काम करने वालों की संख्या न सिर्फ़ हिंदू दलितों से, बल्कि तमाम हिंदुओं की तुलना में बेहतर हो गयी। #Census_Data 2011 से ये बातें देश के सामने आईं। पूरा पढ़ें…
बौद्धों, जिनमें ज़्यादातर धर्म परिवर्तन कर बौद्ध बने, की साक्षरता 81.29% हैं। हिंदुओं की साक्षरता सिर्फ 73.27% है। अनुसूचित जाति की साक्षरता दर सिर्फ 66% है। यानी बौद्ध परिवार अपने बच्चे-बच्चियों की शिक्षा पर ज़्यादा ध्यान देते हैं और उस पर निवेश करते हैं।
उत्तर प्रदेश में 68.59% बौद्ध साक्षर हैं। उत्तर प्रदेश का की औसत साक्षरता 67.68% है। यूपी में हिंदू दलितों की साक्षरता सिर्फ 60.88% है। यानी बौद्ध बन कर दलित न सिर्फ़ हिंदू दलितों से बल्कि बाक़ी हिंदुओं से भी आगे निकल गए।
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24 Jun
"Brahmins form the intellectual class of the Hindus. It is not only an intellectual class, but it is a class which is held in great reverence by the rest of the Hindus...The Hindus are taught that Brahmins alone can be their teachers." - Dr. B.R. Ambedkar in Annihilation of Caste
"A man who is born a Brahmin has much less desire to become a revolutionary. Indeed, to expect a Brahmin to be a revolutionary in matters of social reform is as idle as to expect the British Parliament, to pass an Act requiring all blue-eyed babies to be murdered." (ibid)
"An intellectual man can be a good man, but he can easily be a rogue. Similarly an intellectual class may be a band of high-souled persons, ready to help, ready to emancipate erring humanity—or it may easily be a gang of crooks, or a body of advocates for a narrow clique.."
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21 Apr
Babasaheb Dr. B.R. Ambedkar on Rama and Shambuka: “That without penal sanction the ideal of Chaturvarnya cannot be realized, is proved by the story in the Ramayana of Rama killing Shambuka. Some people seem to blame Rama because he wantonly and without reason killed Shambuka....
...But to blame Rama for killing Shambuka is to misunderstand the whole situation. Ram Raj was a Raj based on Chaturvarnya. As a king, Rama was bound to maintain Chaturvarnya....
...It was his duty therefore to kill Shambuka, the Shudra who had transgressed his class and wanted to be a Brahmin. This is the reason why Rama killed Shambuka. But this also shows that penal sanction is necessary for the maintenance of Chaturvarnya...
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19 Apr
प्रिय मित्र @shalabhmani और मैं एक ही कंपनी में काम कर चुके हैं। अब @myogiadityanath के सूचना सलाहकार हैं। कोरोना काल में पिछले 24 घंटे में उन्होंने कुल 18 लोगों को मदद करने की सूचना ट्विटर पर दी है। बधाई के पात्र हैं। 1-18 तक हर केस पर एक नज़र डालिए और अपने निष्कर्ष निकाल लीजिए।
ऐसा क्यों हुआ होगा, इस पर मेरी फ़िलहाल कोई टिप्पणी नहीं है। आप अपने निष्कर्ष निकालने के लिए स्वतंत्र हैं। मुमकिन है कि यही लोग उनके पास मदद माँगने पहुँचे हों। इसमें कोई क्या कर सकता है।
अगर इसके अलावा भी किसी को मदद करने की सूचना अगर आपको इनके ट्विटर टाइमलाइन पर नज़र आए तो मुझे बता दें। मैं ऐड कर दूँगा। यह एक समाजशास्त्रीय अध्ययन है। सहयोग करें।
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13 Apr
प्रशांत किशोर पांडे RSS का आदमी है। उसके पास कैंब्रिज एनालिटिका जैसी किसी जगह से डाटा आ गया है। उसे दिखा कर वह विपक्षी नेताओं को फाँसता है। फिर उसे समझाता है कि सॉफ़्ट हिंदुत्व करो, तभी बचोगे।वह पूरी पॉलिटिक्स को हिंदुत्व फ़ोल्ड में ले जाने के RSS के प्रोजेक्ट का खिलाड़ी है।
पश्चिम बंगाल बीजेपी को हर हाल में चाहिए। इसलिए प्रशांत किशोर पांडे को खुलकर ममता बनर्जी के ख़िलाफ़ विभीषण वाला काम करना पड़ा। उन पर मुसलमान तुष्टीकरण का आरोप लगाया। प्रशांत किशोर का काम पूरा हो चुका है। इन चुनावों के बाद उसे कोई काम नहीं देगा। वह BJP ज्वाइन कर सकता है।
तमिलनाडु में बीजेपी का कोई खेल नहीं है। वहाँ प्रशांत किशोर के पास खेलने के लिए कुछ नहीं है। वह काम सिर्फ अपनी विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए उसने किया है। उसने असली काम पश्चिम बंगाल में किया है। लेकिन यह उसका चुनाव मैनेजमेंट का आख़िरी काम है।
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11 Apr
ब्राह्मणों को क्यों महात्मा ज्योतिबा फुले के प्रति आभारी होना चाहिए - Rahul Sonpimple

