saket साकेत ಸಾಕೇತ್ 🇮🇳 Profile picture
Writer/Columnist, Religion, Politics: Jagaran| Swarajya - RT# endorsement. “Ganjhon ki Goshthi” Amazon: https://t.co/861ZxZcWWZ "The Revolutionary- Bismil"
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22 Oct
Do read my post on #AshfaqullahKhan Ashfaq was a true nationalist and most trusted Lieutenant of #Bismil . I can’t defend each attack by people who want to contradict both Savarkar and Bismil, as Hindu Dharama Warriors. We needed more like #Ashfaq not less, sadly we didn’t have
I will have my say. I stand by what I said. Ashfaq felt lonely. #AshfaqullahKhan saw there weren’t many like him. Should we abandon him as a nationalist the way fanatics on the other side did because they felt he betrayed the community by being nationalist?
I will stand with every #AshfaqullahKhan even if he was a minority of ONE within his community. He was not a part of Muslim community, he was a part of Nationalist community and if he was acceptable to Pt Ram Prasad Bismil and Azad, I give a damn to unnamed warriors.
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19 Oct
सही बात। सरकार बनने के बाद राजनीतिक दलों का काम समाप्त होता है परंतु समर्थकों का काम आरंभ होता है। नेता रोडवेज़ के ड्राइवर की तरह होते हैं, और सवारी भरने पर ही बस में बैठते हैं। हज़ार लोगों का जुलूस कई शहरों में निकाल दीजिए, पहुँच जाएँगे और चौड़े मे समर्थन में भाषण भी देंगे।
झारखंड में एक हत्या हुई, केरल से लेकर दिल्ली तक लोग सड़क कर उतर गए। दिल्ली में पिछले दो महीने में दो हत्याएँ हुईं। तबरेज तो मार पीट के पाँच दिन बाद मरा, ये दोनों हत्याएँ तो तथ्यात्मक रूप से पिटाई से ही हुई। कितने लोग सड़क पर उतरे? पालघर में साधुओं की हत्या पर कितनी रैली निकली?
जब आप अपनी बात नहीं उठा सकते हैं तो सरकार क्यों उठाएगी? यदि लोग सड़क पर २०१४ में नहीं उतरते तो आज @narendramodi सरकार केंद्र में नहीं होती। बस का ड्राइवर बस यात्रियों को पहुँचाने के लिए चलाता है, लाँग ड्राइव के लिए नहीं। ख़ाली बस लेकर कोई नहीं जाएगा।
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3 Sep
Hey unsuspecting RW people, do not be team X or Team Y. Be team Sanatana. You have many heroes from the past, you do not need a celebrity to drive you and keep you motivated. Many people speak about what a leader needs. The biggest thing he needs is followers. Know your power.
The Nehruvian gang of intellectuals and scholars maligned the Hindu thought so much that for long those who believed in Hinduism, so-called RW of today, stayed in an embarrassed existence, in shadows. When they rarely spoke up, they were hounded by those in power.
Then suddenly post 2014, things changed. The ever-ashamed Hindu started to speak. He did not want to conquer, he merely wanted to exist, in the fractured land which was created after the land of origins of Hinduism was given away to the noisy and violent siblings.
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30 Aug
An #Onam story:

There was a tangible tension which hung that day among the mountains. Mahadev sat silent, listening to the Devas. Vishnu was smiling.
"It is like going backwards in civilization, O Lord" Indra spoke.
Mahadev could understand the worry, the fear, the tension. He has been in the south, with Sage Agastya, working on the grammar of the southern language, creating a language fit for the literature of the Gods. Through the bottomless dark depths of never ending nights, they sat.
As the sounds of waves of irreverent Tamravarni rose across the silences of the forests, Sage Agastya spoke each syllable, perfected every arch of the alphabet, spoke and aligned each design of diction to create a language they called Tamil, driven from the Tamravani.
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5 Aug
I was supremely secular on 6th of December 1992. I was in the hostel. When the news came, I took my roommate and sat in the room of a Muslim classmate. I thought he might be feeling so alienated. We didn’t say anything. We sat silently.
Then came Ganesh Charurthi. Mess was closed. My Muslim friend and I were moving around and I told him, why he so hung up on rituals. So I went picked a fruit from the offering and we laughed off. Next Muharram I saw his back bloodied. I was shocked. Asked him why so ritualistic.
