भाग १
यह धारावाहिक उस महापुरूष के जीवन, उनके विचारोंपे आधारित है, जिन्होंने #राष्ट्रहितसर्वोपरि विचार सर्वप्रथम रखा और #अखंडभारत को सशक्त एवं एकसंघ राष्ट्र बनाने का स्वप्न देखा!
इस धारावाहिक को मूर्तरूप देने वाले 'पागल' व्यक्ति का नाम है - डॉ.चंद्रप्रकाश द्विवेदी।
१/१०


१) लेखक एवं निर्देशक डॉ.चंद्रप्रकाश द्विवेदीजी ने पूरे ५ साल एकाग्र चित्तसे अनुसंधान (research) करने के पश्चात इस धारावाहिक की निर्मिती की है। मराठी, गुजराथी, हिंदी, अंग्रेजी एवं अन्य भारतीय प्रादेशिक भाषा -
२/१०


२) धारावाहिक का प्रत्यक्ष छायाचित्रण शुरू होने के पूर्व ही द्वेवेदीजी ने पहले ३३ भागोंका लेखन पूर्ण कर दिया था।
३) ३३ से आगे सभी भागोंका लेखन करने का दायित्व जिस -
३/१०
४) यह सुनकर द्वेवेदीजी जो कि इस धारावाहिक के अभिनेता एवं निर्देशक थे -
४/१०
उस पत्र का असर यह हुवा की #दूरदर्शन ने द्विवेदीजी को एक पत्र भेजा जिसमें लिखा था की - "प्रधानमंत्री को लिखे पत्र के संदर्भ में आपको -
७/१०
९) कुछ समय पश्चात १९८९ में दूरदर्शन ने द्विवेदीजी को पत्र लिख कर उनका प्रस्ताव पुनश्च भेजने को कहा।
१०) इस बार द्विवेदीजी ने अपने प्रस्ताव के साथ साथ पूरे अनुसंधान का पिटारा उनके सामने रख दिया।
८/१०
क्रमशः...
इस धारावाहिक से जुड़े कुछ और दिलचस्प तथ्योंको जानने के लिए अगली ट्विट श्रुंखला को अवश्य पढ़ें।
सप्तसिंधु की संस्कृती की विजय निश्चित है !
माँ भारती की जय !
१०/१०