ज्योतिबा फुले (जन्म 11अप्रैल, 1827) के समय ब्राह्मणों की स्थिति क्या थी?

उनमें उस समय तक राष्ट्र की कोई भावना नहीं थी। वे खुद को विदेशी आर्य मानते थे। उनमें भारतीय होने का कोई बोध नहीं था...
फुले के बाद तक बाल गंगाधर तिलक से लेकर राम मोहन राय और राधाकुमुद मुखर्जी तक हर ब्राह्मण खुद को विदेशी आर्य मान रहा था।

उनके बीच मतभेद सिर्फ़ अपने नस्ल के मूल स्थान को लेकर था। कोई खुद को उत्तरी ध्रुव का तो कोई यूरोप का तो कोई खुद को यूरेशिया या स्टेपी का बता रहा था!
यही नहीं, ब्राह्मण उस समय तक खुद को बाक़ी भारतीयों से अलग बताने के लिए खुद को ब्रह्मा के मुँह से उत्पन्न बता रहे थे। खुद को भूदेव कह रहे थे। बाक़ी लोगों के साथ उनका कोई बंधुत्व नहीं था, और बंधुत्व के बिना तो राष्ट्र बन नहीं सकता।
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11 Apr
Rahul Sonpimple on why the Brahmins must thank #Phule

Before #JyotibaPhule , the Brahmins never had the idea of a nation, they were busy in proving themselves as outsider colonizers- the superior race. They constructed the myth of divine origin....
Brahmins like Tilak propagated that North Pole was the original home of Brahmins. Phule built his Satyasodhak movement against such Brahmin myths & countered the hegeomony by posing the idea of ‘Bali Rajya’ - Bahujan Nation against the Brahmin-Baniya rule...
It was phule who forced brahmins to leave their myth of being a superior outsider race. Later the nation and Nationalism became only discourse for brahmins to maintain their hegemony. In simple words Phule straightened the Brahmins...
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26 Feb
जानिए वे 10 वजहें, जिनके कारण भारत में #EVM_Ban होना चाहिए।
1. EVM पारदर्शी नहीं है. पेपर बैलेट में वोट डालने वाले को नजर आता है कि उसने किस निशान पर मुहर लगाई. मुहर लगाने के बाद वह बैलेट पेपर को मोड़कर सभी उम्मीदवारों के प्रतिनिधि के सामने उसे बैलेट बॉक्स में डालता है....
ईवीएम में मतदाता को यह पता नहीं चल पाता कि उसने जिस निशान पर बटन दबाया है, वोट उसे ही गया है. इस कमी को पूरा करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ईवीएम के साथ वीवीपैट मशीन लगाई गई है, जिससे कागज की एक पर्ची निकलती है, जिसे मतदाता देख सकता है....
VVPAT पर्चियां जमा होती हैं. हालांकि कागज की पर्ची और मशीन में दर्ज वोट समान है, इसकी कोई गारंटी नहीं हो पाती है. इसलिए विवाद की स्थिति में इन पर्चियों को गिनने का प्रावधान है. अभी तक का अनुभव है कि कागज की पर्चियों की गिनती नहीं होती है...
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24 Feb
इन मुद्दों पर कांग्रेस और बीजेपी की राय समान है