Suddenly it dawned that rational thinking extended only to Hinduism. I asked him how hurting himself helps a battle which happened centuries back. And then slowly as I read history after engineering, I understood how a way of life was being encroached upon.
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3 Aug
#RakshaBandhan
बहुत पहले दानव राजा थे, बलि। वहाँ जहाँ आज केरल है। दानव एवम् राक्षस भी मनुष्य ही थे जो अलग सिद्धांतों पर समाज चलाते थे। वह समाज तानाशाही था एवम् जो शक्तिशाली सत्ता जनता की रक्षा करता था, उसी का अनुसरण धर्म या संविधान से हट कर रक्षित वर्ग को करना होता था।
कृषि नहीं थी अतः माँस भक्षण से समाज आगे नहीं बढ़ा था। ऐसे में राजा बलि ने सभ्यता के विकास का कार्य प्रारंभ किया, एवम् धर्म कार्य जैसे दान, शिक्षा, गौरक्षा पर कार्य करना प्रारंभ किया। परंतु उन्होंने इस पर अहंकार भी करना प्रारंभ कर दिया।
धर्म के अनुसार परोपकार के हम साधन, निमित्त हैं कारक नहीं। विष्णु ब्राह्मण का भेष बदलकर केरल पहुँचते हैं, दान माँगते हैं । बलि के कहने पर तीन कदम भूमि माँगते हैं । ब्राह्मण अपना आकार विस्तृत कर के तो कदम में धरती और पाताल में बलि के राज्य को जीत लेता है...
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13 Jul
जिन्हें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और कांग्रेस आई में अंतर नहीं समझ आता है वे पत्रकार बने बैठे हैं। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस वह पार्टी थी जिसे हिंदू पार्टी मान कर जिन्ना ने मुस्लिम लीग का हाथ थामा था, कांग्रेस-ई वह पार्टी है जो हिंदू साधुओं की हत्या पर प्रतिक्रिया तक नहीं देती।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में भर्ती होने की शर्तों में गौरक्षा की प्रतिज्ञा थी। कांग्रेस ई केरल में बछड़े काटती है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस भाजपा के निकट थी, कांग्रेस ई तालिबान की करीबी है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने शपथ ले कर पाकिस्तान से आने वाले हिंदुओं को प्राथमिकता से नागरिकता देने का प्रण किया था। कांग्रेस ई शाहीनबाग में दंगाइयों के साथ विस्थापित हिंदुओं को नागरिकता देने के विरोध में खड़ी है। इनमें अंतर नहीं जानने वाले लोग पत्रकारिता कर रहे हैं।
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5 Jul
I am #Reading #Ambedkar "#Pakistan or the Partition of #India. and sharing here.
"Burying Pakistan is not same as burying the Ghost of Pakistan. So long as the hostility to one Central Government for India, which is the ideology underlying Pakistan persists, the ghost of Pakistan will be there, casting its ominous shadow upon the political future of India."
"The Muslim way of escape from the tyranny of Hindu center is to have no Central Government at all." - Ambedkar to ensure Muslim provinces as islands of Islamic rule within India.
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15 Jun
If you have forgotten, #RamPrasadBismil, the real #Revolutionary, the man who loved India, worshiped Tilak and laid down his life for #India, no reason to remember the Communist mercenary murderer, held up as an angel by @RahulEaswar and a fan of Gandhi.Chose your heroes wisely
“hatred as an element of struggle; unbending hatred for the enemy, which pushes a human being beyond his natural limitations, making him into an effective, violent, selective, and cold-blooded killing machine”- Che Guevara
“There was only one cop who stood next to us, empty-handed. I had one fleeting thought that if I picked up the Gun from the table, who would dare to even come near me? But the again the sorry face of the clerk came to my mind and I felt it immoral to betray his trust.”- Bismil
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13 Jun
एक पाँच सितारा हॉस्पिटल की रेट लिस्ट से लोग खिन्न हैं। आप वामपंथी पूँजीवाद नहीं रख सकते। अस्पताल को सस्ती ज़मीन कुछ निश्चित बिस्तर ग़रीबों के लिए मुफ़्त रखने की शर्त पर मिली थी। प्रशासन यह सुनिश्चित कर सकता है कि वे बेड मिल रहे हैं या नहीं। बड़ी संस्थाएँ खर्च भी बड़े रखती हैं।
आप पान पर चूना दोनों तरफ़ नहीं लगा सकते। यदि एसी के लिए निर्बाध बिजली है अस्पताल में तो जेनरेटर चलाने के लिए चार लोग होंगे, सफ़ाई है तो साफ़ करने के लिए लोग होंगे जिन्हें इतना वेतन मिलता होगा कि वे काम में कोताही न करें। अस्पताल उन्हें वेतन ना दे, तो वे कर्मचारी प्रवासी बनेंगे
अस्पताल भी सरकारी अस्पताल की स्थिति में पहुँचेंगे। यदि निजी एवम् सरकारी अस्पतालों की स्थिति में ऐसा अंतर है तो इसके उत्तरदायी वह लोग हैं जो लगभग सदी से स्वास्थ्य के लिए ३% दे कर प्रसन्न रहें हैं। वे भी दोषी रहे हैं जो सरकारी अस्पताल में आधुनिकीकरण को दुगनी क़ीमत पर रखे हैं।
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9 Jun
Reading something interesting on the Anniversary of #BirsaMunda . Didn't know the connection of Mundas with UP. As per some historic references, they migrated from Azamgarh around the time Ikshvaku ruled, right around the great deluge.
From UP, they moved to Bundelkhand. to Kalinjar. Mundas fought under the command of Vrihadvala in #Mahabharata
Post Mahabharata, after Kauravas lost, #Mundas moved to Bijnaur, Mundawar which became Madipur later.
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29 May
मौसम बढ़िया है, हल्की सी मदांधता है, क़िस्सा सुनोगे?
गुंजा का हृदय बहुत विचलित था। घर में घुसते ही जीवन की समस्त शक्तियाँ हृदय से निकल गईं थी और विदीर्ण आवरण ढाँपे वह एक नग्न आत्मा लिए आँगन की तुलसी के निकट बैठ गई। ऊषा की आवाज़ आँगन के दूसरे किनारे से आ रही थी जैसे हर रोज़ आती थी परंतु आज उसका नेत्रों से उत्तर देने का साहस न हुआ।
गुंजा के पाँवों में जैसे सीसा पड़ गया हो, पतिथर बन के वहीं आँगन की तुलसी के किनारे सालीग्राम सी गुँजा। और मस्तिष्क के रंगमंच पर अतीत के परिदृश्य मानों चक्रवात की भाँति उतरते चले गए। कॉलेज का पहला दिन और माँ ने जींस थमाई थी कि बाहर पहन लेना।
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28 Apr
दो भाई हैं, और एक ज़मीन का टुकड़ा है। उस जगह बडा भाई फ़ार्मेसी खोलना चाहता है, दूसरा रेस्तराँ। बड़ा कहता है कि हम दोनों ज़िद छोड़ कर सेक्युलर कपड़ा दुकान खोल लेते हैं ताकि तुम्हें भय न रहे। छोटा कहता है नहीं हम साथ रहें तो आज या कल तुम फ़ार्मेसी ही खोलोगे। मुझे हिस्सा दे दो।
सब बुजुर्ग समझाते हैं कि न वो फ़ार्मेसी खोलेंगे न तुम रेस्तराँ की ज़िद पर अड़े रहो। छोटा नहीं मानता, बँटवारा करा कर अपने मन का रेस्तराँ खोल लेता है। जब बँटवारा हो ही गया तो बड़ा भी सोचता है कि अब बची जगह में अपने मन की फ़ार्मेसी ही डाल ले।
गाँव के सारे फ़ार्मेसी वाले और रेस्तराँ वाले कहते हैं कि यह तो अन्याय होगा। छोटे ने ज़मीन बाँटी, अपने मन की कर लिया, परंतु तुम्हें कपड़े की दुकान ही डालनी होगी अन्यथा समाज का संतुलन बिगड़ जाएगा। तुमने कहा था कि तुम सेक्युलर कपड़ा केंद्र ही खोलोगे।
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18 Apr
श्रीराम की सेना में कितने सवर्ण थे? - वरिष्ठ पत्रकार
श्रीराम की सेना में महिलाएँ कॉम्बैट रोल में क्यों नहीं? वाट अबाउट सबरीमाला? - फ़ेम-निष्ठ पत्रकार
श्रीराम की सेना में गुजराती क्यों नहीं? - घाघ नेता
क्या फ़ेमस करने के लिए श्रीराम रामानन्द सागर को धन्यवाद देंगे?- पिटा पत्रकार
उत्तर प्रदेश के व्यक्तिगत युद्ध के कारण भारत के अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर बुरा प्रभाव। बैन यूपी वाला। - बंगाली छद्म नेता एवम् बुद्धिजीवी

राम की देरी के कारण युद्ध की स्थिति बनी। राहुल जी ने १२ फ़रवरी को ही कह दिया थी कि स्वर्ण हिरण नक़ली है। - हसीन चूनावाला
श्रीराम की सेना में विद्रोह की संभावना। क्या राम को वानर जनरल के दबाव में युद्ध में उतरना पड़ा? - बड़े वाले गुप्ता जी

क्या राक्षस मीडिया के राक्षस विरोधी प्रचार के शिकार हुए? पूछते हैं उर्मिलेश- छोटे गुप्ता जी
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17 Apr
It is almost a blank in medieval #history of #India before the Islamic invasion. Was it because this was a period when INDIA fought back valiantly against the invading forces and our historians wanted us to believe in timidity of our race?