1.कोलिजियम सिस्टम
2.लैटरल एंट्री
3.प्राइवेट सेक्टर में रिज़र्वेशन
4.प्राइवेटाइजेशन
5.कास्ट सेंसस
6.हेल्थ-एजुकेशन सेक्टर में Govt निवेश न बढ़ाना
7.NPA होने देना
8.OPS
9.सरकारी पद ख़ाली रखना
10.कोटा लागू न करना
इन मुद्दों पर भी कांग्रेस और बीजेपी की समान राय है

1.EVM से चुनाव
2.सवर्ण आरक्षण यानी EWS
3.GST
कांग्रेस ये वादा भी नहीं कर सकती कि सत्ता में आने पर वह पूरे देश में MSP लागू करेगी। ये भी नहीं कहेगी कि अंबानी और अडानी ने जो लूटा है, उसका राष्ट्रीयकरण करेगी। कांग्रेस की समस्या ये नहीं है कि उसके पास मज़बूत नेता नहीं है। कांग्रेस के पास बीजेपी से अलग नीतियाँ नहीं हैं।
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13 Feb
अगर आपके ट्विटर एकाउंट से एक या सवा करोड़ लोग जुड़े हों तो आपके एक ट्वीट पर एवरेज कितने रिट्वीट आने चाहिए? बारह से पंद्रह हज़ार? लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिन चैनलों के करोड़-सवा करोड़ फ़ॉलोवर हैं, उनके एक ट्वीट पर एवरेज 9 रिट्वीट आते हैं। जानिए क्या है राज़ #फॉलोवर_घोटाला
यह जानने के लिये हमने दो सबसे बड़े भारतीय चैनलों आज तक और एबीपी न्यूज के 1200 ट्वीट के आँकड़े जुटाए। नतीजा इस तरह रहा। आज तक को एक ट्वीट पर एवरेज 5 कमेंट, 11 रिट्वीट और 38 लाइक मिले। एबीपी को एवरेज 3 कमेंट, 7 रिट्वीट और 31 लाइक्स मिले... #फोलोवर_घोटाला
यह रहस्य समझ पाना मुश्किल था कि जिन चैनलों के फ़ॉलोवर एक करोड़ से ऊपर हों, उनके ट्वीट पर इतना कम इंगेजमेंट क्यों है। लोग इन ट्वीट पर आ क्यों नहीं रहे हैं और इंगेज क्यों नहीं हो रहे हैं। मेरे जैसे हैंडल, 1.5 लाख फॉलोवर पर इससे पचास गुना ज़्यादा रिएक्शन आता है... #फॉलोवर_घोटाला
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13 Feb
Thus said Dr. B.R. Ambedkar- “The Hindus claim to be a very tolerant people. In my opinion this is a mistake. On many occasions they can be intolerant, and if on some occasions they are tolerant, that is because they are too weak to oppose or too indifferent to oppose. This...
... indifference of the Hindus has become so much a part of their nature that a Hindu will quite meekly tolerate an insult as well as a wrong. You see amongst them, to use the words of Morris, "The great treading down the little, the strong beating down the weak...
... cruel men fearing not, kind men daring not and wise men caring not." With the Hindu Gods all-forbearing, it is not difficult to imagine the pitiable condition of the wronged and the oppressed among the Hindus. Indifferentism is the worst kind of disease...
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12 Feb
वैक्सीन का आविष्कार ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी के रिसर्चरों ने किया। ब्रिटेन/स्वीडन की एक कंपनी के पास इसका पेटेंट हैं। उसने दुनिया के 15 देशों में उसे बनाने का ठेका दिया। भारत का सीरम इंस्टीट्यूट उनमें एक है। यह वैक्सीन उतना ही भारतीय है जितना भारत में पैक हुआ पेप्सी का बोतल।
दवा कंपनी @AstraZeneca का कहना है कि वैक्सीन को गरीब देशों तक भी पहुँचाना उसका लक्ष्य है। यही मानवता है। इसलिए उसने कम मुनाफ़ा होने के बावजूद भारत में भी इसका प्रोडक्शन करने का फ़ैसला किया। भारत समेत कोई गरीब देशों में यही सप्लाई जाएगी।
वैक्सीन राष्ट्रवाद की कोई गुंजाइश नहीं है। यह भारतीय वैक्सीन नहीं है।
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12 Feb
6 Chatur (intelligent) Brahmins are running Finance Ministry.