The #Huns who stampeded over Europe and Persia were thwarted out of India by Joint forces of Yashodharma of #Malwa and Baladitya of #Magadha to beyond Afghanistan in 6th Century. #History #INDIA
The same feat was repeated again when #Huns attacked. This time the Emperor Prabhakarvarman of #Kannauj in now #UttarPradesh fought and pushed them back till edge of Persia.
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2 Apr
#Ramayana - Part1 #Hindi

बहुत समय पहले की बात है, इतने पहले की कि जहाँ समय की गणना भी अपनी तथ्यता को पूर्णतया निभा न सके। कोई आठ हज़ार वर्ष पूर्व की बात है। मनुष्य सभ्यता के उस मुहाने पर खड़ा था जिसके एक और वन एवं गुफाएँ थी, दूसरी ओर कृषि, भाषा, ग्राम, जनपद और नगर थे।
सरस्वती से गंगा की गोदी तक सभ्यता आ चुकी थी और बलवान सरस्वती के क्षीण होने के बाद गंगा की उर्वर गोदी में आर्यव्रत का नया जीवन जन्म ले रहा था। संध्या का समय था। सूर्यदेव अभी क्षितिज से कुछ दूर थे। दो ऋषि अपने विचारों में मग्न तीव्र गति से तमसा के तट की और बढ़ रहे थे।
दो ऋषि अपने विचारों में मग्न तीव्र गति से तमसा के तट की और बढ़ रहे थे। दो ऋषि अपने विचारों में मग्न तीव्र गति से तमसा के तट की और बढ़ रहे थे। कुछ किशोर तट पर तमसा के जल में कमर तक डूबे, उनके साथ ही कुछ किशोर तट पर पत्थरों को ढोते हुए व्यस्त थे।
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1 Apr
“रोजोशब (रात-दिन) इसी दुआ में रहता था कि तुर्क हिंदुस्तान फतेह कर लें और यहाँ बादशाह बन जाएँ, तो हम खलीफए वक्त की रियाया बन जाएँ।.. गरज कि मेरा उस वक्त का खयाल आज मुझे बहुत जलील मालूम होता है”- अश्फ़ाक - पैन इस्लाम पर।
गरज कि मेरा उस वक्त का खयाल आज मुझे बहुत जलील मालूम होता है कि हम एक का हलक-ए-गुलामी उतारकर दूसरे की गुलामी का जुआ अपने कंधों पर रखने में मुसर्रत-सी महसूस करते थे। खैर, वह मेरी नासमझी का जमाना था।
“चूँकि हमारे करमफरमा एक मास्टर साहब थे, जिनका अगर मैं नाम लिखूँगा तो उन्हें मुफ्त में शर्मिंदगी हासिल होगी। जब मैं गवर्नमेंट स्कूल में पढ़ता था, वह हमेशा हिंदू-मुसलिम बहुत इम्तियाज करते थे। जो मैं अब कहूँगा कि उस्ताद का कमीनापन था।”
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23 Mar
मैं एक बुरा व्यंग्यकार हो सकता हूँ परंतु आज मैंने इस सत्य का साक्षात्कार किया कि बर्तन माँजने में मेरा कोई सानी नहीं है। तनिक अभ्यास से बर्तन प्रच्छादन के क्षेत्र में मैं नए कीर्तिमान स्थापित कर सकता हूँ, गति और गुणवत्ता दोनों में। धन्यवाद मोदी जी! 🙏 #JantaCurfew
बर्तन भिन्न भिन्न प्रकार के होते हैं। जैसे तवा काले रंग का होता है। तवा भारतीय राजनीति के कुछ हैदराबादी की भाँति होता है, जिसपर पराठे को कितना ही जलाएँ उसके चिन्ह परिलक्षित नहीं होते। तवे की ढीठ कालापन ऐसी सांप्रदायिक पार्टियों के सेक्युलरिज्म की भाँति होता है।
कुछ नेता नॉन स्टिक प्रवृत्ति के होते हैं। यह किसी दल या विचारधारा से नहीं चिपकते। यह एक दल से दूसरे दल भटकते रहते हैं। आप इनके ऊपर डोसा बनाएँ या चीला, अनुभवहीन हाथों में प्रत्येक प्रकार के खाद्य की परिणति भुर्जी स्वरूप में होती है।
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8 Mar
I bow my head to the daughters of Devahuti on #InternationalWomensDay2020 . Deavhuti was the daughter of Manu whose verses became part of Rigveda, the first book of human history. She, was among 27 women poets who had her hymns in it. Unprinted for centuries, sages chanted them.