Minister - Nirmala Sitharaman
Economic Adviser- K. Subramanian
Finance Sec. - A. B. Pandey
Revenue Sec. - T.V. Somnathan
RBI Director- S. Gurumurthy
ED chief - Sanjay Mishra

If anything goes wrong, don’t blame me!
This team well sell India and then go to the world bank on deputation. For repentance they can do some puja and Ganga Snana.
Finance ministry has become another agrahara. @nsitharaman @sgurumurthy @FinMinIndia
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7 Feb
Dear @meenaharris , Your claim of being Hindu is false and irreligious. According to Agama, Smritis and Shastras you have to have a caste to be a Hindu. Your grand father, father and husband all are black. Like MLK, you are “untouchable.” Don’t interfere in our internal matters.
Caste is endogenous & hereditary transmitted. You just can’t acquire a caste. You born in it. It’s based on patriarchal linage. We are not interested in your grand mother’s caste. That’s inconsequential. As we can’t place you in any caste groups, hence you are not Hindu. Period.
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6 Feb
भारत के टेस्ट क्रिकेट इतिहास का सबसे अच्छा एवरेज आज भी विनोद कांबली के नाम है। लेकिन एक ख़राब फ़ॉर्म के बाद उसे मौक़ा नहीं मिला। 17 मैच खेले और ज़िंदगी भर के लिए आउट। सचिन की ज़िंदगी में नौ ऐसे मौक़े आए जब वह बुरी तरह आउट ऑफ़ फ़ॉर्म हुआ और हर बार उसे मौक़ा मिला। मेरिट का मिथ ImageImageImageImage
मनुस्मृति के मुताबिक मेरिट क्या है?

एक के बाद 21 फिल्मों में पापा ली़ड रोल दिलाएँ और सभी फिल्म फ्लॉप होने के बाद भी 22वीं फिल्म मिले, तब जाकर पहली और आखिरी सफलता मिले और फिर कई असफल फिल्मों के बाद धूम सिरीज का मनरेगा मिले, तो इसे ही शास्त्रों में मेरिट कहा गया है. Image
अर्जुन तेंदुलकर को भी उसके पापा क्रिकेट का मनरेगा दिला रहे हैं। कई बार फेल होगा, लेकिन मौक़ा मिलता रहेगा। कितना भी गधा हो, कभी तो कुछ कर ही लेगा।
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25 Jan
केंद्र सरकार को एक प्रस्ताव है। स्थगित हो चुके कृषि क़ानूनों को दो साल तक सिर्फ़ बिहार में सख़्ती से लागू किया जाए। विरोध करने वालों की हड्डियाँ चटका दी जाएँ। दो साल बाद जब बाक़ी किसान देखेंगे कि बिहार के किसान मालामाल हो गए हैं तो वे क़ानून को खुद ही लागू कर लेंगे!

ठीक है?
बिहार की खेती को दो साल के लिए अडाणी भाई और अंबानी भाई को सौंप दिया जाए। सरकार उनके लिए लठैत की भूमिका निभाए। नए क़ानून के तहत कॉरपोरेट घराने दो साल में बिहार के किसानों को मालामाल करके दिखाएं। बाक़ी देश का किसान तो अपने आप राज़ी हो जाएगा।
बिहार का किसान देश में सबसे गरीब है। उसे ठोक-पीटकर अमीर बनाने का इससे अच्छा मौक़ा नहीं मिलेगा। किसान क़ानून के माध्यम से उन्हें ज़बर्दस्ती अमीर बनाया जाए। अडानी और अंबानी ये कर सकते हैं। सरकार डंडे की ताक़त से बिहारियों को अमीर बनाए।
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