They could’ve decided not to, but in a society celebrated for mind and heard, not muscles, women had an elated position. Sanatana was always a Women’s world in which Shiva surrenders at the feet of Kali, make Gaur an equal part and becomes Ardh-Narishwar. #InternationalWomensDay
Long before folk songs and other such songs of longing became a part of human history, and when the world was in awe of Sage Agastya who’d walk down south to create Tamil grammar, his wife Lopamudra would tease him about wasting life for big things losing out on love #Rigveda
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21 Feb
हर हर महादेव! शिव विवाह वर्गभेद का विरोध है। शिव दंपत्ति एक आदर्श दंपत्ति है जहाँ पति पत्नी एक हैं और स्वतंत्र भी। शिव पुत्र जहाँ आदर्श पुत्र हैं जिन्हें प्रथम पूजन का अधिकार समस्त ब्रह्माण्ड घूम कर जीतना होता है, जन्म से नहीं मिलता। #महाशिवरात्रि
शिव वह पुरुष है जो भविष्य देख सकता है परंतु पार्वती के मायके जाने के निर्णय को नहीं रोकता, शिव वह प्रेमी है जो पत्नी के जाने पर क्षोभ में सारे विश्व को अपने लिए समाप्त जानता है। शिव वह वीर योद्धा हैं जो काली के चरणों में गिर कर उसे रोकते हैं। #हर____हर___महादेव
शैलसुते वह राजपुत्री है जो प्रेमी को प्राप्त करने के लिए तपस्या कर के आत्मा को इस योग्य बनाती है कि वह प्रेम की धवल धूप में स्नान कर सके। शिव पार्वती वह युगल हैं जिन्होंने परस्पर संवाद ढूँढ लिया है,वे कौड़ियाँ खेलते हैं, योग सीखते है हैं, कथा सुनते-सुनाते हैं, पड़ोस को नहीं देखते
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20 Feb
लघुकथा- शाहीनबाग और कॉफ़ी हाऊस #हिंदी

रोहित का मन बहुत खिन्न था। रोहिणी का फ़ोन आया था तो उसने कहा उसे देर होगी शाहीनबाग पहुँचने में। शाम होने को थी, माहौल बनने लगा होगा अब तक। कल तो दस बजे खाना भी ख़त्म होने लगा था। गिटार भी रोहिणी के पास है, अकेले जाने का कोई लाभ नहीं था। १/
झुँझलाया हुआ रोहित जा कर कॉफी हाउस में जा कर बैठ गया। एक कॉफी आर्डर की। तभी दो युवक अंदर आये। दोनों लंबे चौड़े, एक के माथे पर तिलक। इधर उधर देखते रहे पर शायद कोई टेबल ख़ाली नहीं दिखी।
दोनों में से जो अधिक ऊँचा था, रोहित के पास आया और बड़ी नम्रता से बोला- भाईसाहब, इस स्थान अगर रिक्त हो तो हम यहाँ बैठ लें। खिन्न मन से इस संघी टाईप के व्यक्ति के साथ बैठने से अनिच्छा के बाद भी रोहित को मना करने का कोई ठीक कारण नहीं सूझा, और उसने सहमति में सर हिला दिया। /३
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